बाजु वाली भाबी की चूत की पुंगी बजाई

antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex हैल्लो दोस्तो मेरा नाम कबीर है और में गुजरात का रहने वाला हूँ। में कई महीनो से कामुकता स्टोरीज़ डॉट कॉम का रीडर हूँ और मुझे इसमे भाभी की चुदाई और बहन की चुदाई बहुत अच्छी लगती है। में भी ये सब स्टोरी पड़कर मेरी लाईफ की एक स्टोरी आप सभी को बताना चाहता हूँ। ये मेरी पहली स्टोरी है। तो प्लीज आपको पसंद आए मुझे जरुर बताए। अब में ज़्यादा आप सभी का वक़्त ना लेते हुए, में अपनी स्टोरी सुनाता हूँ। दोस्तों में 22 साल का हूँ और में इंजिनियरिंग का स्टूडेंट हूँ और मेरे लंड की लम्बाई 7.5 इंच और मोटाई 3.5 इंच है और में दिखने मे बहुत गौरा हूँ। मुझे पता नहीं क्यों लड़कियो से ज़्यादा भाभी को चोदने मे ज्यादा मज़ा आता है और मेरी ये पहली स्टोरी मेरे फ़्रेंड के पास वाली भाभी को कैसे चोदा में वो बताने जा रहा हूँ। भाभी का नाम शीतल है और उनका फिगर 34-30-38 होगा में जब भी अपने फ़्रेंड के घर जाता तो कभी कभी मेरी मुलाकात शीतल भाभी से होती क्योंकि मेरे फ़्रेंड की मम्मी और शीतल भाभी दोनो बहुत अच्छे फ्रेंड थे। फिर में जब भी मेरे फ्रेंड के घर जाता तो वो भाभी वहीं पर बैठी होती तो में उनसे बात करता और फिर मेरे फ़्रेंड को मैंने बता दिया कि में शीतल भाभी को चोदना चाहता हूँ। पहले तो वो मुझे मना करने लगा। तभी बहुत समझाने पर उसने मेरी मदद के लिए हाँ कह दिया। दोस्तों पहले में भाभी के बारे मे कुछ बता देता हूँ।
दोस्तों भाभी की उम्र 32 साल की थी और दिखने मे बहुत अच्छी थी और उसकी गांड एक बार तो अच्छे अच्छो के लंड खड़ा कर दे ऐसी थी और लेकिन उनको कोई अपना बच्चा नहीं था। उसकी गांड की वजह से ही मेरा लंड हमेशा परेशान हो जाता। फिर में हर बार सोचता कि में उसे कैसे चोदूं? तभी एक दिन जब में मेरे फ्रेंड के घर गया तो देखा कि उसके घर पर ताला लगा हुआ था। फिर में भाभी के घर गया और उनसे पूछा कि वो कहाँ पर गये है। तभी उन्होने कहा कि वो एक हफ़्ते के लिये बाहर गये हुए है। फिर मैंने पूछा कि कहाँ? तभी वो बोली कि सोमनाथ और दो तीन जगह घुमने गये हुए है। फिर मैंने कहा कि ठीक है और में वापस जाने लगा।
फिर में जाने लगा कि तभी भाभी ने पूछा कि क्या कुछ काम था? तभी मैंने बोला जी हाँ। फिर उन्होने पूछा कि क्या काम था? तभी मैंने बोला कि थोड़ा कंप्यूटर का काम था क्योंकि भाभी को पता था कि में अपने फ़्रेंड के यहाँ पर कंप्यूटर के काम से ही ज़्यादा आता हूँ। तभी उन्होने कहा कि अगर तुम्हे कुछ ज्यादा प्राब्लम ना हो तो तुम मेरे पति का लॅपटॉप इस्तमाल कर सकते हो। तभी मैंने पूछा कि और अगर आपके पति को लॅपटॉप से कुछ काम हुआ तो? तभी भाभी ने कहा कि वो तो मीटिंग के सिलसिले मे बाहर गये हुए और वो कब आएंगे मुझे कुछ पता नहीं। तभी भाभी ने अचानक से मुझसे कहा कि बाहर बहुत बात कर ली, अब आप अंदर आकर बाते कर लो। उस टाईम भाभी ने वाईट कलर का टॉप और नीचे काले कलर की सलवार पहनी हुई थी।
फिर जैसे ही भाभी पीछे घूमी उसकी गांड देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगा और मन कर रहा था की उसको अभी जाकर चोद दूँ लेकिन थोड़ा डर भी लग रहा था। तभी मैंने फिर से पूछा कि आपके पति कब तक वापस आएँगे? तभी उन्होने कहा कि मेरे हिसाब से वो दो तीन दिन के बाद वापस आएँगे।
