हॉट को चोदा उसके बेटे के साथ मिल के

सभी सेक्स की Antarvasna कहानी पढने वाले दोस्तों को मेरा बहुत बहुत प्यार. मैं पहले अपने बारे में बता दूँ. मेरा नाम अंकुर हे और मैं 5 फीट 10 इंच लम्बा हूँ और मेरा लंड 8 इंच का हे. मैंने अपने दोस्त राहुल की माँ रितु की चुदाई कर दी. रितु आंटी बड़ी ही सेक्सी औरत हे जिसका फिगर 30HH-29-34 का हे.

आंटी अकेली थी तब मैंने उसे चोदा था. लेकिन फिर राहुल और उसके पापा उसके रिश्तेदार के वहां से वापस आ गए फिर भी मैं रितु को चोदने के लिए चल आजाता था. एक दिन मैं राहुल के घर प्ले स्टेशन खेलने के बहाने के लिए गया था. जब मैं वहां गया तो मैंने देखा की मेरी डार्लिंग रितु घर पर नहीं थी. मैं दुखी तो हुआ लेकिन फिर राहुल को पूछा तो उसने कहा की मोम कुछ ही देर में मार्केट से आ जाएँगी.

मैं और राहुल उसके प्ले स्टेशन के ऊपर गेम खेलने लगे. तभी मेरी माल मेरी रानी रितु भी मार्केट से आ गई. उसने जैसे ही घर में एंट्री ली तो उसे देख के मैं खुश हो गया. उसने एक सेक्सी ड्रेस पहना हुआ था जिसमे वो एकदम सेक्स बम लग रही थी. उस ड्रेस में उसके बूब्स की साइज़ का अंदाजा किसी अंधे को भी लग सकता था. रितु के उस ड्रेस में उसके बूब्स और गांड बड़े ही सेक्सी लग रहे थे.

उसके बूब्स जैसे ड्रेस से बहार आने के लिए तडप रहे थे और उसकी गांड जैसे ड्रेस को फाड़ने को उतारू लग रही थी. रितु आंटी को देख के मेरे लंड में जैसे आग ही लग गई. वो भी अपनी गांड को उस ड्रेस में मटकाते हुए चली गई. मैं भी उसके पीछे जा के उसे पेलना चाहता था. मैंने राहुल से कहा मैं बाथरूम में में जा के आया.

वो बोला, जल्दी आना हमारी गेम अधूरी हे.

मैंने कहा एक काम करना तू पीसी के सामने ही चेलेंज ले ले तब तक मैं आया. राहुल ने कहा ठीक हे.

और मैं वहां से सीधे ही रितु के कमरे में चला गया. रितु आंटी कमरे में अपने बेड के ऊपर उलटी लेटी थी और मोबाइल के ऊपर अपने पति से बाते कर रही थी. मैं उसके पास गया और उसके बूब्स खींचने लगा. वो मोअन कर बैठी हलकी सी. उसने अपने हाथ को फोन के माईक पर रखा और बोली, अंकुर अंकल से बात तो कर लेने दो और राहुल भी घर पर ही हे अभी तो.

उसे ऐसे देख के तो मेरा लंड और भी कडक हो चूका था. और मैं अपने ऊपर कंट्रोल नहीं कर सका. मैंने आंटी की ड्रेस को और उसकी पेंटी को फाड़ दिया. उसकी गांड मेरे सामने थी उसे मैं चाटने लगा. आंटी ने फोन कट कर दिया और उसे बंद कर दिया. गांड चटवा के उसे भी बहुत ख़ुशी मिल रही थी. उसने मेरे बाल पकडे और मेरे माथे को अपनी गांड पर दबा दिया. मैंने फट से अपना लंड निकाला और उसकी चौड़ी गांड में डाल दिया. उसके मुहं से एक मोअन निकल पड़ी अह्ह्ह्हह! मैंने उसके मुहं पर हाथ रख के कहा, साली रंडी मादरचोद, आज तो मैं तेरी गांड फाड़ दूंगा, और चिल्लाती क्यूँ हे साली रंडी तेरा बेटा सुन लेगा तो.

आंटी की गांड को मैं जोर जोर से चोदने लगा था. वो दर्द की वजह से रोने लगी थी और मोअन भी कर रही थी. मैं उसे कमर के ऊपर जोर जोर से मारते हुए चोदने लगा था. आंटी की दर्द भरी सिसकियाँ कुछ देर में प्लीजर वाली हो गई और वो भी अपनी गांड को मेरे लंड पर मार के मजे लुटने लगी थी. फिर मैंने उसके बाकी के कपडे भी फाड़ दिए. और डौगी स्टाइल में ही उसकी चूत में लंड डाल दिया. और तभी मेरी नजर दरवाजे के ऊपर पड़ी. वहां पर राहुल खड़ा हुआ था और अपनी माँ की चुदाई को देख रहा था. मैं उसे देख के और भी जनून से चोदने लगा आंटी को. पता नहीं क्यूँ जैसे मुझे अच्छा लग रहा था राहुल के सामने उसकी माँ को चोदते हुए.

