नीलम आंटी की जंगली चुदाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मैं विशाल आज एकबार फिर से मैं अपनी एक नई कहानी लेकर आया हूँ यह कहानी मेरी नीलम आंटी की है जो कि, मेरे सामने वाले घर में ही रहती है, दोस्तों अगर आपने मेरी पिछली कहानी “बीवी ने शिमला में किया दूसरी चूत का जुगाड़” को पढ़ा होगा तो उसमें नीलम आंटी ने अंकल को नौकरानी को चोदने के लिए मदद करी थी और आंटी ने अंकल से यह भी कहा था कि, वह उनकी मदद करेगी और उसके बदले में आंटी ने अंकल से कहा कि, वह भी मुझसे चुदना चाहती है।

हाँ तो दोस्तों चलो अब देखते हैं कि, आंटी ने मुझको कैसे फँसाया था चुदवाने के लिए और उन्होनें उस चुदाई की वीडियो भी बनाई थी. दोस्तों नीलम आंटी और अंकल अपने दूसरे हनीमून से वापस आ गए थे और फिर बस नीलम आंटी ने अंकल से कहा कि, देखो जी मैंने आपका काम किया अब आपको मेरा भी काम करना है, तुमको विशाल को पटाना है और मुझको उससे चुदवाना है. और फिर अंकल बोले कि, नीलम डार्लिंग तुम चिन्ता मत करो आने वाले रविवार को तुम्हारी यह इच्छा भी पूरी हो जाएगी, और फिर उन्होनें एक रोमांटिक चुदाई करी और फिर वह दोनों सो गये।

बस अब नीलम आंटी को आने वाले रविवार का इन्तजार था और तब तक वह मुझको रोज ही अपनी तरफ आकर्षित करती रहती थी. कभी वह मुझको अपने घर पर बुला लेती थी और किसी भी बहाने से झुककर अपने बब्स की गली दिखाती थी, और मैं भी मज़े से देखता रहता था. और फिर उन्होनें पैन्टी पहनना भी छोड़ दिया था और मेरे सामने अपनी टाँगें फैलाकर बैठ जाती थी जिससे मुझको उनकी चिकनी चूत साफ दिखाई देती थी, और मैं भी उनसे बोल पड़ता था कि, आंटी आप बहुत खूबसूरत हो. तो फिर वह भी मुझसे बोलती थी कि, बोलकर क्या बता रहा है, मुझको तो तू यह बता कि, मैं कहाँ से खूबसूरत हूँ और फिर वह हँस देती थी. और फिर दोस्तों अब रविवार का दिन भी आ गया था और अंकल ने मुझसे कहा कि, चलो जंगल की ट्रिप पर चलते है. दोस्तों वैसे मुझको भी घूमने का बहुत शौक है इसलिये मैं भी झट से उनकी बात को मान गया था. ट्रिप पर जाने के लिये नीलम आंटी ने एक शॉर्ट टॉप और वह भी स्लीवलेस गहरे गले वाला पहना था और उसके नीचे उनकी जाँघों से भी ऊपर तक का स्कर्ट पहना था और उसके नीचे पैन्टी नहीं पहनी थी और फिर हम लोग ट्रिप पर निकल गए थे।

और अंकल ने कहा कि, मैं गाड़ी चलाता हूँ, तुम और नीलम पीछे बैठो. बस फिर तो क्या था दोस्तों नीलम आंटी ने मुझको छेड़ना शुरू कर दिया था, और उन्होनें मुझको आँख मारी और फिर वह मेरे और भी करीब आ गई थी और फिर वह धीरे से मुझसे बोली कि, मेरी चूत में बहुत खुजली हो रही है विशाल जरा तुम खुजा दो ना. और फिर मैंने उनसे कहा कि आंटी, अंकल देख लेंगे तो? तो फिर वह मुझसे बोली कि, चलना यार मैं हूँ ना. और फिर मैंने थोड़ी हिम्मत करके उनकी चूत को खुजाना चालू किया और फिर धीरे-धीरे मेरे खुजाने से वह गरम होने लगी थी. और फिर 5 मिनट