फिर मैंने सोचा कि उसे चोदने का यही सही मौका है। फिर मैंने भाभी को कहा कि में कल सुबह आ जाऊंगा और में यह बात कहकर घर वापस आ गया। फिर मे पूरी रात सोचता रहा कि भाभी को कैसे चोदा जाए और बहुत सोचने के बाद मुझे एक मस्त आईडिया मेरे ख्याल में आया और में मन ही मन मुस्कुराते हुए और भाभी को सोच कर मूठ मारकर सो गया।
फिर दूसरे दिन जब सुबह हुई तो मैंने मम्मी को बोला कि में आज थोड़ा लेट आऊंगा मुझे थोड़ा ज़्यादा काम है और फिर में भाभी के घर गया। फिर मैंने भाभी को आवाज़ लगाई और कुछ देर बाद भाभी बाहर आई। फिर भाभी को देखकर मेरी आँखे खुली की खुली रह गई क्योंकि भाभी ने काले कलर की नाईट ड्रेस पहनी हुई थी और उनके निप्पल खड़े हुए थे। शायद भाभी ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी। फिर मैंने भाभी को कहा कि मैंने आपकी नींद खराब की हो तो सॉरी, तभी भाभी ने बोला कि ऐसी कोई बात नहीं आप आ जाओ अंदर और मुझे वो लॅपटॉप देकर चली गई। मैंने कल रात को अपने मोबाईल में कुछ ब्लू फिल्म लेकर गया था। तो फटाफट मैंने अंकल के लपटॉप में ट्रान्स्फर कर दी। तभी भाभी अपना काम कर रही थी और मे अपना काम।
फिर थोड़ी देर के बाद में भाभी मेरे लिए चाय और बिस्कट लेकर आई और हम साथ मे नाश्ता करने लगे। अब में भाभी को ही घूर घूर कर देख रहा था। तभी भाभी ने भी मुझे रंगे हाथो पकड़ लिया और पूछने लगी कि क्या देख रहे हो? फिर में डर गया और बोला कि कुछ नहीं और फिर में जल्दी जल्दी नाश्ता करने लगा। फिर में भाभी को बोला कि भाभी बाथरूम कहाँ है? तभी भाभी ने इशारे से बताया। फिर में झट से बाथरूम मे गया और देखा कि भाभी की कल वाली सफ़ेद ब्रा लटक रही थी। तभी मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनकी ब्रा को मेरे लंड पर रख ली और मुठ मारने लगा और फिर थोड़ी देर बाद मैंने पिचकारी भाभी की ब्रा पर छोड़ दी और तभी अचानक से मुझे याद आया कि मैंने तो मोबाईल वहीं पर ही रखा है और लेपटॉप में भी ब्लू फिल्म वाला फोल्डर खुला हुआ है।
फिर मे जल्दी से रूम की और भागा और देखा तो भाभी लॅपटॉप मे कुछ कर रही थी। फिर मैंने पूछा क्या हुआ? तभी उन्होने कहा कि कुछ नहीं और मेरी और देखकर स्माईल करने लगी। अब मेरी तो फट गई, फिर मैंने भाभी को बोला कि मे आपन काम कर लूँ? अगर आप बुरा ना मानो तो भाभी ने कहा हाँ और में अपना काम करने लगा। फिर करीब 15 मिनट बाद भाभी आई और बोली कि में नहाने जा रही हूँ। तभी मैंने कहा ठीक है और भाभी नहाने चली गई। फिर दो मिनट बाद में उठा और भाभी को दरवाजे के कोने पर छोटी सी एक दरार थी वहाँ पर से देखने लगा और फिर भाभी का नंगा शरीर देखकर मुझे अब रहा नहीं गया और में वही पर अपने लंड को निकालकर मुठ मारने लगा। फिर थोड़ी देर बाद मैंने भाभी को आवाज़ दी कि में घर जा रहा हूँ, क्योंकि मुझे डर था कि कहीं भाभी अपनी ब्रा पर लग हुए मेरे वीर्य को लेकर कोई गुस्सा ना करे। तभी भाभी ने बोला कि रूको में थोड़ी देर मे बाहर आती हूँ और फिर वो बाहर आकर मुझ पर गुस्सा करने लगी और अपनी ब्रा को आगे करके पूछने लगी ये सब क्या है?
