साड़ी की दुकान में आंटी की मस्ती

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में मुंबई में सबअर्ब में रहता हु. मेरी उम्र उस समय २७ साल की थी. और मेरी अभी तक शादी नहीं हुई थी. हमारे एक मारवाड़ी घराने से काफी अच्छे सम्बन्ध थे. इस परिवार में आंटी अंकल और उनके दो बेटे थे. जो २२ और १९ सालके थे उस समय वो लोग उनके बड़े बेटे यानी की मनोज के लिए लड़की ढूंढते थे. जो की अच्छी कम्पनी में काम करता था दिख ने में कोई ख़ास नहीं पर इतना बुरा भी नहीं था.

उसी साल उनको मुलुंड से एक अच्छे परिवार से रिश्ता आया लड़का लड़की दोनों ने एक दुसरे को पसंद भी किया मेने भी लड़की को शादी नक्की करने से पहले देखा और लड़की थी भी दिखने में काफी सुन्दर फैर स्वीट, mcom ग्रेज्युएट . फ्रॉम n.m. कॉलेज और चेहरे में इतनी मिठास की किसी का भी दील आ जाए एक ही जलक में मेने जेसे ही लड़की को मिला देखा मेरी तो हालत ही ख़राब हो गयी, हमारा उनके परिवार से कुछ नाता ही एसा था की चोदना तो दूर मगर आँख मारने की भी नहीं सोच सकते उसी महीने में दोनों की शादी तैय हो गयी और १५ दिन के बाद शादी का मुहूर्त निकला तो आंटी मेरे पास आई और कहने लगी की तुजे अबसे रोज हमारे घर पे ही रहना हे जब तक शादी पूरी नहीं हो जाती और मने भी हां कह दिया रुकने के लिए.

ओह एक बात में आपसे कहना भूल गया. की आंटी को भी कोई खास उम्र नहीं थी तक़रीबन ४४ एयर्स की थी उस समय और दिखने में बिलकुल किसी का भी लंड खड़ा कर देवे वेसी थी खेर दुसरे ही दिन में उनके घर पे पहोच गया.

कपडे वगेरा लेकर उनका ३ bhk का फ्लैट था मुंबई सुबुर्ब में अच्छी सोसायटी में मेरे घर पर पहोचते ही आंटी ने कहा चलो काम का लिस्ट तो मेने बना लिया हे दुल्हन के कपडे के लिए भी तुम्ही को मेरे साथ चलना हे क्यू की अंकल शादी के दुसरे काम काज में काफी बीजी रहेंगे मेने कहा ठीक हे जेसे आप कहो पर मन में तो खुस हुआ की दुल्हन के कपडे की पसंद में करूँगा. फिर आंटी ने कहा चलो बोरीवली में कलानिकेतन हे पहले वाही चलते हे मेने कहा आंटी ठीक हे केसे जायेंगे तो बोले की हम ऑटो कर लेंगे में और भी खुस हुआ की चलो ट्राफिक में ड्राइव करने से बचे और ऑटो बेठ कर जाने में आजू बाजू में बहुत अच्छी आइटम देखने को मिल जाती हे और फिर हम निकल पड़े आंटी ने ब्लू कलर की साडी पहनी थी वेसे ही जेसे मारवाड़ी मुस्किल छे चूत देख के पेहेनते हे हम पहोंचे की कलानिकेतन में तक़रीबन दोपहर के १२ बज चुके थे.

