दीदी और मेरा हनीमून

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम वरुण है, मैं लखनऊ में रहता हूं, और आज मैं मेरे पहले हनिमून के बारे में बताने जा रहा हूं, जो मैंने अपनी सगी बहन के साथ मनाया था. यह मेरे पहले हनीमून के साथ साथ मेरी पहली चुदाई भी थी और इस स्टोरी को पढ़ कर आप सब लोगो को बहुत मजा आएगा ऐसी में आशा करता हु.

मैं अब आप को अपने बारे में बता देता हूं, मेरी उम्र २० साल है और मैं कॉलेज में स्टडी कर रहा हूं, मेरा रंग थोड़ा सा सांवला है, मेरी हाइट ५ फुट ६ इंच है और अब देखा जाए तो मैं एक एवरेज लड़का हूं, मैंने सिर्फ आज तक लड़कियों से बात की है पर कभी सेक्स नहीं किया हे इसलिए मुझे सेक्स के बारे में कुछ ज्यादा नहीं पता हे.

अब मैं आप को अपनी बहन के बारे में बता देता हूं, मेरी बहन दिखने में पटाका है मतलब वह बहुत सेक्सी और बहुत खूबसूरत है, उसकी उम्र करीब २५ साल है इसलिए उसकी जवानी पूरी बाहर आ रही थी.

उस की फिगर का साइज ३२-३४-३५ था और उस की गांड काफी गद्देदार थी. उस के बूब्स भी बहोत क्यूट है, मेरी बहन का रंग बहुत गोरा है. मुझे पता था कि उस के बहुत सारे बॉयफ्रेंड है और शायद मेरी बहन ने कभी सेक्स किया हो सकता है मुझे ऐसा लगता है. मेरी बहन काफी हंसी मजाक वाली खुले विचारों वाली लड़की है, इसलिए वह मेरे साथ भी बहुत बार शरारतें करती रहती थी, अब दोस्तों में आप का ज्यादा वक्त न लेते हुए अपनी कहानी पर आता हूं.

यह बात उन दिनों की है जब हमारी हॉलीडे चल रही थी मैं और मेरी बहन सारा दिन घर पर ही रहते थे. एक दिन अचानक मेरे पापा ने मुझे कहा वरुण बेटा मैंने तेरी और तेरी बहन की बस में टिकट बुक करवा दी है, और जाओ घूम आओ कुछ दिन अपनी दीदी के साथ.

यह सुन कर मैं बहुत खुश हुआ क्योंकि मुझे बाहर घूमना बहुत अच्छा लगता था, मैंने यह बात अपनी दीदी को बताई वह इस प्लान से बहोत खुश हुई इसलिए हम दोनों ने अपनी पैकिंग शुरू कर ली थी क्योंकि हमारी बस कल सुबह की थी.

मैं और मेरी बहन सुबह नाश्ता कर के घर से निकल चुके थे, उस टाइम थोड़ी थोड़ी बारिश होनी शुरु हो गई थी और मौसम काफी रोमांटिक हो चुका था. हम ने ऑटो लिया और बस स्टैंड जा कर बस में बैठ गए.

बस मे दीदी विंडो वाली सीट पर बैठी थी और मैं उन के साथ बैठा हुआ था. थोड़ी देर में बस रोड पर चलने लगी और फिर से बारिश शुरू हो गई. दीदी को बारिश बहुत पसंद है इसलिए उन्होंने विंडो बंद नहीं की और बारिश की बूंदे अंदर आ रही थी और दीदी के चेहरे पर गिर रही थी.

दीदी बार बार अपना फेस को साफ कर रही थी और मैं यह सब देख रहा था. अब मैं भी दीदी का फेस अपने रुमाल से साफ करने लगा, इसका उन्होंने कोई विरोध नहीं किया इसलिए मैं बार बार साफ करने लग गया. बारिश की बूंदें अब उस की बूब्स के ऊपर गिरने लगी थी मैंने अपने हाथ से दीदी का सीना साफ कर दिया और मेने साफ करते वक्त उस को धीरे से दबा दिया, दीदी ने मुझे गुस्से की नजरों से देखा और मैं समझ गया था कि कुछ ज्यादा ही हो गया है अब.