फिर मैंने डर के मारे बोला सॉरी भाभी फिर कभी ऐसा नहीं करूँगा। फिर भाभी को सॉरी बोलकर में वहाँ से चला गया। फिर दूसरे दिन मेरी वहाँ पर जाने की हिम्मत नहीं हुई। फिर उसी शाम को मुझे भाभी का फ़ोन आया। तभी में तो हैरत में पड़ गया कि भाभी के पास मेरा नंबर कहाँ से आया। फिर मैंने पूछा कि क्या हुआ तो भाभी ने बोला कि तुम आज क्यों नहीं आए? फिर मैंने बहाना बनाकर बोला कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है। फिर मैंने पूछा कि आपके पास मेरा नंबर कहाँ से आया? तभी वो बोले कि तुम्हारे एक फ़्रेंड से लिया है। और फिर मैंने फ़ोन रख दिया और दूसरे दिन डरते डरते हुए में उनके घर गया। फिर घर गया तो भाभी तैयार थी और पिंक कलर की साड़ी मे बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने भाभी से पूछा क्या काम है? तभी भाभी ने बोला कि घर का थोड़ा सामान लेने जाना है और सब्जी भी लेनी है। फिर मैंने बोला कि ठीक है और में भाभी को मेरी गाड़ी के पीछे बिठाकर मार्केट मे ले गया। पहले तो मेरे दिमाग़ में कुछ नहीं था लेकिन जब भी बाईक मे ब्रेक मारता तो भाभी के बूब्स मेरे पीछे टच होते तो मुझे बहुत मज़ा आने लगा और में थोड़ी थोड़ी देर में भाभी के बूब्स के साथ एंजाय करने लगा और फिर हमने खरीदारी कर ली तकरीबन 30 मिनट लगे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता स्टोरीज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर जब हम घर के लिए रिटर्न हो रहे थे तो भाभी ने मुझसे पूछा कि क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? तभी में डर गया और भाभी को मुड़कर देखने लगा। तभी भाभी मुस्कुराई और बोली क्या देख रहे हो मैंने जो पूछा उसका जवाब दो? फिर मैंने ना कहा और बोली तभी भाभी बोली तो फिर ये सब कब से चल रहा है? फिर मैंने पूछा क्या? तभी भाभी ने मुझे हल्के से मारा और बोली कि कल रात को मैंने लेपटॉप चेक किया था। उसमे तुमने ब्लू फिल्म क्यों डाली? फिर मैंने बोला कि वो ग़लती से कॉपी गई होगी और फिर मैंने भी पूछ लिया कि क्या वो आपने देखी? तभी भाभी चुप हो गई। अब में समझ गया कि मेरा काम हो गया और में यही चाहता था की भाभी को सेक्स की भूख जगाऊं, इसलिए मैंने उनके लेपटॉप में ब्लू फिल्म रखी थी। अब हम घर पहुंच गये।
तभी मैंने महसूस किया कि हमारी इन बातों से भाभी गरम हो चुकी है। फिर जैसे ही हम अंदर गये तो मैंने भाभी को पीछे से पकड़ लिया और उसको गर्दन पर किस करने लगा। तभी मैंने सोचा आज जो भी हो जाए भाभी को चोदकर ही रहूँगा। ब्लू फिल्म की वजह से भाभी में भी सेक्स की इच्छा जाग उठी और भाभी ने कहा थोड़ा इंतज़ार करो और पहले दरवाजा तो बंद कर दो। फिर में जल्दी से दरवाजा बंद करने चला गया और भाभी के रूम में गया। फिर जैसे ही भाभी रूम में आई में उन्हे कसकर पकड़ कर लिप पर किस करने लगा और भूखे कुत्ते की तरह उनके लिप को चाटने लगा और मैंने अपनी जीभ भाभी के मुहं मे डाल दी।
