नौकर ने मेरी बहन चोद दी

हाय फ्रेंड्स, मैं Antarvasna राज एकबार फिर से आप सभी के सामने हाज़िर हूँ कामलीला पर एक और मजेदार सेक्स से भरपूर कहानी को लेकर. दोस्तों आज की यह कहानी मेरे साथ मेरे ही मेरे ऑफिस में काम करने वाले मेरे एक दोस्त ने बताई थी जिसका नाम विवेक है. हाँ तो दोस्तों अब मैं आप सभी को मुझको उसकी बताई हुई कहानी बताने जा रहा हूँ जो कि, कुछ इस तरह से है।

दोस्तों यह घटना विवेक के साथ आज से 8 महीने पहले हुई थी. और तब वह एक दिन ऑफिस से घर आया था और उन दिनों उसके मम्मी-पापा भी किसी जरूरी काम से उनके गाँव में गए हुए थे. तो फिर उसने देखा की, उनके घर का हॉल एकदम खाली था, और फिर सीढ़ियों से चढ़कर वह अपने बेडरूम में गया. और फिर वहाँ पर उसने अपना ऑफीस बैग फैंका और फिर वह टावल लेकर सीधा नहाने के लिए चला गया था. और फिर नहाकर वह अपने नंगे बदन पर टावल लपेटकर नीचे आ गया था. दोस्तों उस समय तक उसको तो पता भी नहीं था कि, आज उसको अपने घर में ही प्यार और सेक्स का सीधा प्रसारण देखने को मिलेगा।

और फिर वह सीढ़ियों से नीचे की तरफ आया. किचन के पास ही उसकी छोटी बहन पम्मी का कमरा था. उसका कमरा अन्दर से बन्द था. और फिर विवेक ने देखा तो घर का नौकर चन्दू भी घर में कहीं भी नहीं दिख रहा था. और फिर विवेक ने सोचा कि, चलो मैं खुद ही अपने लिए चाय बना लेता हूँ. विवेक का बदन हल्का सा भीगा हुआ था और वह वैसे ही टावल लपेटे हुए ही किचन में जा घुसा था. और फिर चाय बनाते हुए उसको किचन की खिड़की की तरफ से किसी की सिसकियाँ सुनाई दी. और फिर उसने जब गौर किया तो उसकी बहन के बेडरूम की खिड़की की तरफ से ही वह आवाज़ आ रही थी. विवेक को पहले तो यह सब भ्रम सा लगा. लेकिन फिर जब 2-3 बार और भी सिसकने की आवाज आई तो उसके कान खड़े हो गये थे. दोस्तों इस घटना के पहले भी विवेक अपनी सेक्सी बहन की पैंटी और ब्रा को देखकर बहुत बार मूठ मार चुका था. और उस दिन पहली बार उसकी बहन के कमरे से उसको वैसी आवाजें आई थी। और फिर विवेक दबे पाँव किचन से चला और अबकी बार वह उसकी बहन के बेडरूम की खिड़की के पास आ गया था. कमरे की खिड़की अन्दर से बन्द थी और अन्दर से पर्दा भी लगा हुआ था. लेकिन एक जगह पर से पर्दा थोड़ा उठा हुआ था फिर वहाँ से आँख लगाकर विवेक ने अन्दर देखा तो अन्दर का सेक्सी सा सीन उसको दिख गया था. अन्दर चन्दू की गोदी में उसकी बहन पम्मी बैठी हुई थी, और वह दोनों पूरी तरह से नंगे थे।

दोस्तों चन्दू का लंड करीब 6.5” का था और उसका रंग काला था. पम्मी उसके लंड को अपने एक हाथ से पकड़कर मरोड़ रही थी, और बदले में चन्दू भी उसके बब्स के ऊपर कभी आपने हाथ से तो कभी अपने होठों से प्यार दे रहा था. चन्दू के लंड के टोपे को पम्मी भी अपने होठों का प्यार दे रही थी और वह चन्दू के लंड को मज़े से आगे-पीछे भी कर रही थी. और फिर उतने में ही चन्दू पम्मी से बोला की, डार्लिंग चलो अब जल्दी से अपना असली खेल शुरू करते है नहीं तो विवेक बाबू आ जाएँगे।

