टीचर ने दिए नशे में तगड़े झटके

हाय फ्रेंड्स, मेरा Antarvasna नाम पायल है और मैं मुम्बई की रहने वाली हूँ और कामलीला डॉट कॉम वेबसाइट पर यह मेरी पहली कहानी है. दोस्तों मेरे माँ और पापा का तलाक हो चुका था तब मैं करीब 19 साल की थी. अब तक मैंने माँ को कई लोगों से चुदते हुए देखा था. इसलिए मुझे भी चुदाई की इच्छा होने लगी थी. फिर भी मैं अपनी चूत में ऊँगली करके चुप बैठ जाती थी माँ कुछ घरों में काम करती थी वहाँ पर भी मैंने उनको चुदते हुए देखा था कई बार तो एक साथ 3-3 लोगों से भी चुदते हुए देखा था। हाँ तो दोस्तों अब मैं सीधे अपनी कहानी पर आती हूँ।

एक दिन माँ ने मुझसे कहा की, मैं आज से 20 दिन के लिए घूमने जा रही हूँ।

मैं :– किसके साथ?

माँ :– मैं जहाँ पर काम करती हूँ उनके साथ।

तो फिर मैं समझ गई थी कि, माँ अब जाकर चुदने वाली है और वह इस वजह से ही जाने वाली थी।

मैं :– कौन है?

माँ :– शर्मा अंकल और उनके कुछ रिश्तेदार है।

अब तो मेरा शक़ हक़ीकत में बदला और फिर मैंने उनके ही घर में उनके और उनके कुछ दोस्तो के साथ माँ को चुदते हुए देखा था।

मैं :– कब जाने वाले है वो लोग और कितने बजे?

माँ :– अब तैयार होकर जाने वाली हूँ. और तू घर ठीक से संभाल लेना रात को दरवाजा नहीं खोलना।

माँ मुझे समझा रही थी और माँ तैयार भी हो गई थी और फिर करीब 2 बजे माँ निकली तो मैंने माँ से कहा कि, मैं आती हूँ छोड़ने के लिए तो माँ ने मुझको नहीं कहा. और फिर मेरे ज्यादा जोर देने के बाद वह मुझसे बोली की, ठीक है और फिर माँ ने अंकल को फ़ोन करके बोला कि, मैं आ रही हूँ कब निकलना हैं तो वह बोले कि, अभी. तो फिर माँ ने बताया मैं उनको छोड़ने आ रही हूँ तो फिर वह बोले कि, ठीक है. और फिर हम दोनो अंकल के घर गए. और फिर माँ और अंकल गाड़ी में बैठ गए थे और फिर मैं भी उनके सामने वापस घूम गई थी तो फिर उनको लगा कि, मैं चली गई हूँ।

और फिर थोडा आगे जाकर उन्होनें गाड़ी खड़ी करी और फिर 2 लोग और भी गाड़ी में बैठ गए थे. और मैंने यह सब चुपके से देखा था. और फिर वह सब चले गए थे. और अब मैं भी घर पर वापस आ गई और वही सोचने लगी. तभी मैं फ्रेश हो गयी, और अपने कमरे में बैठकर के टीवी देखने लगी तभी टीवी में एक किस वाला सीन आया तो मैं भी गरम हो गयी. सोच रही थी काश कोई मुझे भी चोदता. दोस्तों मुझको चोदने के लिए तो बहुत से लोग तैयार थे पर बदनामी की वजह से मैं चुप रहती थी. तभी एक भिखारी दरवाजे पर आया और मैंने उसे खाना दिया और वह हमारे दरवाज़े पर बैठकर खाना खाने लगा. उसका खाना होने तक मेरी नज़रे बार-बार उसके लंड की तरफ जाती रही. उसका खाना हुआ और उसने पानी माँगा तो मैंने पानी देते वक़्त अपनी चुनरी गिरा दी थी और वह मेरे बब्स की गहराई को देखने लगा था. और फिर मुझे लगा मेरा निशाना ठीक लग रहा है. उसने पानी पिया तब तक मैंने चुनरी ठीक की. और फिर रात होने आई थी तो वो बोला मैं यही पर सो जाऊँ. हमारे घर की दीवारें ऊँची थी और एक गेट भी था दरवाजा एक साइड में होने के कारण बाहर से ज्यादा कुछ नहीं दिखता था. तो फिर मैंने उससे कहा कि, ठीक है और फिर मैं गेट लगाकर अन्दर आ गई मेरे दिमाग़ में वही आ रहा था बार-बार और मैं सोच रही थी कि, उसका लंड कैसा होगा कितना मोटा होगा. जिसको सोच-सोचकर मैं बहुत गरम हो गई थी, और मेरी चूत ने भी पानी छोड़ना शुरु कर दिया था। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था तो मैंने दरवाजा खोलकर के देखा वह सोया हुआ नहीं था वह अभी तक जाग रहा था. और फिर मैंने उसे कहा अन्दर सोना है क्या तुमको? बाहर तो ठण्ड लगेगी. तो फिर वह पहले तो बोला कि, नहीं मैं यहीं पर ठीक हूँ. और फिर मेरे थोड़े जोर देने के बाद वह अन्दर आया सोने के लिए. और फिर मैंने उससे कहा कि, नहा लो मैं तुम्हे सोने के लिए बिस्तर देती हूँ, तो वह कुछ नहीं बोला और उसने अपना एक कपड़ा बिछाया और सो गया।