के बाद उन्होनें अपना ढेर सारा पानी मेरे हाथ पर ही छोड़ दिया था. और फिर करीब एक घंटे के बाद हम फोरेस्ट में पहुँच गए थे और फिर वहाँ पर थोड़ा घूमने के बाद हमने एक जगह पर केम्प लगाया और वहीं पर थोड़ा आराम करने लगे. और तभी अंकल ने बोला कि, में पानी का बंदोबस्त करता हूँ, और फिर वह पानी लेने के लिये चले गये थे, क्यूंकी हमने सारा पानी तो जीप में ही खत्म कर दिया था. और फिर अंकल के जाने के बाद अब नीलम आंटी ने अपना असली काम शुरू कर दिया था. और फिर वह मुझसे बोली कि, विशाल तेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या? तो फिर मैंने उनसे कहा कि, नहीं आंटी. और फिर वह बोली कि, चल झूँठे, जैसे तू मेरी चूत में ऊँगली कर रहा था, उससे तो ऐसे लग रहा था कि, तू तो चुदाई का एक माहिर खिलाड़ी है. तो फिर मैंने उनसे कहा कि, नहीं आंटी, मुझको तो कुछ भी पता नहीं है. तो फिर नीलम आंटी बोली कि, अरे! मेरे राजा आजा मैं आज तुझको सिखाती हूँ कि, चूत का बाज़ा कैसे बजाते है. और फिर उन्होनें मुझको अपनी तरफ खींच लिया था. और फिर मैंने उनसे कहा कि, आंटी अंकल आ गए तो? तो फिर वह मुझसे बोली कि, अरे वह सब तू मेरे ऊपर छोड़ दे ना जानू, मैं हूँ ना चल. और फिर वह मुझको पागलों की तरह चूमने और चाटने लगी थी. और उनके उस अहसास से मैं भी पागल सा हो गया था और मैं भी एक जानवर बन गया था, और फिर मैंने उनके कपड़े फाड़ दिए थे. और फिर मैंने उनके बड़े-बड़े बब्स को दबाना शुरू किया तो वह मुझसे बोली कि, वाह… राजा क्या बात है और वह यह भी बोली कि, हाँ ह्म्‍म्म और जोर से दबाना, निकाल दे मेरा दूध और पीले मेरे राजा, यह तेरे लिए ही है मेरे गुलाबी निप्पल आहहह…. और फिर उन्होनें मेरे भी सारे कपड़े निकाल दिए थे. और फिर वह मेरा लंड देखकर एकदम पागल सी हो गई थी, और फिर वह मुझसे बोली कि, अरे! तेरा लंड तो आदमी का है या किसी गधे का है? इतना बड़ा, हाय… आज तो मजा ही आ जाएगा. और फिर नीलम आंटी मेरा लंड चूसने लगी, वह मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी कि, जैसे मेरा लंड वह खा ही जाएगी. और फिर मैं उनसे बोला कि, आंटी मुझको कुछ-कुछ हो रहा है. और फिर उन्होनें मेरा लंड अपने मुहँ से निकाला और बोला कि, चल राजा, अब तेरी बारी है मेरी चूत चाटने की. और फिर मैं भी उनकी चिकनी चूत को चाटने लगा और मैं ऐसे चाट रहा था कि, जैसे कोई बच्चा आइस्क्रीम चाट रहा हो. और फिर मैंने चूस-चूसकर उनकी चूत के दाने को दबोचा तो वह एकदम से अकड़ सी गई थी, और फिर वह ज़ोर-जोर से मोन भी करने लग गई थी हाआयय… ईईई… रूक्क्क मर गययी चोद दे मज़्ज़्ज़्जा आगयईईया और चूस्स्स. और फिर मैंने वैसा ही किया और उन्होनें अपना सारा पानी मेरे मुहँ पर ही छोड़ दिया था और वह पूरी तरह से हल्की हो गई थी. और फिर उन्होनें मेरा लंड पकड़ा और अपने मुहँ में लेकर उसको थोड़ा सा चूसा और फिर उन्होनें उसको एकदम कड़क कर दिया था. और फिर