जब बस चलती थी तो बीच में बस हील रही थी जिस की वजह से दीदी मेरे ऊपर बार बार गिर रही थी इस बार जब गीरी तो दीदी का हाथ मेरे लंड पर आ गया और मेरा उन्होंने लंड दबा लिया और कहा वरुण बेटा मैंने अपना बदला ले लिया है.

यह सुन कर मैं और मेरा लंड दोनों हैरान हो गए. इतनी देर में हम अपने होटल पहुंच गए बस ने हमें होटल के सामने ही उतार दिया. दीदी ने होटल में रुम बुक कर दिया और हमारा सामान भी रूम में रखवा दिया, और मुझे कहा चलो बाहर चलते हैं और कही घूम कर फ्रेश हो कर वापस होटल पर आते हैं. मेंने कहा ठीक हे.

मैं और दीदी अब बाहर चले गए हमने पहले लंच किया और शाम तक वापस आ गए. अब मैं और दीदी रूम के बाहर बालकनी में खड़े बातें कर रहे थे मेरी नजर दीदी की गांड पर थी क्योंकि उन्होंने टाइट पजामी डाली हुई थी इस वजह से उस की गांड की पूरी शेप मुझे दीख रही थी.

मैंने एक मजाक मजाक में दीदी की गांड पर जोर से थप्पड़ मार दिया.

दीदी उस वक्त थी आइसक्रीम खा रही थी इसलिए उन्होंने मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा कर अपनी आइसक्रीम को खाने लगी, मुझे यह मस्ती कर के बहुत मजा आया और अब में इस सेक्स गेम को आगे बढ़ाना चाहता था इसलिए मैंने फिर से दीदी की गांड को दबाया और थप्पड़ मार दिया.

अभी दीदी ने बोला वरुण यह क्या कर रहा हे? तुझे यह जगह मिली थी मुझ से ऐसी शरारत करने को?

मैंने कहा क्यों दीदी मजा आया ना?

तभी दीदी ने अपने हाथ से मेरी गांड पर भी थप्पड़ जड़ दिया और बोली अब बोल बेटा तुझे कितना मजा आया?

मैंने कहा दीदी मुझे बहुत मजा आया, फिर से मारो ना मैं तो चाहता हूं आप मेरी गांड को दबा भी दो और इसे मार मार कर लाल कर दो, इस तरह से मैं दीदी के सामने खुलन शुरू होने लगा था.

तब दीदी ने कहा चल हट शैतान कहीं का कुछ भी बोलता रहता है.

तभी दीदी बोली वरुण तुझे पता है ऐसे होटल में रुक कर मेरा हनीमून बनाने का कितना दिल करता है?

यह सुन कर मेरे होश उड़ गए और मैं अनजान बनते हुए कहा यह हनीमून कहां बनाते हैं दीदी?

दीदी ने कहा मेरी तरफ देखते हुए बोली तू पागल है क्या? हनीमून होटल में मनाते हैं मंदिर में नहीं.

मैंने कहा मुझे क्या पता होगा कि हनीमून क्या होता है और कहां मनाते हैं? मैंने बड़ी सी मासूमियत से दीदी को जवाब दिया.

दीदी ने कहा अच्छा ठीक है सॉरी यार अब प्लीज रोना मत, लगता है तुझे सब सीखाना ही पड़ेगा.

यह सुन कर मेरे लंड में हलचल शुरू हो गई और मैं मन ही मन सोचने लग गया कि आज दीदी की चुदाई पक्की करनी है, तब मैंने दीदी को जवाब दिया की हनीमून कैसे होता है यह सिखाओगे क्या?

तब दीदी ने मेरे कमर पर प्यार से मुक्के मारे और डिनर के लिए हम चले गए. वहां हमने डिनर किया और ९ बजे अपने बेड रूम में आए मैंने बेड देखा तो वह सिंगल बेड ही था. मैंने सोचा कि दीदी ने पहले से ही चुदाने का प्लान बना लिया था शायद इसलिए सिंगल बेड रुम ही लिया हुआ है.

मैंने अपना नाइट सूट डाला और दीदी ने भी पिंक कलर का बहुत ढीलासा टॉप और एक खुला सा पजामा डाल दिया, मैं यह देख चुका था कि आज दीदी ने ब्रा नहीं पहनी हुई थी.

