मेरी प्यारी बुर रानी सीमा आंटी

antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex हाय ऑल रीडर्स, मैं सोनू हूँ मैं मुंबई मैं रहता हूँ और मैने इंजिनियरिंग की है मैं 24 साल का हूँ और मैं इस साइट का बहुत बड़ा फेन हूँ मैने इस साइट पर बहुत सारी स्टोरी पढ़ी है मुझे पता नही की उन सब स्टोरी मे से कितनी स्टोरी सच है। पर मैं आज मेरी सच्ची स्टोरी आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ मैं मुंबई मे रहता हूँ और सामान्य दिखने वाला लड़का हूँ मैने सेक्स के बारे मे सुना और देखा बहुत था पर कभी करने का मौका नही मिला तो मैं अब डाइरेक्ट स्टोरी पर आ जाता हूँ। मैं मुंबई मे मेरे परिवार के साथ रहता हूँ जब यह घटना हुई तब मेरी उम्र 22 साल थी। जिस बिल्डिंग मे मैं रहता था उसी बिल्डिंग मे 3 साल पहले एक नया परिवार रहने आया। उस परिवार मे 1 कपल और उनके दो बच्चे थे और उस पति के माता-पिता पर इस स्टोरी का मेन किरदार उसकी बीवी जिसका नाम सीमा था.
मैने जब पहली बार उसे देखा तो देखता ही रह गया उसकी हाइट कम थी। रंग एकदम गोरा था थोड़ी भरी हुई थी छोटे-छोटे बूब्स थे और उसकी गांड बड़ी थी। मैने जब उसे पहली बार देखा तो मेरा लंड मेरी जीन्स के अंदर खड़ा हो गया पर मुझे मालूम था की इसके सामने मेरा कुछ नही होने वाला है वो बहुत सुंदर थी अब मैं उसके बारे मे सोचने लगा था और उसको सोच सोच के मूठ मारने लगा था। मुझे मालूम था कि ऐसा करके कुछ होने वाला नही है और मैं कुछ कर भी नही सकता था। वो जब भी मार्केट जाने के लिए बाहर आती तो मैं उसे घूरने लगता था पर वो किसी की तरफ नही देखती थी। वो अपना सर नीचे करके ही चलती थी।
ऐसे ही दिन बीतते जा रहे थे और मैं सिर्फ़ उसके बारे मे सोच के मूठ मारता था। बहुत दिनो के बाद एक दिन मैं मेरे दोस्त के साथ मेरी बिल्डिंग के नीचे खड़ा था और थोड़ी देर बाद सीमा उसके लड़के के साथ मार्केट जाने के लिए बाहर आई तो मैं उसकी तरफ देखने लगा पर जो हुआ वो देख के मे एकदम हैरान हो गया वो जब हमारे बाजू से निकल गयी तभी उसने मेरे दोस्त को एक हल्की सी स्माइल दी मैने सोचा कुछ तो गड़बड़ है। पर मुझे लगा कि मेरा अनुमान भी गलत हो सकता है क्योकी वो किसी के साथ बात नही करती थी तो मेरे दोस्त को क्यों स्माइल देगी। फिर ऐसे ही दिन जाने लगे और फिर एक दिन ऐसे ही हुआ वो जब मार्केट जा रही थी तभी उसने मेरे दोस्त को एक और बार हल्की सी स्माइल दी इससे मेरा शक़ और गहरा हो गया पर मैं उसे डाइरेक्ट पूछ नही सकता था पर मैने ऐसे ही उसे कह दिया अच्छी आइटम पटाई है तो उसने ऐसे दिखाया की वो कुछ नही जानता और मुझसे पूछने लगा कौन सी आइटम? तो मैने भी कुछ नही कहा मुझे उस पर शक़ तो हो रहा था पर मैं साबित कैसे करूँ ये सवाल मेरे मन मे था और उससे भी ज़्यादा जरुरी सवाल ये था की अगर मैने साबित किया तो उससे मुझे क्या फायदा होने वाला था फिर एक दिन सीमा ऐसे ही मार्केट जाने के लिए बाहर आई और मेरा दोस्त भी मेरे साथ था। हम लोग ऐसे ही बाते कर रहे थे और सीमा हमारे बाजू से निकल गयी और मार्केट मे कही चली गयी.
