रसमलाई की तरह चाटा आंटी की चूत

हैल्लो दोस्तों.. में इस साईड का नियमित पाठक हूँ और ये मेरी पहली कहानी है antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex Stories जो में आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ. ये मेरी सच्ची कहानी है. में 25 साल का हूँ और में एक प्राइवेट कम्पनी में इंजिनियर हूँ. मेरे पड़ोस में एक परिवार रहता है.. जिसमे चार लोग है अंकल, आंटी और उनके दो बच्चे. उनका हमारे परिवार के साथ काफ़ी अच्छा रिलेशन है और जो आंटी है.. वो 38 साल की है और उनका नाम भावना है. उनका फिगर 38-30-40 है और वो दिखने में भी काफ़ी सुन्दर है.. पहले मैंने उनके बारे में कभी ग़लत नहीं सोचा था.. लेकिन दो तीन बार जब से मैंने उनको गार्डन में घूमते देखा है.. तब से में उनका दीवाना हो गया हूँ.
तो दोस्तों.. एक दिन की बात है.. जब में जॉब से घर आया और घर के साईड में जो झूला है.. में उस पर बैठा था. अचानक मेरी नज़र पड़ोस वाली आंटी पर पड़ी.. वो गार्डन में झुककर कुछ काम कर रही थी.. उन्होने कुर्ता पहना हुआ था. झुककर काम करने की वजह से उनके स्तन बिल्कुल साफ दिख रहे थे.. क्या बताऊँ आपको. दोस्तों क्या स्तन थे उनके? बड़े बड़े.. में तो देखता ही रहा. इतने में शायद उन्होने मुझे देख लिया था.. लेकिन उन्होने कुछ नहीं कहा.
आंटी को मेरे साथ बात करना अच्छा लगता था.. वो कई बार ऐसे अकेले में मेरे साथ बातें किया करती थी.. लेकिन उस दिन के बाद मेरा तो उन्हे देखने का अंदाज ही बदल गया. अब में बार बार उनसे बातें करने का और उनके स्तन देखने का बहाना देखता रहता था.
ऐसे ही कई दिन बीत गये.. लेकिन एक दिन ऐसा आया कि कुछ अलग होने वाला था. स्कूल में छुट्टियाँ होने के कारण आंटी के बच्चे उनके मामा के यहाँ गये हुये थे और अंकल भी कम्पनी के काम से 3-4 दिन आउट ऑफ टाउन गये थे.. तो उस दिन आंटी मेरे घर आई और मेरी माँ से कहा कि में घर पर अकेली हूँ.. तो 2-3 दिन अजय को मेरे घर सोने भेज दीजिये ना प्लीज.. मुझे अकेले में डर लगता है.. हमारे परिवार में काफ़ी अच्छा रिलेशन था तो माँ ने हाँ कर दी. में जब शाम को जॉब से लोटा..
माँ ने कहा कि आज से 2-3 दिन तक तू आंटी के यहाँ सोने चले जाना. मेरे मन में तो लड्डू फूटने लगे.. में खुश हो गया और रात को खाना खाकर आंटी के घर चला गया. आंटी के घर जाकर डोर बेल बजाई.. आंटी ने दरवाजा खोला और मुझे अंदर बुलाया. आंटी टी.वी. देख रही थी.. तो में भी टी.वी. देखने लगा. थोड़ी देर टी.वी. देखने के बाद हमे नींद आने लगी.. तो आंटी ने कहा कि चलो सो जाते है.. तो मैंने कहा ठीक है और हम उनके बेडरूम में चले गये. आंटी बेड पर लेट गई तो मैंने पूछा कि में कहा सोऊंगा? तो आंटी बोली कि यहीं पर सो जाओ ना.. तो में भी उनके बगल में सो गया.
थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि आंटी सो गई है.. मुझे नींद नहीं आ रही थी और मन में आंटी को चोदने के बारे में विचार चल रहे थे. उतने में आंटी ने करवट बदली और मेरी और हो गई. मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना एक हाथ उनके ऊपर रख दिया. थोड़ी देर के बाद जब आंटी ने कुछ नहीं किया तो मैंने अपना एक पैर उनके पैरो पर रख दिया.
