मैडम ने सिखाया मुझे प्यार का खेल

विक्की युवा लड़का था जो अपने मा-बाप के साथ एक अच्छे शहर में रहता था।
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उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी थी।

इकलौता होने के बावजूद वह ज्यादा जिद्दी नहीं था।

दिखने में वह अपने मा-बाप की तरह गोरा-चिट्टा था।

उसके पिता एक बिजनेसमैन थे।

मा एक गृहिणी थी।

शहर की एक अच्छी कालोनी में घर था।

सम्पन्न घर होने की वजह से विक्की* को अच्छे स्कूल में भेजा जाता था।

स्कूल के अलावा उसे उसी कालोनी में ट्यूशन पर भी भेजा जाता था।

ट्यूशन चलाने वाली उसकी कालोनी की एक महिला थी जिसका नाम मिनी था।

मिनी का पति दुबई में नौकरी करता था।

साल में एक बार ही घर आता था।

अकेली होने की वजह से वह ट्यूशन पढ़ाया करती थी।

इससे उसका वक्त कट जाया करता था।

ऐसे ही समय गुजर रहा था।

मिनी का दिन तो बच्चों को पढ़ाने में गुजर जाता था लेकिन रात में उसे बैचेनी होने लगती थी।

शरीरक सुख न मिलने से उसकी बैचेनी बढ़ने लगती।

जब पति घर आता तब तो समय कैसे कटता उसे पता ही नहीं चलता था।

लेकिन जब पति नौकरी पर होता तो उसे पति का साथ याद आता और उसकी योनि में खलबली मच जाती।

उसे समझ न आता कि योनि की खुजली कैसे शांत करे?

उसने कई उपाय आजमाए।

उंगली, बैंगन, गाजर।

पर लिंग के अनुभव के आगे इन चीजों का अनुभव बेकार लगता।

उसे समझ न आता क्या करें और क्या ना करे?

ऐसी ही उहापोह में उसकी रातें कटती।

एक दिन की बात है उसकी एक सहेली थी, जिसका नाम सरला था, उससे मिलने आई।

वह भी अच्छे घर से थी इसलिये उसके शोक भी अच्छे ही थे।

महंगे जेवर, मोबाईल, चूडि़या या झुमके।

उसने नया मोबाईल खरीदा था।

वह मिनी को नया मोबाईल दिखाने लगी।

मिनी भी उस मोबाईल को गौर से देख रही थी।

उसने सरला से पूछा – अरे, इसमें और नया दिखाने लायक क्या है?

सरला ने शरारती मुस्कान के साथ उसे कहा – धीरज रख बताती हूँ, इसमें खास क्या है?

और सरला ने मोबाईल में डली ब्लू फिल्मों की क्लिपिंग मिनी को दिखाना चालू किया।

एक के बाद एक फटाफट दिखाती गई।

मिनी का तो बुरा हाल होने लगा।

उसकी योनि में तेज खुजली होने लगी।

फिर एक क्लिप चालू हुई जिसमें एक मैडम और उसका स्टूडेंट क्लास में खड़े थे।

स्टूडेंट लड़का काफी छोटा लग रहा था।

मैडम उस स्टूडेंट के सामने घुटनों के बल बैठ गई और उसकी पैंट खोलकर उसका लिंग बाहर निकाल लिया।

अब मैडम लड़के के लिंग को लालीपाप की तरह चूसने लगी और लड़का सिस्कारियां लेते हुए मैडम का सिर पकड़कर अपना लिंग उसके मुँह में अन्दर बाहर करने लगा।

थोड़ी देर लिंग चूसने के बाद मैडम टेबल पर पैर फैलाकर बैठ गई।

अब लड़का मैडम की योनि चाटने लगा और मैडम सिस्कारियां लेने लगी।

थोड़ी देर बाद मैडम ने लड़के को पकड़ कर खड़ा कर दिया और लड़के ने अपना लिंग मैडम की योनि में डाला और अन्दर बाहर करने लगा।

मिनी की योनि से काम रस नदी की तरह बहने लगा।

अब लड़के ने मैडम को डागी स्टाईल में चोदना शुरू किया।

थोड़ी देर बाद दोनों झड़ गये और लड़का सिस्कारियां लेते हुए मैडम से चिपक गया और मैडम भी सिसकारी लेते हुए ठण्डी पड़ गई।

मिनी का हाल बहुत बुरा हो चुका था।

अब तो वो अपनी योनि में लिंग लेने के लिये तड़प् उठी।

लेकिन कर भी क्या सकती थी?

उसकी सहेली थोड़ी देर गपशप कर चली गई लेकिन मिनी की योनि में आग लगा गई।

थोड़ी देर बाद काल बेल बजी।

मिनी ने दरवाजा खोला तो विक्की अपना बैग लेकर सामने खड़ा था।

उसने विक्की को अन्दर बुला लिया और विक्की अन्दर जाकर सोफे पर बैठ गया।

विक्की को देखकर मिनी की आँखों के सामने टीचर और स्टूडेंट की फिल्म घूम गई।

अब मिनी को विक्की की जगह वही स्टूडेंट नजर आ रहा था।

उसका मन कर रहा था कि विक्की की पैंट खोलकर उसका लिंग अपनी योनि में घुसा ले और अपनी प्यास बुझा ले।

लेकिन छोटे से लड़के के साथ सेक्स करना बहुत ही मुश्किल काम था।

शायद वो सेक्स के बारे में जानता ना हो और ऐसी हरकत पर वह जाकर अपने घरवालों को बता दे तो बहुत बेईज्जती होगी।

अब मिनी के दिमाग में योजनाओं ने आना-जाना चालू कर दिया था।

मिनी रोज की तरह उसके पास बैठकर उसे पढ़ाने लगी।

आज वह विक्की से कुछ ज्यादा ही चिपक कर बैठी थी।

मिनी के दिमाग में एक आईडिया आया।

वह विक्की को कुछ सवाल देकर बोली – विक्की, ये सवाल हल करो जब तक मैं चेन्ज करके आती हूँ।

विक्की ने हाँ में सिर हिला दिया।

मिनी कमरे में गई और उसने सारे कपड़े निकाल दिये और गहरे गले का गाऊन पहन लिया।

उस गाऊन के गले में से उसकी घाटियों की दरार स्पष्ट दिखाई देने लगी थी।

थोड़ा सा झुकने पर अन्दर का सारा हाल साफ दिखाई देता था।

अब वो बाहर आकर फिर विक्की से चिपक कर बैठ गई और सवाल देखने लगी।

सवाल चैक करते-करते वो विक्की की तरफ थोड़ी घूम गई और थोड़ा झुक कर सवाल देखने लगी।

इस हरकत की वजह से विक्की को उसके गाऊन के अन्दर का सारा दृष्य दिखाई देने लगा।

मिनी ने धीरे से सिर उठाकर विक्की को देखा तो वो गाऊन के अन्दर हैरानी से देख रहा था और जैसे ही उसका मिनी की तरफ ध्यान गया तो वह सकपका गया।

मिनी ने उससे दिखावटी गुस्से से पूछ लिया – विक्की क्या देख रहे थे?

वह सकपकते हुए बोला – क.. क.. कुछ नहीं, मैडम।

इतने मे डर कर बिक्की बाहर चला गया.

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