जो भी हो हमें चुदाई मिलना चाहिए

हैल्लो दोस्तों, में हार्दिक आपके लिए एक कहानी लेकर आया हूँ. antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex मेरी गर्लफ्रेंड की एक फ्रेंड थी प्रीति, उसको टू-व्हीलर सीखनी थी. एक दिन में मेरी गर्लफ्रेंड से मिलने हॉस्टल गया तो पता चला कि वो ऑफिस गयी है.
में वापस आने लगा तो बीच में मुझे मेरी गर्लफ्रेंड की फ्रेंड मिली, उसने पूछा कैसे हो. में बोला ठीक हूँ, फिर इधर उधर की बातें हुई, फिर वो पूछती है कि अब कहाँ जा रहे हो तो में बोला अभी थोड़ा काम से जा रहा हूँ तो वो बोली की गाड़ी लाये हो तो मैंने कहा हाँ, फिर वो बोली मुझे ड्राइविंग सिख़ाओ ना तो में बोला चलो मेरे साथ अभी सिखाता हूँ तो वो बोली सच, तो में बोला हाँ सच.
अब में आपको उसके बारे में बताता हूँ, उसका नाम प्रीति है और उसकी हाईट 5 फुट 6 इंच है. रंग गोरा और भूरी आँखे थी. उसकी सबसे खूबसूरत बात उसके बड़े बड़े बूब्स आम जैसे रसीले थे. फिर वो मेरे साथ टू व्हीलर पर बैठी और हम निकल गये. मैंने मेरा जो काम था, वो किया और उसको सिटी के बाहर ग्राउंड पर ले गया.
अब मैंने स्कूटर रोकी और उसको चलाने के लिए दिया. फिर उसने स्कूटर चालू की और में उसके हाथ पकड़कर पीछे बैठा और उसको सिखाने लगा. वो धीरे-धीरे चला रही थी और में उसके चिपक कर बैठा था कि कही स्कूटर गिरा ना दे, अब उसके टच से में गर्म हो गया था. फिर में उसके ज्यादा चिपक गया. फिर मैंने स्कूटर रोकने के लिए कहा तो उसने स्कूटर रोक दी. फिर मैंने उसे किक मारकर स्कूटर चालू करने के लिए कहा तो वो किक मारने के लिए थोड़ी उचक गयी, इसी दौरान मैंने अपना खड़ा लंड एड्जस्ट किया और फिर वो किक मार कर मेरे लंड पर बैठ गयी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, अब वो ठीक से स्कूटर चला रही थी और खुश हो रही थी.
प्रीति : अब मुझे चलाना आ रहा है.
में : हाँ अब तुम चला सकती हो, ये सुनकर उसने अचानक स्पीड बढ़ा दी.
में : अरे ये क्या कर रही हो? इतनी स्पीड क्यो बढ़ा दी.
प्रीति : डर गये क्या?
में : हाँ, और मैंने उसको कस कर पकड़ लिया.
में : अरे यार डर लग रहा है.
वो खुश हो कर हंस रही थी और स्कूटर तेज चला रही थी, में उसकी कमर को कस के पकड़कर बैठा था और ग्राउंड के 3-4 राउंड मारने के बाद मैने धीरे से एक हाथ को उसके बूब्स पर रखा तो वो बोली ये क्या कर रहे हो?
में : अरे यार हॉर्न पकड़ रहा हूँ, टाईम आने पर बजाना पड़ेगा, वो गुस्से से बोली मुझे ये सब अच्छा नहीं लगता (ये लड़कीयों का डायलॉग है) फिर मैंने डर कर हाथ हटा दिया. फिर कुछ समय बाद वो बोली अब बस हो गया अब वापस चलते है. फिर हम हॉस्टल वापस आ गये. फिर 2-3 दिन बाद फिर उसका फोन आया कि स्कूटर सीखा दो.
में : कब सीखनी है.
प्रीति : आज मेरी छुट्टी है आज सिखा दो.
में : ठीक है, में फ्री होकर तुमको फोन करता हूँ फिर मेरे दिमाग़ में शैतान जाग गया और मैंने उसे चोदने की ठान ली और एक फ्रेंड को फोन करके उसके फ्लेट की चाबी माँगी. फिर हॉस्टल जाकर उसको लिया और 1 घंटे तक उसको स्कूटर सिखाया, इस बीच में मैंने 2-3 बार धीरे से उसके बूब्स दबाए तो वो कुछ नहीं बोली. अब मेरी हिम्मत बढ़ गयी, मैंने उससे कहा कि धूप बहुत है तो वो बोली हाँ, यार बहुत तेज है.
में : चल थोड़ा ठंडा होते है.
प्रीति : कहाँ जायेंगे.
में : मेरे फ्रेंड के फ्लेट पर चलते है वहां ए.सी है थोड़ा आराम करेंगे और ए.सी में ठंडा भी हो जायेंगे. फिर हम मेरे फ्रेंड के फ्लेट पर आ गये, मैंने ए.सी चालू किया और बेड पर लेट गया, वो मेरे बगल में सोफे पर बैठी थी. फिर कुछ देर इधर उधर की बातें की तो वो अचानक बोली.
प्रीति : अब हो गये ठंडे, स्कूटर सिखाते वक़्त तो बहुत गर्म थे.
में : ये सुनकर में हैरान हो गया.
में : गर्म तो अब भी हूँ शायद अब ज्यादा गर्म हो गया हूँ ए.सी भी ठंडा नहीं करेगा.
प्रीति : लगता नहीं, अगर गर्म होते तो.. इतना बोल कर वो रुक गयी. में उसका इशारा समझ गया और बेड से उठकर उसको पकड़ लिया और उसके बूब्स को दबा दिया.