उन्होनें मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत के मुहँ पर लगा दिया और फिर वह मुझसे बोली कि, चल अब थोड़ा आराम-आराम से डाल अपना लौड़ा मेरी चूत के अन्दर. और फिर मैंने धीरे-धीरे से अपना लंड उसकी चूत के अन्दर डाला और एक धक्के में तो मेरे लंड का टोपा ही अन्दर गया था, और फिर वह मुझसे बोली कि मेरी जान मुझको नहीं लगता कि, तेरा लंड मेरी चूत में पूरा ही चला जाएगा। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैंने उनको बोला कि, आंटी उसकी चिन्ता आप मत करो इसको तो मैं पूरा ही अन्दर डाल दूँगा, और फिर मैंने आव देखा ना ताव और उनकी चूत में एक करारा शॉट मारा, और उससे उनकी जान हलक में आ गई थी. और फिर उन्होनें अपने नाखून मेरी पीठ में गाड़ दिए थे और फिर वह मुझसे बोली कि, रुक तुमने तो मेरी खुली हुई चूत को आज और भी खोल दिया है, और आज तुमने तो उसका भोसड़ा ही बना दिया है, जान रुक जाआ ह्म्‍म्म ज़ाआन्न्न्नुऊुउ. और फिर मैं थोड़ी देर रुक गया. और फिर बाद में नीलम आंटी बोली कि, हाँ मेरे राजा अब शुरू हो ज़ा. और फिर मैंने धीरे-धीरे अपनी गांड को हिलाना शुरू कर दिया था और वह भी मजे से मुझसे चुदवाने लगी थी. और फिर वह मुझसे बोली कि, विशाल थोड़ा और तेज़ करना यार. और फिर तो मैंने अपनी पूरी ताकत को ही लगा दिया था, और वह भी अपनी कमर को उठा-उठाकर मुझसे चुद रही थी, और मैं कभी उनके बब्स पर थप्पड़ भी मार रहा था जिससे वह और भी उत्तेजित होती जा रही थी. और वह भी ज़ोर-जोर से नीचे से झटके मारती और कहती जा रही थी कि, हाईयईईई तू तो बहुत तगड़ा है रे मेरे राजा, क्या बात है, आई.लव.यू. और फिर मैंने उनको घोड़ी बनाया और अपना लंड सीधा उनकी चूत की गहराई में पेल दिया. और मैं चुदाई में इतना पागल हो गया था कि, मैंने उनके दोनों हाथ पकड़ लिए और टांगों को ऐसे जकड़ लिया था कि, वह मुझसे छूट ना सके. वह भी मेरी चुदाई से इतना पागल हो गई थी कि, और अब वह 4 बार झड़ चुकी थी, और फिर वह मुझसे बोली कि, राजा बस अब बस, पर मैं अभी से कहाँ रुकने वाला था और मैं धक्के पर धक्का दे रहा था. बस अब मैं भी करीब था झड़ने के लिए तो फिर वह मुझसे बोली कि, मुझको तेरा रस पीना है, और फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत में से निकाला और अपना पूरा माल उनके गले के नीचे उतार दिया और मैं वहीं उनके ऊपर ही सो गया था, उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि, वह चल भी नहीं पा रही थी. और अंकल ने भी पेड़ के पीछे छुपकर हमारी चुदाई की वीडियो बनाई थी।

अंकल को एकदम से वहाँ पर देखकर पहले तो मैं घबरा गया था लेकिन फिर जब वह और आंटी एकसाथ मिलकर हँसने लगे तो सारा माजरा मुझको समझ में आ गया था. और फिर एक रात रुककर हम अगली सुबह उस जंगल की ट्रिप से वापस आ गए थे। रात में अंकल और मैंने एकसाथ भी आंटी को चोदा था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!