एक जवान कमसिन साली

मेरे भाई जान और भाभी 1998 में यू.एस चले गए थे! अब मैं घर पर अकेला ही रहता था Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai मैं अपने काम में मशगुल था, अपने आप में व्यस्त रहना शायद मुझे अच्छा लगता था! लेकिन कभी कभी अकेलापन खाने को भी दौड़ता था!

मुझे याद है 2001 की, जब एक बार हमारी भाभी जान का फ़ोन आया कि, उनकी मामी की लड़की जो 21-22 साल की थी, हमारे शहर कोई एग्जाम देने के लिये 4-5 के लिये आ रही थी! शहर में कोई और रिश्तेदारी ना होने के कारण भाभी ने उसे हमारे यहाँ रहने को कह दिया! अब रिश्ते में तो वो मेरी भी साली हुई और मैं अकेला रहता था तो, मुझे कोई दिक्कत नहीं थी!

जिस दिन वो घर पर आयी, देखते ही लगा जैसे वो एक जवान कमसिन सी लड़की है, लेकिन रिश्ते में तो मेरी साली ही थी! मैंने उसके लिये नाश्ता और खाना सब कुछ तैयार रखा हुआ था! उसे अच्छा लगा और उसने उस खाने की काफी तारीफ की! फिर बाद में मजाक में कि, तुम तो जीजा हो, लेकिन हम भी आधी घर वाली हैं! तुम्हे तो हमारी खातिरदारी करनी ही पड़ेगी! हमने भी कहा की यह तो हमारा फ़र्ज़ है! और हम हमेशा करते रहेंगे!

एक दिन बीता, दूसरा दिन बीता. तीसरे दिन शाम को जब मैं ऑफिस से घर आया, मुझे कुछ थकान महसूस हुई! मैंने साली से चाय बनाने के लिये कहा, और वो रसोई में मेरे लिए चाय बनाने चली गयी! शाम के 7:30 बज चुके थे! मैं कुर्सी पर बैठा था कि, बिजली चली गयी!. मैं उठा और रसोई की तरफ जाने लगा कि, साली मुझसे टकरा गयी! टकराते ही मैंने सॉरी कहा ही था कि, उसने कोई बात नहीं हम भी तो आधी घरवाली हैं!

उसके इतना कहते ही मैंने उसे अंधरे में उसकी पतली कमर से पकड़ लिया और कहा कि, इस वक़्त हम भी तो आपके आधे जीजा हैं! वो शर्मा गयी और मैं उसके हाव-भाव देखता रहा! मैंने अपनी पकड़ और कसी वो बिलबिलाई! मैं समझ गया और मैंने अपने होठ उसके होठो पर रख दिये! मैंने अब अपने भाई जान की उस जवान कमसिन साली को खूब प्यार किया! उसके मेरे शारीरिक सम्बन्ध बने! और उसके 2 दिन बाद वो अपने शहर वापस चली गयी!

लेकिन उसकी एक खासियत थी कि, उसने किसी से हम दोनों के बीच क्या हुआ, कभी कुछ नहीं बताया! शायद वो हम दोनों की एक शारीरिक भूख थी, जो वो मेरी जवान कमसिन साली ही समझ सकती थी!