मेरी गरम लंड की भूखी थी ओ

antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम पंकज है और में पंजाब का रहने वाला हूँ और यह मेरी पहली कहानी है। मेरी उम्र 22 साल है और में इस साईट पर बहुत समय से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और मुझे यह कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और आज मे अपनी भी एक सच्ची कहानी लेकर आप सभी के सामने आया हूँ।

दोस्तों मेरे भैया दुबई में रहते थे और वहीं पर ही एक प्राईवेट कम्पनी में नौकरी करते थे और वो शादीशुदा भी है और उनको बहुत कम छुट्टियाँ मिलने की वजह से वो एक दो साल में कभी कभी घर पर आते थे। मेरी भाभी जिसका नाम आरती है.. वो हमारे घर से थोड़ी दूरी पर ही रहती है और यह बात तब की है.. जब में 19 साल का था। मेरी भाभी बहुत सुंदर थी.. उनका रंग गोरा और फिगर 36-32-30 था लेकिन वो सेक्स की बहुत भूखी थी.. क्योंकि उनका पति तो उनसे बहुत दूर रहता था।

दोस्तों मेरे घरवाले मुझे रोज रात को सोने के लिए उनके घर पर भेज देते थे और में भी वहाँ पर बहुत ज्यादा खुश रहता था.. क्योंकि वहाँ पर हमारे अलावा कोई नहीं होता था और मुझे मेरी पढ़ाई करने में कोई भी रुकावट नहीं होती थी तो में अपनी किताबे लेकर वहाँ पर शाम को चला जाता और हम रात को अलग अलग कमरों में सोते थे और फिर ऐसे कई महीने गुज़र गए। फिर एक दिन मैंने भाभी से कहा कि मुझे भी एक मोबाईल लेना है तो उन्होंने दूसरे ही दिन मुझे बाजार से एक नया मोबाईल लाकर दिया और में उसे लेकर बहुत खुश था और मैंने उसमे बहुत सारी ब्लूफिल्म डाल रखी थी और में हर रात को ब्लूफिल्म देखकर मुठ मारा करता था।

फिर अगली रात को भाभी ने मुझसे कहा कि तुम रात को मेरे साथ सोया करो.. मेरा भी दिल लगा रहेगा। फिर हम साथ सोने चले गए और में हर रात को पहले पढ़ाई करता और फिर एक बेड पर बातें करते करते सो जाता और ऐसे ही कुछ समय बीत गया तो रात को गहरी नींद में मैंने अपना एक हाथ भाभी के बूब्स पर रख दिया और जब मुझे नींद में उनके बड़े बड़े बूब्स का अहसास हुआ तो मैंने अपना हाथ झट से हटा लिया लेकिन भाभी को सब कुछ पता होते हुए भी उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं कहा और फिर में सब कुछ भूलकर सोने की कोशिश करने लगा।

कुछ देर बाद मुझे नींद आने लगी ही थी कि भाभी ने मेरे लंड को निक्कर के ऊपर से अपना एक हाथ रखकर सहलाना शुरू किया और में उस समय सोने का नाटक कर रहा था। फिर ऐसा उन्होंने बहुत देर तक किया और जब उन्हे लगा कि में सो चुका हूँ तो उनकी हिम्मत ओर बड़ गई और उन्होंने मुझे सोया हुआ समझकर मेरे लंड को आराम से निक्कर से बाहर निकाला और चूसने लगी। फिर जब मेरी आंख खुली तो मैंने देखा कि आरती भाभी मेरा लंड बड़े अच्छे से चूस रही है।

पहले तो मुझे बहुत अच्छा लगा.. क्योंकि किसी ने आज तक मेरा लंड कभी नहीं चूसा था और किसी से पहली बार लंड को चूसवाने में बड़ा आनंद आ रहा था। मैंने कई बार ब्लूफिल्म में ऐसा करते हुए तो देखा था लेकिन ऐसा कभी मेरे साथ भी होगा.. मैंने सोचा नहीं था और में बहुत खुश तो था लेकिन में डर गया और फिर आंख बंद करके सो गया तो दो तीन दिन तक ऐसा ही चलता रहा.. वो हर रात मेरे सोने का इंतजार करती और मेरे सोने के बाद लंड को चूसने लगती।

दोस्तों तब मुझे सेक्स के बारे में इतना कुछ पता नहीं था.. मैंने मोबाईल पर ही सिर्फ़ ब्लूफिल्म देखी थी। फिर मैंने उनके हर रात मुझे ऐसे ही परेशान करने की वजह से उनके घर पर जाना बंद कर दिया और करना ही था.. क्योंकि एक तो मुझे डर था और दूसरा वो मेरी भाभी है और तीसरा मुझे अपनी इज्जत भी बचानी थी।

फिर एक दिन आरती भाभी हमारे घर पर आई और मेरी मम्मी से बोली कि आप पंकज को घर पर सोने के लिए क्यों नहीं भेजते। तब मम्मी ने कहा कि हमने तो कभी उसे नहीं रोका.. आप खुद ही उससे पूछ लो। तब आरती ने मुझसे कहा कि तुम आज कल मेरे घर पर आते क्यों नहीं और अगर तुम कल नहीं आए तो में उनको मोबाईल के बारे में बता दूंगी कि तुमने मोबाईल कहाँ से लिया है। जो कि आरती ने मुझे खरीद के लाकर दिया था तो वो मुझे यह कहकर चली गई और में बहुत डर गया.. !

