मेरी आंटी की गांड की धुनाई

antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex हैलो दोस्तों.. मेरा नाम ईशान है और मैं गुजरात के राजकोट सिटी में रहता हूँ. मेरी उम्र 22 साल है. मेरी हाईट 5.6 फीट है.. भरपूर टाईप की बॉडी और मेरे लंड का साईज़ 7 इंच और मोटाई 6 इंच की है और अब मैं आपको अपनी रियल स्टोरी बताने जा रहा हूँ.
यह बात उस टाइम की है.. जब में डिप्लोमा कर रहा था.. यानी कि आज से करीब 8 महीने पहले की. तब मे पार्ट टाइम कंप्यूटर रिपेरिंग का काम भी करता था ताकि एक्सट्रा पॉकेट मनी का जुगाड़ हो सके. एक दिन मुझे एक अंकल का कॉल आया कि मेरा कंप्यूटर खराब हो गया है.. आप आकर इसे प्लीज़ ठीक कर दीजिये. मैंने उनसे उनका एड्रेस लिया और उनको अपने आने का टाईम दिया. अगले दिन में सुबह 11 बजे उनके घर पहुंचा.. मैंने डोर बेल बजाई तो 28-30 साल की आंटी ने दरवाजा खोला. क्या आंटी थी वो? मैं तो उन्हे देखता ही रह गया.
अब मैं आपको उनके बारे मैं बताता हूँ.. उनकी हाइट 5 फीट 8 इंच होगी और उनका साईज़ करीब करीब 38-28-40 होगा और एकदम दूध की तरह गोरा रंग और वो एकदम खूबसूरत दिखती थी. मैंने मन ही मन उन्हें चोदने का सोचा.. फिर मैं घर में गया तो उसके पति वहीं थे. उन्होने मुझे अपना कंप्यूटर दिखाया. फिर मैंने उसे चेक किया तो पाया कि उसका विंडो खराब था.
मैंने सोचा कि अगर आज ही कंप्यूटर ठीक कर दूँगा तो उस आंटी से बातचीत नहीं कर पाऊंगा.. क्योंकि उस दिन रविवार था और उसके पति की ऑफीस की छुट्टी थी.. तो मैंने कहा कि मैं आपका कंप्यूटर कल आकर ठीक करता हूँ तो उसके पति ने कहा कि कल आप प्लीज़ 11 बजे से पहले आ जाना.. क्योंकि उसके बाद मुझे ऑफिस जाना होता है.
मैंने कहा ठीक है और में वहां से आ गया और फिर में कल का इंतज़ार करने लगा. कल के काम के लिए मैंने अपने बैग में एक विंडो की सी.डी और एक ब्लू फिल्म की सी.डी रख ली और फिर जान बूझकर में 10:50 पर उनके घर पहुंचा. आज फिर दरवाजा उसी आंटी ने खोला और उन्होने मुझे अंदर आने को कहा मैंने देखा की उसके पति ऑफिस जाने की तैयारी कर रहे है.
उन्होने मुझसे कहा कि मैंने आपको 11 बजे से पहले आने को कहा था और आप इतना लेट आ रहे हो तो मैंने कहा कि में किसी काम मे अटक गया था. फिर उन्होंने कहा कि में तो जा रहा हूँ आप कंप्यूटर ठीक करके पैसे मेरी पत्नी से ले लेना.. मैंने कहा ठीक है और फिर वो वहां से चले गये. उसके बाद में कंप्यूटर को ठीक करने चला गया.. 10-15 मिनट के बाद आंटी मेरे पास आई और मुझसे पूछा कि आप को कुछ चाहिये तो मैंने मन में सोचा कि आपकी चूत चाहिये पर मैंने कहा कि सिर्फ़ पानी पिला दीजिये.