फिर धीरे धीरे सहलाने लगा और फिर धीरे से मैंने अपने होठ आंटी के गर्म होठों के पास ले गया और धीरे से उन्हें चूम लिया.. आंटी तब भी नहीं जागी और पता नहीं कैसे मुझे भी नींद आ गई. सुबह में जब उठा तो आंटी उठ चुकी थी. में भी उठकर अपने घर जाने लगा.. तो सामने आंटी मिली और उन्होने मुझे एक शर्त भरी नज़रो से देखकर स्माईल दी. में कुछ समझ नहीं पाया और घर चला गया.
फिर शाम को जब में आंटी के घर सोने गया तो अंदर जाकर मैंने देखा कि आंटी ने एक सिल्की नाईटी पहनी हुई थी.. जिसमें से उनके स्तन की गली दिख रही थी. हम टी.वी. देखने लगे.. उतने में आंटी ने मुझसे पूछा कि अजय तुम शादी कब कर रहे हो? तो मैंने कहा कि आंटी अभी कहाँ.. अभी तो में छोटा हूँ. तो आंटी ने कहा कि मुझे पता है.. तुम कितने छोटे हो. में कुछ समझा नहीं और मैंने उनसे पूछा की क्या मतलब? तो वो बोली कि कल रात मुझे सब पता चल गया कि तुम्हारी शादी करवानी पड़ेगी.
में समझ गया कि आंटी सब जानती है कल रात के बारे में. फिर मैंने भी मौका देखकर चौका मारा और आंटी से कहा कि आप करवाइये ना मेरी शादी.. तो आंटी ने कहा कि में कहाँ से तुम्हारी शादी करवाऊंगी.. तो मैंने कहा कि अच्छा तो फिर जब तक मेरी शादी ना हो तब तक आप मेरी बीवी बन जाओ.. तो आंटी ने थोड़ी देर सोचकर कहा कि ठीक है.. चलो जब तक तुम्हारी शादी नहीं हो जाती में तुम्हारी बीवी बनकर रहूंगी.. लेकिन तुम्हे वो सब करना पड़ेगा जो एक पति और पत्नी करते है. फिर मैंने कहा क्यों नहीं आंटी.. में तो कब से ये सब करने के बारे में सोच रहा था और मैंने आंटी को अपनी बाहों में ले लिया और उनके चेहरे को चूमने लगा.
फिर उनके रसीले होठों को चूमने चाटने लगा और वो भी धीरे धीरे गर्म हो रही थी.. धीरे धोरे मेरा साथ देने लगी. कुछ 10 मिनट तक किस करने के बाद आंटी मुझे बेडरूम में ले गई और मुझे बेड पर धक्का देकर गिरा दिया और मेरे ऊपर चड़ गई और मुझे ऊपर से नीचे तक चूमने लगी और मेरे सारे कपड़े उतार दिये. अब में सिर्फ़ चड्डी में उनके सामने था.
फिर मैंने उनको उठाया और उनकी नाईटी उतार दी.. उन्होने ब्रा नहीं पहनी थी. में तो उनके स्तन देखते ही पागल सा हो गया और उन पर टूट पड़ा.. में आंटी के बूब्स को दबाने और चूसने लगा और वो भी मौन करने लगी.. आहह ओह वॉववववव और चूसो और चूसो और में पागलों की तरह उनके बूब्स चूसे जा रहा था.. अब आंटी भी पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी तो वो भी मेरी पीठ को अपने हाथों से सहलाने लगी और सहलाते सहलाते वो मेरे लंड तक पहुँच गई और रुक गई.
फिर मैंने पूछा क्या हुआ आंटी? तो उन्होने कहा ये क्या है? तो मैंने कहा कि आप खुद ही देख लीजिये (तब मेरा लंड पूरा तन चुका था और चूत मारने के लिये तड़प रहा था) और आंटी ने धीरे से मेरी चड्डी निकाल दी और वो मेरा 7 इंच का लंड देखकर चौंक गई. आंटी मुझसे पूछने लगी कि अजय आज तक तुम कितनी चूत फाड़ चुके हो? तो मैंने कहा एक भी नहीं.. तो आंटी खुश हो गई और मेरे लंड को सहलाने लगी और कहने लगी कि कितना लंबा और मोटा लंड है तुम्हारा. तुम्हारे अंकल का इतना मोटा नहीं है.
