मेरे पति पुरुष वैश्या 2

दिखाए, और कुछ मेरे पति की, कई औरतो से फ़ोन पर बातें भी सुनवाई Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai antarvasna1 मुझे यकीन नहीं हुआ, और उस बातो ने मुझे और ज्यादा परेशान कर दिया! मैं पागल हो रही थी, अपने घर वालो को बताना ठीक नहीं था! ऐसे में मैंने एक फैसला किया कि, अब मैं अपने पति को ठीक करके ही रहूंगी! अपने फैसले पर अडिग होकर मैंने, वो कठिन राह पकड़ ली, और मजबूती से अपने आप को संभाले, अपने पति की हरकतों पर नज़र रखनी भी शुरू कर दी! इस काम के मुझे लिए किसी एक ऐसे इंसान की ज़रूरत थी, जो मेरे करीब हो, जिसपर मैं यकीन कर सकू! और इसके लिए मेरी माँ से अच्छा इंसान कोई और नहीं हो सकता था! आखिर मैंने अपनी माँ को घर पर बुलाया, और उन्हें अपने पति की हरकतों के बारे में भी बताया! क्यूंकि मेरा बेटा छोटा था, और मैं अपनी माँ को अपने पक्ष में लेकर, किसी और को भी ये बाते नहीं बताना चाहती थी!

एक बार रात को मेरे पति के फ़ोन पर, किसी का फ़ोन आया, और उन्होंने रात को ही किसी अर्जेंट काम का बहाना बनाकर, बाहर जाने को कहा! मैंने भी उन्हें नहीं रोका, और जैसे ही वो निकले, मैं भी उनके पीछे पीछे, उनका पीछा करते हुए निकल पड़ी! वो एक मकान के अंदर चले गये, घर काफी बड़ा था, और उसमे अंदर जाने के लिए एक 10 मीटर का एक लम्बा रास्ता बना हुआ था, दोनों और फूलवारी थी! मैंने भी गेट खोला और चुपचाप अंदर चली गयी! घर का दरवाजा अंदर से बंद नहीं था! शायद वो दरवाजा अन्दर से बंद करना भूल गए थे! तो, मैं भी दबे पाँव अंदर घुस गयी!

अंदर गयी, तो अंदर का नज़ारा कुछ और ही था! मुझे एक कमरे से मेरे पति और 2 औरतो की आवाज़े सुनायी देने लगी! मैं वहीं पर खड़ी होकर बातें सुनने लगी! शायद वो शराब पी रहे थे! मैं एक खम्बे के पीछे चुपचाप खड़ी हो गयी, और अपने को छुपाकर, उन लोगो की बातें सुनने लगी! वो लोग शराब पीते पीते गन्दी गन्दी बाते कर रहे थे और हुस रहे थे! मैं समझ चुकी थी! और अपनी आँखों से ये रासलीला देखना चाहती थी! 15 मिनट्स बाद ये क्या? वो लोग ड्राइंग रूम में आ गए! मेरे पति को उन्होंने एक ब्रा और पेन्टी और एक मुकुट पहना रखा था! अपने आप वो दोनों औरते नंगी थी! ये देखकर मुझे शर्म आ गयी! और अब मेरे पति उनसे पैसे का लेनदेन करने लगे! वो लोग नाचते हुए, शराब पीते हुए 20,000 रुपया एक रात पर राजी हुए! मेरे पति ने 10,000 एडवांस लेकर अपने पास रख लिये!

य़े सब देखकर मैं हैरान थी कि, मेरे पति पुरुष वैश्या (जिगोलो) कब से हो गये? ऐसा लग रहा था कि, वो मेरे वश में नहीं, उन स्त्रियों ने उनका वशीकरण कर लिया हो! मुझे अपने पति को उन स्त्रियों के वशीकरण से बाहर निकालना था, जिसका प्रण, मैं पहले ही कर चुकी थी!

उनकी रास्लीलना शुरू हो इससे पहले अचानक ही मैं एक खलनायिका के रूप