पड़ोसन भाभी की चूत – [भाग 2]

antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex अब भाभी ने कहा, साहिल तुम तो बड़े एक्सपर्ट लग रहे हो. मुझ से पहले कितनो के साथ मजे ले चुके हो सच सच बताना. मैंने कहा, भाभी अबतक 3-4 को चोदा हैं मैंने लेकिन आप के बूब्स हैं ऐसे किसी के भी नहीं थे, आप के बूब्स बहुत ही टेस्टी हैं. यह कह के मैं भाभी की पेंटी निचे की, और धीरे से मेरी ऊँगली भाभी की चूत में चली गई. भाभी श्ह्हह्ह्हह्ह्ह् करने लगी. उसने मुझे कहा बहुत अच्छा लग रहा हैं साहिल, और करो ना प्लीज़जज्ज्ज्ज़….!
भाभी को बड़ा मजा आया

फिर मैंने झटके से भाभी की पेंटी उतार दी और कहा, भाभी आप सच में बहुत ही सेक्सी हो. यह सुनके भाभी बोली, क्या भाभी भाभी की रट लगा रखी हैं, तुम मुझे गायत्री कहो ना. मैंने कहा, नहीं भाभी में बड़ा सेक्स रहता हैं. भाभी ने मेरे गाल पर हाथ फेरा और बोली, ओके मेरे भाभीचोद. अब मैं भाभी के सभी कपडे उतार दिए और उसे बेड के ऊपर फेंक दिया. मैं भी अपने कपडे उतार के बेड में गिरा. भाभी ने करवट ली और वो मेरे ऊपर आ गई. मेरा लंड उसके हाथ में था. भाभी उसे सहलाने लगी. और फिर उसने धीरे से सुपाडे को चूसा. मैंने कहा, ऐसे नहीं पूरा मुहं में लो ना. भाभी हंसी और उसने मुहं खोल के लंड को पूरा गले तक ले लिया. मेरे टट्टे भाभी के होंठो कको स्पर्श कर रहे थे. बड़ा ही सेक्सी लग रहा था उसके गले में सुपाडे को टच करवाना. भाभी अब मेरे लंड को जोर जोर से चूसने लगी, बाप रे भाभी की चूत की तरह ही उसके मुहं में भी बड़ी गर्मी थी.

भाभी लौड़ा बड़े ही सेक्सी तरीके से चूस रही थी इसलिए मैं तुरंत ही हल्का होने वाला था. वैसे भी इतने दिन से किसी की चुदाई नहीं की थी इसलिए बहुत भरा हुआ था वीर्य. भाभी ने जैसे ही सुपाडे को मस्ती से चूसा मेरा छुटने को आया. मैंने उसे कहा की मेरा निकलने वाला हैं. भाभी बोली कोई नहीं मेरे मुहं में ही डाल दो अपना माल. और वो फिर से लौड़ा जोर जोर से चूसने लगे. मेरा फव्वारा निकल पड़ा और सभी वीर्य भाभी के मुहं में ही निकल गया. भाभी एक एक बूंद को पी गई. उसने लंड को पूरा चाट के साफ़ किया और फिर बाथरूम में चली गई. मैं उसकी ऊपर निचे होती हुई गांड को देख रहा था.

बाथरूम से आकर भाभी ने मेरे लंड को हलाया और बोली, चुसुं इसे फिर से साहिल? मैंने कहा, नहीं भाभी अब मैं भाभी की चूत चाटून्गा. यह सुनके भाभी ने बेड में लेट के अपनी टाँगे खोल दी. मैंने अपनी उँगलियों से भाभी की चूत को खोला और अपनी जबान से उसे चाटने लगा. भाभी की चूत का दाना मेरे जबान के ऊपर था, मैं उसे चाटने लगा. भाभी अपनी कमर को उठा उठा के मेरे मुहं पर अपनी चूत को घिसने लगी. भाभी की चूत बड़ी गीली हो चुकी थी और उसकी चूत का रस मैं बड़ी मस्ती से पी रहा था. भाभी से अब रहा नहीं जा रहा था.

साहिल, अब मुझे चोदो ना, मैं और बर्दास्त नहीं कर सकती हूँ इसे, वो बोल पड़ी.
भाभी की चूत मारी

यह सुन के मैंने उसकी चूत को चाटना बंध किया. लंड को एक हाथ से पकड के मैंने उसे उसकी चूत के ऊपर रख दिया. भाभी की चूत में डीके झटका देते ही लंड अंदर घुस गया. आह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह बाप रे, मस्त लंड हैं तेराआआआआ तो साहिल….अब मुझे चोदो जोर जोर से…आह्ह्हह्ह बहुत मजा आ रहा हैं मुझे….!

मैं अपनी पूरी स्पीड से रंडी गायत्री की चूत को मारने लगा था. वो मुझे और भी जोर जोर से पकड के चोदने को कह रही थी. मैंने अब उसके गले को अपने हाथ से पकड़ा और लंड को बड़ी ही जोर से उसकी चूत में ठोकने लगा. भाभी की चूत में लंड फक फक की आवाज से टक्कर खा रहा था और मैं उसे जोर जोर से लंड की मार दे रहा था. भाभी की चूत पूरा पानी छोड़ चुकी थी और वो हिल हिल के मुझ से चुदने का मजा लुट रही थी.

10 मिनिट ऐसे चोद के मैं भाभी को कहा, अब आप जमीन पर लेट जाएँ और अपने पांव को उठा के बेड पर रख दीजिये. भाभी ने ऐसे ही किया. मैं उनके पैरों के बिच में गया और उसको फैला के अपने कंधे के ऊपर रख दिया. मैंने भाभी की चूत के छेद के ऊपर अपने लंड को रखा और एक धक्का लगा दिया. अब की तो मेरा लंड चूर के अंदर और भी अंदर ताकक घुस गया था. भाभी आह आह कर के हिलने लगी और मैं उसकी चूत को फिर से फास्ट चोदने लगा. भाभी आह आह कर के चुद रही थी और मैं अपनी पूरी ताकत से लंड को भाभी की चूत में ठोक रहा था. भाभी ने अब अपनी चूत को मेरे लंड के उपर दबा दिया और बोली, अपना माल मेरी चूत में ही गिरा देना साहिल.

मैं समझ गया की वो झड़ चुकी हैं. मैं भी जोर जोर से अपने लंड को चूत में देने लगा. भाभी की चूत की जकडन की वजह से मेरा वीर्य भी निकल पड़ा. भाभी के छेद में ही एक एक बूंद निकाल के मैंने धीरे से लंड को बहार निकाला. भाभी ने कपडे सही किये और मैं कपडे पहनूं उसके पहले मेरे लंड को चाट के साफ़ किया. मैंने कपडे पहन लिए और हम लोग फिर सोफे पर बैठ गए. भाभी ने घड़ी की और देखा और बोली, पियूष आता ही होंगा क्रिकेट खेल के, तुम शाम को आना. मैंने कहा ठीक हैं और मैं निकल पड़ा.

शाम को भाभी ने फिर मुझे अंदर बुलाया और हमने किस की और मैं भाभी के बूब्स दबाये. भाभी ने मुझे कहा की मुझे तुम्हारे साथ अपने हसबंड से भी ज्यादा मजा आई. मैंने कहा मुझे भी भाभी की चूत जैसा मजा पहले कभी नहीं आया. मैंने भाभी को कहा अगले हफ्ते से मैं विकडेज़ में छुट्टी ले लूँगा ताकि हम मजे कर सके. यह सुन के भाभी बड़ी ही खुश हो गई…..!