दीदी को शायद नींद आ रही थी, इसलिए उन्होंने जब अपने दोनों हाथ ऊपर कर के अंगडाई ली तो दीदी के बूब्स बाहर की तरफ आ कर ही टाइट हो गए थे, यह देख कर मेरा लंड फूंकारे मारने लग गया था.

अब दीदी बेड पर आ गई थी और मुझे बोली अब आ जा मेरे राजा बेटा आज अपनी दीदी के साथ सो जा.

फिर मैंने उठ कर रूम की लाइट को बंद कर दिया और मैं कूद कर बेड पर गया और उन के साथ लेट गया.

बेड काफी छोटा था और हम दोनों चिपक कर लेटे हुए थे, बारिश होने के बाद मौसम ठंडा था इसलिए हम को गर्मी नहीं लग रही थी, दीदी ने अपना मुंह दूसरी तरफ किया हुआ था और मैं उन की गांड के साथ अपना लंड टच कर के में उन के साथ सो गया.

करीब रात को १ बजे मेरी आंख खुली और मैंने देखा कि मेरा लंड पूरा खडा हुआ था और दीदी की गांड पर सेट हो रखा था. अब मैंने अपना हाथ उन के पेट के ऊपर रखा और रगडने लग गया. जब मुझे लगा कि दीदी काफी गहरी नींद में सो रही थी, तब मैंने हिम्मत कर के अपना हाथ उन के बूब्स पर रखा और फिर धीरे धीरे में उन के बूब्स को दबाने लग गया, धीरे धीरे मैं उन के दोनों बूब्स को एक एक कर के दबाने लग गया और उन के बूब्स के निपल को अपनी उंगलियों से दबाने लग गया, दीदी ने हरकत की तो मैं रुक गया और वह जागी नहीं तो कुछ देर बाद में फिर से शुरु हो गया.

अब दीदी के मुंह से आंह्ह्ह ह्ह्ह आःह औऊ अहह हह्ह्ह ओया हहह ओह अहह अम्म अहह हो अहह हो अहह औउ ह्जह्ह हहो अहह हो अहह की आवाजें आने शुरु हो गई थी, अब मुझे पता चल गया था कि मेरा रास्ता साफ है, इसलिए मैंने अब दीदी के टोप के अंदर हाथ डाल दिया और उन के नरम और गरम गरम बोबे को पकड़ लिया, और दबाने लग गया.

अब दीदी की आवाज भी तेज होने लग गई थी और मैंने उन की गर्दन पर भी किस करना शुरु कर दिया था और दीदी पागल सी हो गई थी और कुछ कुछ बोले जा रही थी आह हहह उऔउ हहह अह्ह्ह और जोर से अहः ह हां औउ उःह्ह और करो.

अब दीदी का हाथ भी मेरे लंड की तरफ आ गया था, दीदी ने मेरे लंड को बाहर से पकड़ लिया और उसे सहलाने लग गई, मुझे भी अब मजा आने लग गया था, अब मेरे मुंह से भी अहह उऔउ अह्ह्ह औऔउ दीदी हहह ई इह ओःह हैई हहह औऊ हह्ह्ह की आवाज निकलने लगी थी.

फिर दीदी ने कहा वरुण अब हनीमून मना ले, बस मुझ से और बर्दाश्त नहीं हो रहा है.

फिर मैंने कहा पर कैसे दीदी?

अब दीदी ने अपना टॉप उतार दिया और मेरे ऊपर आ कर मेरे मुंह में अपने बोबे डाल दिए और कहा ऐसे मेरे प्यारे भैया अब ईसे चूसो..

अब मैं दीदी के बूब्स चूस रहा था और दीदी ने मेरा पजामा का नाडा खोल दिया और मेरा अंडरवियर उतार कर मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया था.

दीदी ने कहा यार तू कहां था अभी तक इतना बडा लंड कहां से लाया है तू?

यह कह कर दीदी ने अपना पजामा उतार दिया और उन्होंने पैंटी नहीं डाली थी, अपने मुंह से थूक निकाल कर दीदी ने मेरे लंड पर लगाई और मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट कर के बैठ गई.

