बिजली वाली मैडम ने दिया जोर 2

हाय फ्रेंड्स, मैं Antarvasna विशाल हूँ जोधपुर से, एकबार फिर से आप सभी के सामने हाज़िर हूँ अपनी कहानी को लेकर. दोस्तों मैं आशा करता हूँ कि, आप सभी को मेरी कहानी का पहला भाग बहुत पसन्द आया होगा. और अब मैं अपनी उसी कहानी के दूसरे भाग को लेकर आपके सामने आया हूँ। तो अब मैं ज्यादा देर ना करते हुए अपनी कहानी को शुरू करता हूँ।

मेम नहा धोकर गाड़ी में आकर बैठ गई थी और वह हरे रंग की साड़ी में भी बहुत ही हॉट और सेक्सी लग रही थी, यह फिर आप कह सकते हो कि, उनका फिगर ही कुछ ऐसा है कि, वह जो कुछ भी पहने वह उनपर बहुत जमता है. और फिर मैं पूरे दिनभर मेम के फिगर के बारे में सोचता रहा और तड़पता रहा. और फिर मैंने अब मन बना लिया था कि, इस मस्त माल को कैसे भी करके चोदना ही है. और फिर जब मैं मेम को लेकर वापस उनके घर आ रहा था तो रास्ते में बहुत जोरों से बारिश होने लगी और साथ ही साथ ठण्डी हवा भी चलने लग गई थी. और फिर मैंने मेम को घर पर छोड़ा और फिर मैं भी अपने घर पर जाने लगा तो मेम ने मुझसे कहा कि, बारिश बहुत तेज हो रही है थोड़ी देर यहीं पर रुक जाओ बाद में चले जाना. दोस्तों मैं तो चाहता भी तो यही था कि, मैं जितना हो सके मेम के साथ रहूँ, क्योंकि मुझको उनका साथ बहुत अच्छा लगता था. और फिर मैं अन्दर जाकर के टी.वी. देखने लग गया था. और मेम भी अपने कपड़े बदलने चली गई थी. और फिर थोड़ी देर के बाद मेम चाय बनाकर लेकर आई. और आज उन्होनें जीन्स की पेन्ट और टी-शर्ट पहनी हुई थी. जीन्स टी-शर्ट में मैंने मेम को देखा तो मैं एकदम से खड़ा हो गया. तो फिर मेम ने मुझसे पूछा कि, क्या हुआ तो मैंने उनसे बोला कि, कुछ नहीं बस ऐसे ही तो मेम हँसने लगी. टी-शर्ट में मेम के बब्स बहुत ही मोटे लग रहे थे और जीन्स में तो उनकी गांड भी बहुत मस्त दिख रही थी. और फिर मैंने उनको बोला कि, मेम आज तो आप बहुत ज्यादा खूबसूरत लग रही हो. तो मेम शरमा गई थी. दोस्तों बाहर बारिश रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी और लगातार ही बारिश हो रही थी. रोड पर भी सभी तरफ पानी ही पानी भर गया था, जिससे कार का निकलना बहुत ही मुश्किल लग रहा था. और फिर रात के 8 बज चुके थे और बरसात अभी तक भी बन्द नहीं हुई थी. तो फिर मेम ने मुझसे कहा कि, तुमको सुबह 4 बजे फिर से आना पड़ेगा तो इससे अच्छा है कि, आज की रात तुम यहीं पर रुक जाओ. दोस्तों उनके मुहँ से यह बात सुनकर मुझको तो ऐसा लगा कि, आज तो जैसे मेरी कोई लॉटरी ही लगने वाली थी. और फिर मैं भी कैसे मेम को मना कर सकता था. और फिर मैंने भी उनको बोल दिया कि, ठीक है मेम जैसी आपकी इच्छा. और फिर रात का खाना खाने के बाद हम दोनो बैठकर टी.वी. देखने लग गए थे।