पहले तो भाभी ने रेस्पोन्स नहीं दिया लेकिन फिर जैसे ही मैंने अपनी जीभ को उनकी जीभ के साथ टच किया तो भाभी को भी अच्छा लगने लगा और फिर वो भी मेरा साथ देने लगी। फिर में किस करते करते अपना एक हाथ उनकी गांड पर ले गया और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा। तभी भाभी ने बोला कि थोड़ा आहिस्ता करो मुझे दर्द हो रहा है। अब में कहाँ सुनने वाला था। फिर में अपना एक हाथ उनके बूब्स पर ले गया और उनके बूब्स को सहलाने लगा। फिर तकरीबन बीस मिनट तक हम किस करते रहे और में भाभी की साड़ी को ऊपर करके पेंटी के बाहर से ही गांड को दबाने लगा। अब मेरा लंड तो पूरा का पूरा खड़ा हो चुका था। फिर मैंने अपनी जीन्स की चैन खोली और अपना लंड भाभी के हाथ मे पकड़ा दिया। तभी मैंने भाभी की साड़ी भी उतार दी और भाभी अब मेरे सामने ब्लाउज और पेटीकोट में थी। फिर मैंने भाभी को बिस्तर पर लेटाया और भाभी को फिर से किस करने लगा।
फिर में भाभी के ब्लाउज के बटन खोलने लगा और फिर मैंने भाभी के ब्लाउज को उतार दिया और भाभी ने काले कलर की ब्रा पहनी हुई थी। फिर में भाभी की गर्दन पर किस करते करते भाभी के बूब्स पर आ गया और उनको ब्रा के ऊपर से ही जोर जोर से चूसने लगा। तभी मेरा एक हाथ भाभी की ब्रा उतार रहा था तो दूसरा हाथ भाभी के पेटीकोट में था और फिर मैंने भाभी की ब्रा उतार दी और भाभी के बूब्स को छोटे बच्चो की तरह एक एक करके चूसने लगा। तभी भाभी के मुहं से अह्ह्ह्ह सीईईईई की आवाजें आने लगी और मैंने भी जोश मे आकर भाभी के बूब्स को हल्के हल्के दबाते हुए चूसने लगा और फिर भाभी भी मज़े लेने लगी। फिर करीब 15 मिनट ऐसा ही चलता रहा और मैंने अब भाभी के पेटीकोट को निकाल दिया और उन्होने ब्लेक कलर की पेंटी पहनी हुई थी। तभी में उसकी जांघो को किस करते हुए भाभी की चूत को पेंटी के ऊपर से ही चूसने लगा। फिर उसकी चूत की खुश्बू ने मुझे ऐसा मदहोश कर दिया कि मुझे पता ही नहीं चला कि भाभी कब झड़ चुकी है और फिर में भाभी के रस को चाटने लगा।
फिर मैंने भाभी की पेंटी उतार कर उनकी चूत पर मुहं रख दिया। भाभी ने अपने हाथ मेरे सर पर रखकर दिये और गोल गोल घुमा रही थी और मुझे अपनी चूत में घुसाने की कोशिश कर रही थी। कभी वो मुझे अंदर की तरफ धक्का देती तो कभी वो अपनी चूत को ऊपर करती। फिर बीस मिनट तक में उसे ऐसे ही चाटता रहा। फिर मैंने भाभी को खड़ा किया और अपने सारे कपड़े निकाल दिए और फिर मेरा खड़ा हुआ 7.5 इंच का लंड भाभी देखती रही और भाभी ने मुझे कहा कि तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है। तभी मैंने कहा अब वो आपका ही है और वो आपके मुहं की गर्मी को महसूस करना चाहता है। तभी भाभी ने पहले तो किस किया मेरे लंड पर और फिर मेरे लंड को धीरे धीरे अपने मुहं मे ले लिया। फिर मेरा लंड बड़ा होने की वजह से वो पूरा नहीं ले पा रही थी। तभी भाभी ने जैसे ही मेरे लंड को अपने मुहं में लिया तो ऐसा लगा कि जैसे में कोई स्वर्ग में पहुँच गया था।