जाते ही पहले आंटी ने काउंटर पर कहा की हमें वेडिंग पुर्चेज करनी हे, तो उनके मनेजर ने काफी अच्छी दो क्लॉथ को हमारे पास भेज दिया और कहा की ह तुम दोनों को अब इन का ही ख्याल रखना हे जब तक इब्की शोपिंग पूरी नहीं हो जाती ठीक हे सर कह के उन दोनों हमें साइड वाले रूम में ले गयी जहा खाली हम लोग ही साड़ी देख सके सेल्स गर्ल ठीक ही थी दिखने में एसा लग रहा था की उनका बॉस उनको पूरा दिन चोदता ही रहा होगा. खेर आंटी ने साडी देखने का सुरु कर दिया. और मेने सेल्स गर्ल को देखते देखते ही देखता आंटी आंटी ने तक़रीबन ५०/६० साडी साइड में रख्वादी. में तो उप सेट हो गया की १ घंटे में सारी शोपिंग हो गयी तो मेरे लंड को क्या घंटा मिलेगा..? उतने में आंटी ने कहा की पहले इस साड़ियो को पहन कर दिखाओ.

ताकि परफेक्ट सिलेक्सन आ जावे. और फिर सेल्स गर्ल ने बारी बारी अपने पहने हुए कपडे के ऊपर से साडी की तरह पहन कर दिखाना चालू किया. आंटी ने मुझे पूछा की केसी लग रही हे. साडी मेने कहा अब कपडे के ऊपर पहना हुआ देख कर केसे जजमेंट मिलेगा..? आंटी ने भी कहा यार बात तो सही हे. इसमें समज में मुझे भी नहीं आ रहा हे. तब उन्होंने सेल्स गर्ल से कहा की हम इस तरह सारी जज करने में तकलीफ हो रही हे, कोई उपाय हे तो सेल्स गर्ल ने कहा की बहोत से लोगो को ये प्रॉब्लम होती हे. हमारे पास यहीं बिल्डिंग मेंऊपर एक फ्लैट हे और वह जाते ही मेने कहा वह जाकर क्या होगा..? सेल्स गर्ल ने कहा डिअर पहले ऊपर तो चलो उसे समज में आ गया था की मुझे कुछ मज़ा दिखाने से ही उनका माल बिकेगा उसके डिअर कहते ही आंटी ने मेरी जांग के निचे और घुटी के ऊपर हल्का सा हाथ रखा की जेसे मुझे कह रहि हो तुम्हारा काम बन जाएगा और फिर हम लिफ्ट के लिए चल पड़े.

उपर ३ rd फ्लोर पे रूम था रूम क्या १bhk का फ्लैट ही था और बढ़िया सा रेनोवेट किया हुवा a/cके साथ आंटी जगह देखते ही खुस हुई और स.ग.कहने लगी के ये हुई न कुछ बात चलो अब आराम से देखेंगे मेने भी कहा हा ठीक हे अब बेडरूम खोलते ही स.ग.ने सार्री साडी एक सोफे पे रखी और कहा की अब में आपको १ के बाद एक पहन कर दिखाती हूँ मेने भी पुछा केसे पहनोगी क्या तुम्हारे पास ब्लोजे और पेटी कोट हे..? तो स.ग. ने कहा यहाँ उसकी कोई जरुरत नहीं हे.

में चक्कर में पद गया की वो क्या करने जा रही हे. उतने में उसने अपनी सलवार कमीज से कमीज़ उतार दी और सिर्फ ब्रा में रह गयी थी वो और में सरमाने लगा तो स.ग.ने कहा सरमाये मत ये आप के लिए १ सर्विस ही हे. जिससे आपको चॉइस अच्छी मिले. और लोग आपको कहे की क्या सिलेक्सन किया हे. आप दोनों ने तो आंटी जिद पे चढ़ गयी और कहा हां ठीक ही तो कह रही हे हमारा भी नाम होना चाहिए.