थोड़ी देर मे मेरे दोस्त का मोबाइल बजने लगा उसने मोबाइल पर बात करना शुरू किया और वो थोड़ी दूर जा कर बात करने लगा मुझे थोड़ा शक आया की ये ऐसा क्यों कर रहा है मोबाइल पर बात करनी है तो यहाँ पर भी कर सकता है। तो मैं वहां से निकला और मार्केट मे घुस गया और थोड़ा अंदर जा कर देखा तो सीमा एक पी.सी.ओ के फोन से बात कर रही थी उसी वक़्त मेरा शक़ यकीन मे बदल गया अब मैं जानता था की मेरे दोस्त ने सीमा को पटा लिया है और उन दोनो का चक्कर कई दिनो से चल रहा है अब मैं सीमा से बात करने के लिए प्लान बनाने लग गया। क्योंकी मुझे मालूम था अगर वो शादीशुदा हो कर मेरे दोस्त के साथ अफेयर चला सकती है तो वो मेरे साथ भी अफेयर कर सकती है। आख़िर उसे भी लंड की ही ज़रूरत है। और वैसे भी उसका पति थोड़ा कमजोर दिखता था पर मुझे कोई भी प्लान अच्छा नही लग रहा था क्योंकी वो ज्यादा बाहर नही आती थी तो अब मैं सोचने लगा की क्या करूँ? पर मुझे कुछ नही समझ आ रहा था.
एक दिन मैं और मेरा दोस्त बिल्डिंग के नीचे ऐसे ही बात करने के लिए खड़े थे तो मेरे दिमाग़ मे एक ख्याल आया की अगर सीमा के पास मोबाइल होगा तो मेरे दोस्त के पास उसका नंबर ज़रूर होगा पर बाद मे फिर ख्याल आया की अगर उसके पास मोबाइल रहता तो वो पी.सी.ओं से क्यों कॉल करती थी? पर मुझे कुछ समझ नही आ रहा था। तो मैं मेरे दोस्त को बोला की तेरा मोबाइल दिखा तेरे मोबाइल से गाने लेने है ब्लूटूथ से उसने भी मुझे उसका मोबाइल निकाल के दे दिया जैसे ही उसने मुझे मोबाइल दिया.
मैने सीमा के नाम का नाम सर्च करना शुरू किया और मुझे एक सीमा नाम मिल गया पर मुझे लगा अगर ये नंबर दोस्त के किसी फ्रेंड का होगा तो क्योंकी सीमा नाम की एक लड़की तो हो नही सकती पर मैने और एक चान्स लिया और उसके मेसेज पढ़ने शुरू किए जैसे ही मैने सीमा का मेसेज खोला मुझे पूरा यकीन हुआ की ये नंबर उसी सीमा का है। मैं वो मेसेज पढ़ के हैरान ही हो गया मेसेज मैं लिखा था जानू हम फिर कब मिलेंगे। मुझे तुम्हारे लंड को किस करना है। और अब मुझे पूरी तरह से विशवास था की उनके बीच कुछ चल रहा है और मैने सीमा का नंबर झट से मेरे मोबाइल मे डायल कर दिया और दोस्त को उसका मोबाइल देते हुए कहा तेरे मोबाइल मे एक भी अच्छा गाना नही है और अब मे सोचने लग गया की आगे क्या करे?
अगले दिन जब मैं कॉलेज जा रहा था तो मैने सोचा क्यों ना एक बार उसे कॉल करके देख लिया जाए और मैने आगे का कुछ नही सोचा और झट से उस नंबर पर कॉल कर दिया जैसे ही उसकी रिंग बजने लगी मैं सोचने लगा की अगर उसने कॉल रिसीव किया तो मैं क्या बोलूँगा? और अगर घर के किसी और ने कॉल रिसीव किया तो क्या बोलूँगा? ऐसे सोच के मैने कॉल कट कर दिया और सोचते सोचते कॉलेज पहुँच गया और थोड़ी ही देर मे मेरे मोबाइल पर कॉल आया और मे देख के हैरान हो गया की सीमा के नंबर से ही कॉल है पर वो कॉल नही था। उसने मिस्ड कॉल दिया था। मुझे डर भी लगने लगा था क्योंकी मुझे लगा की मेरा मिस्ड कॉल देख के अगर उसके पति ने कॉल किया होगा तो?
फिर मैने हिम्मत करके उसे फिर कॉल किया और इस बार उसने झट से मेरा कॉल रिसीव किया और वहा से एक सॉफ्ट सॉफ्ट आवाज़ से किसी ने हेलो बोला उसकी सॉफ्ट आवाज़ सुन के ही मेरा 7 इंच का लंड मेरी पेंट मे खड़ा हो गया पर मैं कॉलेज मे था इसलिये मैं मेरे क्लासरूम से बाहर आया और एक कोने मे जा के खड़ा हो गया और फिर वो पूछने लगी की आपके मोबाइल से मिस्ड कॉल आया था। उस पर मैं क्या जवाब दूँ ये सोच ही रहा था तो मेरे मुँह मे आ गया की आपके मोबाइल से पहले मिस्ड कॉल आया था इसलिये मैने मिस्ड कॉल दिया.
सीमा – हेलो, आपने मिस्ड कॉल दिया था इस नंबर पर.