धीरे धीरे लंड अंदर जाने लग गया और देखते ही देखते लंड पूरा अंदर चला गया और दीदी के मुंह से सिर्फ आऔउ अह्ह्ह औऊ अह्ह्ह इई ओह हहह अम्म ओह हहह इई औउ ओह हहह अम्म्म अहह ओह हहह इई की आवाज निकल रही थी, अब दीदी ने अपनी गांड हिलाना शुरु कर दिया था और मेरा लंड उस की चूत की गहारियो में जाने लग गया था.

मुझे भी मजा आने लग गया और मैंने भी झटके मारना शुरू कर दिए थे और लंड दीदी की बच्चेदानी से जा कर टकरा रहा था इसलिए वह जोर जोर से सिस्कारिया ले रहीं थी फिर मैंने दीदी को अपनी बाहों में लिया और उसे अपने नीचे कर लिया.

अब दीदी ने अपनी टांगे खोल दी और मेरा लंड आसानी से उन की चूत में जाने लग गया, फिर करीब २० मिनिट तक हमारा चुदाई का सिलसिला चला और कुछ देर बाद दीदी का जिस्म टाइट होने शुरू हो गया और उन की सांस पहले से ज्यादा तेज होना शुरू हो गई.

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था क्योंकि यह सब कुछ मेरे लिए एकदम पहली बार था दीदी ने मुझे अपनी टांगो से ब्लॉक कर दिया और मुझे कस कर अपनी बाहों में ले कर अपनी गांड को ऊपर नीचे करने लग गई, २ मिनट बाद में उन्होंने मेरे लंड पर अपना पानी छोड़ दिया, मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरे लंड पर पानी की पिचकारी मारी हो.

दीदी की चूत के पानी की वजह से लंड गीला हो गया और दीदी की चूत में आराम से ऊपर नीचे होने लग गया, अब मेरा भी पानी निकलने वाला था, इसलिए मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और अपना सारा पानी दीदी की चूत में ही डाल दिया और मैं थक कर दीदी के ऊपर ही सो गया हम दोनों पूरी तरह थक चुके थे. इसलिए हमको कब नींद आ गई हो कुछ पता ही नहीं चला.

अब हम सुबह उठे और नहा धो कर बाहर निकल गए और दीदी और मैंने सारा दिन मस्ती की. हम ने बाहर ही ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर भी किया, हम ने एक साथ मूवी देखी और सिनेमा हॉल में चुम्मा चाटी करी. और हम रात को ८ बजे होटल वापस आ गए और चेक आउट कर के बस लेकर अजमेर जाने लग गये.

हम को बस रात के ९ बजे मिली, बस पुरी खली थी में और दीदी सबसे लास्ट में स्लीपर सीट पर जाकर बैठ गए, कुछ देर बाद बस की लाइट ऑफ हो गई और मैंने विंडो के पर्दे लगा कर अपनी सीट पर पूरा अंधेरा कर लिया और दीदी के बूब्स पकड़ कर मसलने लगा.

अब दीदी ने मेरी पेंट खोल दी और मेरा लंड बाहर निकाल कर अपने हाथ से ऊपर नीचे करने लग गई, मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था वह अपने आप नीचे बैठ गई और मेरा लंड अपने मुंह में डाल कर ऊपर नीचे करने लगी जब दीदी ने लंड मुंह में डाला तो मेरी आंखें बंद हो गई और मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं जन्नत में हूं.

क्योंकि आज पहली बार मेरा लंड किसी ने अपने मुंह में डाला था, मेरे मुंह से आवाज आह्ह औऊ अहह ओह हहह ही अहह औऊ ही अह्ह्ह वाह दीदी हां ओह्ह्ह अ आह्ह्ह औऊ आ रही थी दीदी आह हू ओह हह्ह्ह क्या बात है, आप ने तो कमाल ही कर दिया आज तो. वाह क्या बात है दीदी अह्ह्ह उऔउ ओइह हहह.

मेरी आवाज सुन कर दीदी और जोश में आ गई और लंड को पूरा मुंह में ले कर ऊपर नीचे करने लग. गई मेरा लंड उन के गले में जा रहा था जो कि मुझे साफ महसूस हो रहा था.