दुल्हन वालो के घर पर इतना सुनते स.ग. टिप्स देने लगी की देखिये ये तो मेने ब्रा पहनी हुई वो ब्लैक कलर की हे तो आप यही समज के ये मेरा कहकर उसने अपने हाथ से अपनी ब्रा को ठीक किया.एसा मन कर रहा था की जाके उसको कह दू की ठीक हे सब साडी पेक कर दो और मुझे चोदने दे दो आंटी. ने कहा ठीक हे मगर पेटी कोट का क्या करोगी..? तो उसने अपनी सलवार खोलते नंगी (सिर्फ पेंटी यार नोट फुल नेकेड) होते हुए कहा आंटी इएकी जरुरत नही. हमें ट्रेनिंग दिया गया हे की बिना पेटी कोट के साडी पहन के दिखने का मुझे क्या क्या सूजी मेने आंटी से कह दिया ठीक हे आंटी आप भी सिख लेना कभी काम आएगा. आंटी ने कहा चल पगले कुछ भी बोलता हे थैंक गोद सी इस नोट अंगरी. फिर सिलसिला चालू हुआ मेरा ध्यान तो सेल्स गर्ल के नंगा बदन देखने में था और मेरा खड़ा लंड छुपाने में ही था. और सोच रहा था की में केसे नेरी किफे की पहली चूत के दीदार कर सकू.

वोह साडी पहन ने लगी और आंटी मुझे पूछने लगी और में भी स.ग. का नंगा बदन देखते देखते हा हा करने लगा. अब ठीक वो १० साडी पहन चुकी थी. और मेने सब में आंटी को हामी भर दी. की हा ठीक हे अब आंटी का ध्यान शायद चला गया था की में स.ग. को देखते ही हामी भर देता था. फिर आंटी ने मुझे नजदीक खीच के कहा की स.ग. को देखने की मज़ा बाद में तुम्हे दिखा दूंगी. पर पहले अच्छा सिलेक्सन करने में मदद करो.

मेरी तो हालत ही खराब हो गयी और सोचा की आंटी क्या सोच रही होग मेरे बारे में..? अब में भी थोडा सीरियस होक सिलेक्सन करने लगा.मगर मुझे अब लग रहा था की आंटी में थोडा सा चेंज आया हूँ. और सोचने लगा की कही वो स.ग. के बहाने खुद के ही जलवे दिखा देगी. खेर में साडी की सिलेक्सन कर रहा था और कभी कभी आंटी का हाथ मेरे बदन से st जाता था. और जेसे आंटी कह रही हो मेरी चूत खुजलाओ बिच बिच में आंटी उस को कई साड़ी पहनने से रोक देती थी. में कुछ समज नहीं पा रहा था. सोचा शायद आंटी को पसंद नहीं होगी. अब तक हम २० साडिया पसंद कर चुके थे बड़ी दूकान होने की वजह से तकलीफ कम और चॉइस ज्यादा थी.

अब आंटी को क्या सूजी मुझे अपनी और खीचा और पूछा क्या मज़ा लोगे उसका मेने भी भोला बनते हुवे कहा केसा मजा आंटी ने आँख नाचते हुए कहा उसका (स.ग) मज़ा मेने कहा केसा मज़ा तो उन्होंने मेरे लंड की और देख् के मुस्कुराते हुवे कहा की ठीक हे रहने दो मुझे भी क्या सूजी कहा ठीक हे जेसा आप कहे और उसके दस मिनिट के बाद मेने देखा जेसे आंटी पेक अप करने की सोच रही हे और मुझे अपने आप पे बडा गुस्सा आ रहा था. की मेने चांस आज खो दिया. जब की दो दो काम होने की उम्मीद दिखाई दे रही थी.

आखिर मुझसे रहा नहीं गया और आंटी से पूछा आंटी आप कुछ मज़ा करवाने को कह रही थी. तो कराओ न आंटी. आंटी ने भी नाटक करते हुए कहा केसा मज़ा और अपना पल्लू ठीक करने लगी. में बिलकुल बावरा हो गया और उनके पल्लू ठीक करते वक्त उनकी बूब्स की कोट लाइन के दीदार देखते ही मानो मुझे कुछ नसा हो गया. और आंटी से प्लीज् प्लीज् करते मिन्नत करने लगा आंटी को जेसे मेरी दया आ गयी हो की उनकी चूत में खुजली हो रही हो पर आंटी ने मेरे गल पे प्यार से हाथ घुमाते हुए कहाकि रुक जा बेटा कराती हु मज़ा.

