लखपति लंड मेरा

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरी कहानी के शीर्षक लखपति लंड से आप को लग रहा होगा कि, इस कहानी में किसी रण्डी की चुदाई हुई होगी. लेकिन यह कहानी किसी रण्डी की नहीं, बल्कि मेरी है. दोस्तों यह कहानी तब की है जब मुझको नौकरी पाने के लिये एक औरत को चोदना पड़ा था. अब तो मेरी उम्र 40 के ऊपर हो गई है. लेकिन मेरी यह कहानी तब की है जब मेरी उम्र 24 साल की थी. और उस समय मुझको फोटोग्राफी करने का बहुत शौक था. और किसी बड़े शहर में जाकर अपने इस शौक को अपने भविष्य में बदलना कोई बच्चों का खेल नही था. फिर भी मैं अपने पूरे घरवालों से लड़कर एक बड़े शहर में आ गया था. दोस्तों मैं शहर में भी पढ़ाई में अव्वल था और मेरे पिता जी और मेरे मास्टर जी मुझको हमेशा से ही किसी सरकारी नौकरी के सपने दिखाते रहते थे. लेकिन जब मैं 18 साल का हुआ था और मुझको एक कैमरा गिफ्ट में मिला तो मैंने फोटोग्राफी में ही अपना भविष्य बनाने की ठान ली थी. और फिर मैं अपने उस सपने को पूरा करने के लिये सपनों की नगरी में आ भी गया था।

और फिर जब मैं यहाँ पर आया तो मुझको ज़िंदगी की असलियत का पता चला था. शुरू में तो किसी ने भी मुझको कोई भाव नहीं दिया था. मेरा काम भी अच्छा था और मेरी कोशिशों में भी कोई कमी नहीं थी. और तभी मुझे किसी ने एक स्टूडियो का पता दिया और बताया कि, वह लोग नये लड़कों को मौका देते हैं। और फिर मैंने सोचा कि, वहाँ पर मेरा कुछ काम बन सकता था, और मुझे उस समय अपने पैदा होने की ख़ुशी से भी ज़्यादा खुशी थी. और फिर मैं फोन पर बात करके उनसे पता पूँछकर वहाँ पहुँच गया था.

दोस्तों उस स्टूडियो को एक 40 साल की आंटी चलाती थी और उससे बात करके मुझको पता चला कि, वो एक नंबर की ठर्की औरत थी. और जो भी उसकी हवस को शान्त करता है वह उसी को नौकरी देती है. और फिर मुझको भी उसने कुछ काम दिया और उसके बाद उसने मुझे अपने घर पर बुला लिया था. और फिर मैंने अपने मन में एक बार तो सोचा भी था कि, यह आंटी मुझको अपने घर पर क्यूँ बुला रही है. लेकिन फिर मैंने सोचा कि, चलो बुला रही है तो, वहाँ जाकर ही आता हूँ तब सब पता चल जाएगा।

और फिर मैं एकदम मस्त तरीके से तैयार होकर उसके घर पहुँचा. और फिर जब मैं उसके घर के अन्दर गया तो मैंने देखा कि, वह एक आलीशान बंगला था और इस घर में और कोई भी नहीं था. बस एक कामवाली ही थी जो कि, मुझको सोफे के ऊपर बैठाकर वहाँ से चली गई थी. और फिर सामने से वह आंटी जिनका नाम सारिका है वो आई. और जब वह आई थी तो उनको देखकर तो मेरी आँखे खुली की खुली ही रह गई थी. क्योंकि वह उस समय बहुत ही ज़्यादा सेक्सी लग रही थी. और उनको देखकर मुझको भी कुछ-कुछ होने लगा था. और फिर मैंने जो अनुमान लगाया था वह ठीक ही निकला था. और फिर वह मेरे सामने आकर बैठ गई थी और उन्होंने अपनी एक टाँग को दूसरी के ऊपर चढ़ा दिया था।

उसके दोनों बब्स के बीच की लाइन उसके सेक्सी कपड़ों में से साफ दिख रही थी. और उसकी मस्त चिकनी टाँगों को देखकर तो मेरी लार भी टपक रही थी. और फिर मैंने अपनी जेब में से रुमाल निकालकर अपने मुहँ पर रख लिया था. और मेरी उस हरकत को देखकर वह भी हँस पड़ी थी. और इधर मेरा लंड भी खड़ा हो गया था, और मुझको समझ में नहीं आ रहा था कि, अब मुझे क्या करना चाहिए।

और तभी मेरी हालत को देखकर वह मुझसे बोली कि, कभी भी अपनी भावनाओं को दबाना नहीं चाहिए और फिर उसने यह कहकर मेरा हाथ पकड़ लिया था. और फिर वह मुझको खींचकर अपने साथ कमरे में ले गई थी. दोस्तों उसका बेडरूम एक बेडरूम ना होकर किसी सेक्सी फिल्म का सेट लग रहा था. उसके बेडरूम में चारों तरफ एक से बढ़कर एक भड़कीली तस्वीरें लगी हुई थी. और उस कमरे में एक गुलाबी रंग का बिस्तर भी बिछा हुआ था. और फिर उसने मुझे बिस्तर पर धक्का दे दिया था, और फिर वह मेरे कपड़े उतारने लग गई थी. और फिर कुछ ही देर में तो उसने मुझे पूरा ही नंगा कर दिया था. और फिर उसने मेरा लंड को अपने हाथ में ले लिया था. और फिर वह मेरे लंड को मस्ती से दबाने लग गई थी. और मेरे मुहँ से आह… इस्सस… की सेक्सी आवाजें निकल रही थी।