फिर आंटी ने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया.. क्या बताऊँ यारों वो क्या अनुभव था. में तो जैसे जन्नत में पहुँच गया था. फिर 10-15 मिनट तक मेरा लंड चूसने के बाद वो मेरे ऊपर बैठ गई और अपनी चूत मेरे मुँह के पास लाकर रख दी और अपने हाथों से मुझे इशारे करने लगी.. उसकी चूत को चाटने से पहले मैंने उनकी चूत को सूंघकर मज़े लिये.. क्या खुशबू थी यार.
फिर मैंने अपनी जीभ को धीरे से उनकी चूत पर लगाया.. मेरे जीभ लगाते ही आंटी उछल पड़ी. फिर मैंने भी उनके पैर पकड़ लिये और उनकी चूत चाटने लगा.. वो तो जैसे पागल ही हो गई और मौन करने लगी.. आइसस्स्स्स्स ऊहह करीब 8-10 मिनट उनकी चूत चाटने के बाद वो मेरे ऊपर से उठी और सीधी सो गई. फिर मुझसे कहा कि मेरे राजा अब मुझसे रहा नहीं जाता.. मुझे चोद दो प्लीज.
फिर मैंने भी उनको थोड़ा तड़पाने के लिये कहा. आंटी मुझे तो नींद आ रही है.. में सो जाऊं.. तो आंटी गिड़गिडाने लगी और कहने लगी.. प्लीज अजय ऐसा मत करो.. मुझे ऐसे अधूरा मत छोड़ो. फिर मैंने कहा कि आंटी एक बार फिर मेरा लंड मुँह में लेकर मस्त कर दो. फिर में आपकी चूत मारता हूँ. आंटी तुरंत ही मेरे लंड को चाटने और चूसने लगी और मेरे लंड को लोहे की रोड़ बना दिया.
अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था. फिर मैंने आंटी को सीधा सुलाया और उनकी टाँगे चौड़ी कर दी और उनकी चूत के मुँह पर अपना लंड रखकर सहलाने लगा. आंटी बोली कि प्लीज अजय और मत तड़पाओ अपनी आंटी को.. मुझे जल्दी से चोद दो. फिर मैंने अपने लंड की पोजिशन बनाई और एक हल्का सा झटका मारा.. तो मेरा आधा लंड उनकी चूत में चला गया और आंटी चीख पड़ी. फिर मैंने पूछा क्या हुआ? तो वो बोली कि इतना बड़ा लंड पहली बार मेरी चूत में गया है.. तो दर्द हो रहा है.. लेकिन तुम मत रूको.. करते रहो प्लीज. फिर मैंने भी धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू किया.
फिर धीरे धीरे मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी तो आंटी तो पागल हो गई और मौन करने लगी.. ज़ोर से चोदो मुझे अजय और ज़ोर से अपनी आंटी की चूत फाड़ डालो आज. करीब 20 मिनट तक झटके मारने के बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था.. तो उन्होने मुझे कसकर पकड़ लिया और नीचे से अपनी गांड उठा उठाकर मेरा साथ देने लगी और आंटी की चूत में मेरा वीर्य निकल गया. थोड़ी देर में ऐसे ही पड़ा रहा. फिर आंटी से लंड चूसने को कहा.. तो वो फिर से मेरे लंड को चूसने लगी और फिर से मेरा लंड तन गया और लोहे की रोड़ जैसा हो गया.
अब की बार आंटी मेरे ऊपर चड़ गई और अपनी चूत में मेरा लंड घुसाकर मुझे चोदने लगी. क्या बताऊँ यारो? क्या मज़ा आ रहा था. फिर 15 मिनट के बाद आंटी झड़ गई और में भी झड़ गया. फिर हम दोनों साथ में नहाने गये.. वहां भी मैंने आंटी को दो बार चोदा. फिर हम लोग सो गये और सुबह जब में उठा तो आंटी सो रही थी. फिर मैंने उनके बूब्स दबाकर एक लिप किस करके उन्हे जगाया.. तो उनकी हालत कुछ ठीक नहीं लग रही थी.. वो थकी हुई लग रही थी. फिर मैंने उनको उठाया और फिर में अपने घर चला गया. उस दिन से आज तक जब भी हमे मौका मिलता है.. हम लोग खूब चुदाई का खेल खेलते है.