मेरे पति पुरुष वैश्या 3

में बाहर आयी, मुझे देखते ही मेरे पति जो उन स्त्रियों की ब्रा और पेन्टी में थे Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai antarvasna1 खड़े के खड़े रह गये! वो, दोनो स्त्रिया जोर से चीखी और जोर से मुझ पर चिल्लाई, इससे पहले वो कुछ कहती मैंने उनसे कहा कि, ये मेरे पति हैं और मैं इन्हें लेने आयी हूँ! मेरे पति का सर नीचे हो गया! मैंने उनका हाथ पकड़ा, उन्हें अंदर कमरे में ले जाकर उनके शरीर पर, उनके कपडे डाले! उन्होंने कपडे पहने और मेरे साथ चुपचाप चल दिये! आज वो खलनायक चुपचाप शांत बैठा था, जैसे उसके होठो पर ताले लग गए हो!

हम दोनों घर पहुचे, अपने कमरे में लेटे ही थे कि, मेरे पति ने मेरे पाँव पकडे, और बोले मुझे माफ़ कर दो! शायद तुमने मेरी आँखे खोल दी हैं, मैं भटक गया था! मैं वादा करता हूँ कि, अब कभी तुम्हे किसी शिकायत का मौका नहीं दूंगा! मैंने उनके सर पर हाथ फेरा और कहा ठीक है, और बोली की मैं आज भी तुमसे उतना ही प्यार करती हूँ, जितना शादी के समय करती थी, और उन्हें गले से लगा लिया! मेरे पति की आँखों में आंसू आ गये! मुझे ऐसा लगा जैसे आज, उस खलनायक के अंदर एक नायक आ गया हो! उस रात हम दोनों का स्त्री पुरुष समागम हुआ, और हम दोनों जुड़ गए!

आज हम दोनों फिर से बहुत खुश हैं, मेरे पति अब मुझे और ज्यादा प्यार करते हैं! हम दोनों के अब 2 बच्चे हैं! अपने पति को मैं कभी कभी छेडती भी हूँ, जैसे मुझे भी उसी तरह ब्रा और पेन्टी पहनकर दिखाओ! कम से कम एक बार मेरे साथ भी पुरुष वैश्या (जिगोलो) बनकर तो दिखाओ! वो बेचारे शर्मा जाते है! मेरा नायक जो बीच में एक खलनायक बन चुका था, आज हमारी ज़िन्दगी का फिर से प्यारा सा नायक बन चुका है!