दीदी ने मेरा लंड चूस चूस कर गोरा कर दिया था और मुझे भी मजा आने लग गया और मैं अपनी गांड उठा उठा कर उनके मुंह को चोदने लग गया. मेरा पूरा लंड पर सिर्फ दीदी की थूक थी और मेरा लंड ऐसा लग रहा था जैसे मानो मेरे लंड अभी दीदी की थूक से नहा कर आया है.

मैं दीदी के सर को पकड़ कर अपने लंड को ऊपर नीचे कर रहा था और कुछ ही देर में मैंने अपना पानी निकाल दिया और दीदी ने मेरा सारा पानी अपने मुंह में लिया और उसे पी लिया, मेरी दीदी ने मेरा लंड चाट चाट कर पूरा साफ कर दिया और मेरे लंड को अपने गले से रगड़कर रगड़ कर पूरा सुखा भी दिया.

मैं और दीदी नॉर्मल हो कर बैठ गये चुसाई में हमें पता भी नहीं चला कि हम आधे रास्ते में पहुंच गए थे, अभी हमारी बस को रुकना था बस रुकी और सवारी भी अब बस में आ गई थी, बस यहां पर १० मिनट तक रुकी थी.

इसलिए मैं और दीदी नीचे उतर कर कोल्डड्रिंक पीने लग गए, हम कोल्ड ड्रिंक पीते पीते आंखों से बात कर रहे थे, और तभी बस ने हॉर्न मारा और हम बस की तरफ चले गए और अपनी सीट पर जा कर बैठ गए, बस चल पड़ी और कुछ ही देर में बस की लाइट बंद हो गई, पूरी बस में अंधेरा हो गया.

अभी दीदी सिट पर लेट गई और मैं उन के साथ लेट गया, मैंने हम दोनों के ऊपर चादर ले ली. फिर मैंने दीदी की गांड पर हाथ फेरने लग गया क्योंकि दीदी मेरी तरफ अपनी गांड कर के सो रही थी, अब दीदी ने अपना कुर्ता ऊपर कर लिया और अपनी सलवार खोल कर नीचे कर दी मैंने भी अपनी पैंट नीचे कर दी.

अब में दीदी के बूब्स को दबा रहा था और मेरा लंड दीदी की गांड पर सेट था, तभी दीदी बोली वरुण आज तो मेरी गांड भी हनीमून मनाएंगी ना?

मैंने कहा हां दीदी आप बस चुप रहो आज तो आप की गांड भी फाड़ दूंगा मैं.

दीदी ने कहा तो फाड़ दो न मेरे राजा मैंने कब मना किया है तुझे?

यह सुन कर मैंने अपनी थूक दीदी की गांड और अपने लंड पर लगा ली और दीदी की गांड पर लंड सेट कर के धक्का देने लग गया, मैंने दीदी के मुंह पर हाथ रख दिया था क्योंकि मुझे पता था दीदी को दर्द होगा और वो चीखेगी जरूर, और वह ही हुआ मैंने लंड डाला उधर दीदी की चीख निकली पर मैंने आराम से काम लिया.

मैं आधा लंड डाल कर रुका और दीदी के बोबे दबाने लग गया, कुछ देर बाद दीदी नॉर्मल हो गई और मेरी गांड पर थप्पड़ मार कर इशारा कर दिया, मैंने अब धीरे धीरे लंड पूरा डाल दिया और दीदी की गांड मारने लग गया. मैंने दीदी की गांड बहुत जोर से मारी और काफी देर बाद मुझे लगा कि दीदी कुछ और भी चाहती है.

तो मैंने अपना लंड गांड से निकाल कर दीदी की चूत में डाल दिया, जैसे ही मैंने अंदर डाला तेरी दीदी खुश हो गई और अपनी गांड हिला हिला कर मेरे लंड का स्वागत करने लग गई. मैंने करीब २० मिनट दीदी की चूत मारी.

और अब दीदी ने अपनी चूत का पानी मेरे लंड पर निकाल दिया, जब दीदी का पानी मेरे लंड पर लगा तो मुझे से भी रहा नहीं गया मैंने भी १० धक्के मारे और अपना पानी भी दीदी की चूत में निकाल दिया, दीदी की चूत से पानी से निकल रहा था मानो कि जैसे चूत में पानी की नदी लग गई हो.

