दोस्त की सेक्सी वाइफ का मुहं और

हल्लो दोस्तों Antarvasna मेरा नाम शेखर हे और मैं महाराष्ट्र से हूँ. मैं एक प्राइवेट कंपनी में काम करता हु. मेरी उम्र 26 साल हे और मैं देखने में एकदम हेल्धी और स्वस्थ हूँ. मेरे लोडे का नाम साड़े 6 इंच की लम्बाई और पौने 3 इंच की चौड़ाई. मुझे पता हे की सेक्स में किसी भी लड़की को कैसे संतोष दिया जाता हे. आज मैं अपनी लाइफ की एक सच्ची कथा सुनाने के लिए आया हूँ.

ये बात आज से करीब 6 महीने पहले की हे. ये कथा मेरे और मेरे दोस्त की वाइफ कृतिका के बिच में हुए संभोग की हे. कृतिका एक सुन्दर भाभी हे और उसकी बॉडी और रूप रंग एकदम एट्रेक्टिव हे. वो सफ़ेद दूध जैसी गोरी हे और आँखे एकदम काली हे उसकी. ऊपर से उसके वो दो प्यारे गुलाबी होंठो का नजारा भी देखने को बनता हे. कृतिका भाभी का फिगर 34-26-32 हे.

वैसे मेरे दोस्त की ये सेक्सी वाइफ अपने फिगर का बड़ा ध्यान रखती हे. वो योग और एरोबिक क्लास भी जाती हे. उसके फिगर को देख के किसी का भी मन करेगा उसको चोदने के लिए. मैं जब भी अपने इस दोस्त के घर पर जाता था तो इस हॉट भाभी को देख के लंड में हलचल होने लगती थी. साला मन करता था की भाभी को पकड़ के बस चोदता रहूँ!

मैं देखा था की कृतिका भाभी भी मुझे देखते ही खुश हो जाती थी. मुझे लगता था की वो भी मुझसे चुदना चाहती थी. एक दिन मुझे मेरे दोस्त करन का कॉल आया और उसने मुझे अपने घर पर बुलाया.

मैं 15 मिनिट में उसके घर पर पहुंचा और डोर बेल बजाई. तो कृतिका भाभी ने डोर ओपन किया और जैसे ही मैंने उनको देखा मेरा दिल बाग़ बाग़हो गया. मैंने बोला भाभी करन कहा हे तो उसने कहा की करन को अभी उनके बॉस का कॉल आया तो उन्हें जाना पड़ा! मैंने कहा ठीक हे मैं बाद में आऊंगा.

वो बोली, शेखर जी आप बैठे वो बोल के गए हे की आप आओ तो बिठाऊ. वो अपना काम निपटा के फट से ही वापस आ जायेंगे शायद तो.

मैं हॉल में सोफे के ऊपर बैठ गया. कृतिका भाभी बोली मैं आप के लिए चाय ले के आती हु.

वो 5 मिनिट में चाय ले के आई. मैं उसे पिने लगा. वो मुझे बोली आप बैठो मैं नाहा के आती हूँ. मैं कृतिका जा रही थी तो उसकी बड़ी गांड को देखने लगा. मन कर रहा था की साला ये चोदने को दे दे तो छोडू नहीं उसे. भाभी ने शायद अन्दर पेंटी नहीं पहनी थी तो उसकी सलवार गांड की दरार में घुसी हुई थी जो एकदम सेक्सी लग रही थी!

तभी मेरे मोबाइल के ऊपर करन का फोन आया और उसने बताया की यार मुझे आने में टाइम लग जाएगा और उसने मुझे कहा की हम लोग रात को मिलते हे!

मैं वहाँ से निकलने को ही था की मुझे बाथरूम की तरफ से किसी के गिरने की आवाज आई. मैं भाग के बाथरूम की तरफ गया. मैंने भाभी को बोला, क्या हुआ कृतिका भाभी?

वो बोली, मेरा पाँव जरा फिसल गया.