राहुल: अंकुर, माँ क्या हो रहा हे ये सब?

मैं: साले राहुल देख नहीं रहा हे की मैं तेरे लिए भाई का इंतजाम कर रहा हूँ!

राहुल: साले मादरचोद तू मेरा बेस्ट फ्रेंड हो के मेरी ही माँ को चोद रहा हे.

मैं: साले बहार किसी और के गंदे लंड ले के तुझे गन्दी शक्ल वाला भाई देगी उस से अच्छा हे की मैं ही तेरी माँ को चोदुं तो तेरा भाई हेंडसम हो मेरे जैसा.

रितु आंटी गांड हिलाते हुए बोली: राहुल तुम जाओ यहाँ से हम बाद में बात करते हे.

राहुल: आज तो मैं ये काण्ड पापा को बताऊंगा सालो, माँ तुम इतनी बड़ी रंडी हो की अपने से इतने छोटे लड़के का लंड ले रही थी, तुम माँ नहीं रंडी हो.

मैं: साले हरामी इतना भाषण मत दे, तुझे आना हे तो तू भी साथ में आजा. अपनी माँ को चोद के देख के उसके अन्दर कैसी गर्मी हे. और तू किसी को बोलना मत, घर में ही ऐसी आइटम हे तो मजे ले ले ना!

आंटी: अरे अंकुर वो मेरा बेटा हे!

मैं: चूप कर साली रंडी, एकदम चूप हो जा, आज तुझे भी दो लंड लेने का मौका मिल रहा हे तो रिश्ते ढूंढने लगी साली वेश्या!

मैं: आजा राहुल सच में तेरी माँ कोठे वाली मीना बाई से भी तगड़ा माल हे.

राहुल ने अपनी पेंट खोली और वो सच में अपनी माँ के पास आ खड़ा हुआ. रितु आंटी ने उसका 7 इंच का लंड अपने मुहं में ले लिया और उसे सक करने लगी. रितु ने पुरे लंड को अंदर ले लिया और सक देने लगी. एक मिनिट में ही राहुल ने अपनी माँ के माउथ में अपना वीर्य निकाल दिया.

फिर मैंने राहुल को कहा चल आजा तू अपनी माँ की चूत को चोद और मैं उसकी गांड में डालता हूँ. राहुल नीचे लेट गया. उसके ऊपर रितु आंटी. और पीछे मैं उसकी गांड में लंड डाल के उसके ऊपर गिरा. आंटी अपने बेटे के और मेरे लंड के बिच में सेंडविच बनी हुई दो लंड का मजा लुट रही थी.

रितु आंटी के मुहं से जोर जोर की मोअन निकल रही थी. राहुल निचे से धक्के दे के चूत को मार रहा था. और मैं पीछे से पूरा लंड गांड में डाल के एनाल कर रहा था. आंटी के मुहं से अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ह्म्म्मम्म अह्ह्ह्ह निकल रहा था.

हम दोनों ने ही चोदने की स्पीड बढ़ा दी और आंटी हमारे लंड के ऊपर ही झड़ भी गई. और फिर आंटी अपने घुटनों के ऊपर बैठ गई और हम दोनों के लंड को चूसने लगी.

और फिर से हम दोनों ने आंटी के साथ डबल पेनेट्रेशन किया. अब की राहुल ने अपनी माँ की गांड मारी और मैंने उसकी चूत की चुदाई की. हम दोनों पूरा दिन आंटी को ऐसे ही चोदते रहे. शाम तक उसे चोद चोद के हम भी थक चुके थे और आंटी का भी सब कुछ लाल लाल हो गया था.

शाम को घर जाते वक्त मैंने राहुल से पूछा मजा आया ना माँ को चोद के अपनी? वो कुछ बोला नहीं और सिर्फ हंस पड़ा.

दोस्तों फिर तो रितु को चोदने का जैसे लाइसेंस ही मिल गया मुझे. राहुल की टेंशन थी नहीं इसलिए अंकल घर ना हो तो मैं नंगा ही घूमता था उसके घर में. राहुल भी मेरे साथ अपनी माँ का आशिक हो गया था. वो भी रितु को मेरे साथ चोदता हे और उसकी गांड मारता हे. फिर एक दिन रितु आंटी ने कहा की मैं प्रेग्नेंट हु. वो खुद भी नहीं जानती हे की उसके बच्चे का बाप कौन हे माँ या राहुल???