बुआ की बेटी की कुँवारी चूत का मज़ा

हैल्लो दोस्तों, मेरा Antarvasna नाम राजन है और आज मैं आप सभी कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेने वालों के लिए अपनी एक सच्ची घटना लेकर आया हूँ। जिसमे मैंने अपनी बहिन की प्यासी चूत की चुदाई के मज़े लेकर उसको शांत किया मेरी बुआ की बेटी का नाम मिताली है और वो मुझसे 4 साल बड़ी है वो दिखने मैं बहुत सुन्दर है उसके बब्स का साइज़ 36 है और गांड देख लो तो वही घोड़ी बनाकर लंड डालने का दिल करे क़िसी का भी। और मैं उम्मीद करता हूँ कि यह मेरी कहानी सभी पढ़ने वालो को जरुर पसंद आएगी। अब ज्यादा बोर ना करते हुए में सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ और विस्तार से सुनाता हूँ।

दोस्तों यह आज से लगभग 2 साल पहले की बात है मेरे गाँव में मेरे घर के सामने एक घर है जहाँ एक परिवार में 4 सदस्य रहते है घर में लगभग 48 साल की औरत है जो घर की मुखिया है जिन्हें हम सभी बुआजी कहते है उनकी एक बेटी और एक बेटा है. बुआजी की बेटी का नाम मिताली है उसकी उम्र 25 साल थी और मैं तब 21 साल का था मिताली की शादी हो चुकी थी पर एक बदनामी के कारण उसके पति ने उसे छोड़ दिया था वो अब अपनी बुआ के घर पर ही रहती थी हमारा घर आमने-सामने था तो वो हमारे घर पर आती जाती रहती थी मैं उसे मीठी दीदी कहकर बुलाता था मेरे मन में उसके लिए कभी कोई ग़लत विचार नहीं थे हम आपस में फ्रेंक बातें करते थे पर मैंने कभी सोचा नहीं था कि ऐसा भी हो जाएगा। अब मैं बताता हूँ की कैसे हम दोनों में सेक्स हुआ।

एक दिन की बात है मैं बुआजी के घर पर था और उनके छोटे पोते के साथ मस्ती कर रहा था इतने में मीठी वहाँ आ गई और हमारे साथ मस्ती करने लगी मस्ती करते-करते मैं खंभे के पीछे चुप गया तो वो मेरे पीछे छुपने आ गई मैंने खंभे को सामने से पकड़ा हुआ था तो वो उल्टे होकर वह मेरी पीठ से अपनी पीठ लगाकर खड़ी हो गई जिससे उसके दोनों बड़े-बड़े नितंब मेरे कूल्हों को छू रहे थे और वो मस्ती में अपने नितम्बों को मेरे कूल्हों पर रगड़ रही थी मुझे अजीब सी फीलिंग होने लगी मैं समझ गया की यह मुझसे चुदवाना चाहती है पर मैं बहुत शर्मिला था तो मैं कुछ कह नहीं पाया। अब मेरा उसे देखने का नज़रिया बदलने लगा मैं अब उसके बारे में सोच-सोचकर रोज मूठ मारने लगा वह मुझे अलग नज़र से देखती थी पर मुझे डर लगता था मेरी हिम्मत नहीं हुई कुछ कहने की एक दिन शाम को तकरीबन 8 बजे की बात थी मैं और मेरे अंकल का लड़का मिताली तीनों पडोस की एक भाभी के घर में बैठे थे वो सर्दी का मौसम था तो सोने के लिए भाभी ने पहले से ही बिस्तर लगा रखे थे मैं और मेरे अंकल का लड़का एक खटिया पर बैठे थे और मिताली दूसरी खटिया पर लेठी हुई थी चूकीं हम लोग काफ़ी फ्रेंक थे एक दूसरे से तो मैं उठकर मीठी की खटिया पर चला गया और हम लोग चादर ओढ कर सोते-सोते बातें करने लगे। मिताली के बगल में सोने से मुझे वो काफ़ी गर्म लग रही थी, तो मैंने बिना कुछ कहे ही अपनी एक टाँग उसके पैरों पर रख दी और अपना एक हाथ उसके पेट पर रखकर ऊँगली चलाने लगा और उससे चिपककर सो गया हमने चादर ओढ रखी थी। इसलिए किसी को भी हम पर शक नहीं हुआ एक दो घंटे हम लोग ऐसे ही बातें करते-करते लेटे रहे फिर ज़्यादा रात होने को आई तो अपने-अपने घर पर चले गये मीठी और मेरे बीच इतना सब कुछ होने के बाद भी मेरी हिम्मत नहीं हुई आगे बात बढ़ाने की पर मैं जो चाहता था वो मीठी ने ही कर दिखाया उसने मेरे अंकल के लड़के से कहकर मेरे पास भेजा मेरे अंकल के लडके ने आकर मुझसे कहा मीठी दीदी ने आपको बुलाया है मैंने कहा, कहाँ बुलाया. तो उसने कहा उनके घर मैंने कहा ठीक है और मैं अपने घर से खाना खाकर लगभग 10 बजे रात को मीठी के घर गया तो सब लोग अलाव लगाकर ताप रहे थे क्योंकि गाँव में लोग जल्दी नहीं सोते और ठंड में ऐसे ही अलाव में तापते रहते है आधी रात तक. मैं भी गया तो मैं भी कुछ देर तक अलाव के पास बैठा रहा।