फिर वो मेरे लिए पानी ले कर आई और मेरे पास आ कर बैठ गयी. उसके बदन से बहुत अच्छे पर्फ्यूम की खुशबू आ रही थी.. उसे सूंघकर ही मेरा लंड तन गया. कुछ देर बाद जब विंडो इन्स्टोलेशन पूरी हो गयी तो मैंने उनसे उनके मदरबोर्ड की सी.डी माँगी तो उन्होंने कहा मुझे नहीं पता.. फिर भी में आपको वो सी.डी ला देती हूँ जो हमारे पास पड़ी है. फिर उन्होने मुझे सी.डी ला कर दी.. फिर मैंने उनसे कहा कि प्लीज़.. मुझे एक ग्लास पानी पिला दीजिये.
फिर जब वो मेरे लिए पानी लेने गयी तो मैंने अपने बैग से ब्लू फिल्म की सी.डी निकालकर उनके बैग मे डाल दी. फिर जब वो पानी ले कर आई तो में सी.डी ढूंढने का बहाना करने लगा और ब्लू फिल्म की सी.डी कंप्यूटर मैं चालू कर दी और एकदम से बीच का सीन लगा दिया जिसमें कि एक आदमी औरत की चूत चोद रहा होता है. फिर में नाटक करने लगा जैसे कि यह सी.डी ग़लती से लग गयी हो. मैंने आंटी की तरफ देखा तो उन्होने आँखे बंद कर रख थी और वो ज़ोर ज़ोर से साँसे ले रही थी.
फिर मैंने कहा कि में अभी बाथरूम से आता हूँ. यह कहकर में बाथरूम में घुस गया और हल्का सा दरवाजा खुला छोड़ दिया ताकि उसको देख सकूँ. थोड़ी देर बाद वो आंटी उठी और उस ब्लू फिल्म को कंप्यूटर में लगाकर देखने लगी.. साथ ही साथ उसने अपने सलवार के अंदर हाथ डालकर अपनी चूत मसलने लगी. फिर मैंने सोचा कि यही सही टाइम है.. इशान घुस जा कमरे में और में एक झटके के साथ कमरे में घुस गया. में इतनी जल्दी से कमरे में घुसा कि उसे अपना हाथ अपनी चूत से हटाने का टाईम भी नहीं मिला.
मुझे देखकर वो एकदम से घबरा गयी और अपना हाथ अपनी चूत में से निकालकर वहां से जाने लगी. मैंने तभी उसे पीछे से पकड़ लिया और पलटकर उनके होठों पर ज़बरदस्ती किस करने लगा. पहले तो उन्होंने छूटने की बहुत कोशिश की.. लेकिन फिर वो भी मेरा साथ देने लगी और मेरे सिर में अपनी उंगलियां घुमाने लगी. में भी अपने एक हाथ से उसकी चूत और दूसरे हाथ से बूब्स दबाने लगा. अब वो धीरे-धीरे सिसकियाँ भी भरने लगी थी.
फिर मैंने उसे अपने से अलग किया और उसका कुर्ता और सलवार उतार दिया. अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पिंक कलर की ब्रा और पेंटी मे खड़ी थी और उसने मेरे कपड़े भी उतार दिये. मेरे 7 इंच के लंड को देखकर उसकी आँखो में एक चमक सी आ गयी. फिर मैंने एक झटके में उसकी ब्रा और पेंटी खींच दी. अब हम दोनो एकदम नंगे खड़े थे.
फिर मैंने उनसे कहा कि क्या आपको 69 पोज़िशन के बारे में पता है तो उन्होने मना कर दिया. फिर में बेड पर लेट गया और उनसे कहा कि वो अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दे और अपना मुँह मेरे लंड पर. उसने वैसा ही किया और फिर मैंने जैसे ही उसकी चूत पर अपनी जीभ घुमाई वो तो पागल सी हो गयी और ऑश आआअहह की आवाज़े निकालने लगी. जिससे मेरे अंदर का शैतान जाग गया और में अंदर तक अपनी जीभ डालने लगा.