में दूसरे दिन रात को उनके घर पर गया और वहाँ पर होना क्या था। फिर रात को वही सब कुछ में देखता रहा और एक रात जब वो मेरे लंड को चूस रही थी.. तब में उठ गया और मैंने कहा कि यह सब ठीक नहीं है तो आरती ने कहा कि एक तो तुम्हारे भैया यहाँ पर नहीं है और ऊपर से यह भूख.. अब मुझसे रहा नहीं जाता है। फिर मैंने कहा कि मुझे यह मोबाईल बेचकर दूसरा मोबाइल लेना है.. आप मुझे और पैसे दोगी। तब आरती ने कहा कि लेकिन में जैसा कहूँ तुम्हे वैसा ही करना होगा।

तो मैंने हाँ कर दी और फिर क्या था। आरती ने मेरे सामने ही अपने पूरे कपड़े उतार दिए और मेरे भी.. दोस्तों उसके बूब्स बहुत बड़े थे और फिर से वो मेरे लंड को चूसने लगी। फिर में उनके बूब्स को हाथ से मसलने लगा और उन्होंने मेरा पूरा लंड अपने मुहं में ले लिया.. तब मेरा लंड 5.5 इंच का था। फिर उन्होंने मुझे अपनी चूत चाटने को कहा और में चाटने लगा और 12-13 मिनट के बाद आरती ने अपना सारा पानी मेरे मुहं में छोड़ दिया उसकी चूत का पानी नमकीन था और में उसे पी गया।

फिर आरती ने कहा कि अब ज्यादा देर मत करो और मेरी प्यास बुझाओ तो मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंघे पर रखकर अपना लंड चूत के ऊपर रख दिया और आरती ने अपने हाथ से थोड़ा सा लंड को अपनी चूत के अंदर किया और सिसकियां भरने लगी उह्ह्ह आईईईइ कितने दिनों के बाद कोई लंड चूत में गया है।

फिर में लंड को धीरे-धीरे अंदर बाहर करने लगा लेकिन उनकी चूत बहुत टाईट थी.. जिससे मुझे भी लंड को घुसाने में थोड़ा बहुत दर्द हो रहा था और शायद वो बहुत दिनों से चुदी नहीं थी.. इसलिए मेरा लंड रगड़ता हुआ अंदर बाहर हो रहा था.. सच कहूँ में तो उस वक़्त जन्नत में था। फिर आरती ने अपनी पोजिशन बदली और वो डोगी स्टाईल में हो गई और में उनके पीछे जाकर लंड को चूत में डालकर चोदने लगा और वो सिसकियां भरती रही आहह उफफफफफफ्फ़ हाँ और ज़ोर से धक्के दो.. वाह आज तो मज़ा आ गया तो में ज़ोर-ज़ोर से अपने लंड को धक्के लगाता रहा और वो मचलती रही।

फिर मैंने उसे अपने ऊपर बैठने को कहा और वो उठकर मेरे ऊपर आ गई.. उसकी नरम गांड मेरे ऊपर ऐसे उछल रही थी जैसे कोई स्प्रिंग बंद होकर खुलता है और वो ज़ोर-ज़ोर से ऊपर नीचे हो रही और वो इस बीच दो बार झड़ चुकी थी.. मैंने उसकी चूत के पानी से चिकनाई को महसूस किया था। फिर उसके कुछ देर बाद ही में भी झड़ने वाला था और मैंने आरती से कहा कि अब मेरा भी निकलने वाला है और यह बात सुनते ही आरती ने मेरे लंड को अपनी चूत से बाहर निकालकर अपने मुहं में ले लिया और लंड को चूसने लगी। फिर में उसके मुहं में पूरे जोश से धक्के देने लगा और कुछ धक्को के बाद ही उसके मुहं में ही झड़ गया और वो मेरे लंड से निकले हुए वीर्य को पी गई और लंड को चाटकर साफ कर दिया। दोस्तों उसके बाद में थककर लेट गया और आराम करने लगा.. वो भी मेरे पास ही लेटी हुई थी और उस रात मैंने उसे तीन बार चोदा।

दोस्तों लेकिन अब में 22 साल का हूँ और अब में उसे हर कभी चोदता हूँ.. भाभी के दो बच्चे है और जब दोनों बच्चे स्कूल गये होते है.. तब में दिन में अपनी गर्लफ्रेंड को आरती भाभी के घर पर लाकर चोदता हूँ और रात को आरती भाभी को चोदता हूँ।