फिर मैंने बुआजी से पूछा मीठी दीदी कहाँ है तो उन्होनें कहा घर में अंदर चूल्‍हे के पास ताप रही है मैं अंदर गया तो मीठी अकेले चूल्‍हे में ताप रही थी मैं उसके बाजू में जाकर तापने लगा और पूछा क्यों बुलाया तो उसने कहा की कल शाम को भाभी के घर तुम क्या कर रहे थे ये सुनकर मैं तो डर गया था कि यह अब क्या कहने वाली है मैंने कहा कुछ भी तो नहीं फिर मीठी ने ही कहा तुम मेरे पेट पर हाथ फेर रहे थे और मुझसे चिपक रहे थे तुम मेरे साथ क्या करना चाहते थे वो इतना खुलकर बोल रही थी फिर भी मेरी गांड फट रही थी मैं कुछ नहीं बोल रहा था मीठी ने फिर पूछा बोलो क्या करना चाहते हो? पर मैं कुछ बोल नहीं पा रहा था मैं सोच रहा था की मैं क्या कहूँ कैसे कहूँ क्योंकि मैंने कभी किसी लड़की को आज तक नहीं चोदा था और ना ही किसी को प्रपोज किया था फिर से मीठी ने कहा ऐसे चुप रहने से काम नहीं चलेगा कुछ तो बोलो क्या करना चाहते हो? मैं कुछ देर सोचता रहा और जब मैं कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर पाया तो मैंने उसको अपनी तरफ घुमाया और उसके होठों पर अपने होठं रख दिए और एक लम्बा किस कर दिया और मैंने कहा बस अब ठीक है तो मीठी बोली बस इतना ही करना था और कुछ नहीं तो मैंने कहा करना तो बहुत कुछ है लेकिन कहाँ? यहाँ तो सब लोग बैठे है फिर उसने कहा कल सब लोग खेत पर चले जाएगें और मैं बीमारी का बहाना बनाकर घर पर ही रहूंगी. तुम दोपहर में आना घर पर और गाँव में भी कोई नहीं होगा क्योंकि गाँव में दिन में लोग ज़्यादातर खेत पर चले जाते है फिर मैं घर जाकर सो गया पर मुझे नींद नहीं आ रही थी क्योंकि मुझे कल का बेसब्री से इंतजार था। मैंने पहले कभी सेक्स नहीं किया था तो सोचा कल कैसे करूंगा तो मैंने मेरे मोबाइल में कुछ ब्लू फिल्म डाउनलोड कर ली और उन्हें देखकर कल की तैयारी करने लगा और मूठ मारकर सो गया. अगले दिन सुबह उठकर नाश्ता करके दोपहर का इंतजार करने लगा. दोपहर भी हो गई मैंने जल्दी से खाना खाया और मीठी के घर गया तो देखा वहाँ पर तो कोई नहीं था फिर मैं वापस आने लगा तो वह मुझे सामने से आते हुए मिली मैंने पूछा कहाँ गई थी? तो बोली भाभी के घर गई थी।

