दो आंटियां चुद गई – [भाग 1]

antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta ट्रिंग ट्रिंग….फोन की घंटी बजती रही लेकिन रमोला तो नौकर शंकर की बाहों में ही थी. शंकर उसके चुंचे मसल रहा था और रमोला की सिसकियों पर सिसकियाँ निकल रही थी.

शंकर, देख तो कौन मरा जा रहा हैं, तेरा साहब ही होंगा, रंडवा कही का.!

हेल्लो, कौन बात कर रहा हैं?

हल्लो, रमोला हैं घर पे, मैं श्यामा बोल रही हूँ.

एक मिनिट बीबी जी…!

मेमसाब, श्यामा मेमसाब हैं.

रमोला ने ब्रा को सही किया और फोन हाथ में पकड़ा, हां बोल श्यामा.

क्या बात हैं भाई, नौकर फोन उठाते हैं तेरे घर के! किट्टी पार्टी आ रही हैं की नहीं?

अरे नहीं, कामिनी के वहाँ की पार्टी बोरियत से भरी होती हैं, मैंने घर में ही कुछ सेट किया हैं मनोरंजन के लिए! तू आना चाहेंगी?

क्या सेट किया हैं?

रमोला ने शंकर की और देखा, शंकर का ध्यान कही और था.

आई हेव गोट अ यंग गाय वू केन बेंग में फॉर फ्री?

शंकर को समझ में ना आये इसलिए उसने अंग्रेजी में बोला.

सामने से श्यामा के हंसने की आवाज आई.

तू भी आजा, आना हैं तो!

श्यामा धीरे से बोली, हम दोनों को झेल लेंगा वो.

स्योर, ही इस अ ही-मेन ओर हंक!

ओके, मैं आती हूँ तेरे घर.

रमोला की बात सुनके श्यामा के चुंचे भी अकड गए थे और उसकी चूत भी पानी देने लगी थी. श्यामा पड़ोस वाली सोसायटी में ही रहती हैं, उसके पति और रमोला के पति का साथ ही काम हैं. और इसी वजह से दोनों औरतें एक दुसरें को जानती हैं. श्यामा वैसे मराठी हैं लेकिन वो अच्छी हिन्दी और गुजराती बोल लेती हैं.

रमोला ने फोन रखा और शंकर की और देख के बोली, शंकर तू नाहा ले, एक मेमसाब आएँगी कुछ देर में. हो सकता हैं की वो भी तेरे संग कुछ मस्ती करना चाहें.

शंकर मन ही मन में हंस पड़ा. भोलपुर से जब वो निकला था तो उसे लगा था की नौकरी बड़ी चुनोती वाली होंगी क्यूंकि एजंट रसिक ने तो ऐसा ही कहा था. लेकिन शंकर को यहाँ चांदी थी. दिन में मेमसाब को पेलता था और कभी कबार मेमसाब की बिटियाँ डोली भी चूत मरवा लेती थी उस से. पगार तो ऐसे ही बच जाता था उसका; क्यूंकि दोनों रंडी माँ बेटी बक्षिस ही इतनी दे देती थी.

शंकर अपने क्वार्टर की और बढ़ा नहाने के लिए.
एक से भली दो आंटियां

१० मिनिट के पश्चात जब वो वापस आया तो उसने देखा की श्यामा और रमोला दोनों सोफे के ऊपर ड्रिंक ले रही थी. श्यामा ने काली सारी पहनी थी जिसमे उसके चुंचे बड़े ही मादक लग रहे थे. अंदर उसने काली ब्रा पहनी थी जिसने अंदर चुंचे छिपाए नहीं छिप रहे थे.

रमोला शराब के घूंट लेते हुए बोली, शंकर पर्दा लगा दे और शरू हो जा.