पम्मी :- विवेक भैया तो अभी थोड़ी देर से आएँगे, तब तक तुम मुझे और प्यार करो ना प्लीज़।

चन्दू :- चलो अब हम अदल-बदलकर चूसा-चूसी (मतलब 69) करते है डार्लिंग।

और फिर पम्मी भी चन्दू से हाँ बोली और फिर वह झट से नंगी ही अपने बेड पर लेट गई थी. और तकिया जो कि, एक टेडी-बीयर की शेप में था उसको उसने अपने सिर के नीचे रख लिया था. और फिर चन्दू अपने लौड़े को विवेक की सेक्सी बहन पम्मी के मुहँ की तरफ करके उसके ऊपर आ गया था और फिर पम्मी की दोनों जाँघों को उसने अपने हाथों से खोला और फिर उसने उसकी चूत के ऊपर ढेर सारा थूंक दिया था. और फिर जैसे ही पम्मी की चूत पर चन्दू गरम-गरम थूंक गिरा तो उसकी उसी सिसकी की आवाज़ फिर से निकली जिसको सुनकर विवेक यहाँ पर आया था। और इधर दोस्तों उस नज़ारे को देखकर विवेक के लंड ने भी उसके टावल को ऊपर कर दिया था. क्योंकि वह अपनी सेक्सी बहन को आज इतने करीब किसी का लंड चूसते हुए जो देख रहा था. और फिर चन्दू ने भी अब पम्मी की चूत को अपने मुहँ की तरफ लिया और वह उसके अन्दर अपनी जीभ को डालकर किस करने लग गया था. पहले तो उसने पम्मी की चूत की पंखुड़ियों को थोड़ा खोला और फिर उसने अपनी जीभ को एकदम उसके चूत के दाने पर लगा दिया था. जिससे पम्मी की सिसकी अबकी बार तो ऐसी निकली कि, शायद घर के मुख्य गेट तक आवाज़ चली गई होगी. और फिर चन्दू ने उसके मुहँ की आवाज़ को बन्द करने के लिए अपने लंड को उसके मुहँ में दे दिया था।

और फिर जब विवेक की सेक्सी बहन ने नौकर के लंड को जैसे ही अपने मुहँ में लिया तो वह चन्दू के लंड के ऊपर बड़े ही प्यार से चुस्से लगाने लगी थी. और फिर चन्दू के आधे लंड को अपने मुहँ में लेने में पम्मी को 5 मिनट जितना समय लग गया था, और तब तक चन्दू का लंड किसी लोहे रॉड के जैसा कड़क हो गया था. और वह नौकर उधर अपनी छोटी मेम-साहब की चूत को चूस-चूसकर एकदम लाल कर चुका था. और इधर विवेक की हालत भी बड़ी खराब हो गई थी, और उसके लंड के अन्दर भी बड़ी आग सी लगी हुई थी. और उसके बदन से उसका टावल कब का नीचे गिर गया था, और उसको इस बात की खबर भी नहीं थी कि, वह एकदम नंगा हो गया है. वह तो अपनी सेक्सी बहन के 69 वाले सेक्स का सीधा प्रसारण देखने में ही एकदम लगा हुआ था। और इधर अब पम्मी के पूरे बदन में कोई करंट सा फैल गया था, और वह अब चन्दू के लंड को किसी जंगली बिल्ली की तरह चूस रही थी और साथ ही में वह चन्दू को भी अलग-अलग तरीके से उसकी चूत को चाटने को भी कह रही थी, और वह चन्दू के सिर को अपनी चूत में दबाती भी जा रही थी।

पम्मी :- बस मेरी चूत के दाने के ऊपर ही अपनी जीभ को घिसो ना, पीछे मेरी गांड में से अपनी ऊँगली हटाओ ना मुझे बहुत गुदगुदी हो रही है।

