बड़ी गांड वाली पंजाबन आंटी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आर्यन है और मेरी उम्र 19 साल है और में दिल्ली में रहता हूँ. antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex मेरी फेमिली में 4 लोग है में, माँ, पापा, और मेरा छोटा भाई और हमारी फेमिली सामान्य है, तो अब में आपका समय ख़राब नहीं करते हुए सीधा स्टोरी पर आता हूँ.
ये स्टोरी है मेरी और हमारे घर किराये पर रहने वाली आंटी की, जो कि पंजाबन है. आंटी पहले मेरे सामने वाले घर में रहती थी, लेकिन उनकी उनके ऊपर वाले फ्लोर पर रहने वाली फेमिली से कुछ प्रोब्लम हो गई, तो उन्होंने हमारा नीचे वाला फ्लोर किराये पर ले लिया. आंटी के घर में 3 लोग है अंकल, आंटी और उनकी बेटी जो कि 10 साल की है.
आंटी दिखने में बहुत ही ज़्यादा सेक्सी है, उनकी उम्र 35 साल होगी, जैसा कि मैंने आपको बताया कि वो पंजाबन है और आप तो जानते है कि पंजाबन क्या चीज़ होती है. अंकल एक बिजनस मेन है और उन्होंने अपना ऑपरेटिंग ऑफिस हमारी गली में खोला हुआ है. अंकल आंटी को खूब चोदते थे, अंकल दिन में लंच करने आते थे, तब भी आंटी को चोदते थे. ये बात मुझे मेरे सामने वाले भैया ने बताई थी जहाँ आंटी पहले रहती थी, भैया ने बताया कि आंटी बहुत चुदासू औरत है और अंकल भी उन्हें खूब चोदते है.
फिर जब आंटी हमारे नीचे वाले फ्लोर पर किराये पर रहने आई, तो मेरी उनसे बात शुरू नहीं हुई थी. में सिर्फ़ अंकल से नमस्ते किया करता था, आंटी से नहीं. क्योंकि में बहुत सीधा साधा लड़का हूँ. आंटी को खाना खाने का बहुत शौक था और मेरी माँ को खाना बनाने का शौक था, तो बस फिर क्या था? माँ जब भी कुछ टेस्टी खाना बनाती तो आंटी नीचे से ऊपर आ जाती और आंटी के ऊपर आते ही में बाहर चला जाता, क्योंकि मुझे बहुत शर्म आती थी.
इसी तरह आंटी और माँ एक अच्छे दोस्त बन गये और आंटी को हमारे यहाँ किराये पर रहते हुए 2 महीने हो गये थे, लेकिन मेरी उनसे बात नहीं हुई थी. मेरा मन बात करने को तो करता था, लेकिन कर नहीं पाता था. में उन्हें चोदना तो शुरू से चाहता था, लेकिन बात तो होती ही नहीं थी, चोदना तो बहुत दूर की बात थी. फिर एक दिन में शाम को जिम जा रहा था, तो अंकल कहीं जा रहे थे और आंटी भी साथ में थी, मैंने अंकल को नमस्ते किया और जिम चला गया. फिर जब में वापस आया, तो आंटी अपने फ्लोर के बाहर खड़ी थी. उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया और पूछा.
आंटी – आर्यन क्या मेरी तुमसे कोई दुश्मनी है क्या?
में – नहीं आंटी ऐसी तो कोई बात नहीं है.
आंटी – तो फिर तुम अपने अंकल से नमस्ते करते हो और मुझसे तो नहीं करते, ऐसा क्यों?
में – मैंने कहा नहीं आंटी ऐसी कोई बात नहीं है, बस ऐसे ही.
फिर मैंने सोचा जब बात शुरू हो ही गई है तो क्यों ना अब हो ही जाये. मैंने आंटी से कहा कि आंटी में अंकल से नमस्ते करता हूँ, क्योंकि वो मुझे बड़े लगते है और आप तो मुझे बहुत जवान लगती हो, बिल्कुल एक कॉलेज गर्ल की तरह लगती हो, आप से तो हाय करने का मन करता है, लेकिन डर लगता था कि कहीं आपको बुरा ना लग जाये, इसलिये नहीं करता था.