और फिर बातों ही बातों में मैंने मेम से पूछा कि, मेम आपको किस तरह का लड़का पसन्द है? तो मेम ने हँसते हुए मुझसे कहा कि, तुम जैसा सीधा और स्वीट. तो फिर मैंने भी हँसते हुए उनसे कह दिया कि, मेम आप तो मुझसे कहीं ज़्यादा स्वीट हो और क्यूट भी तो फिर वह शरमा गई थी. और फिर उन्होनें मुझसे पूछा कि, क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? तो मैंने उनको बोला कि, नहीं मेम अभी तक तो कोई भी नहीं है. तो फिर मेम मुझसे बोली कि, तभी तो इतने बैचेन रहते हो. और फिर यह कहकर वह ज़ोर-जोर से हँसने लग गई थी. और फिर तो मैंने भी मौका देखकर उनसे कह ही दिया कि, मेम आपका भी तो कोई बॉयफ्रेंड नहीं है तो क्या आप भी बेचैन रहती हो? तो वह फिर से हँसने लग गई थी. और फिर हमको बातें करते हुए रात के 10 बज चुके थे. तो फिर मेम ने बोला कि, चलो अब तुम सो जाओ सुबह जल्दी उठना भी है. और फिर मेम मुझसे बोली कि, तुमको यहीं सोफे पर ही सोना होगा क्योंकि मेरे घर में सोने का एक ही कमरा है. तो फिर मैंने भी उनको बोला कि, ठीक है कोई बात नहीं मैं यहीं पर सो जाऊँगा गुड नाइट मेम. और फिर मेम भी अपने कमरे में चली गई थी. और फिर मैं उस सोफे पर सो गया था. और बहुत कोशिश करने के बाद भी मुझको नींद नहीं आ रही थी, क्योंकि मुझको बार-बार मेम का मस्त फिगर याद आ रहा था।

और फिर वह सब सोच-सोचकर मेरा लंड बहुत टाइट हो गया था. और फिर अचानक से मेम के कमरे का गेट खुला और वह बाहर आई. और उस समय मैं एकदम चुप-चाप लेट गया था. मेम पानी पीने आई थी क्योंकि उनका फ्रीज़ वहीँ पर रखा हुआ था जहाँ पर मैं सो रहा था. मेम ने एक बहुत ही सेक्सी सी नाईटी हुई थी. जिसमें से उनके बब्स आधे से ज़्यादा बाहर निकल रहे थे. और फिर जैसे ही उन्होनें मेरी तरफ देखा तो वह देखती ही रह गई थी. दोस्तों शायद उनको मेरा खड़ा हुआ लंड दिख गया था. और मैं भी वह सब अधखुली आँखों से देख रहा था. और फिर वह धीरे-धीरे मेरे पास आई और फिर वह मुझको नज़दीक से देखने लग गई थी. और फिर अचानक से उन्होनें मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ा और वह उसको दबाने लग गई थी।

और फिर यह सब देखकर मैंने भी अपनी आँखें खोल दी तो मेम एकडम से डर गई थी. और फिर वह उठकर जाने लगी, तो मैंने उनको पीछे से पकड़ लिया था. और फिर मैंने उनके तपते हुए होठों पर अपने होंठ रख दिए थे. और फिर थोड़ी देर तक उन्होनें मुझको खुद से दूर करने की बहुत कोशिश करी लेकिन फिर थोड़ी देर के बाद वह भी रुक गई थी. और फिर वह भी मेरा साथ देने लग गई थी. दोस्तों मैं कभी उनके ऊपर वाले होंठ को चूसता तो कभी उनके नीचे वाले होंठ को. और बीच-बीच में मैं उनके होठों को हल्का सा काट भी देता था. और फिर करीब 10-15 मिनट तक उनको किस करने के बाद मेम ने मुझसे कहा कि, चलो अब हम लोग अन्दर बेडरूम में चलते है. और फिर मैं मेम के पीछे-पीछे उनके बेडरूम में चला गया था. और फिर उन्होनें अन्दर जाते ही मुझको बेड पर धक्का मारते हुए गिरा दिया था. और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, मैं भी बहुत दिनों से सेक्स की प्यासी थी लेकिन आज मैं अपनी सारी प्यास बुझा लूँगी. और फिर यह कहते हुए वह मेरे ऊपर आकर मेरे होठों को चूसने लग गई थी. वह उस समय मेरे होठों को चूस रही थी और मेरे हाथ भी उनके चिकने कूल्हों तक पहुँच गये थे. और मैं उनके मुलायम कूल्हों को दबा रहा था।

