दोस्त की बहन के दबे अरमानों

नमस्कार कामलीला Antarvasna डॉट कॉम के प्यारे पाठकों, आप सभी मेरे नाम से तो बहुत अच्छी तरह से परिचित है और आज मैं आपको एक बड़ी ही सेक्सी कहानी बताने जा रहा हूँ. दोस्तों मैं अहमदाबाद से हूँ, मेरी उम्र 28 साल की है, और मैं एक बहुत स्मार्ट लड़का हूँ, मैं खूब जमकर चुदाई करता हूँ, फिर चाहे मेरे सामने कोई लड़की हो या कोई भाभी। दोस्तों आज मैं आपको मेरे साथ हुई एक बहुत ही प्यारी सेक्स घटना को एक कहानी के रूप में कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से बताने जा रहा हूँ।

दोस्तों यह एक बहुत ही मस्त कहानी है जो मेरे एक दोस्त की बहन मोना की है जो मेरे ही घर के पास में अकेले अपने बेटे के साथ रहती और उसका भाई सिंगापुर में अपने जीजाजी के साथ रहता और काम करता है. दोस्तों मेरे दोस्त की बहन को कोई भी मदद चाहिए होती है तो चाहे जो भी हो वह मुझको ही फ़ोन करती है और किसी भी समय, और मैं भी उसकी मदद करने के लिए हमेशा ही तैयार रहता हूँ।

दोस्तों मैं इस घटना से पहले कभी उसके बारे में कभी भी ऐसा-वैसा गलत कभी भी नहीं सोचता था लेकिन क्या करें दोस्तों मन तो बहुत चंचल होता है वह बहुत ही जल्दी फिसल ही जाता है. और फिर ऐसे ही एक दिन मेरे दोस्त का फोन आया और उसने मुझसे कहा कि, यार मोना दीदी तुमको फोन लगा रही है पर लग नहीं रहा है, इसलिये तुम अभी दीदी से बात कर लो शायद उनकी तबीयत सही नहीं है. और फिर जब मैनें उनको फ़ोन किया तो वह मुझसे बोली कि, मेरे सिर में थोड़ा दर्द हो रहा है और मुझको दवा चाहिए तो फिर मैं तुरन्त ही दवा लेकर उनके घर पर पहुँच गया था. और फिर मैंने उनको दवा दी और फिर मैनें उनको बोला कि, अगर आप कहो तो मैं आपके सिर की मालिश कर देता हूँ? तो फिर उसने मुझको हाँ कह दिया और साथ ही वह मुझसे बोली कि, कुनाल (उनका बेटा) जो कि, 4 साल का है वह सो रहा है दूसरे कमरे में इसलिये तुम थोडा धीरे बोलो नहीं तो वह जाग जाएगा तो मुझे फिर से परेशान करेगा. और फिर मैंने उनको बोला कि, ठीक है जैसा आप कहो…

और फिर हम दोनों वहाँ से उठकर दूसरे कमरे में आ गये थे और फिर वह सोफे पर बैठ गई थी, और वह उस समय मुझको बड़ी ही कमाल की लग रही थी और फिर मैंने उनके सिर की मालिश करनी शुरू करी और जब मैं उनके सिर की मालिश कर रहा था तो वह अपनी आँखें बन्द करके बैठी हुई थी. और मैं उनके पीछे खड़े होकर उनके सिर की मालिश कर रहा था. और तभी मेरी नज़र एकदम से उनके टाइट-टाइट बब्स पर पड़ गई थी. दोस्तों उस समय वह क्या मस्त नजारा था. और मैं धीरे-धीरे उनके सिर की मालिश करता रहा और उनके बब्स की गहराई में खोता भी रहा. और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उनसे पूछा कि, अब कैसा लग रहा है? तो उन्होनें मुझको बोला कि, अब पहले से कुछ ठीक है और मेरे सिर का दर्द भी अब कम हो रहा है।

और फिर मोना दीदी मुझसे बोली कि, अब आप बैठो मैं आपके लिए चाय बनाकर लाती हूँ. और फिर हम दोनों एक साथ बैठकर चाय पीएगें. तो फिर मैंने उनसे कहा कि, नहीं मैं बना देता हूँ, आप तो आराम करो. और फिर वह फिर से अपनी आँखें बन्द करके सोफे पर लेट गई थी. और फिर मैं चाय बनाने के लिए उसी कमरे के सामने ओपन किचन मैं गया और वहाँ से भी मैं उनके बब्स को देख रहा था और मैं अपने एक हाथ से अपना लंड अपनी पेन्ट के ऊपर से ही सहला भी रहा था जो कि, काफ़ी देर से खड़ा था. दोस्तों मैं जब अपने लंड को सहला रहा था तो मैंने एकदम से उनकी तरफ देखा तो वह भी मुझे देख रही थी, और फिर जैसे ही हमारी नज़रे मिली तो उन्होनें फिर से अपनी आँखें बन्द कर ली थी. और फिर तो मैं समझ ही गया था कि, अब उनको दर्द सिर में नहीं है बल्कि कहीं और जगह पर है. और फिर तब तक चाय भी बन गई थी. और मैंने उनको चाय दी और फिर मैं भी उनके बगल में ही बैठकर चाय पीने लग गया था। हम दोनों चुप-चाप बैठकर चाय पी रहे थे कि, तभी वह अचानक से मुझसे बोली कि, विशाल मैं भी तुमको फालतू में ही परेशान करती रहती हूँ. तो फिर मैंने भी उनसे कहा कि, नहीं यह तो आपका हक़ है और यहाँ पर आपका और कोई है भी तो नहीं. और फिर वह मेरी बात को बीच में ही काटकर मुझसे बोली कि, यह तो तुम सही कह रहे हो कोई भी तो नहीं है मेरा यहाँ पर, और फिर वह यह कहते हुए हँस पड़ी थी और उनके साथ-साथ मैं भी हँस पड़ा था, और फिर मैंने अपनी हँसी को रोककर उनको बोला कि, नहीं मैं हूँ ना…