मुझको सेक्स की खुमारी में लिप्त देखकर उसने भी अपने सारे कपड़े खोल दिए थे. और फिर वह बेड पर मेरे ऊपर आ गई थी. और मेरा लंड भी उस समय अपने पूरे ज़ोश में था, और एकदम कड़क भी हो गया था. और फिर उसने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत के मुहँ को खोला, और फिर उसने अपनी चूत को मेरे लंड के ऊपर रखकर अपनी गांड को नीचे कर दिया था. और फिर मेरा लंड एक ही बार में उस सेक्सी आंटी की चूत के अन्दर घुस गया था. दोस्तों वह मेरा किसी की चुदाई करने का पहली बार का मौका था तो इस वजह से मुझको मेरे लंड में दर्द भी काफ़ी हो रहा था और वह मुझको किसी अरबी घोड़ी की तरह उछल-उछलकर चोदे जा रही थी और हमारी उस चुदाई के दौरान आहहह… उफ्फ्फ्फ़… ठप्प्प-ठप्प्प की आवाजें निकल रही थी. और फिर कुछ ही देर में उसने मेरे ऊपर ज़ोर-ज़ोर से कूदना चालू कर दिया था. और वह अपने दोनों बब्स को मेरे मुहँ पर जानबूझकर घिसने भी लगी थी. और फिर मैंने उसके बड़े-बड़े बब्स के निप्पल को अपने मुहँ में दबा लिया था. और फिर मैं उनको चूसने भी लगा था। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों वह औरत सच में बड़ी ही चुदैल थी क्यूंकी वह बहुत ही ज़ोर-ज़ोर के झटके दे-देकर मुझको बड़ी ही मादकता के साथ चोद रही थी. और फिर मेरा लंड भी उसकी चूत के अन्दर पूरा ही घुसकर एकदम चिकना होकर बाहर आ रहा था. और फिर मैंने उसके बब्स के ऊपर अपने हाथ रख दिए थे. और फिर तो मैं भी उसकी चूत के अन्दर और भी ज़ोर-ज़ोर से झटके देने लग गया था. और अब तो उल्टा उसके मुहँ से आहहह… इस्सस…. की आवाजें आ रही थी जिसको मैं भी साफ-साफ़ सुन सकता था. और वही आवाज़ मुझको और भी गरम कर रही थी. और फिर मैंने अपनी चुदाई की स्पीड को और भी बढ़ा दिया था. और फिर मैं अपने लंड को उसकी चूत से ज़ोर-ज़ोर से टक्कर करवाने लगा था. और मेरी साँसे उस चुदाई से तेज-तेज फूल रही थी, और मुझको पसीना भी आ गया था. उसके बब्स के ऊपर से भी पसीना पानी की तरह बह रहा था जो कि, चूसने पर मुझको थोड़ा नमकीन सा लग रहा था।

और फिर मुझको यह भी पता चल गया था कि, अब किसी भी पल वह अपना पानी छोड़ सकती है, क्योंकि उसने अपनी चुदाई की स्पीड को अब थोड़ा कम कर दिया था. और फिर वह अपनी चूत से मेरे लंड के ऊपर दबाव बनाने लग गई थी. और फिर तो मैंने भी अब उसकी चूत को चुदाई का आखरी मैदान समझकर अपने लंड को ज़ोर-ज़ोर से उसकी चूत को मारना शुरू कर दिया था. और फिर उसके मुहँ से आहहह… उफ्फ्फ… इस्सस… की आवाजें निकल रही थी, और वह मेरे कानों से टकरा रही थी. और फिर उसने अब मुझे मेरे कन्धों से पकड़ा और फिर उसके बदन में जैसे कि, एक बहुत जोर का कंपन सा हुआ, तो मैं अब समझ गया था कि, उसकी चूत से अब पानी निकल चुका है. और फिर उसने 2 मिनट तक मुझको ऐसे ही पकड़े रखा और फिर उसके चहरे के ऊपर खुशी और संतोष के भाव आ गये. और फिर मैंने एक बार फिर से अपना लंड उसकी चूत में घुसाया तो, फिर 5 मिनट के बाद में ही मेरा लंड भी उसकी चूत के अन्दर ही अपना सारा लावा छोड़ चुका था. और फिर उस आंटी ने मुझको फिर से अपनी बाहों में भरकर खूब जमकर अपने बब्स चूसाए. और फिर हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में ही लेटे रहे थे. और अगली सुबह तक मैं उसके बेड पर ही था।

दोस्तो मैंने अपने जीवन का एक बड़ा अरसा उस आंटी के साथ बिताया था. और उस आंटी के साथ सेक्स का मैं इतना आदि हो चुका था कि, मैंने खुद ने शादी भी बहुत समय के बाद करी थी. और वह आंटी तो मुझसे कहती थी कि, मेरा सब कुछ तेरा ही है, और तू शादी मत कर बस तू तो मुझको बस ऐसे ही चोदता रह. लेकिन दोस्तों मुझको भी तो समाज में रहना था ना. इसलिये मैंने शादी कर ली थी. और बीवी के आने के बाद भी मैं उस आंटी को बिना नागा के चोदता था. और फिर कुछ समय के बाद मेरी बीवी को भी हमारे बारे में सब पता चल गया था. लेकिन उसको भी मुझसे कोई ऐतराज़ नही था क्यूंकी उसको तो उसके हिस्से का लंड मिल ही जाता था।

और फिर अभी 7-8 साल पहले सेक्सी आंटी का देहांत हो गया था. और उसका स्टूडियो, घर और सारा पैसा उसकी वसीयत की वजह से मेरे पास आ गया था. और फिर अब मेरे लंड की कीमत क्या है, वो तो आपको अब पता चल ही गया होगा?

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!