में भी सोचने लगा की आंटी अब क्या करेगी खेर अब आंटी ने १ हलके क्रीम कलर की साडी उनको पहननेके लिए कहा और स.ग. को कहा की ये २० सेलेक्ट हो गयी हे उसे साइड पे रख दो जी मदम कह के s.g. ने उस २० साडी को साइड पे रख दिया और क्रीम साडी पहनने लगी. फिर आंटी ने मुझे पूछा केसी लग रही हे..? मुझे भी क्या सूजी मेने कहा कुछ भद्दा लग रहे हो.

आंटी भी मन में मुस्कुराने लगी और समज गयी की मेरा इरादा अब चूत से कम नहीं हे, आंटी ने कहा मुझसे की भद्दा केसे लग रहे हे एक काम करो में तुम्हारी साइड आके देखती हु कह के तुरंत वो मेरी गोद में आके बेठ गयी. और मेरे लंड को छू लिया. आई डोंट नो पर लग रहा था जेसे वो मेरे से भी ज्यादा गरम हो चुकी थी. अब वो s.g. को देखने लगी और अपने सर पे हाथ रख के कहा की बुद्धू ये भद्दा नहीं हे ये उसकी पेंटी हे. मेने भी अनजान बनके कहा की क्या मजाक कर रहे हो. उसने कहा रुको और उसने s.g. को थोडा सा वो पोजीसन में आने को कहा अब सेल्स गर्ल हमारे से तक़रीबन ६ इंच दूर थी मन कर रहा था की उसकी चूत में हाथ डाल दू क्यू की पेटी कोट पहना नहीं था. उतने में आंटी ने कहा नीम तो सच नहीं मन रहा हे. न ले एक काम कर तेरा हाथ आगे ला ,और उठाके उसने मेरा हाथ खीच के उसकी पेंटी पर रख के मेरे हाथ की उसकी चूत में ३ ऊँगली पेंटी के ऊपर से ही अन्दर दल्वादी और मेरी ऊँगली छुते ही जेसे की मिजे गिला पण महसूस हुआ मेने कहा आंटी तुम सच कह रही हो ये उसकी पेंटी ही हे फिर मेने कहा आंटी मेरा हाथ कुछ गिला हो गया हे. आंटी बोली रुक जा बेटे. अब तो बहोत कुछ होना बाकी हे. मेने भी पुछा आंटी क्या होना बाकी हे तो पूछा की यार तू सवाल बहोत करता हे. चुप चाप चोदु बनके मज़ा ले. इर फिर आंटी ने सेल्स गर्ल से कहा यार क्या तुम अपनी पेंटी उतार सकती हो उसने कहा कोई प्रोंलेम नहीं हे.

क्या आप खुद उतार दोगे..? नहीं तो मुझे पहले साडी निकालनी पड़ेगी. तो आंटी ने कहा ठीक हे नीम तुम इसकी पेंटी निकाल दो ना और मेने हां कहते हुए कहा ठीक हे आंटी और में उसकी कमर पकड़ के चड्डी निकालने लगा. और मेने जेसे गलती का नाटक करते मेरा हाथ उसकी पेंटी सरक के उसकी चूत में डाल दिया और उसके महसूस आह निकल गयी, उधर आंटी भी जेसे अपनी चूत खुजला रही हो और में अपने हाथ से बिच वाली ऊँगली उसकी चूत में घुमादी और ना जाने क्या हुआ मेरे हाथ पे जेसे बारिस हुई……………. में डर गया और आंटी की और कभी उसकी और देखने लगा उतने में आंटी ने कहा लेले पेंटी निकाल जल्दी कुछ और साडी भी देखनी हे.