जब कमीना पति मुझे दुसरोंसे चुदाता है

दोस्तों, मेरा नाम अंजिली है मेरे उम्र ४० साल है; मै एक तलाकशुदा औरत हु antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex मेरी शादी के कुछ ही साल बाद मेरा तलाक हो गया था| ऐसा नहीं था, कि मेरे पति अच्छे नहीं थी या मेरी शादीशुदा अच्छी नहीं थी या मेरी सेक्स लाइफ अच्छी नहीं थी | सब कुछ अच्छा था, लेकिन कभी-कभी किसी चीज़ की अति भी अच्छी नहीं होती है | जब मै माँ बनाने वाली थी, तो मुझे पता चला; कि मेरे पति के बाहर की औरतो के साथ नाजायज संभंद थे और मुझे उनसे तलाक लेना पड़ा | मेरे पति एक बहुत ही बड़े वाले ठरकी थी और जब मै पेट सी थी, तो उनकी शारीरिक भूख नहीं मिटा सकती थी, इसलिए उन्होंने बाहर किसी और को ढूंढ़ लिया, अपनी हवस को मिटाने के लिए | मुझे सारी चीज़े मंज़ूर थी, लेकिन मेरे पति का बाहर मुह मरना पसंद नहीं था |

ख़ैर आप, इस बात को छोड़ो | मै आपको अपने और अपने पति के एक सेक्स के व्रतांत के बारे मे बताती हु |जब हमारी शादी हुई थी, तो मै बड़ी खुश थी, क्योकि मुझे बड़ा ही प्यार करने वाला पति मिला था और उसने मेरे दिल की और तन दोनों की भूख मिटा दी थी | रोहित, मेरी पति को सेक्स और संभोग बहुत ही पसंद था और उन्होंने ने मुझे उसकी आदत लगा दी थी | किसी भी लड़की को शादी के बाद क्या चाहती है?, एक बहुत प्यार करने वाला पति और रात को बिस्तर पर गरम मर्द | रोहित को सेक्स मे नए-नए प्रयोग करना पसंद थे और वो कोशिश करते, कि हर रात कुछ नया करे | शादी के तीन साल बाद हमने अपने परिवार को बढाने का निश्चय किया और जब हम डॉक्टर के पास गये, तो उन्होंने हमे मेरी दिनों के बाद १० से १७वे दिन के बीच मे सेक्स करने के लिए कहा | रोहित उन दिनों मुझे मस्त तरीके से चोदते और उन दिनों मे भी रोहित नए प्रयोगों से बाज नहीं आते |एक बार, रोहित बड़े ही मस्त मूंड मे ऑफिस वापस आये और हमने उस दिन जल्दी ही खाना खा लिया और फिर आईसक्रीम खाने चले गये | उस दिन रोहित बड़े ही अच्छे मूंड मे थे और बार-बार मुझे छेड़कर मस्ती कर रहे थे | कभी मेरे नितंभ पर हाथ मारते, कभी उन्हें दबाते, कभी मेरे चूचो को खीचते और कभी मुझे चूम लेते | मुझे लग रहा था, कि आज मेरे साथ या तो कुछ अच्छा होने वाला है या कुछ बहुत ही बुरा |

बरहाल, मुझे भी मज़ा आ रहा था और मै भी मस्ती मे, रोहित का साथ दे रही थी | मै भी कभी रोहित का लंड खीच देती थी और कभी उसकी छाती को घूसा मार देती थी | हम दोनों ही गरम होने लगे थे और जल्दी से जल्दी घर पहुंचना चाहते थे |हमने घर पहुचते ही, दरवाजा बंद कर लिया और एक दुसरे को मस्ती मे चूमने लगे | मै रोहित की छाती को चूम रही थी और रोहित मेरे चुचे मसल रहे थे | फिर, रोहित ने एक काले रंग की पट्टी निकाली और मेरी आँखों पर बाँध दी और मुझे सोफे पर लेजाकर पटक दिया | मै सोफे पर जाकर लेट गयी और रोहित मेरे शरीर पर हाथ फेरने लगे | ये मस्ती की कामक्रीड़ा चल रही थी और मुझे मज़ा आ रहा था | अचानक से मैने, एक जोड़ी हाथो से ज्यादा हाथ अपने शरीर पर महसूस किये | मुझे मज़ा तो आ रहा था, लेकिन मै जानना चाहती थी, कि मेरे साथ क्या हो रहा था? मैने रोहित को आवाज़ दी और उस सब के बारे मे पूछा, तो रोहित ने मेरे कान ने आकर बोला, कि मेरा एक दोस्त है और उसकी बीवी भी पेट से है और उसने काफी दिनों से चुदाई नहीं की है; इसलिए मै उसको अपने घर ले आया | लेकिन, वो सिर्फ आज के लिए आया है |ख़ैर, मुझे मज़ा आ रहा था, क्योकि पहली बार मुझे कोई और रोहित के अलावा चोद रहा था | उसका मेरे शरीर को छुने का अंदाज़ और मुझे महसूस करने का अंदाज़ बहुत ही मस्त था और मेरी चूत मे खुजली होनी शुरू हो गयी थी |

मैने रोहित को बोला, रोहित अब नहीं रुका जा रहा है | रोहित दुसरे लड़के से कुछ बोला और उसने हाथ छोड़कर मेरी चूत पर अपनी जीभ रख दी | उसकी जीभ रोहित की जीभ से लम्बी थी और वो मेरी चूत की घंटी की घंटी को और मेरी चूत की दीवारों को मस्ती मे चाट रहा था | मेरी गांड भी मस्ती मे हिल रही थी | रोहित मेरे चूचो को मसल रहा था और अपनी जीभ से मेरे गुलाबी निप्पलो को चूस रहा था | हम दिन रात संभोग करते थे, लेकिन उस दिन संभोग का नशा कुछ ही और था |मेरी चूत गीली होनी शुरू हो गयी और मेरी चूत ने झटसे अपना जूस रोहित के दोस्त की जीभ पर छोड़ दिया और रोहित के दोस्त ने मेरा पूरा जूस पी लिया और मुझे दुबारा गरम करने लगा | फिर, रोहित ने सारे काम छोड़े और एक तरफ जाकर बैठ गया और उसके दोस्त ने मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ना शुरू कर दिया |

उसकी रगड़ ने मेरी चूत की खुजली को और बढ़ा दिया और मै उससे उसका लंड घुसाने के लिए बोलने लगी | फिर, उसे धीरे-धीरे थोडा दवाब बनाना शुरू कर दिया | मुझे अच्छा लग रहा था, लेकिन उसने एक तेज धक्के के साथ उसका पूरा लंड मेरी चूत मे डाल दिया और जोर से धक्के मारने लगा | मै तो उसके कुछ ही धक्को मे झड गयी, लेकिन वो नहीं रुका और कुछ और तेज धक्को के साथ अपना पूरा वीर्य मेरे अन्दर छोड़ दिया | मेरा शरीर बुरी तरह से टूट चुका था और मै उसी हालत मे सो गयी | सुबह उठी, तो देखा मै सोफे पर नंगी पड़ी हुई थी और रोहित भी मेरे बराबर मे नंगे सोए हुए थे | कोई तीसरे बन्दे का नामोनिशान नहीं था | मुझे लगा, कि कोई रात मे आया होगा और काम खत्म करके चला गया | मुझे आज तक नहीं पता चला, कि वो कौन था?