मैंने कहा करन का कॉल आया था और वो लेट हो जाएगा तो मैं अब निकलता हूँ.

कृतिका भाभी ने कहा आप थोड़ी देर बैठो. मैं वही खड़ा रहा जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो मैं उसको देखते ही दीवाना हो गया. उसने सिर्फ तोवेल को लपेटा हुआ था अपने चिकने और सेक्सी बदन के ऊपर. और वो लंगड़ी चाल से बहार आई. तो मैंने पूछा की कुछ हेल्प कर दूँ आप को. तो उसने कहा की मुझे कमर पर दर्द हो रहा हे तो जरा आयोडक्स लगा दीजिये प्लीज़, वहां तक मेरा हाथ नहीं जाएगा इसलिए.

मैं बोला ठीक हे, और वो अपने बेडरूम में जाने लगी. उसने आयोडक्स ला के मुझे दिया और खुद बेड के ऊपर लेट गई. मैं उनको तोवेल थोडा उपर लेने के लिए बोला. जैसे ही उसने तोवेल को ऊपर किया उसकी ब्लेक पेंटी मुझे दिखी. उनकी गोरी गोरी गांड देखकर दिल खुश खुश हो गया मेरा. फिर मैंने आयोडक्स कमर के ऊपर घिसना चालू कर दिया.

मैं एकदम सॉफ्ट हेंड से मसल रहा था. और उनकी मखमली बॉडी को टच कर के मेरा भी मूड बन रहा था. मेरे लंड ने पेंट के अन्दर ही फडफड होना चालू कर दिया था. और तभी मैंने महसूस किया की मेरे लंड को भी कुछ टच हो रहा हे. मैंने देखा की कृतिका भाभी का पैर मेरे लंड के ऊपर टच हो रहा था.

मैं समझ गया की गिरना और आयोडक्स लगवाना सिर्फ एक बहाना हे. कृतिका भाभी ने मेरे से चुदवाने के लिए ही ये सब नाटक किये थे. मैं उनकी पेंटी के ऊपर से गांड को टच किया. वो कुछ नहीं बोली. मैंने दोनों बम्स को प्रेस किये तो उसने अपने होंठो के ऊपर जीभ फेर दी एकदम सेक्सी मोड़ में. मैंने अब धीरे से कृतिका भाभी की पेंटी को खोला और गांड के ऊपर हाथ घुमाने लगा. भाभी ने भी मेरे लंड के ऊपर अब अपना हाथ रख दिया और वो उसे दबा के महसूस करने लगी थी.

फिर मैंने उसको सीधा कर दिया और उन्के बालों को कस के पकड़ा के उन्के होंठो के ऊपर चुम्मा दे के होंठो के रस को पिने लगा. उन्के गुलाबी होंठो को चूसने लगा और उनका तोवेल निकाल दिया. उसने ब्रा नहीं पहनी थी और उन्के बूब्स को मैंने अपने हाथ से पकड के दबाना चालू कर दिया. वो लम्बी लम्बी साँसे लेने लगी थी और आह्ह अह्ह्ह्ह कर के सिसकियाँ भी भर रही थी.

फिर उसने मेरे पेंट के बटन को खोला और मेरी चड्डी में से हाथ को अन्दर कर के लंड सहलाने लगी. मैंने भाभी की सहूलियत के लिए अपनी पेंट और अंडरवेर उतार दी. अब वो मेरे नंगे लोडे को हाथ में भर के हिलाने लगी थी. मैंने भाभी के दोनों बूब्स को मसल मसल के एकदम लाल कर दिया. और उनकी पेंटी को भी खिंच लिया और बदन से पूरा दूर कर दिया. भाभी की क्लीन शेव्ड चूत को देख के मेरे मुहं में पानी सा आ गया. वासना का लावा उभर रहा था.

अब कृतिका भाभी निचे फर्श के ऊपर अपने घुटनों के ऊपर बैठ गई. और उसने मेरे लंड को अपने मुहं में ले के चुसना चालू कर दिया.