फिर मैंने पूछा घर पर कोई है? तो उसने कहा कोई नहीं है हम जल्दी से अंदर गये और उसने दरवाजा बंद कर दिया अंदर से जैसे ही उसने दरवाजा बंद किया मैं तो भूखे कुत्ते की तरह उसपर टूट पड़ा और उसको होठों, गालों, गर्दन सब जगह खूब किस करने लगा उसने साडी पहन रखी थी उसने कहा थोड़ा रूको तो सही मैं बिस्तर लगा लेती हूँ हमारे पास 4 घंटे है खूब मजे से करेगे मैंने कहा ठीक है। फिर उसने बिस्तर लगाया और फिर वो कँघी लेकर अपने बालों में कँघी करने लगी मुझसे सब्र नहीं हो रहा था मेरा लंड पेंट में बहुत टाइट हो रहा था मैंने मीठी को पीछे से जाकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसके दोनों बब्स को एक-एक हाथ में पकडकर दबाने लगा और पेंट में खड़े लंड को उसके साडी के ऊपर से ही उसकी गांड की दरार में घुसाने लगा और कुछ ही देर में मेरा पानी मेरी पेंट में छूट गया और मैंने उसे छोड दिया और पलंग पर आकर बैठ गया उसने कहा क्या हुआ? तो मैंने कहा कि मेरा काम तो हो गया यह सुनकर वह ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगी मैंने पूछा तुम हँस क्यों रही हो तो बोली अभी तो कुछ हुआ ही नहीं और तुम कह रहे हो मेरा काम हो गया तो मैंने कहा मेरा तो पानी निकल गया और मेरी अंडरवियर भी खराब हो गई ये सुनकर वो और ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगी फिर वो अपनी हँसी रोककर बोली लाओ तुम्हारी अंडरवियर मैं धोकर सूखा देती हूँ थोड़ी देर में सूख जाएगी और मैं तुम्हे सीखा भी दूँगी की चुदाई कैसे करते है मैंने कहा ठीक है पर मुझे टावल दे दो मुझे शर्म आती है तुम्हारे सामने कैसे अंडरवियर खोलूंगा।

फिर उसने कहा ठीक है मेरे भोले राजा.. और उसने मुझे टावल दे दिया मैंने अब अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसे धोने के लिए अपनी अंडरवियर दे दी फिर उसने अंडरवियर धोकर सूखा दी और मेरे पास बिस्तर पर आ गई फिर मैंने पूछा तुम भी तो कपड़े उतारो अपने तो उसने कहा सच में तुम मेरे भोले राजा हो तुम्हें चुदाई के बारे में कुछ भी पता नहीं है फिर बोली तुम पहली बार कर रहे हो ना इसलिए जल्दी से तुम्हारा पानी निकल गया अब मैं कहती हूँ वैसा करो मैंने कहा ठीक है फिर मीठी ने कहा तुम्हें मुझे पूरी नंगी करना है लेकिन एक-एक कपड़े और आराम से उतारना समझे, मैं समझ गया था क्योंकि मैंने भी ब्लू फ़िल्मों में देखा था फिर मीठी ने कहा शुरू करो पहले साडी से, मैंने कहा ठीक है फिर मैंने धीरे-धीरे करके मीठी की साडी निकालकर फैंक दी अब वो ब्लाउज और पेटीकोट में थी मैं उसके बब्स देखकर ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने लगा वह गर्दन ऊपर करके लम्बी-लम्बी साँसे लेने लगी अहह….. अहह…