शंकर ने पर्दा हटा के खिड़की को ढंक दिया. और फिर दोनों मेमसाब की और घूम के जैसे ही उसने अपना तौलिया खोला श्यामा की आँखे खुली ही रह गई. उसके सामने एक पुरे 9 इंच का लंड था जिसके सभी तरफ काली झांटे भरी हुई थी. श्यामा को ललचाने के लिए शंकर ने अपने लौड़े को अंडकोष के पास से पकड के हिलाया. जैसे नीम की टहनी पे गिरगिट ने छलांग लगाईं हो. श्यामा की आँखे खुली ही रह गई. रमोला ने आखरी घूंट ले के ग्लास को टेबल पर रख दिया.

अब वो उठ के सीधे शंकर के पास आ बैठी. उसने अपनी ढीली नाइटी को उतार फेंका, अंदर ना कोई ब्रा थी ना ही पेंटी.

मेमसाब नौकर के लंड के सामने बैठी थी और उसके चुंचे इधर उधर झूल रहे थे. रमोला ने अब सीधे ही लंड को अपने मुहं में ले लिया और वो उसे जोर जोर से चूसने लगी. शंकर ने आँखे बंध कर ली, मेमसाब के चूसन में तासीर जो भरी थी. श्यामा के चूत में भी दस्तक होने लगी थी यह द्रश्य को देख के. उसके चुंचे, निपल्स और चूत के होंठो पर खुजली हो रही थी. उसके पति का भी लंड अब ४० साल के होने के बाद कम ही उठता था. वो भी चाहती थी की कोई मजबूत बाहें उसे थाम ले. शंकर के अंदर उसे अपनी चुदाई जीवन का तारणहार दिख रहा था.

रमोला के गले में लंड टच हो रहा था और उसका थूंक चुंचे भी गंदे कर रहा था. श्यामा भी अब उठ के आ गई निचे और बैठ गई रमोला की बगल में. रमोला ने प्यार से उसकी और देखा. शंकर के लंड को मुहं से हटा के उसने श्यामा को गर्दन से पकड के अपनी और खिंचा. दोनों ही आंटियां किस कर रही थी, परफेक्ट लेस्बियन स्टाइल में. भला उन्हें किट्टी पार्टीज़ का अनुभव जो था.
बड़े चुंचे वाली आंटियां

रमोला और श्यामा ने दो मिनिट किस किया और रमोला के मुहं में गयी हुई लंड की चिकनाहट को श्यामा ने भी चख लिया. अब रमोला ने श्यामा को लंड चखने का मौका दे दिया. श्यामा ने लौड़ा मुह में ले लिया और वो उसे हिलाते हुए चूसने लगी.

रमोला उठ खड़ी हुई और उसने अपने चुंचे शंकर के मुहं में डाल दिए. शंकर चुंचे चूसने लगा और साथ में वो अपनी कमर को भी आगे पीछे कर रहा था. उसका लंड श्यामा के मुहं में मस्त चल रहा था जिस से श्यामा को भी बड़ा मजा आ रहा था. रमोला ने अब दोनों साइड से चुंचे दबाये और शंकर दोनों ही निपल्स को एक साथ मुहं में भरने का प्रयास करने लगा. शंकर कुत्ते की तरह जबान निकाल के चुंचे चाट रहा था.

श्यामा ने अब लंड को मुहं से निकाला और वो अपनी जबान से अंडकोष को चाटने लगी. शंकर को लौड़े में गुदगुदी होने लगी थी इसलिए वो हंस पड़ा. लेकिन श्यामा को अंडकोष चाटने में बड़ा ही मजा आ रहा था इसलिए वो उसे चाटती गई. शंकर का लंड अब तन के टावर बन गया था. अब उसे तलाश थी उस अँधेरी गुफा की जिसमे जाके लौड़े आराम करते हैं.

रमोला आंटी ने चुंचे चुस्वाते हुए अपनी उँगलियों पर थूंक लिया. उसने वो थूंक अब चूत पर रगड़ दिया और वो चूत के अंदर उंगली कर के अपने कलाईटोरिस के साथ खेलने लगी. रमोला चुदासी हो गई थी और उसकी चूत अब मांग रही थी नौकर शंकर का लंड….क्रमश: