बहन ने लिया मुह में मेरा लंड

हे फ्रेंड्स, दिस इस शुभम खत्री एंड इट इस माई फर्स्ट सेक्स स्टोरी है Antarvasna Kamukta Indian Sex Hindi Sex Stories Chudai यह स्टोरी प्योरली रियल नहीं है इसमें कुछ इमेजिनेशन भी है. हाई दोस्तों, मेरी उम्र है २० साल और मैं दिल्ली का रहने वाला हु, मेरा नाम शुभम कतरी है, मेरी एक छोटी बहन है जो की मुझ से सिर्फ एक साल छोटी है. मेरी बहन का नाम श्रेया है. श्रेया एक बहुत ही सुंदर और सेक्सी लड़की है. श्रेया के काफी बॉयफ्रेंड रह चुके है. श्रेया का फिगर ३४- ३२- ३४ है. मैं जब भी उसे देखता हु, तो सब से पहले मेरी नज़र उसके बूब्स पर पड़ती है. मुझे उसके बूब्स बहुत जयादा अट्रैकट करते है.

हालाकि, मैंने आप को श्रेया का फिगर बताया वो मुझे उसे छोड़ने के बाद ही पता चला. एक्चुअली, एक दिन मैं घर के ड्राइंग रूम में बैठा था और काम वाली बाई घर के कपडे धोने के लिए ले जा रही थी.

मैंने उससे बोला की थोड़ी देर बाद धोना क्यूंकि मुझे नहाने जाना है. इसलिए उसने गंदे कपड़ो को बाथरूम में रख दिया और मैंने फिर नहाने चला गया.

बाथ रूम में मैंने श्रेया की रेड कलर की ब्रा देखी, मैंने सोचा उसको उन् गंदे कपड़ो के ढेर में रख देता हूँ. और यह सोचकर मैंने उसे हुक से उतारा, वो एक पुश अप ब्रा थी. मैंने साइज़ पढ़ा उस पर तो ३४ लिखा था तो इस तरह मुझे श्रेया के बूब्स का साइज़ मालूम पडा.

अब मैं आपका ज़यादा टाइम न वेस्ट करते हुए सीधा स्टोरी पर आता हु. तो यह कुछ महीनो पहले की बात है जब मैंने अपनी सगी बहन को पहली बार चोदा.

हुआ यु की मैं अपने कमरे में बैठ कर मोबाइल पर पोर्न मूवी देख रहा था, और गलती से अपने कमरे का दरवाज़ा लॉक करना भूल गया था. बस यह गलती मेरी ज़िन्दगी की सब से अच्छी गलती बन गयी.

पोर्न देखते देखते मैं बाथरूम में गया और वही रेड ब्रा को उठाया और उस पर मुठ मरन चालू कर दिया. फिर अचानक से डोर खुला और डोर पर श्रेया थी और उसने मुझे रेड हैंडेड उसकी रेड ब्रा पर मस्त्रुबेत करते देख लिया था.

मैंने घबरा कर बाथरूम का दरवाज़ा बंद कर दिया और अंदर से चिल्लाया गेट थे हेल आउट ऑफ़ माय रूम श्रेया. यह सब दिन की बात थी और अब रात हो चुकी थी.

मैं अपने रूम में बैठ कर टीवी देख रहा था, रात के लारीब २ बज रहे थे, मम्मी पापा सो चुके थे एयर इतने में मेरे रूम में श्रेया आ गयी. शी डायरेक्टली केम टू टॉपिक एंड सेड की आज मैंने तुझे मेरी ब्रा पर मस्त्रुबेट करते देख लिया था. यह सुन कर मैं एक दू से चौंक गया था बेकोज़ वो एक दम से सीधे सीधे बात कर रही थी, एक दम फ्रैंकली बोल रही थी.

मैं कन्फ्यूज्ड था की अगर उसने मुझे देख लिया था तो दिन भर कुछ बोला क्यों नहीं और रात को एक बजे मेरे रूम में आने क्या मतलब हो सकता है. फिर वो आगे बोली कि मैंने आप को कई बार कीहोल में से मस्त्रुबेट करते हुए देखा है.

मैंने उससे कहा कि तुझे शर्म नहीं आई मुझे ऐसे करते हुए देखते हुए, तो वो बोली तो तुझे कौन सा शर्म आई मेरी ब्रा पर मुठ मरते हुए और यह बोलते ही उसने अपने होठो को मेरे होठो पर रख दिया. २- ३ सेकंड किस करने के बाद बोली कि भई अब कुछ मत बोलो, जो हो रहा है होने दो.

मैं भी अब जोश में आ गया, मैंने उसको बेड पर पटका और उसके ऊपर आ कर उसके होठो को पागलो की तरह चूमना चालू कर दिया.

वो भी मुझे पैशनेटली किस कर रही थी, ऐसा लग रहा था की वो भी मेरे नाम की मुठ मारती थी. और जो मैं उसे आज असली में मिल गया तो वही सब वो मेरे साथ एक सेकंड में करना चाहती थी. किस करते करते मैंने उसके स्शोर्ट्स उतार दिए और मैंने अपनी ट- शर्ट्स भी उतार दी. हम एक दुसरे के खुले हिस्से पर हाथ फेर रहे थे.

अब श्रेया मेरे जांघो पर बैठ गयी और उससे अपना वाइट टॉप और ब्लैक ब्रा को भी उतार कर फेंक दिया. अब वो मेरे सामने सिर्फ एक ब्लैक पेंटी में थी और मैंने सिर्फ जीन्स पहन रखी थी. श्रेया के बूब्स को अपने सामने लाइव देख कर मैं तो पागल सा हो गया था. और मैने उन्हें जोर जोर से दबाना चालू कर दिया. उसके बूब्स बहुत ज़यादा सॉफ्ट थे. एक दम मुलायम. वाओ….

मन कर रहा था की सारी रात उन्हें ही दबाता रहू, श्रेया ने मेरी जीन्स की ज़िप खोली और मेरे कड़क ७.५” का लंड स्प्रिंग की तरह बाहर आ गया. श्रेया ने मेरे लंड पर पेहले हाथ फेरा और हाथ फेरते हुए अपना मुह मेरे लंड के सुपाडे पर लगा दिया और फिर किसी लोल्लिपोप की तरह चूसना चालु कर दिया.

उसके चूसने के ढंग से मैं और जयादा गरम होता जा रहा था. उसने धीरे धीरे मेरे पूरे लंड को अपने थूक से गिला कर दिया था. मैंने उसे मेरी जीन्स उतरने के लिए कहा और उसने ऐसा ही किया, जीन्स उतारने के बाद उसने अपना ब्लैक अंडरवियर भी उतार दिया. अब हम दोनों पूरे नंगे थे और वो बेड पर मेरे सामने डॉगी स्टाइल में आ गयी.

मैंने अपना लंड उसकी गांड पर सेट किया और पहला धक्का लगाया, वो वर्जिन तो नहीं थी पर फिर भी उसकी गांड काफी टाइट थी इसलिए पहला धक्का में मेरा थोडा सा ही लंड उसकी गांड में गया. मैंने फिर से एक ज़ोरदार झटका मारा और आधा लंड उसकी गांड में गया और श्रेया के मुह से ज़ोरदार चीख निकली आःह्ह्ह…..

शायद उससे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन मुझ में एक जानवर आ गया था. मैंने उसकी गांड में अपना लंड तेज़ी से पेलना चालु कर दिया. कुछ देर बाद उसका दर्द कम हुआ तो वो भी पूरा साथ देते हुए अपनी कमर उचका उचका कर मेरे लंड को और अंदर गहराई तक लेने की कोशिश कर रही थी.

पूरे रूम में पाचकछह …… पाचचचच……. जैसे आवाज़ आ रही थी, लेकिन हम दोनों ने अपनी आवाज़ पे कण्ट्रोल रखा बीकोज़ साथ वाले रूम में मम्मी पापा सो रहे थे. तो हम दर ग्गाये की उन तक आवाज़ न चली जाये.

करीब १५ मिनट डॉगी स्टाइल में चोदने के बाद, श्रेया अब मेरे ऊपर आकर मेरे लंड को सीधा अपनी फुद्दी में लेना चाहती थी, इसलिए मैं अब बेड पर पीठ के बल लेट गया.

श्रेया उठी और मेरे सीधे कड़क लंड के ऊपर आई और अपने कोमल हाथो से उससे पकड़ कर फुद्दी पर सेट किया और एक दम से उस पर बैठ गयी, और मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी फुद्दी में एक बार में ही चला गया.

एक बार में अंदर जाने के वजह से श्रेया को बहुत मज़ा आया और मुझे भी. वो अब धीरे धीरे अह्ह्ह….. अह्ह्ह्ह…. अह्ह्ह्हह…. कर रही थी. उसकी आवाज़े मुझ में और जोश भर रही थी.

मैंने उसके मुह पर हाथ रखा और निचे से कमर उचका उचका कर उसकी फुद्दी में अपना लंड जोर जोर से पेलना चालू कर दिया. कुछ देर ऐसे ही चोदने के बाद हम ने पोजीशन चेंज करी और वो मेरे बगल में लेट गयी. अब उसकी पीठ मेरे सामने थी.

मैंने अपना एक हाथ उसके ३४ के बूब्स पर रखा और अपने दुसरे हाथ से अपने लंड को उसकी फुद्दी के दरवाज़े पर सेट किया और हल्का सा पुश किया इस बार मेरा लंड आसानी से अंदर घूस गया. मैं अब एक हाथ से श्रेया के बूब्स को जोर जोर से दबा रहा था और दूसरी तरफ पीछे से चोद रहा था.

अब आपको कैसे एक्सप्लेन करू की यह कितनी अच्छी फीलिंग थी. बिच बिच में श्रेया मुड मुड कर मुझे किस भी करती थी. लगभग २४ मिनट की चुदाई के बाद, श्रेया झड गयी और वो एक बेजान लाश की तरह साइड में लेती रही और मैं धक्के मारता रहा. फिर मैंने उसे बेड पर लेटने के लिए कहा और मैं उसके ऊपर आ गया.

अब मैंने फिर से अपना लंड उसकी गांड में सेट किया और धक्के मारने चालु कर दिए, मेरी चेस्ट उसकी ब्रैस्ट को प्रेस कर रही थी. उसके बड़े बड़े बूब्स मुझे उस से ढंग से चिपकने से रोक रहे थे. लेकिन दूसरी तरफ मेरा लंड तेज़ी से उसकी चूत में अंदर बाहर हो रहा था. अब मुझे भी लग रहा था की मैं झड़ने वाला हु तो मैंने और जोर जोर से धक्के मारने चालू कर दिए.

मैंने श्रेया को बोला की यार मेरा छुटने वाला है, तो वो एक दम से उठी और मेरे लंड को अपने मुह में ले लिया और फिर से एक ट्रेनद रंडी की तरह लोल्लिपोप की तरह चूसना चालू कर दिया, उसकी जीभ मेरे लंड पे लगते ही मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुह में छोड़ दिया. और वो गटा गट पी गयी और मेरा लंड भी अच्छी तरह चाट कर साफ़ कर दिया.

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