इससे वो पागल सी होने लगी और मेरे लंड को अपने मुँह से बड़ी तेज़ी से चूसने लगी. करीब 20 मिनिट के बाद में झड़ गया और उसने मेरा सारा पानी पी लिया. फिर मैंने उसे उठाया और बिस्तर पर लेटाया और उसकी टांगे खोलकर उसकी चूत के मुँह पर अपने लंड को रगड़ने लगा इससे वो और पागल सी हो गयी और मुझसे कहने लगी कि बस और मत तड़पाओ मुझे.. में तुम्हारे लंड के लिये मरे जा रही हूँ. प्लीज.. मुझे चोद दो. में तो जैसे कि उसी वक़्त का इंतज़ार कर रहा था.
मैंने एक जोरदार झटका मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया और वो हल्की सी चिल्लाई. मैंने अपने हाथो से उसका मुँह बंद कर दिया और फिर एक और झटका पूरी जान से मारा.. इस बार तो वो और भी ज़्यादा चिल्लाई और मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन मैंने उसे पकड़ रखा था. कुछ देर तक उसकी चूत में अपना लंड बिना हिलाये रखा तो उसने बताया कि उसके पति का लंड सिर्फ़ 4 इंच लंबा है और वो उसे सही तरीके से चोद नहीं पाते है. फिर मैंने कहा कि कोई बात नहीं आज में तुम्हारी चूत की प्यास बुझाऊंगा.. यह कहकर मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और फिर आराम से उसकी चूत मारने लगा.
उसके मुँह से सिसकियां निकलने लगी थी जो कि पूरे कमरे में गूंजने लगी थी. फिर मैंने अपनी स्पीड और भी तेज कर दी जिससे कि वो और तेज हाहाहा में मर गयी की तरह की आवाज़े निकालने लगी और मुझे गालीयाँ भी देने लगी कि भोसड़ी के आज तूने मुझे चोद ही दिया. में तो कल से तुझसे चुदवाना चाहती थी.. पर कैसे कहती? करीब 10 मिनिट तक चोदने के बाद उसने मुझसे कहा कि वो झड़ने वाली है. मैंने सुनकर भी अनसुना कर दिया और चोदता रहा. फिर एकदम से उसके शरीर मे एक कंपन सा हुआ और मेरे लंड पर मुझे कुछ गर्म गर्म सा महसूस हुआ. में समझ गया कि वो झड़ चुकी है.
फिर भी में रुका नहीं और उसे चोदता रहा. अब वो भी अपनी गांड उठा उठा कर मेरा साथ देने लगी थी. उसकी चूत से उसका पानी हल्का हल्का बहने लगा था जिसकी वजह से उसकी चूत कुछ चिपचिपी सी हो गयी थी. करीब 20 मिनिट की चुदाई के बाद वो फिर से झड़ गयी. फिर मैंने भी उसे कहा कि में भी झड़ने वाला हूँ तुम मेरा लंड चूस कर इसका सारा पानी पी जाओ पर उसने कहा कि नहीं आज तुम मेरी चूत में ही अपना पानी छोड़ दो.
यह सुनकर मुझे और भी जोश आ गया और मैंने अपनी स्पीड बहुत ही तेज कर दी और करीब 20-25 झटके मारने के बाद में मैंने अपना सारा पानी उसकी चूत मे ही छोड़ दिया और थककर बिस्तर पर जाकर गिर गया. हम दोनों पसीने मे भीग चुके थे तो मैंने उसकी तरफ देखा तो वो रो रही थी. मैंने पूछा कि तुम रो क्यों रही हो? तो उसने मुझसे कहा कि आज किसी ने पहली बार उसे इतनी अच्छी तरह चोदा है.. यह कहकर वो मुझसे लिपट गयी. फिर हम दोनों एक दूसरे को साफ करने के लिये बाथरूम मे चले गये. वहां पर उसने मुझे नहलाया और खुद भी नहाई.. नहाकर जब हम बाहर निकले तो वो कपड़े पहनने लगी तो मैंने मना कर दिया.