मैं – नही, आपके मोबाइल से पहले मिस्ड कॉल आया था इसलिये मैने आपको मिस्ड कॉल दिया.
सीमा – नही, मैने तो आपको मिस्ड कॉल नही दिया.
अब मेरा लंड बहुत टाइट हो गया था उसकी आवाज़ सुन के
मैं – पर अगर आपने मिस्ड कॉल नही दिया तो मैं कैसे डाइरेक्ट आपके नंबर पर कॉल कर सकता हूँ मैं तो आपको पहचानता तक नही.
सीमा – अच्छा! तो बच्चो ने खेलते खेलते आपको लग गया होगा.
अब मैने थोड़ी हिम्मत की और थोड़ा उसे फ्लर्ट करने के लिए बोला की
मैं – बच्चे?, किसके बच्चे?
सीमा – मेरे बच्चे.
मैने अब थोड़ी और हिम्मत की और कह दिया.
मैं – आपकी आवाज़ तो एक जवान लड़की की तरह लग रही है और आप कह रहे है की आपको बच्चे है.
(वो हंस पड़ी)
सीमा – हाँ! मेरे 2 बच्चे है.
मैं – झूठ मत बोलो.
सीमा – मैं क्यों झूठ बोलूँगी.
फिर मैने उसका नाम पूछा, उसने भी मेरा नाम पूछा और वो पूछने लगी क्या करते हो तुम? तो मैने मेरे बारे मे सब बता दिया पर ये नही बताया की मैं उसकी बिल्डिंग मे रहता हूँ मैने उससे पूछा की आप कहा रहते हो तो उसने उसका एड्रेस बता दिया और थोड़ी देर मे वो बोलने लगी की मुझे काम है मैं काम करने जा रही हूँ तो मैने उससे पूछा की क्या मैं फिर आपको कॉल कर सकता हूँ क्या? उसने कहा “हाँ’ पर जब मैं मिस्ड कॉल दूँगी तभी करना अब हम लोग रोज बाते करने लगे थे और अब हम बहुत पास थे। वो मेरे बारे मे सब पूछती थी कि मेरे कोई गर्लफ्रेंड है क्या? तो मैने कहा नहीं अभी तक तो नहीं पर ढूँढ रहा हूँ.
फिर ऐसे हमारी बात शुरू हो गयी फिर थोड़े दिनो के बाद मैने अपना एड्रेस भी बता दिया मुझे लगा की वो गुस्सा होगी पर उसने कुछ नही कहा और एक दिन मैने पूछा हम कब मिलेंगे तो वो बोली जब सास-ससुर गावं जायेगे तब मैं तुम्हे बुला लूँगी दिन ऐसे ही बीतते जा रहे थे। हम सिर्फ़ फोन पर ही बातें कर रहे थे मुझे और आगे जाना था और उसे चोदना था पर मौका ही नही मिल रहा था क्योंकी उसके सास-ससुर वही रहते थे और वो गावं जाने का नाम ही नही रहे थे। 2-4 महीने ऐसे ही निकल गये और मुझे कुछ करने का मौका ही नही मिला सिर्फ़ फोन पर ही बाते कर रहा था। अब पहले जैसे मेरा लंड उसकी आवाज़ सुन कर खड़ा होता था अब उससे कुछ फर्क नही पड़ रहा था। अब मेरे लंड को उसकी चूत मे जाने का मन कर रहा था और कुछ ही दिनो के बाद उसने कहा की अगले हफ्ते उसके सास-ससुर गावं जाने वाले है.
अब मैं बहुत खुश था मुझे लगा की अब कुछ तो करने का मौका मिलेगा अगले हफ्ते जिस दिन उसके सास-ससुर गावं गये उसी दिन उसका कॉल आया और उसने कहा की दोपहर को आप घर आ सकते है क्योंकी 6 बजे उसके पति काम से आते है पर मैं कॉलेज मे था और मैने कहा आज मैं नही आ सकता मैने एक दिन वेस्ट कर दिया। दूसरे दिन उसने फिर से कॉल किया और बोला की आज आ सकते हो क्या मैने कहा हाँ आज तो ज़रूर आऊंगा मैं दोपहर मे 1 बजे कॉलेज से निकला और 2 बजे तक घर पहुँचा और घर जाते जाते एक मेडिकल मे गया और एक कन्डोम का पैकेट ले आया और मैं पहले मेरे घर पर चला गया और मेरी बैग रख दिया और माँ को कहा की मैं थोड़ी देर मे वापस आता हूँ और नीचे जाने का नाटक करने लगा क्योंकी उसका घर मेरे फ्लोर से एक फ्लोर ऊपर था.