मोना :- हाँ, तुम हो तो सही लेकिन मैं तुमको हर काम तो नहीं बोल सकती हूँ ना, और कहीं तुमने कुछ गलत समझ लिया तो मेरे जो काम हो जाते है वह भी नहीं हो पाएँगे।

मैं :- आप तो कोई भी काम हो तो मुझको बता दिया करो, मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता आपके यह काम तो होते ही रहेंगे और मैं यह कोशिश करूँगा कि, आपको मुझसे कोई परेशानी ना हो।

और फिर चाय ख़त्म करके मैं वहाँ से अपने घर चला आया था क्योंकि मुझको अपने ऑफीस का कुछ काम करना था. और फिर उसी रात को 11:45 बजे मेरे मोबाईल में मोना दीदी का एक मैसेज आया।

मोना :- हाय, सो गये क्या?

मैं :- और फिर मैंने भी जवाब में लिखा कि, नहीं मैं तो अभी नहीं सोया लेकिन, आप अभी तक क्यों जाग रहे हो?

मोना :- अरे यार, तुमको मैं क्या बताऊँ जब से मैंने तुमसे अपने सिर की मालिश करवाई है मेरा तो दोबारा से मालिश करवाने का मन करने लगा है, और असल में तो बात यह है कि, मुझे लगता है कि, तुम मेरे पास ही रहो और वैसे ही मेरी मालिश करते रहो।

मैं :- ओहो… इतनी अच्छी लगी मेरी मालिश, मैं आपको बता दूं कि, मैं तो पूरे बदन की भी बहुत अच्छी तरह से मालिश करना जानता हूँ।

मोना :- अरे! तुमने कभी बताया नहीं, झूँठे कहीं के, वैसे तुमने किसी औरत के बदन की मालिश करी है क्या?

मैं :- हाँ मैं तो कई सारी औरतों की मालिश कर चुका हूँ और अगर आप कहो तो कल आपकी भी कर दूँ?

मोना :- ठीक है, लेकिन कल नहीं तुमको अगर अभी करना हो तो आ जाओ……

मैं :- और फिर तो मैं बिना कोई मौका गवाए उनसे कहने लगा कि, ठीक है मैं अभी आता हूँ, लेकिन मैं इतनी रात में आऊँगा तो उसकी फीस लगेगी।

मोना :- ठीक है पहले तुम आओ तो सही बाद में जो फीस चाहो मैं तुमको दे दूँगी।

और फिर 10-15 मिनट के बाद मैं तैयार होकर उनके घर पहुँचा और मैंने उनके घर का दरवाजा धीरे से बजाया तो अन्दर से आवाज़ आई कि, तुम्हारे लिए सारे दरवाज़े खुले है आ जाओ… और फिर मैं जैसे ही उनके घर के अन्दर गया तो वह एक बहुत ही मस्त और सेक्सी नाइटी पहनकर खड़ी थी. और फिर जब मैंने उनको देखा तो मैं तो बस उनको देखता ही रह गया था. और फिर मोना बोली कि, आओ आओ ऐसे क्या घुरकर देख रहे हो. और फिर मैं आगे बढ़ा और उनके बगल में ही जाकर खड़ा हो गया. और फिर मैंने उनसे कहा कि, इतनी रात में बुलाने की क्या वजह है। तो फिर वह मुझसे बोली कि, मुझको आज सिर्फ़ मालिश सारी रात बस हर जगह की मालिश करवानी है… बताओ क्या तुम तैयार हो? और फिर वह आँख मारते हुए मुझसे बोली. तो फिर मैंने भी उनसे कहा कि, मैं तो हमेशा ही तैयार रहता हूँ।

और फिर तो क्या बताऊँ दोस्तों मैंने उनकी ऐसी मालिश करी उस दिन मैंने उनके बब्स को तेल लगाकर खूब दबाया, और उनकी गांड और चूत में तेल भी लगाया, और ऊँगली भी करी. और फिर करीब 1 घन्टे की जबरदस्त मालिश के बाद वह मुझसे बोली कि, अब सब कुछ छोड़ो और बस मेरी जमकर चुदाई कर दो मैं बहुत दिनों से एक जबरदस्त चुदाई के लिये तड़प रही थी. और फिर तो दोस्तों पूछो ही मत, वह तो इतनी चुड़क्कड़ निकली कि, वह पूरी रात मुझसे जमकर चुदवाती रही, और फिर उस पूरी रात में 3 बार की चुदाई के बाद हम दोनों ही थककर नंगे ही एकदूसरे से लिपटकर सो गए थे और फिर सुबह उठकर देखा तो उनके बेड पर रात की जबरदस्त चुदाई की आँधी के निशान थे. और फिर हम दोनों साथ में उठकर एकसाथ ही नहाए भी थे. और फिर मैं वहाँ से उनको किस करके वापस अपने घर आ गया था।

दोस्तों उस रात को मुझे काफ़ी मज़ा आया और आगे भी मैं रोज ही मज़ा लेता आ रहा हूँ।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!