फिर मैंने कहा कि मुझे भूख लगी है.. तो वो मेरे लिये खाना बनाने किचन में चली गई. हम दोनो नंगे ही सारे घर मे घूम रहे थे खाना बनाते बनाते भी में उसकी चूत चाट रहा था और उसे अपना लंड चुसा रहा था. फिर करीब 1 घंटे बाद हम लोगों ने खाना खाया और आराम करने लगे.. तब तक 3 बज चुके थे. फिर मैंने कहा कि चलो एक बार लास्ट टाईम और करते है. वो खुश हो गयी.. लेकिन मैंने कहा कि इस बार में तुम्हारी गांड मारूंगा तो वो मना करने लगी.
ये सुनकर मे वहाँ से जाने लगा तो उसने कहा ठीक है.. लेकिन अगर दर्द होगा तो तुम नहीं मारोगे.. मैंने भी कहा कि ठीक है. फिर हम लोग वापस से रूम में आ गये जहाँ पर पहले थे. तो मैंने उसकी गांड के छेद पर बहुत सारा तेल लगाया जिससे कि उसको दर्द ना हो और मेरे लंड पर भी ताकि उसकी गांड मे आराम से चला जायें और उसके हाथो से अपने लंड की थोड़ी मालिश भी करवाई.
फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसकी गांड के मुँह पर अपना लंड रख दिया और हल्का सा ज़ोर लगाया तो मेरा लंड जरा सा भी अंदर नहीं गया. फिर मैंने पूरी जान से अपने लंड को धक्का दिया तो इस बार आधे से भी ज़्यादा लंड उसकी गांड में घुस गया और वो बहुत तेज चिल्लाई. उसके साथ साथ ही उसकी आँखो से आँसू भी निकल आये. वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज़.. मेरी गांड से अपना लंड निकालो बहुत दर्द हो रहा और रोने लगी पर मुझे कहाँ उस पर दया आने वाली थी.
फिर में उसकी गांड मे लंड डालकर खड़ा रहा. करीब 10 मिनिट बाद जब वो कुछ शांत हुई तो मैंने अपना लंड थोड़ा बाहर निकाला और फिर पूरी जान से उसे दोबारा पूरा का पूरा अंदर डाल दिया. इस बार वो और भी ज़्यादा चिल्लाई और मुझे गालीयाँ भी देने लगी.. बहन के लोडे क्यों मेरी गांड फाड़ने में लगा है.. इसे बाहर क्यों नहीं निकाल लेता. लेकिन में बिना कुछ कहे सुने फिर आराम से खड़ा हो गया.
फिर जब वो शांत हुई तो में आराम आराम से उसकी गांड मारने लगा. लेकिन इस बार उसने कुछ नहीं कहा. ये देखकर मेरा भी होसला बड़ गया और मैंने अपने लंड की स्पीड थोड़ी और तेज कर दी. अब उसे भी मज़ा आने लगा था और वो मेरे लंड का साथ देने लगी और वो दोबारा से सिसकियाँ भरने लगी थी.. इसके साथ साथ में अपनी एक उंगली से उसकी चूत भी चोद रहा था.
करीब 20 मिनिट बाद उसने अपनी चूत का पानी छोड़ दिया और मैंने उसे अपने हाथ में भर कर चाट लिया. इस बीच मेरा लंड भी जवाब दे गया और मैंने उसकी गांड में ही अपना सारा पानी छोड़ दिया और फिर हम दोनो ढीले पड़ चुके थे. फिर कुछ देर बाद हम दोनों उठे और बाथरूम में जाकर एक दूसरे को साफ किया और फिर में वहाँ से जाने लगा तो उसने मुझसे कहा कि आज तुमने मुझे पूरी तरह से औरत बना दिया है.. क्या तुम दोबारा कभी मेरे पास आना चाहोगे? तो मैंने कहा कि क्यों नहीं और मैंने उसे अपना फोन नम्बर दिया और वहाँ से आ गया. आते टाईम मैंने उसकी आँखो में आँसू देखे पर वो ख़ुशी के आँसू थे.