मैंने चादर से दीदी की चूत साफ की और अपना लंड भी साफ किया और मैंने और दीदी ने अपने कपड़े ठीक करें और सो गए, हम सुबह ७ बजे अजमेर पहुंच गए, वहां हमारा एक दिन का प्लान था पर दीदी ने चार दिन कर दिया क्योंकि दीदी को मेरे साथ अपना हनीमून मनाना था.

मैंने वहां पर दीदी की दिन रात चुदाई की और हमने अपनी जिंदगी के पूरे मजे लिए.

157 Replies to “दीदी और मेरा हनीमून”

        1. Kabi humhe b humare mail box me reply krdo ji humara Lund me khoon bht teji se dodh
          Ra hh Lund me aisa current laga hh ki tunhare andr jake tumhari kuttiya bna ke fuddi mrunga bht maza aega aaja meri lund ki rani

          1. Jarur ji kyon nahi aap bulayen or mai na aaun aapko to chat chat ke chodunga aapke cmt phadhte hi loda khada ho gyaa yaar

          2. Tum bata dena jab aana ho to. Maza lene ka koi time nahin hota meri raani. Jab bhi mil jaogi, mazaa aa hi jayega. Muaahh

          3. mere gahr aa jayea kisi din monday to friday 9 se 5 k beech lutheri ganv hai morinda city k pas punjab mein

          4. Apko bhut shok hai chudvane ka nhi surinder kaur sardaniyo maja dena ke liye bani hai kya apki gand aur chut ka maza lena chahta Hu mai bhi ….dekhte hai apki gand mai maza hai ya chut mai

          5. Hmmm sahi sikhniya tujhe chodna ka man hai bhut jyda tu mast maal lagti hai mujhe yaar hangout par request send karo yaar ……

          6. Punjabiyo ka lund bhi chut marne ke liye bana hai khas kar sardarniyo ki chut aur gand marne ke liye

          7. गांव लुथेरी , शहर मोरिण्डा की
            सबकी लाडली प्यारी दुलारी गश्ती भाभी सुपिन्दर कौर की रसवंती चूत को
            अपने प्यारे और भूले हुये देवर के विनम्र लेकिन खड़े लण्ड का सलाम स्वीकर हो ।
            आगे समाचार ये है कि बहुत ज़माने के बाद तुम्हारे सन्देशों का स्वाद मिला जो किसी समय पुराने वक्त की “अन्तर्वासना” पर बिखरता रहता था, और जिसका आनन्द तुम सबके बीच बिना भेदभाव बांटा करती थी, क्या बूढ़ा क्या बच्चा, क्या नर क्या मादा !
            भला तुम अपना वही रस “उस मंच” पर भी क्यूं नहीं बांटती?
            वहां भी तुम जैसी रंगीली-रसीली भाभी की कमी बहुत खलती है।
            तुम्हारे पास तो रस औ’ खुशबू का अनन्त भण्डार है जो सभी जगह हर प्राणी को बांट सकती हो।
            और भले लोगों की ज़रूरत तो सब जगह होती है, यह सच तुमसे अधिक कौन समझ सकता है।
            तो प्यारी भाभी, इस ‘खत’ तो “तार” मानो, और शीघ्र से जल्दी वहां पधारो और अपने जलवे बिखेरो।
            सप्रेम
            तुम्हारी चूत की खुशबू को तरस रहा देवर
            ए के एम

          8. गांव लुथेरी , शहर मोरिण्डा की
            अन्तर्वासना की लाडली प्यारी दुलारी गश्ती भाभी सुपिन्दर कौर की रसवंती चूत को
            अपने प्यारे और भूले हुये देवर के विनम्र लेकिन खड़े लण्ड का सलाम स्वीकर हो ।
            आगे समाचार ये है कि बहुत ज़माने के बाद तुम्हारे सन्देशों का स्वाद मिला जो किसी समय पुराने वक्त की “अन्तर्वासना” पर बिखरता रहता था, और जिसका आनन्द तुम सबके बीच बिना भेदभाव बांटा करती थी, क्या बूढ़ा क्या बच्चा, क्या नर क्या मादा !
            भला तुम अपना वही रस “उस मंच” पर भी क्यूं नहीं बांटती?
            वहां भी तुम जैसी रंगीली-रसीली भाभी की कमी बहुत खलती है।
            तुम्हारे पास तो रस औ’ खुशबू का अनन्त भण्डार है जो सभी जगह हर प्राणी को बांट सकती हो।
            और भले लोगों की ज़रूरत तो सब जगह होती है, यह सच तुमसे अधिक कौन समझ सकता है।
            तो प्यारी भाभी, इस ‘खत’ तो “तार” मानो, और शीघ्र से जल्दी वहां पधारो और अपने जलवे बिखेरो।
            सप्रेम
            तुम्हारी चूत की खुशबू को तरस रहा देवर
            ए के एम