आंटी ने स्माइल दी और कहा अच्छा जी चलो फिर ठीक है आज से तुम मुझे नमस्ते की जगह हाय विश करना और हमने हाथ मिलाया और में चला गया. फिर तो मेरी आंटी से बात शुरू हो गई थी और में उनसे काफ़ी बात करता था. फिर मैंने थोड़े दिन के बाद आंटी से पूछा कि अंकल कहाँ है, तो वो बोली कि वो 1 महीने के लिए बाहर गये है. अंकल वैसे कहीं जाते नहीं थे, लेकिन इस बार वो चले गये थे.
फिर एक दिन में घूमने जा रहा था, तो आंटी कुर्सी पर खड़े होकर कुछ साफ कर रही, तो वो साफ़ करने के लिए थोड़ा ऊपर हुई और अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वो गिरने वाली थी, लेकिन में गेट पर ही था, तो मैंने जाकर उन्हें पकड़ लिया और गोद में ले लिया. फिर मेरे हाथ आंटी के बूब्स पर आ गये और मेरा लंड खड़ा होना शुरू हो गया और आंटी को अपनी कमर पर मेरा लंड फील हो रहा था.
उन्होंने एक नॉटी स्माइल देते हुए कहा कि तुम तो बड़े काम की चीज़ हो यार, में समझा नहीं और उनको बेड पर लेटाकर जाने लगा, तो आंटी ने मेरा लंड देख लिया जो कि पेंट के ऊपर टेंट बना रहा था. फिर आंटी ने कहा कि बैठो में तुम्हारे लिए कुछ लाती हूँ, मैंने कहा ओके और आंटी किचन में चली गई, उनके जाते ही मैंने पेंट नीचे करके लंड को ठीक किया, लेकिन खड़ा लंड दर्द कर रहा था. में ठीक कर ही रहा था कि आंटी जूस का फ्लेवर का पूछते हुए रूम में आ गई और उन्होंने मेरा लंड देख लिया.
फिर आंटी ने मेरे पास आकर मेरे लंड को ध्यान से देखा. मेरा लंड 7 इंच का है और कहा कि इसका कुछ उपयोग भी करते हो या नहीं, मैंने कहा में समझा नहीं, तो उन्होंने कहा में समझाती हूँ और नीचे बैठ कर मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी. मैंने आंटी को रोका और कहा कि ये आप क्या कर रहे हो. आंटी रुकी और कहा कि में तुम्हें इसका उपयोग करना बता रही हूँ.
फिर आंटी जोर-जोर से उसे चूसने लगी. मुझे बहुत मजा आ रहा था. में आंटी के बालों में हाथ फेर रहा था. फिर 15 मिनट तक लंड चूसने के बाद में उनके मुँह में झड़ गया, वो बाहर उसे थूक कर आई और आंटी ने अन्दर आते ही मुझे स्मूच करने लगी. में भी उन्हें स्मूच करने लगा और वो मेरा लंड पकड़कर सहलाने लगी और मेरा एक हाथ अपने बूब्स पर ले गई और में उन्हें दबाने लगा. मुझे तो बहुत मजा आ रहा था, आंटी ने मुझे पूरा नंगा कर दिया और में आंटी को देखने लगा तो उन्होंने कहा देख क्या रहे हो, मुझे भी नंगा कर दो यार.
फिर मैंने उन्हे नंगा कर दिया और उनकी ब्रा हटाते ही में तो उनके बूब्स देखकर पागल हो गया और उनके बूब्स पर टूट पड़ा और ज़ोर से दबाने और चूसने लगा. फिर 5 मिनट तक चूसने के बाद आंटी ने मुझे हटाया और कहा कि मुझे बेड पर लेटने दो, फिर तुम्हारी जो मर्ज़ी हो कर लेना. में कहीं नहीं जाउंगी और वो लेट गई. फिर में उनके ऊपर आ गया और उनकी बॉडी पर किस करने लगा. आंटी तो बस आँखे बंद करके मज़े ले रही थी और बस मममममम जैसी आवाजें निकाल रही थी. जिससे में और पागल हो रहा था. फिर में आंटी के पेट को किस करने लगा और नाभि में ज़ोर-ज़ोर से जबान फेरने लगा.