दोस्तों मैं लंड के लिए तड़प रही थी. रात तो किसी तरह निकल गई थी और फिर सुबह वह चला गया था. और फिर मैंने सबसे पहले अपनी चूत के बाल साफ किए और फिर मैं नहाकर तैयार हो गई थी. दोस्तों मैं घर में सलवार कमीज़ पहनती थी. उसके अन्दर ब्रा और पेंटी. पर उस दिन घर के सारे दरवाजे और खिड़कियाँ मैंने बन्द ही रखी थी और मैं पूरे घर में नंगी ही घूम रही थी. और फिर मैंने अपनी माँ की एक साड़ी ब्लाउज और पेटीकोट निकाला और पहन लिया. मुझे अपने मोबाइल में एक अपनी एक तस्वीर निकालनी थी इसलिए. अपने मोबाइल में फिर मैंने एक तस्वीर निकाली और फिर मैंने अपने कपड़े पहन लिए थे और फिर मैं अपने मोबाइल में सेक्सी मूवी देखने लग गई थी। और फिर तभी किसी ने दरवाज़े खटखटाया और फिर मैंने दरवाज़ा खोला तो बाहर मेरे कॉलेज का एक दोस्त खड़ा था, हम क्लास में एक साथ ही पढ़ते थे. और फिर मैंने उससे बातें करी और फिर वह चला गया था. और मैं फिर से अकेली बैठी थी मुझको कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि, मैं क्या करूं. मेरी चुदवाने की तो बहुत इच्छा हो रही थी मुझसे अब बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था. और फिर मैं बाहर घूमने आई और मैंने सोचा कि, थोड़ा घूम आऊँ. और फिर मैं बाजार गई सब्जी ली और फिर मैं वापस अपने घर जा रही थी तो मेरी एक सहेली का घर रास्ते में ही था और फिर मैं उसके यहाँ पर चली गई थी. उसके घर का दरवाजा अन्दर से बन्द था. तो फिर मैंने सोचा कि, शायद वह सो रही होगी।

और फिर मैं उसको खिड़की से आवाज़ देने गई थी. उसके कमरे की खिड़की आधी खुली थी. और फिर मैंने अन्दर देखा तो मैं एकदम से दंग रह गयी थी अंदर वह हमारे टीचर के साथ अपनी चुदाई करवा रही थी. और फिर मैं उस नज़ारे को देखती ही रह गई थी. और फिर मैं उनका काम पूरा होने तक उनको देखती ही रही थी. मैं भी अब बहुत गरम हो गई थी. और फिर थोड़ी देर के बाद टीचर उसके घर से चले गए थे. और फिर मैं उसके घर में गई तो वह नहा रही थी. और फिर मैंने उसको आवाज़ दी तो वह बोली कि, मैं नहा हो रही हूँ तू रुक थोड़ी देर के लिये. और फिर मैं बाहर के कमरे में बैठ गई थी लेकिन मेरे सामने तो वही सीन आ रहा था उसकी चुदाई का. और फिर वह नहाकर आई और फिर हम आपस में बातें करने लगी थी. और फिर मैं थोड़ी देर के बाद बाहर निकली तो मुझको जाते वक़्त वह टीचर रास्ते में मिले तो मैंने उनको नहीं देखा था।