          9. लिंगभक्षिणि लण्डमर्दिनि चूत स्वामिनि प्यारी भाभी सुपिन्दर कौर को मेरा पैरी पैणा,
            प्यार जननी है प्यार की।
            तुम में इतना प्यार भरा है कि अगर ठन्डे-से-ठन्डा इन्सान भी सिर्फ़ 30 सैकिंड के लिये तुम्हारी सोहबत में आ जाये तो तुम्हारे बूब्ज़ की गहराई देख और चूत की खुशबू पाकर वो इतना गरमा जायेगा कि उसका लण्ड टन्न-टन्न करने लगेगा फ़िर या तो वो फ़कीर बन जायेगा या तुम्हारा बिन दाम का ग़ुलाम बन सुबह-शाम चारों पहर तुम्हारे दर पर, गांव लुथेरी में, मुठ्ठ मारेगा ।
            सप्रेम – ए के एम
            पुनश्चः – यह सन्देश लैपटौप पर एक हाथ से टाईप किया है।
            क्यूं ?
            इसलिये कि दूसरा हाथ बिज़ी था लण्ड को कन्ट्रोल करने में !

          10. कुण्डल केशी योनि स्वामिनि सुपिन्दर भाभी ,
            बहुत पुराना गाना था
            मैं कहीं कवि न बन जाऊं तेरे प्यार में ऐ कविता !
            शायद उत्तर मिल गया होगा।
            सप्रेम – सर्वयोनि उपासक सर्वयोनि भेदक लिंगस्वामी
            ए के एम

          11. सब तेरी चूत के मायजाल का कमाल है, निशाने पर जो भी हो, राजा या रंक, चूत का पुजारी या कोई बाबा फ़कीर।
            मैं तो एक मामूली सा पुजारी हूं तेरी रसीली चूत का, गठीली गाँड का, नशीले होंठों का, अर्थात् तेरे शरीर में बने तीनों लण्डप्रिय स्थलों का ……
            तेरी चूत का विचार ही इतना चोदू होता है कि लिखते-लिखते लुल्ली लण्ड और लण्ड लौड़ा बनने लग जाता है फ़िर ऐसे में एक ही काम रह जाता है –
            तेरे नाम की दना-दन मुट्ट मार लौड़े को फ़िर से लुल्ली बना देने का …
            तेरी चूत का दीवाना – ए के एम

          12. जब तक लण्ड खड़ा है, मुट्ठ मारते रहो, जब तक चूत गीली है बैंगन-मूली-गाजर-डिल्डो से मथते रहो – ए के एम

          13. Are you mad or what? How much education did you get? You don’t understand English, you don’t understand Hindi. Do you at all understand what I write? Did you ever go to school?
            Why do you keep asking meaningless questions? Do you know what you write? And in what language do you write. It’s neither English, nor Hindi and not even Hinglish !
            First learn some language to write properly.

          14. मित्र चन्द्रप्रकाश राजपोत
            हलो , मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूं?
            तुम्हारा नाम और प्रोफ़ाईअल की तस्वीर – इनका तालमेल समझ नहीं आया।
            तस्वीर जनाना लेकिन नाम मर्दाना !
            या फ़िर क्या नाम चन्द्रा है , जनाना?
            क्या तुम मेरे समान कठोर चोदन विशारद लण्डधारी हो
            या फ़िर
            गांव लुठेरी की भाभी सुपिन्दर कौर जैसी रसीली खुशबूदार चूत की मलिका हो ?
            स्पष्ट कर दो तो सन्देशों के आदान-प्रदान में मज़ा आ जयेगा।
            चूत वाली हो तो तेरी चूत की चुदाई की बातें करेंगे,
            लण्ड वाले हो तो मुठ्ठ मारने की बातें …
            सप्रेम – ए के एम