आंटी तो पागल हो रही थी और मेरे बालों को खींच कर मोन कर जा रही थी. फिर आंटी ने उठ कर कहा कि प्लीज एक बार मेरी चूत चाट दो में तुम्हारी जिंदगी भर गुलाम बन कर रहूंगी, प्लीज चाट दो. तुम्हारे अंकल ने आज तक मेरी चूत नहीं चाटी है और मैंने ब्लू फिल्म में चूत चटवाते हुए देखा है और में भी इसका मजा लेना चाहती हूँ..
फिर में उनकी चूत के पास गया, तो मुझे स्मेल आ रही थी और बाल भी बहुत थे, लेकिन फिर मैंने सोचा यार फ्री की चूत मिल रही है तो थोड़ी सी स्मेल तो झेलनी पड़ेगी. लेकिन मैंने आंटी से फिर भी बोल दिया कि इसमे से स्मेल आ रही है और बाल भी बहुत है, तो आंटी ने कहा कि मेरे जानू आज चाट दो, में अगली बार से बिल्कुल क्लीन कर लूँगी और स्मेल भी नहीं आयेंगी.
मैंने जैसे ही आंटी की चूत पर अपनी जुबान लगाई तो आंटी बेड पर गिर गई और बेडशीट को बहुत टाईट पकड़ लिया और अपने लिप्स को दातों में दबाने लगी और वो मछली की तरह तड़प रही थी. फिर 10 मिनट तक चूसने के बाद में उठा और मेरे उठते ही आंटी मेरे लंड पर बहुत बुरी तरह टूट पड़ी और बहुत बुरी तरह चूसने लगी. शायद वो पूरे मूड में आ गई थी. फिर 5 मिनट के बाद मैंने उन्हें रोका और कहा कि अब में आपकी चूत में लंड डाल सकता हूँ. तो वो हंसने लगी और मेरे गाल खींचकर बोली कि ज़रूर मेरे जानू, आ जाओ.
फिर आंटी सीधा लेट गई और लंड को पकड़कर अपनी चूत पर लगाया और अपने पैरों को मेरी कमर के पीछे ले जाकर लंड चूत के अंदर डलवाने लगी. में भी ज़ोर लगा रहा था और उनकी चूत में लंड चला गया और चूत में लंड जाते ही आंटी ने मेरा चेहरा पकड़कर अपने बूब्स पर दबा दिया. में भी उनके बूब्स को चूसने और काटने लगा.
हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था. फिर 15 मिनट की चुदाई के बाद मैंने आंटी से बोला कि अब में झड़ने वाला हूँ, तो उन्होंने कहा कि मेरे मुँह में निकाल दो. मैंने लंड बाहर निकाला तो आंटी फिर से मेरे लंड पर टूट पड़ी और उसे चूसने लगी. फिर हम 69 पोजीशन में आ गये और 5 मिनट के बाद में झड़ गया और फिर 1 मिनट के बाद ही आंटी की बॉडी टाईट हो गई और फिर एकदम ढीली पड़ गई. फिर हम बेड पर लेट गये और हम बातें करने लगे.
में – आंटी थैंक यू वेरी मच.
आंटी – अरे थैंक यू, तो मुझे बोलना चाहियें तुम्हें, जो तुमने मेरी ख्वाइश पूरी की.
में – में कुछ समझा नहीं आंटी?
आंटी – अरे तुम्हारे अंकल मेरी चूत नहीं चाटते थे और न ही मेरे मुँह में झड़ते थे, उनको ये सब गंदा लगता था, लेकिन तुमने किया. थैंक यू.
में – आंटी क्या आप अंकल से संतुष्ट हो क्या?
आंटी – तुम्हारे अंकल से में पहले संतुष्ट थी और तुम्हारे अंकल मुझे खूब चोदते थे और उन्होंने मुझे चुदने की तो जैसे आदत सी डाल दी थी. लेकिन फिर उन्होंने एक और बिज़नस खोला फिर उन्होंने मुझे टाईम देना कम कर दिया और बिजनस को सेट करने में लग गये और मेरी आग बड़ती रही और फिर जब तुम्हारे लंड को मैंने अपनी कमर पर महसूस किया, तो मेरा सब्र टूट गया और में अपने आप को रोक नहीं पाई. फिर हमने 5 मिनट तक स्मूच किया और फिर में कपड़े पहनकर आ गया. उसके बाद हमने काफ़ी बार चुदाई की.