और उनको यह भी पता नहीं था कि, मैंने उनको चुदाई करते देखा था तब उन्होनें भी मुझे देखा था. और फिर उन्होनें मुझे बताया कि, तुमने हमारी चुदाई देखी है. और फिर मैंने उनको नहीं कहा पर उन्होनें मुझको बताया कि, मैंने कब से कब तक उनको देखा था. अब मेरे पास कोई जवाब नहीं था. तो फिर उन्होनें मुझसे कहा कि, तुम मेरे घर चलो मुझको तुमसे कुछ बातें करनी है. और फिर मैंने उनको घर पर नहीं बल्कि बाहर एक गार्डन में जाने को बोला तो वह मान गए थे. और फिर अब हम गार्डन में बैठकर बातें करने लगे और फिर उन्होनें मुझसे पूछा कि, तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है?

तो मैंने उनसे कहा कि नहीं. तो फिर वह बोले कि, तुमने हमें उस हालत में देखा तो तुम्हें कुछ नहीं हुआ? तो मैंने कहा कि, नहीं, लड़की हूँ तो हाँ कैसे बोलती. और मुझको लगा तो था कि, अन्दर जाकर सर को अपने ऊपर ले लूँ पर. और फिर वह बोले कि, मैं समझता हूँ कि, तुम यूँ कुछ नहीं बोलोगी और फिर उन्होनें मुझसे कहा कि, तुम मेरे घर पर चलो मैं तुम्हारे दिल का हाल जानता हूँ. और फिर मेरे मुहँ से अचानक ही निकल पड़ा कि, आपके घर में कोई नहीं है क्या? तो फिर वह बोले कि, है पर अभी सब बाहर गए हुए है. और फिर मैं शर्म से लाल हो गई थी तो फिर वह मुझसे बोले कि, जीवन में कभी ना कभी तो यह सब करना ही है तो अब कर लो दिल मत मारो चलो हम किसी लॉज में जाएँगे।

मैं :- लॉज में नहीं सबको पता चल जाएगा।

सर :- तो फिर कहाँ?

मैं :- मेरे घर पर।

और फिर हम दोनों मेरे घर पर आ गए. और फिर उन्होनें मेरी माँ के बारे पूछा तो मैंने बताया कि, वह तो 10 दिन के लिए बाहर गयी है हमारे गाँव. तो फिर वह बोले कि, फिर तो कोई दिक्कत ही नहीं है आज रात भर मैं तुम्हें जी भरके प्यार करूंगा।

मैं :- ठीक है।

अब मुझे सिर्फ़ चुदना था. इसलिए मैंने उनको रहने के लिए हाँ कहा. और फिर वह मुझसे बोले कि, मैं कुछ खाने के लिए लाता हूँ. और फिर वह बाहर चले गए थे और तब तक मैं टी.वी. देखने लगी. और फिर वह वापस आए तो उनके हाथ में 3-4 बैग थे उनमें से एक में खाना था और एक शराब की बोतल भी थी और फिर हमने खाना खा लिया और बातें करते रहे. और फिर थोड़ी देर के बाद वह बोले कि, आज हमारी पहली रात है तो हम सुहागरात ही मना लेंगे. तो फिर मैंने उनसे कहा कि, हम वही तो करने वाले है।