दोस्तों चन्दू भी एक नंबर का देसी बंदा था जिसको गांड मारने का बड़ा शौक था. इसीलिए वह पम्मी की चूत को चाटने के समय उसकी गांड के छेद को भी मसल रहा था. और उसके ऐसा करने से ही पम्मी को गुदगुदी हो रही थी. चन्दू का लौड़ा अब पम्मी ने आधे से भी ज़्यादा अपने मुहँ में भर लिया था, और वह अब पूरी तरह से थक गई थी और उसका थूंक भी अब सूख गया था, लेकिन लंड चूसने में उसने कोई कंजूसी नहीं करी थी. इसीलिए चन्दू को मज़ा तो आना ही था. और फिर चन्दू 5 मिनट के बाद एकदम झटके से खड़ा हो गया था, और अब पम्मी भी समझ गई थी कि, ऐसा क्यों हुआ था. और फिर चन्दू ने अपने लंड को अपनी मुट्ठी में पकड़कर हिलाना चालू कर दिया था. और नीचे पम्मी उसके लंड से निकलने वाले गरमा-गरम माल के लिए किसी भिखारी के जैसे अपने बब्स और मुहँ खोलकर अपने घुटनों पर खड़ी हो गई थी. दोस्तों उस समय पम्मी ने अपने दोनों बब्स को पकड़कर रखा हुआ था, और उसके ठीक ऊपर उसका खुला हुआ मुहँ था। और फिर चन्दू ने 1 मिनट से भी कम समय तक अपना लंड हिलाया होगा, और उतने में ही उसके लंड से भारी मात्रा में उसके गाढ़े से माल की पिचकारी छूट गई थी. और फिर चन्दू ने अपने उस माल की एक-एक बूँद को पम्मी के मुहँ में ही निकाल दिया था, और इस बीच में उसके माल की कुछ बूंदे पम्मी के मुहँ से निकलकर पम्मी के बब्स पर भी आ गई थी. और फिर विवेक को अब ध्यान आया कि, उसका टावल भी गिर गया है. और उधर चन्दू ने अपने लंड को अच्छी तरह से पम्मी से चटवाकर साफ़ करवाया था. और फिर इधर विवेक ने भी झट से अपना टावल लपेटा और वह वहाँ से जाते हुए उन दोनों की बातें सुनने लगा।

चन्दू :- मेमसाहब और साहब तो देर से ही आएँगे, लेकिन विवेक बाबू तो आते ही होंगे।

पम्मी :- भैया तो आकर नहाने के बाद सीधा टेनिस खेलने चले जाएँगे. और तब हम ऊपर उनके कमरे में बाकी का काम कर लेंगे।

और फिर चन्दू ने पम्मी को किस किया और विवेक झट से वहाँ से भागा और वह सीधा जाकर फिर से बाथरूम में घुस गया था. और फिर जब पम्मी अपने कमरे से बाहर आई तो उसने देखा कि, विवेक भैया तो बाथरूम में है. और फिर विवेक ने भी अपने खड़े लंड को अपनी सेक्सी बहन को याद करते हुए हिलाकर शान्त कर लिया था. और फिर जब विवेक बाथरूम से बाहर आया तो पम्मी उसके साथ ऐसा बर्ताव कर रही थी कि, जैसे कुछ हुआ ही नहीं था, और चन्दू भी किचन में कुछ काम कर रहा था. और फिर विवेक अपने कपड़े पहनकर वहाँ से टेनिस खेलने निकल गया था। और फिर उसके घर से चले जाने के बाद उन दोनों ने शायद जमकर चुदाई भी करी हो।

और फिर इस बारे में विवेक ने मुझको बताया कि, मैंने अपनी बहन की इज्जत की बदनामी के डर से उन दोनों से यह बात आज तक नहीं करी थी. और अब तो मेरी बहन की शादी भी हो चुकी है और वह अपने ससुराल में बहुत खुश है। और इस बात से मुझको एक सबक भी मिला है और वह यह है कि, कुछ मसलों को समय अपने आप ही सुलझा देता है. और मेरी बहन के प्रति उस समय मेरा वह नज़रिया भी केवल जवानी का भ्रम मात्र ही था. और उस नौकर को भी हमने बिना कुछ कहे ही काम पर से हटा दिया था, और अगर मैं उसको कुछ कहता तो वह मेरी बहन की शादीशुदा जिन्दगी को भी खराब कर सकता था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!