जिम की तिन हॉट स्त्रियाँ 2

antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex दोस्तों आपने आगे के भाग में पढ़ा की कैसे यह तीनो हॉट आंटियों ने मुझे सेक्स के लिए रेडी किया था. मेरा लंड अब बहार था और चूत में जाने के लिए एकदम तैयार थी. लेकिन अभी सोनिया, शीतल और आरती को उस से बहुत कुछ मजा लेना था.

आरती मेरे पास बैठी और उसने मेरे लंड को अपने मुहं में फिर से डाला और चूसने लगी. वो लंड को गले तक भर चुकी थी और निचे मेरे टट्टे पकड के दबा रही थी. अंडकोष को दबाते ही मेरे मुहं से सिसकी निकल पड़ी. यह देख के सोनिया और शीतल आंटी हंस पड़े. तभी शीतल आंटी ने अपनी एक ऊँगली चूत में डाली और वो चूत में ऊँगली को आगे पीछे करने लगी. सोनिया ने भी चूत को खोला और वो हँसते हुए मेरे पास आ खड़ी हुई. आरती के बेतहाशा सेक्सी ब्लोजोब से मेरा मन ओतप्रोत हुआ था. सोनिया आंटी ने मेरा मुहं पकड के अपनी चूत उसके ऊपर रख दी. बाप रे उसकी गरम गरम चूत में मुहं देते ही उसे जैसे की चंदन की ठंडक मिल गई. सोनिया आंटी ने आह निकाली और मैं उसकी चूत को जोर जोर से चूसने लगा. उसकी गांड के ऊपर हाथ रखे हुए मैं उसे अपनी और खींचने लगा और उसकी चूत के होंठो को किस देता रहा. उधर आरती अब मेरे लंड को बहार निकाल कर उसे जोर जोर से हिलाने लगी.
तीनो की चूत चाटी

आरती ने अब लंड को छोड़ा और उसकी जगह शीतल आंटी आ गई. उसने अब लंड को मुहं में लिया और उसे चूसने लगी. आरती अब अपनी चूत में ऊँगली डाल के हिला रही थी और जोर जोर से आह आह कर रही थी. मौसम बड़ा ही रंगीन बना हुआ था जहाँ तिन चूत और एक लंड गरम हो चुके थे. अब मैं बड़ा मादक हो गया था और मैंने अपनी जबान को चूत के छेद में डाल के चूत के दाने को दबाने लगा. सोनिया आंटी ने मेरे माथे को चूत के ऊपर जोर से दबा दिया. अब शीतल और आरती खड़े हुए और अपनी अपनी चूत को मेरे सामने धरने लगे. वो दोनों भी चाहते थे की मैं उनकी चूत में भी अपना मुहं डालूं.

मैंने तीनो आंटियों को जमीन के ऊपर लेटने को कहा और टाँगे खोल देने का अनुरोध किया. यह तीनो हॉट आंटियां निचे लेट गई और अपनी टांगो को हवा में उठा ली. आंटी की चूतें देख के मैं भी बोखला गया. एक एक चूत से चुदाई की महक आ रही थी जैसे. मैंने शीतल आंटी की चूत को चाटना चालु किया जो बिच में लेटी हुई थी. आरती और सोनिया आंटी की चूत को शांत करने के लिए मैंने अपनी ऊँगली चूत में डाली और हिलाने लगा. तीनो आंटियां आह आह आह करने लगी और मुझे मजे देने लगी. मैं भी उत्तेजित था और उनकी तिन चूतें भी. मैंने बारी बारी सभी की चूत को चाटा और तीनो को बहुत ही मजा आया. अब वो चाहती थी की मैं उनकी चूत में लंड डालूं.

मैं भी कब से इन गरम चूतों को चोदने के लिए रेडी था. सब से पहले सोनिया आंटी उठी और मेरे लंड को एक हाथ से पकड के अपनी चूत के छेद के ऊपर सेट करने लगी. जैसे ही लंड सेट हुआ मैंने निचे से एक धक्का लगाया और लंड को अंदर कर दिया. सोनिया आंटी के मुहं से आह निकली और उसे बहुत मजा आ गया. अब वो पूरी मेरे लंड के ऊपर बैठ गई और मेरा लंड पूरा चूत में था. सोनिया आंटी ने अपने हाथो को घुटनों के ऊपर रख दिया और वो ऊपर निचे होने लगी. मेरा लंड उसके भोसड़े के अंदर बहार होने लगा और वो क्रमश: अपनी झडप को बढाती गई. शीतल आंटी ने जरा भी वक्त गवाएं बिना अपनी चूत को मेरे मुहं में डाल दिया. मैं सोनिया आंटी को चोद रहा था और उसी वक्त शीतल आंटी की चूत को चाट रहा था. दोनों को देख के फिर भला आरती क्यूँ पीछे रहती. वो उठ क मेरी गांड के पास आ बैठी और मेरे लंड को देखने लगी जब वो चूत को चोद रहा था. अब उसने धीरे से मेरे अंडकोष को चुसना चालू किया. और फिर वो धीरे धीरे निचे आने लगी. अब वो अंडकोष के निचे के भाग को और फिर तो मेरी गांड के छेद को ही चाटने लगी. कसम से बड़ा मजा आ रहा था जब आरती ने पहली बार गांड के छेद को चाटा. मैंने अपनी चुदाई की झडप बढ़ा दी और जोर जोर से आंटी को चोदने लगा. अब मेरे हाथ सोनिया आंटी के चुंचे पकड के उन्हें मसलने लगे. सोनिया आंटी सब से ज्यादा मजा लुट रही थी अभी तीनो में. आरती आंटी वही बैठी मेरी गांड चाटने में व्यस्त थी और तभी शीतल आंटी ने चूत को मेरे मुहं से दूर किया. अब वो अपनी गांड को मेरी तरफ कर के खड़ी होगई. और उसकी चूत सोनिया आंटी के मुहं के पास थी. सोनिया आंटी ने अपनी जबान अब शीतल आंटी की चूत में लगा दी और उसे चाटने लगी.
चूत में दे ही दिया अपना लंड

शीतल आंटी की गांड देख के मैं अपने आप को रोक नहीं पाया और मैंने ऊँगली को थूंक ले लथपथ किया. थूंक वाली ऊँगली को फिर मैंने सीधे ही शीतल आंटी की गांड में डाल दिया. उसकी आह निकल गई और गरम गरम गांड के अंदर मैं ऊँगली चलाने लगा. सोनिया आंटी अब और भी जोर जोर से उछलने लगी और मेरा लंड जोर जोर से उसे ठोकने लगा. वो शीतल आंटी की चूत को चाटते हुए उसकी टाँगे पकड के बैठी थी. और उसे शीतल आंटी की टांगो का सपोर्ट मिल रहा था इसलिए वो अपनी चूत को और भी जोर से लंड के ऊपर रगड़ रही थी.

मैं चूत में मजे ले रहा था और मुझे क्या मजे मिल रहे थे दोस्तों. तीनो की तीनो आंटियां बड़ी ही चुदक्कड़ थी….आंटियों के साथ की आगे की बात कहानी के अगले भाग में जारी रहेंगी…!