दोस्तों अब मैं उनसे कुछ खुल गई थी. और फिर उन्होनें मुझसे कहा कि, तुम साड़ी पहन लो. और फिर उन्होनें लाया हुआ बैग मुझको दिया मेरे लिए उसमें एक लाल साड़ी थी और पेटीकोट भी था. और फिर मैंने वह साड़ी पहन ली और अन्दर जाकर माँ का एक लाल ब्लाउज लिया और कपड़े पहन लिए. तब तक उन्होनें भी नए कपड़े पहन लिए थे. अब हम दोनों नए कपड़े पहने हुए थे. मैं पूरा दुल्हन की तरह सज गई थी. और मैंने साडी नाभि के नीचे पहनी थी. और फिर बाहर आते ही उन्होनें मुझे अपनी बाँहों में भर लिया और वह मुझको किस करने लगे थे 15 मिनट तक किस करने के बाद वह बोले कि, कोल्ड ड्रिंक पियोगी? तो मैंने हाँ कहा तो वह बोले दो ग्लास और पानी लेकर आओ तो फिर मैं सब लेकर आ गई थी।

और फिर उन्होनें 2 ग्लास पिए और फिर उन्होनें मुझसे पूछा कि, कभी सेक्स किया है तुमने? तो मैंने मना किया तो फिर वह मुझसे बोले कि, तुम्हारा पहली बार है तो तुमको बहुत दर्द होगा इसलिये थोड़ी सी तुम भी पी लो इससे दर्द सहन हो जाएगा. और फिर मैंने मना किया तो उन्होनें ज़बरदस्ती एक पैग पिलाया. अब मैं थोड़ी नशे में थी. और अब उन्होनें मुझे उठाया और बेड पर लेटा दिया मेरी साडी का पल्लू नीचे खिसकाया और किस करने लगे कभी किस करते कभी नाभि में जीभ घुसाते जिससे मैं जोश में पागल होने लगी थी. किस करते-करते मेरे बब्स भी दबा रहे थे. और फिर 15-20 मिनट तक किस करने के बाद उन्होनें मेरा ब्लाउस और साडी उतारी. और बब्स और चूत को दबाने लगे मैं बहुत जोश में थी उन्होनें मेरा पेटीकोट भी उतार दिया और अपने भी सारे कपड़े उतारकर पूरे नंगे हो गए थे और अब मैं बस ब्रा और पैन्टी में ही थी. और फिर उन्होनें वह भी उतार दिए थे अब हम दोनो नंगे थे मुझ पर दारू और सेक्स नशा छा रहा था। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर उन्होनें मेरी चूत के अन्दर ऊँगली डाली तो मुझे जैसे 11000 वाट का करंट लगा और मेरे पूरे शरीर में एक कंपन होने लगा और मुझे लंड लेने की और तेज़ इच्छा होने लगी। फिर उन्होनें अपना लंड मेरी चूत पर रखा और मेरी चूत के दानों पर थोड़ी देर तक घुमाया और फिर एक धक्का मारा तो लंड अन्दर नहीं घुस पाया तो फिर तेल की शीशी लेकर उन्होनें तेल मेरी चूत में लगाया और अपने लंड पर भी लगाया. और एक ज़ोरदार झटका दिया तो उनके लंड का सुपाड़ा मेरी चूत के अन्दर गया तो मेरी चीख निकलती इतने में उन्होनें मेरा मुहँ बन्द किया और फिर जोरदार 3-4 झटके दिया तो उनका पूरा लंड मेरी चूत के अन्दर घुस गया था और अब वो मेरे होठों को अपने होठों में लेकर चूस रहे थे. और फिर थोड़ी देर के बाद जब मेरा दर्द कम होता दिखा तो वह अब फिर से धक्के मारना चालू हो गए थे और फिर करीब 30-35 मिनट तक मेरी चूत को अपने लंड से धना-धन चोदते रहे और मुझे गाली दे-देकर उन्होनें मेरी चूत को एकदम लाल कर दिया था और मैं भी उनकी चुदाई के खूब मज़े ले रही थी और फिर थोड़ी देर में वह मेरी चूत के अन्दर ही झड़ गए थे और तब तक मैं भी 3-4 बार झड़ चुकी थी।

दोस्तों उस रात को उन्होनें मुझे 2 बार और चोदा था और उन 10 दिनों में उन्होनें मुझको कम से कम 20 बार हर तरह से चोदा था. और फिर उसके बाद मुझको और मेरी सहेली को भी मिलकर एक साथ चोदा था।

धन्यवाद् कामलीला के प्यारे पाठकों !!