और फिर अब मैं उनको पलटकर अपने नीचे लेते हुए उनके बब्स को दबाने लग गया था. और फिर मैंने उनसे कहा कि, अब आप अपनी नाईटी को भी उतार दो. तो फिर वह मुझसे कहने लगी कि, तुम खुद ही उतार लो ना. और फिर जैसे ही मैंने उनकी नाईटी को उतारा तो मैं उनके मोटे-मोटे बब्स को देखकर एकदम पागल सा हो गया था. और फिर मैं उनको ज़ोर-ज़ोर से दबाने लग गया था. तो फिर वह मेम मुझसे कहने लगी कि, थोड़ा धीरे करो ना प्लीज़. तो फिर मैंने भी उनको बोला कि, ठीक है मेम जैसी आपकी इच्छा। दोस्तों उन्होनें नाईटी के नीचे एक सफेद रंग की ब्रा और पैन्टी पहनी हुई थी, जिसमें वह एकदम किसी परी की तरह लग रही थी. और फिर मैंने अपने कपड़े भी खोल दिए थे, और फिर मैं केवल अंडरवियर में ही था. जिसमें मेरा 6.5” का लौड़ा क़ैद था. और वह भी मेरी अंडरवियर को फाड़ने वाला था. और फिर मैंने मेम को बताया कि, मेम आप ना मुझको बहुत अच्छी लगती हो, और जबसे मैंने आपको देखा है, तब से ही मैं बस रात दिन आप ही के बारे में सोचता रहता हूँ, आई.लव.यू. मेम. और फिर मेम भी मुझसे बोली कि, आई.लव.यू.टू विशाल. आज तो तुम मेरी प्यास बुझा दो बस. मेरी चूत अभी तक कुँवारी है, और आज तुम इसको फाड़ डालो, और बना लो इसको अपनी. और फिर उनके मुहँ से यह सब सुनकर मैं तो और भी ज़्यादा उत्तेजित हो गया था. और फिर मैं ज़ोर-ज़ोर से मेम को किस करने लग गया था. और फिर उनकी ब्रा को खोलते हुए मैं कभी उनके एक बब्स को चूसता तो कभी उनके दूसरे बब्स को. और अब तक तो मेम भी लगभग गरम हो ही चुकी थी. और फिर मैंने धीरे से मेम की पैन्टी में अपना हाथ डाल दिया था. और फिर मैं उनके लव होल (चूत) पर अपना हाथ घुमाने लग गया था, और साथ ही मैं अपनी एक ऊँगली को उनकी चूत में डालते हुए आगे-पीछे करने लग गया था. और मेरे ऐसा करने से मेम की आँहे निकल रही थी. और फिर मैंने मेम से उनके कूल्हों को उठाने को कहा।