फिर मैंने उसका ब्लाउज भी खोल दिया ब्लाउज खोलते ही उसके गोरे-गोरे निप्पल बाहर आ गये मैं बता दूँ कि गाँव में औरते ब्रा और पेंटी नहीं पहनती थी पहले मैं मीठी के एक बब्स को मुहँ में लेकर पीने लगा और दूसरे को एक हाथ से जोर से दबाने लगा तो वो मदहोश होती जा रही थी और मेरी पीठ पर हाथ फेरते जा रही थी। फिर मैंने मीठी को बिस्तर पर गिरा दिया और उसका पेटीकोट भी उतार दिया अब वो पूरी नंगी मेरे सामने बिस्तर पर आँखे बंद किए हुए सीधी लेटी हुई थी फिर मैंने भी अपना टावल निकालकर फैंका अब मैं भी पूरा नंगा हो गया था मैं उसकी एकदम साफ चूत को देखता ही रह गया जिसमें से हल्के सफेद कलर का पानी रिस रहा था मैं भी उसके ऊपर लेट गया और उसके होंठ पर होंठ लगाकर किस करने लगा और मीठी के बब्स को दबाने लगा था इतनी देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और हल्का पानी छोड़ने लगा मैं लगातार मीठी के बब्स को दबाए जा रहा था और उसे किस किए जा रहा था। पर अब तक मीठी ने अपनी आँखे नहीं खोली थी उसने धीरे से अपने हाथ में मेरे लंड को पकड़ा जिससे मुझे बहुत ही असीम आनंद मिला फिर मीठी दीदी ने कहा ओह मेरे भोले राजा क्यो तड़पाते हो अपनी रंडी बहन को भैया डाल दो अंदर फिर मीठी ने मेरे लंड को कुछ देर हाथ में लेकर मसला फिर अपनी दोनों टांगे चौड़ी करके मेरे लंड को अपनी चूत में घुसाने की कोशिश करने लगी पर लंड का टोपा ही अंदर जा रहा था। बाकी लंड बाहर ही था “चूत और लंड का इतना ही स्पर्श” जो की मेरा पहला अनुभव था। मुझे मजा आ गया था जिसे मैं यहाँ लिखकर नहीं बता सकता फिर मैं मीठी के ऊपर से हटके उसकी दोनों जाँघो के बीच में आया और जाँघो को और ज्यादा फैलाया और फिर अपने लंड को मीठी की चूत में ऊपर नीचे कर-करके मैंने आधा लंड घुसा ही दिया क्योंकि वह कुवांरी नहीं थी। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

इसलिए फिर उसकी दोनों टांगे चौड़ी करके अपने लंड को मीठी की चूत में घुसाकर उसके ऊपर लेटकर अपने दोनों हाथों को उसके कांख के नीचे से उसके शोल्डर को पकड़कर अपने लंड से मीठी की चूत में एक जोरदार धक्का मारा जिससे मेरा पूरा का पूरा लंड मीठी की चूत में गप की आवाज़ के साथ घुस गया जिससे मीठी की ज़ोर से चीख निकल गई और उसके आँखो में आँसू आ गये थे वह कुवांरी तो नहीं थी पर काफ़ी दिनों से चुदी भी तो नहीं थी इसलिए एकदम वह चिल्ला उठी मुझे मेरे लंड में थोड़ा दर्द हुआ. फिर क्या था जैसे ही मीठी की चूत में मेरा पूरा लंड घुसा मैं धक्के पर धक्के मारता जा रहा था और मीठी दर्द से कराह रही थी मुझे उसकी कराहने की आवाज सुनकर और जोश आता गया मैं और तेज़ी से उसे चोदने लगा मैं उसे गपा-गप चोदे जा रहा था और मीठी अहहाआह… अहहह… आहें भरती जा रही थी और लम्बी लम्बी सिसकियाँ लेती जा रही थी और मैं भी उसकी चूत मैं धना-धन लंड पैले जा रहा था वो भी चुदाई में अपनी गांड को उठा-उठाकर मेरा पूरा-पूरा साथ दे रही थी और करीब 20 मिनट लगातार धक्के मारने के बाद मैं मीठी की चूत में ही झड़ गया और उसके ऊपर ही लेट गया वो भी दो बार झड़ चुकी थी और मेरे लंड से निकली हर बूंद को अपनी चूत में महसूस करते हुए अपनी बाहों में पकडकर रखा कुछ देर तक मीठी की चूत में लंड डाले हुए ही हम दोनों चिपककर सोए रहे और मैंने मीठी को अच्छा सा किस किया फिर उठकर अपने-अपने कपड़े पहन लिए और मैं अपने घर आ गया।

तो दोस्तों ये मेरी पहली वास्तविक चुदाई की कहानी थी कैसी लगी आपको. फिर मैं अपनी बाद की कहानी भी बताऊंगा की कैसे फिर मैंने मीठी के साथ ब्लू फ़िल्मों वाली स्टाइल में और खेतों में सेक्स किया।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!