वो पहले स्लो स्लो किस्सिंग करने लगी और फिर जैसे जैसे वो गरम होने लगी तो मेरा पूरा लंड चूसने लगी. मैंने भी उन्के बालों को पकड कर उन्के मुहं को आगे पीछे करना चालु कर के मुहं की चुदाई चालु कर दी. करीब 5 मिनिट लंड को ऐसे चूसने के बाद कृतिका भाभी खड़ी हुई और मुझे धक्के दे के लिटा दिया. और फिर वो मेरे ऊपर आके अपनी चूत को मेरे लंड पर सेट करने लगी. उसकी चिपचिपी चूत का अहसास बड़ा ही हॉट था. मैंने निचे से थोडा जोर किया और लंड जैसे अपने आप भाभी की चूत में फिसल गया. मैंने उसके दोनों बूब्स पकडे और उन्हें दबाते हुए चूत को चोदने लगा. मेरा आधा लंड तब भाभी की चूत में था.

वो ऊपर निचे हो के लंड से चुदवा रही थी. और मैंने निचे से एक और जोर का धक्का मारा तो मेरा पूरा के पूरा लंड भाभी की चिकनी चूत के अन्दर घुस गया. उसे थोडा दर्द हुआ लेकिन वो किसी मादक घोड़ी के जैसे उछल रही थी. उसके खुले हुए बाल बूब्स के ऊपर आ गए थे और जब जब वो उछलती थी तो बूब्स के हिलने से बाल भी ऊपर निचे हो रहे थे.

कमरे के अंदर हम दोनों की चुदाई की पच पच और जांघो के लड़ने की ठप ठप के साथ सिसकियाँ भी सुनाई पड़ रही थी.

ऑलमोस्ट 10 मिनिट के बाद वो निचे उतरी.अब मैंने कृतिका भाभी को घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी चूत में लंड डाल के उनको चोदने लगा. मेरा लंड उनकी चूत में अन्दर तक जा के उसे चिर रहा था और वो पूरी हिल हिल के मजे ले रही थी. मेरे हरेक धक्के पर वो भी अपनी गांड को मेरे लंड की तरफ धक्का देती थी. दोनों के बिच में चुदाई का मस्त सिंक्रोनाइजेशन था.

इस बिच कृतिका भाभी 2 बार झड़ गई और अब मेरी भी बारी थी. तो मैंने कहा की कृतिका माल कहा निकालू? तो उसने बोला की अन्दर मत निकालना. तो मैंने भाभी को सीधा किया और उनको वापस घुटनों के ऊपर बिठा दिया और उनको अपना लंड पकड़ा दिया. वो एक हाथ से मेरे लंड को हिला के मुठ मार रही थी और दुसरे हाथ से अपने बड़े बूब्स को खुद दबा रही थी. और बिच बिच में वो मेरे लंड को अपने मुहं में भर के चूस भी रही थी.

मेरे लिए ये बर्दाश्त के बहार हो रहा था जैसे. मैं अह्ह्ह अह्ह्ह कर रहा था. तभी मेरे लंड से एक जोर की पिचकारी निकल पड़ी और कृतिका भाभी का मुहं पूरा मेरे स्पर्मस से भर गया. मेरे दोस्त की सेक्सी वाइफ मेरे लंड का सब पानी पी गई और उसने मेरे लंड को चाट के साफ़ भी कर दिया. फिर हम दोनों बेड के ऊपर ही एक दुसरे की बाहों में लेटे रहे.

उस दिन शाम तक कृतिका ने मुझे जाने नहीं दिया. वो बोली, बहुत दिनों के बाद हाथ आये हो आज सब चुदास निकाल दो मेरी. मैंने शाम के 5 बजे तक 4 बार कृतिका भाभी को चोदा और उसे 6 बार झाड़ा. फिर करन के आने के पहले पहले मैं वहां से निकल गया.

कृतिका भाभी आज भी मेरी माल हे और जब मौका मिलता हे तो वो मुझे बुला के संगम और संभोग करवा लेती हे