          15. कया मैरा लनड बराबर खरा हुजाता है कया कु जुगार हैय

          16. मित्र क्या तुम यह कहना चाहते हो कि
            “ मेरा लण्ड बार-बार खड़ा हो जाता है, क्या जुगाड़ (हल) है? ”
            अगर ऐसा ही है तो प्यारे स्थिति तो समझ आ गयी लेकिन तुम्हारी समस्य वास्तव में क्या है यह समझ नहीं आया?
            क्या समस्या यह है कि लण्ड क्यूं खड़ा हो जाता है और कुछ ऐसा जुगाड़ हो कि लण्ड खड़ा न हो सके?
            स्पष्ट कर दोगे तो सम्भव है मुझ समेत कोई अन्य पाठक / पाठिका मित्र भी कोई हल सुझा दे !
            सप्रेम – ए के एम

          17. मास दिन माय सदस्य कहानिया पडता हु  दिनमैय मै 3 5 बार मुट मारना परता है

            Get Outlook for Android

          18. Good. Next week try doing it 40 times a day. I do it 45 times daily and keeps me healthy , physically and mentally.

          19. supinder didi avda email das ya meri mail id te mail kr meri id behanchod664 aa baki g mail te aa oho ape laga li pls mail kri gal krni a imp

          20. [email protected] says:

            Apna no degi kya

          21. नहीं आयेगा, मेरी रसीली परझाईये। तेरी फ़ुद्दी की महक की सीमा (ज़िला रोपड़) तक पहुँचने के लिये बन्दे के तन, मन और लन (लण्ड), तीनों में, दम-ख़म चाहिये जो सब में नहीं । सप्रेम – ए के एम

    1. Thik bol rahi ho dear .mera devar bhi roj mere sath honeymoon mnata hai yaar meri mast chudasi karta hai

      1. KYUN PATE SE DEL BHAR GAYA HAI KYA MARE JAAN TO HAMEE BHE TO EK MOUKA DE HE DO , CONT ME DEAR 9911933363

          1. Aapko to chat ke chudvana to aa jao mere pass chut ka pyasa hun ji sweety ji chut chus chus ke juice nikaal dunga

          1. hello
            ashu ji pehle yeh btao ke apki age kya hai .aur kya size hai apka sach bolna .jhoot bolne wale ki gand par main laat marti hoon soch lena .pl reply.

        1. Agar tu real 19 ka hai aur tera size bhi 8 hai tou tu jrur mujhe masst kasr sakta hai .teri age sun ke meri chut mein aur mooh mein pani agiya hai yaar .apni ek picture tou dikha de yaar fir tere lund kla maza bhi jrur loongi .mere raja . I love u my sweet frnd

    2. Supinder kaur je ehna e cha a lun len da number bhej apna dekhi kida Teri fudi ch lun paunda ki teri maa vi chudju te fudi teri ehda paani chadu jive baar ai hundi a

  1. Join the discussion…te mera no h 07727880651 contact kr layi moss call ya wattsup msg kr deya je supinder jo

    1. [email protected] says:

      Mam m aapko vo maja dunga jo aaj tk nahi mila aapko m aapko upper se niche tk chatunga jeeb se m aapki chut aur gand ke hole ko pura andr tk chatunga jeeb se pir uske bad apne Lund se chudai kruunga meri service bahut jyada best h aur safe h m sex krte time aapke under ak janwar jga dunga bs ak bar meri service try karo uske bad aap khud mujhe invite karogi meri service

    2. [email protected] says:

      Mera contact no. 07060966176

        1. Mail m baatt kroogii meree see Matt boobss hh aapkee choosnee ka nnn krnee lgaa antiqr215 @gmail.com.contact me

        2. [email protected] says:

          Madhu ji Agr aapko ya aapki kisi friends ko meri service chahiye to mujhe mail karo m aapko vo maja dunga jo aaj tk nahi mila aapko m aapki chut aur gand ke hole ko pura andr tk chatunga jeeb se pir uske bad apne Lund se chudai kruunga m sex krte time aapke under ak janwar jga dunga bs ak bar meri service try karo uske bad aap khud mujhe invite karogi meri id meri profile me h m aapke mail ka wait karunga please jaldi reply krna

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