फिर भाभी ने मेरे लंड को ऐसे चूसा जैसे छोटे बच्चे लोलीपोप को चूसते है वैसे ही वो चूसने लगी। फिर करीब 15 मिनट के बाद में भाभी के मुहं मे झड़ गया और भाभी ने मेरा पूरा वीर्य चाटकर साफ कर दिया। फिर में अह्ह्ह की आवाजें करने लगा। तभी मैंने भाभी को उल्टा किया और भाभी की गांड को चाटने लगा। भाभी को भी बहुत मज़ा आ रहा था। फिर थोड़ी देर मे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैंने भाभी को सीधा किया और में भाभी की दोनो टांगो के बीच में आ गया और अपने लंड को उनकी चूत पर रखकर रगड़ने लगा। तभी भाभी से रहा नहीं गया और फिर वो बोली डालो ना जानू क्यों तडपा रहे हो और फिर मैंने ज़्यादा ना तड़पते हुए भाभी की चूत के होल मे लंड को रखकर एक हल्का सा धक्का मारा।
तभी भाभी की आँखे बंद हो गई और भाभी आह्ह्ह्हह उईईई में मरी करने लगी। तभी मैंने एक ज़ोर के झटके के साथ अपना पूरा का पूरा लंड उनकी चूत की गहराइयों में डाल दिया। पहले तो भाभी की आँखे खुल ही नहीं पा रही थी। फिर थोड़ी देर बाद मैंने हल्के हल्के धक्के मारने शुरू कर दिए और एक हाथ से से उनके बूब्स को सहलाना शुरू किया। अब भाभी को भी मज़ा आने लगा और वो भी अपनी गांड उछाल उछाल कर मज़े लेने लगी।
फिर में भी जोश मे आकर धक्के जोर जोर से मारने लगा और भाभी आह्ह्ह्ह ऊईईइ और जोर से और जोर से चोदो करने लगी। फिर करीब बीस मिनट तक में भाभी को चोदता रहा और भाभी चुदाई के मज़े लेती रही। फिर में भी ज़ोर जोर से धक्के मारता रहा। फिर मैंने जल्दी से लंड चूत से बाहर निकाल कर भाभी को डोगी स्टाईल में करके चोदा। फिर करीब दस मिनट बाद में झड़ने वाला था। तभी मैंने भाभी को पूछा कि में वीर्य को कहाँ पर डालूं? तभी भाभी ने कहा कि अंदर ही निकाल दो फिर मैंने अपनी एक स्पीड के साथ भाभी की चूत में पूरा का पूरा वीर्य डाल दिया और एकमद बिलकुल ठंडा होकर उन्ही के ऊपर ही पड़ा रहा। इस चुदाई से हम दोनों बहुत थक चुके थे। मैंने इस तरह से भाभी के साथ सेक्स करके बहुत मज़े किये और फिर कभी भी उन्होंने मुझे चुदाई के लिये मना नहीं किया और हम दोनों ने बहुत समय चुदाई के मजे लिये। मैंने उन्हें कई तरह से चोदा कभी चूत तो कभी गांड तो कभी मुहं की चुदाई की। भाभी की चुदाई का कोई वक्त नहीं था हमे जब भी समय मिलता हम चुदाई मे व्यस्त हो जाते थे। तो दोस्तों यह थी मेरी और भाभी की कहानी ।