मिला माँ और बहन की चूत का उपहार

antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex दोस्तो आप मेरी पहली स्टोरी पढ़ चुके हो। परिवार में हम अब एक दूसरे से खुल के सेक्स करते हैं। अब मैं अपनी स्टोरी पर आता हूँ ये लास्ट वीक की बात है मेरा बर्थ डे था और मैने अपने कुछ दोस्तो को अपने घर पर इन्वाइट किया था पापा को ऑफीस के काम से आउट ऑफ स्टेशन गये हुए थे घर मे सिर्फ़ मैं और डॉली दीदी और माँ ही थी.
हमने सारी तैयारी कर ली थी और शाम को करीब 8 बजे मेरे दोस्त राहुल और करण और विक्रम मेरे घर आ गये विक्रम अपनी गाड़ी मे एक पेटी बियर ले आया था और फिर सबसे पहले हमने केक काटा और फिर मेरे दोस्तो ने बियर खोल दी और पीने लगे करण ने मुझसे कहा की यार आंटी और डॉली दीदी को भी हमारा साथ देना चाहिये फिर मैने और विक्रम ने भी उनको फोर्स किया और उन लोगो ने भी एक एक बोतल ले ली और लग गये फिर राहुल मेरे पास आया और कहा की विशाल यार तेरी पार्टी मे सब कुछ है पर एक चीज़ की कमी है तेरी पार्टी मे शराब, कबाब तो है पर अगर शबाब भी होता तो मज़ा आ जाता.
फिर मैने कहा की तू चिंता मत कर मैने वो भी इंतज़ाम कर रखा है तो उसने कहा की सच यार कहा है यार जल्दी बता मुझसे रहा नही जा रहा तो मैने डॉली दीदी का हाथ उसके हाथ मे पकड़ा के कहा की मज़े लो दोस्तो तो राहुल कहने लगा की यार डॉली दीदी को तो मैं कब से चोदने की सोच रहा हूँ और इसमे और मज़ा आ जाता अगर आंटी भी हमारा साथ देती तो मैने माँ की गांड पर हाथ फेरते हुए कहा की माँ चुदाई के लिए तैयार हैं और फिर विक्रम और करण ने माँ को अपनी और खीच लिया और माँ ने उन दोनो के लंड पर हाथ फेरा और विक्रम ने माँ की साड़ी उतार दी फिर अपने भी कपड़े उतार दिए विक्रम का लंड हम सब दोस्तो मे सबसे बड़ा था उसका लंड 9 इंच का है और राहुल का करीब 8 इंच का होगा और करण का 7.5 इंच का है पर उसका लंड हम सबसे मोटा है फिर क्या था करण और विक्रम ने मिलकर माँ के सारे कपड़े उतार दिए माँ पूरी नंगी थी.
फिर अपने भी उतार दिये माँ ने कहा की बेटा तुम्हारा लंड तो बहुत मज़ेदार आज तो बस मज़ा ही आ जायेगा तुमसे चुदवा के और फिर माँ विक्रम का लंड अपने हाथ मे लेकर चूसने लगी और करण माँ के मोटे और गोरे गोरे बूब्स चूसने लगा और उधर राहुल डॉली दीदी के टॉप्स के उपर से ही दीदी के बूब्स दबा रहा था तो मैने कहा की यार सिर्फ़ इस रांड के बूब्स भी दबायेगा की इसको नंगी करके इसे चोदेगा भी फिर क्या था दीदी ने अपनी टॉप और जीन्स उतार दी और फिर मैने उनकी ब्रा खोल दी और राहुल ने दीदी की पेंटी उतार दी और दीदी की गोल और गोरी गांड पर एक किस की और मैने दीदी के बूब्स दबाये उधर माँ काफ़ी देर तक विक्रम का लंड चूसने के बाद विक्रम ने माँ को घोड़ी बना के माँ की चूत मे अपना 9 इंच का लंड पेल दिया और करण ने माँ के मुँह के पास आकर उनके मुँह मे अपना लंड पेल दिया और विक्रम माँ की चूत मे ज़ोरदार धक्के लगा रहा था.