और फिर उनके कूल्हे उठाते ही मैंने उनकी पैन्टी को उतारकर फैंक दिया था. और फिर मैं उनकी दोनों टाँगों के बीच में बैठ गया था. और फिर मैंने अपना मुँह मेम की चूत पर रख दिया था. और फिर मैं उनकी चूत में जीभ डालकर के आगे-पीछे करने लग गया था. और मेरे ऐसा करने से मेम एकदम से चहक उठी थी और वह मेरे बाल पकड़कर मेरा मुँह अपनी चूत पर दबाने लग गई थी. दोस्तों उस समय तो मुझको भी बड़ा मजा आ रहा था. और मेम तो जैसे किसी जन्नत में थी. और फिर अचानक से मेम ने मेरा लंड अपने हाथ में लिया और वह उसको आगे-पीछे करने लग गई थी. और उसके बाद में मैंने उनको बोला कि, इसको एकबार अपने मुँह में भी ले लो ना प्लीज़. तो फिर वह भी मान गई थी. और फिर वह उसको अपने मुँह में लेकर चूसने लग गई थी। और मुझको तो उस पल ऐसा लग रहा था कि, जैसे मैं किसी जन्नत में होऊँ. मेम से अपना लौड़ा चुसवाकर बड़ा मजा आ रहा था. और फिर मैंने मेम को सीधा लेटने को कहा तो वह भी झट से सीधा होकर लेट गई थी मेरे सामने। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैंने अपने लौड़े पर बहुत सारा थूँक लगाया, और फिर अपने लौड़े का सुपाड़ा मेम की चूत के मुँह पर रखते हुए मैं उसको उनकी चूत के आस-पास घुमाने लग गया था. और मेम भी बहुत तड़प रही थी चुदने के लिये. और फिर मेम मुझसे बोली कि, अब डाल भी दो अन्दर और कर दो आज मेरी चूत का उद्घाटन. और फिर तो मुझको भी उनके मुहँ से यह सुनकर और भी जोश आ गया था. और फिर मैंने अपना आधा लौड़ा एक ही झटके में उनकी चूत के अन्दर डाल दिया था. और फिर इससे पहले कि, मेम चीख पाती मैंने अपने होंठ उनके होठों पर रख दिए थे, और मैं उनको चूसने भी लग गया था. और फिर जब थोड़ी देर के बाद मेम कुछ शान्त हो गई थी तो मैंने एक और जोरदार झटका मारकर अपना पूरा 6.5” लम्बा लौड़ा मेम की गुलाबी चूत में डाल दिया था. और उस पल तो मेम भी ज़ोर से चीख पड़ी थी और वह मुझसे कहने लग गई थी कि, इसको बाहर निकालो प्लीईईईईज. और फिर मैं थोड़ी देर वैसे ही रुककर उनके बब्स को दबाने और चूसने लग गया था. और फिर थोड़ी देर के बाद जब मेम चुप हो गई थी तो फिर मैं धीरे-धीरे उनकी चूत में अपने लंड से झटके मारने लग गया था. और फिर तो मेम भी अपनी गांड को उठा-उठाकर मेरे झटकों का जवाब दे रही थी. और फिर उनके मुँह से अब बड़ी ही मादक सी आँहे निकल रही थी जो कि, मुझको और भी ज़्यादा उत्तेजित कर रही थी. और फिर मैं और ज़ोर-ज़ोर से मेम की चूत में अपना लंड पेलने लग गया था. और मैं मेरे हर झटके का पूरा मजा ले रहा था. मेम उस बारिश के मौसम में भी पसीने में तर-बतर हो गई थी और वही हालत मेरी भी थी. लेकिन फिर भी हम लगातर ही चुदाई कर रहे थे. और फिर पूरे 30 मिनट तक मेम की चूत चोदने के बाद मैंने उनसे कहा कि, मेम अब मैं झड़ने वाला हूँ, और आप कितनी देर में झडोगी? तो उन्होनें मुझको बताया कि, मैं तो 2 बार झड़ भी चुकी हूँ. और फिर मैंने उनको बोला कि, क्या मैं आपकी चूत में ही झड़ जाऊँ? तो मेम ने मुझसे कहा कि, हाँ प्लीज़ भर दो मेरी प्यासी चूत को अपने इस कामरस से. और फिर इतना सुनते ही मेरे लौड़े से गरमा-गरम लावा निकला और उसने मेम की गरमा-गरम चूत को भर दिया था. और फिर थोड़ी देर बाद हम उठे और बाथरूम में जाकर हमने एकबार फिर से चुदाई का मजा लिया. दोस्तों उस रात हम दोनों ने पूरे 4 बार चुदाई करी थी. और उस चुदाई से मेम और मैं हम दोनों ही बहुत खुश थे।

दोस्तों हमारी यह चुदाई का सिलसिला पूरे 1 साल तक चला था और फिर उन मेम का तबादला हमारे यहाँ से कहीं दूसरी जगह पर हो गया था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!