फिर मैं धीरे धीरे ऊपर के फ्लोर पर चला गया और मैने हल्के से उसकी बेल बजाई और जैसे ही उसने दरवाज़ा खोला मैं उसे देखते ही मेरा लंड फिर से टाइट हो गया उसने गाउन पहना था और गाउन थोड़ा टाइट था उसके बूब्स छोटे छोटे थे पर वो बहुत खूबसूरत दिख रही थी आहह मेरा लंड मेरी पेंट से बाहर आने को बेचैन था। उसने मुझे बैठने को कहा और बोली क्या लोगे चाय या कॉफी मैने मन मे ही कहा की तुझे चोदना है सिर्फ़ और कुछ नही मैने कहा कुछ नही पर उसने मुझे पानी ला के दे दिया मैने पानी पीया और ग्लास उसको दे दिया। थोड़ी देर हम बात करने लगे और मैने कहा मेरे बाजू मे आ कर बैठो ना और वो मेरे बाजू मे आ कर बैठ गयी और मैने उससे कहा की आप बहुत खूबसूरत हो और मैने एक हाथ से मेरा खड़ा हुआ लंड छुपाने की कोशिश की क्योकी आगे कुछ बढ़ नही रहा था.
फिर मैने उनसे कहा की मैं आपको एक सवाल पूछता हूँ आप उसका जवाब दे दो। मैने यहाँ वहाँ देखा और बोला आपके पास खाली पेज नहीं है क्या और वो कुछ बोलने वाली थी। तभी मैने कहा जाने दो आपका हाथ ही दे दो ऐसा बोल के मैने उसका हाथ झट से अपने लेफ्ट हाथ से पकड़ा। जैसे ही मैने उसका हाथ अपने हाथ मैं लिया मेरा लंड मेरी पेंट से बाहर आने को उछलने लगा मैं एकदम गर्म हो गया और अपनी उंगली से उसके हाथ पर लकीर खींच दी और कहा ये एक नदी है और उसके एक बाजू मे एक शेर है उसे नदी के उस पार जाना है कैसे जायेगा? वो सोचने लगी और थोड़ी देर बाद वो बोली मुझे नही मालूम तो मैने भी कह दिया मुझे भी कहाँ मालूम है मुझे तो सिर्फ़ आपका हाथ पकड़ना था। ऐसा बोल कर मैने उसे अपनी बाहों मे लेने की कोशिश की लेकिन वो थोड़ी मोटी थी पर उसके बालो से बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी.
मैने कस के उसको बाहों मे पकड़ लिया वो खुद को छुड़ा कर दूसरी जगह बैठ गयी। पर मेरा लंड अब तड़पने लगा था। मैने कहा सिर्फ़ एक बार मेरी बाहों मे आ जाओ फिर मैं चला जाऊंगा फिर मैने उसे ज़बरदस्ती अपनी बाहों मे ले लिया और उसकी गर्दन को चूमने लगा थोड़ी ही देर मे वो सिसकियां लेने लगी अहम्म,आअहह, आहमम्म्म, आह अब मुझे पता चला की वो भी अब मज़ा लेने लग गयी है तो मैं अब उसके पीछे बाजू में खड़ा हो गया और मेरा लंड उसकी गांड को दबाते हुए मैने एक हाथ उसके गाउन मे डाला और उसके एक बूब्स को पकड़ लिया। क्या बूब्स था उसका ओह छोटा बूब्स था और कड़क था मैने उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से मसलना शुरू किया और उसकी गर्दन पर चूमने लगा.
थोड़ी देर मे मैने उसका निप्पल अपनी 2 उंगलियो मे पकड़ के मसलने लगा वो फिर सिसकियां लेने लग गयी आआअहह ओह म्ह, “धीरे करो” और फिर मैं उसके सामने आ गया और उसके गाउन का एक बटन खोला और उसकी ब्रा से एक बूब्स बाहर निकाल के मैंने उसे चूसना शुरू कर दिया जैसे ही मैने उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियां लेने लग गयी मैं उसका एक बूब्स चूस रहा था और मैने मेरा एक हाथ उसकी चूत पर रख दिया और उसकी चूत को मसलना शुरू कर दिया अब वो गर्म हो गयी थी वो मेरी पीठ पर हाथ घुमा रही थी थोड़ी देर मे मैने उसको बेड पर लेटा दिया और मैने मेरी पेंट उतार दी और मेरा अंडरवेयर भी निकाल दिया अब मैं सिर्फ़ शर्ट मे ही था। फिर मैं उसके उपर चढ़ गया और उसके लिप्स पर एक क़िस किया और मेरी जुबान उसके मुँह मे डाल दी। दोस्तों ये कहानी लिखते लिखते मेरे हाथ में दर्द होने लग गया है। जिससे कारण बाकी की स्टोरी मे अगली बार मे लिखूंगा। मुझे आशा है की आपको मेरी यहाँ तक की यह कहानी जरुर पसंद आई होगी.