उनकी चुदाई देखकर मुझे और भी जोश आ गया और मैने और राहुल ने डॉली दीदी को सोफे पर बिठा दिया और मैं डॉली दीदी की चूत को चाटने लगा और राहुल का लंड दीदी ने मुँह मे ले लिया और चूसने लगी उधर विक्रम ने काफ़ी देर तक माँ की चूत मे धक्के मारने के बाद माँ के मुँह मे अपन लंड पेल दिया और करण ने अपना लंड माँ की चूत मे डाल दिया और धक्के मारने लगा इधर मेरे चूसने से दीदी की चूत काफ़ी गीली हो गई थी तो मैने राहुल से कहा की बेटा ये रांड तैयार हो गई है चुदाई के लिए मैने कहा की देख यार ऐसा दोस्त और कही नही मिलेगा की जो अपनी दीदी की चूत तुझे खुद ही तैयार करके दे तो राहुल ने कहा की नही यार मुझे तो दीदी की गांड बहुत पसंद है तो मैने कहा की यार घर का माल है जैसे मर्ज़ी चोद और फिर राहुल ने दीदी को घोड़ी बनाकर अपने लंड पर थोड़ा सा थूक लगाया और दीदी की गांड के छेद पर लगा दिया और एक ज़ोरदार धक्के के साथ ही आधा लंड दीदी की गांड मे उतार दिया.
फिर मै अपना लंड दीदी के मुँह मे डाल कर दीदी का मुँह चोदने लगा उधर माँ और विक्रम नीचे फर्श पर लेट गये और माँ विक्रम के लंड पर बैठ गई और फिर करण ने पीछे से जा कर माँ की गांड मे अपना लंड पेल दिया और धक्के मारने लगे माँ के मुँह से ज़ोर जोर से आवाज़े निकाल रही थी फिर उनका ये सीन देख कर मेरे भी मन मे दीदी को इसी तरह चोदने का आइडिया आया और फिर में सोफे पर लेट गया और दीदी को अपने लंड पर बैठने को कहा और दीदी मेरे लंड पर बैठ गई और राहुल ने पीछे से दीदी की गांड मे अपना लंड पेल दिया और धक्के मारने लगे.
दीदी भी बड़े मज़े से चुदवा रही थी और दीदी की चीखे पूरे घर मे गूँज़ रही थी और तेज़ और तेज़ विशाल क्या पार्टी है आज तो मज़ा आ गया यार अपने दोस्तो को रोज घर बुला लिया कर यार उधर विक्रम ने माँ के मुँह मे अपना माल झाड़ दिया और माँ ने उसका लंड चूस के साफ किया और करण ने भी अपनी स्पीड बड़ा दी और फिर उसने माँ की चूत मे ही अपना सारा माल छोड़ दिया इधर हमने धक्के और तेज़ कर दिए फिर दीदी ने कहा की मुझे तुम दोनो का माल अपने मुँह मे चाहिये और फिर हम दोनो ने अपना लंड बाहर निकाल लिया और दीदी के मुँह मे अपना सारा माल झाड़ दिया दीदी ने भी हमारे लंड को चूस के साफ किया और फिर करण ने कहा की यार मुझे तो और बियर चाहिए तो मैने कहा की ठीक है यार में और राहुल ठेके से लेकर आते हैं तुम दोनो यहीं रूको.
फिर मैने राहुल से गाड़ी निकालने को कहा तो राहुल ने कहा की आंटी को भी ले चल थोड़ा टाइम पास हो जायेगा और हम निकल गये रास्ते मे माँ राहुल का लंड चूसने लगी तो मैने कहा की माँ थोड़ा आराम से कही ये आउट ऑफ कंट्रोल ना हो जाए तो राहुल ने कहा की नही यार इससे तो गाड़ी और अच्छी चलेगी फिर मैने कहा ठीक है और में माँ की गांड पर हाथ फेरने लगा फिर हमने ठेके से एक पेटी बियर और ली घर आ गये वहा आ कर देखा की करण और विक्रम ने फ़्रिज़ मे से आइसक्रीम निकाल कर दीदी की बॉडी पर डाल के चाट रहे थे फिर हम सब ने एक एक बियर फिर पी और फिर माँ और दीदी की चुदाई की करीब रात के 1:15 बजे वो लोग अपने घर को जाने लगे. फिर उन्होंने मुझे फिर से मेरे बर्थ डे की बधाई दी और वो लोग चले गये. उसके बाद माँ दीदी और में नंगे ही माँ के बेड रूम मे जाकर सो गये।