Hindi Sex Story कोलेज की रंडियां

antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex अंजलि की चूत में मेरा लंड मस्त घुस चूका था और यह देसी लड़की उठ उठ के मेरे लौड़े को अपनी चूत में जोर जोर से घुसेड रही थी. उसकी चिपचिपी चूत में लंड डालने का मजा ही कुछ और था. जब वो उछलती थी तो उसके बड़े बड़े बूब्स मेरे मुहं पर घिसते थे. मैंने मुहं खोल के उसके एक निपल को मुहं में भर के उसे अपने दांतों के निचे दबा दिया. अंजलि के मुहं से आह निकल पड़ी लेकिन उसने लंड के ऊपर कूदना चालू रखा.
दोनों देसी लड़की की चुदाई

उधर दूसरी देसी लड़की बिंदिया राघव का लंड चूसने में मग्न थी. उसने राघव का पूरा लंड अपने गले में ले लिया था और राघव के बाल्स को भी बिच बिच में चाट रही थी. मैंने अंजलि की गांड पर हाथ रखा हुआ था और मैं उसे जोर जोर से ठोकने लगा था. अंजलि के मुहं से आह आह के चीत्कार निकल रहे थे और वो जोर जोर से उछलने लगी थी.

तभी राघव ने गाडी को साइड में लगाया. हमारी रेग्युलर जगह आ गई थी जहाँ हम लोग चुदाई करते हैं. दोनों ही लड़कियां जगह आते ही लंड को छोड़ के बहार आ गई. राघव और बिंदिया सीधे ही चद्दर ले के घास वाली जगह पर चले गए. यह जगह जंगल के अंदर हैं और दिन में भी यहाँ कम लोग ही आते हैं. राघव ने चद्दर फैला दी और बिंदिया नीचे लेट गई.

तभी अंजलि बोली, बिंदिया मैं राघव के साथ जाऊं प्लीज़, इसका तो बहुत मोटा हैं साले का.

इस देसी लड़की के मुहं से यह बात सुन के दुःख और सुख एक साथ फिल हुआ. बिंदिया ने मुझे माथे से इशारा किया और अपनी और बुलाया. वो टाँगे खोल के लेट गई और बोली, पहले कुत्ता बन के मेरी चूत को सूंघो और चाटो.

दूसरी देसी लड़की अंजलि अब राघव का लंड अपने मुहं में भर चुकी थी. राघव उसके माथे को पकड़ के उसे मुहं में जोर जोर से चोद रहा था. मैं बिंदिया की चूत को सूंघने लगा और इस देसी लड़की को उसकी चूत में हलके हलके किस देने लगा. बिंदिया ने मेरा माथा पकड के चूत में धर दिया. मैं जबान लपलपा के उसकी चूत को मस्त चाटने लगा. बिंदिया ने हाथ से चद्दर को पकड के मरोड़ दिया और वो उछल के मेरे मुहं पर अपनी चूत को घिसने लगी. यह सब बड़ा ही रोमांचित कर देने वाला था.

तभी मेरी नजर अंजलि और राघव के ऊपर पड़ी. राघव ने अंजलि कोउल्टा लिटा के उसके कुल्हें ऊपर कर लिए थे. फिर पीछे से उसने अपना बड़ा सा लंड चूत में पेल दिया था. यह देसी लड़की की चूत में पूरा लंड अंदर बहार होता हुआ मैं चूत चाटते हुए देख सकता था. बिंदिया भी बड़ी गरम हो चुकी थी और वो मुझे माथे से पकड के अपनी चूत में जोर जोर से दबाती जा रही थी. मैंने सोचा की लौड़ा गरम हैं और इस देसी लड़की की चूत भी, यही सही समय हैं उसे चोदने का. मैंने उसकी चूत से अपना मुहं निकाला और अपने लंड को पकड के उसके मुहं पे मारने लगा. बिंदिया मुहं खोल के लंड को चूसना चाहती थी लेकिन मैं उसे उसके मुहं से दूर हटा देता था. मैंने अब उसकी टांगो को और खोला और मैं उनके बिच में जा बैठा. बिंदिया ने अपने हाथ में थोडा थूंक लिया और उसे मेरे सुपाडे के ऊपर मलने लगी. मैं उसके ऐसा करने से और भी गर्म हो गया और मैंने उसके बूब्स पकड के अपना लंड उसकी चूत में दे मारा.

यह देसी लड़की को तो जैसे लंड एक झटके में चूत में लेने में बड़ा मजा आ गया. उसने मुझे कस के अपनी बाहों में भर लिया और मुझे छाती के ऊपर चूमने लगी. मुझे उसके चूमने से बड़ा ही मजा आने लगा था. मैंने अब उसके बूब्स पर अपना हाथ रख दिया और लंड को उसकी चूत के अंदर बहार करने लगा. बिंदिया भी अब अपनी गांड को ऊपर निचे करने लगी और मुझे चोदने में बड़ा मजा देने लगी. बिंदिया की चूत में मेरा लंड बड़े ही आराम से अंदर बहार होने लगा था.
चूत के बाद गांड में डंडा किया

उधर राघव ने अंजलि की चूत को फाड़ने के बाद अपनी आँखे इस देसी लड़की की गांड पे टिकाई थी. उसने अपने लंड को अब चूत से निकाल के गांड पर रख दिया था. अंजलि भी राघव का लंड गांड में लेने के लिए रेडी लग रही थी. उसने अपनी गांड को थूंक से भिगोया और फिर राघव का लंड सही तरह सेट करने लगी. राघव ने जैसे ही एक जोर का झटका मारा अंजलि के मुहं से उई माँ मर गई की आवाज निकल गई…! लेकिन यह देसी लड़की लंड का यह झटका थोड़ी देर में ही सह गई और अपनी गांड उठा उठा के राघव का लंड अंदर लेने लगी. राघव ने उसकी गांड पकड के उसे जोर जोर से ठोकना चालू कर दिया.

इधर बिंदिया ने भी मस्त तरह अपनी चूत में लेने के बाद अपनी गांड मरवाने की इच्छा व्यक्त की. मैंने उसे भी कुतिया बना के उसकी गांड पर लंड रख दिया. बिंदिया ने अपने हाथ से लंड अंदर लिया और फिर मुझे झटके देने को कहा. अंजलि के मुकाबले इस देसी लड़की की गांड ढीली थी और लंड बिना किसी तकलीफ के अंदर बहार हो रहा था. कुछ 5 मिनिट तक हम दोनों, मैं और राघव, in देसी लड़कियों की गांड मारते रहे. हम दोनों लगभग एक साथ ही झड़ गए उन सेक्सी गांडो के अंदर.

अंजलि और बिंदिया दोनों ने उठ के नेपकिन से अपनी गांड साफ़ की और हमें भी लंड साफ़ करने के लिए नेपकिन दे दिया. हम ने अपने लंड साफ़ किये और चद्दर पर लेट गए.

पांच मिनिट बाद बिंदिया आई और हम दोनों के लंड को पकड के मसलने लगी. इस देसी लड़की की चूत चुदाई का और एक राउंड लेने के लिए बिलकुल तैयार थी. अंजलि भी दुसरे पल उठ के आ गई. अब की मैंने अंजलि की गांड और चूत मारी और बिंदिया की चुदाई का जिम्मा राघव के पास आया. यह थी हमारी कोलेज की दो रंडियों की कहानी. हम आज भी कभी कभी बिंदिया की चुदाई करने वही जगह पर जाते हैं…! आप साथ आना चाहोंगे हमारे?