प्रीति : छोड़ो, मुझे ये सब अच्छा नहीं लगता.
में : अभी किया ही क्या है जो तुझे अच्छा नहीं लगता, एक बार कर तो ले, फिर बताना अच्छा लगा की नहीं.
वो हंस पड़ी और में उसको चूमने लगा, बूब्स दबाने लगा. फिर कुछ टाईम के बाद वो भी मेरे साथ देने लगी उसने मेरी शर्ट उतार दी, फिर मैंने भी उसका कुर्ता उतार दिया. अब मुझे जो अच्छे लगते थे, वो प्यारे आम सफ़ेद ब्रा मेरे सामने थे और बाहर आने को मचल रहे थे. फिर मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और निप्पल चूसने लगा और एक हाथ से दूसरा बूब्स दबाने लगा.
थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने उसकी सलवार खोल दी, अब वो सिर्फ़ चॉकलेट कलर की पेंटी में मेरे सामने खड़ी थी, बिल्कुल अप्सरा जैसे. फिर वो शर्म के मारे मेरी बाहों मे आ गई और बोली मुझे तो पूरा नंगा कर दिया और खुद को कपड़ो में छुपा रखा है. तो में बोला तो मेरे कपड़े भी निकाल दो ना जान, ये सुनते ही उसने मेरी पैंट खोल दी, अब में भी सिर्फ़ अंडरवेयर में था. उसमे मेरा 8 इंच का लंड तंबू बनाये बैठा था.
फिर में उसको बेड पर लेकर गया तो वो मेरे ऊपर थी और मेरी छाती को किस कर रही थी. फिर धीरे धीरे वो नीचे सरक गयी और मेरा अंडरवेयर निकाल दिया. मेरा खड़ा लंड अब फ्री हो गया और अब आसमान में उड़ने लगा था. फिर उसने लंड को हाथ में पकड़ लिया और बोली कि कितना बड़ा है ये, एकदम मूसल के जैसा.
में : में बोला तुझे पसंद है?
प्रीति : हाँ बहुत पसंद है ये खूब मज़ा देगा.
में : तूने कभी किसी का लंड लिया है.
प्रीति : हाँ, एक बार लिया है मेरे जीजा का.
में : कैसा था वो?
प्रीति : वो लंबा तो था, लेकिन पतला था. अब में खुश हो गया कि ये तो अनुभव वाली है. इसे चोदने में ज्यादा मज़ा आयेगा फिर हम एक दूसरे को फिर से किस करने लगे और चिपकने लगे.
फिर मैंने उसकी पेंटी उतार दी और उसके ऊपर लेट गया और बूब्स चूसने करने लगा, वो भी नीचे से थोड़े धक्के मारने लगी थी में उसका इशारा समझ गया कि ये चुदने के लिए बिल्कुल तैयार है, लेकिन मैंने उसको थोड़ा तड़पाने की सोचा और बूब्स को चूसने लगा, वो मोन करने लगी, आआहहाआआ म्‍म्म्मम सस्स्स्स्स्स्स्स्सस्स.
प्रीति : अब डाल भी दे ना.
में : क्या डालूँ?
प्रीति : तेरा ये मूसल डाल दे और चटनी बना दे.
में : तो सेट करना अपनी चूत पर.
फिर उसने लंड को पकड़कर अपने छेद पर लगाया और मैंने ज़ोर से एक धक्का मारा तो लंड का सुपाड़ा पूरा अंदर चला गया, वो एकदम चिल्लाई, आह्ह माँ धीरे डाल ना, बहुत दर्द हो रहा है. फिर मैंने लंड को धीरे-धीरे पूरा 8 इंच अंदर डाल दिया और उसके लिप को किस करने लगा और वो भी मेरा साथ दे रही थी. फिर मैंने उसकी जुबान मेरे मुँह में डाल दी और में उसको सक करने लगा और धीरे धीरे धक्के मारने लगा. उसको बहुत मज़ा आ रहा था.
फिर वो बोली अब मुझे ज़ोर से चोद, मैंने भी स्पीड बढ़ा दी और करीब करीब 20 मिनट तक उसको चोदा. इस बीच वो मोन कर रही थी, आआाआ मेरे राजा और ज़ोर से, म्‍म्म्ममममममम ठोक दे पूरा लंड अंदर आआआअहहाआआआआ. उसने करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद मुझे कसकर पकड़ लिया और अपने नाख़ून मेरी पीठ में चुबा दिए. में समझ गया कि उसका पानी निकल गया है और उसको ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा. फिर 10 मिनट और चोदने के बाद, मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाल दिया तो वो बोली क्या हुआ? क्यों निकाला? बहुत मज़ा आ रहा है चोदो ना मुझे, तो मैंने कहा कि मेरा पानी निकलने वाला है.
प्रीति : अंदर ही निकालो अपना गर्म पानी.
में : कुछ हो गया तो.
प्रीति : नहीं होगा में सेफ हूँ, तो मैंने फिर से अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया और चोदने लगा. फिर मेरा पानी निकल गया तो उसने मुझे कसकर पकड़ लिया और फिर 10 मिनट तक हम एक दूसरे के ऊपर लेटे रहे. फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाला और उसके साईड में लेट गया तो वो मुझ से चिपक गयी.
में : मज़ा आया डार्लिंग.
प्रीति : बहुत मज़ा आया.
में : अच्छा लगा या नहीं.
प्रीति : बहुत अच्छा लगा, सोनू सच कहती है कि तेरा लंड बड़ा मजेदार है, वो तो तेरे लंड की बहुत तारीफ करती थी. अब यकीन आया और फिर अब जब भी मौका मिलता है तो हम खूब चुदाई करते है.