गर्लफ्रेंड ने मेरे बर्थ-डे पर तोहफ़े

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम मोहित है मेरी उम्र 24 साल की है. और मैं गोरखपुर का रहने वाला हूँ. दोस्तों मैं भी आप सभी की तरह ही कामलीला डॉट कॉम का एक नियमित पाठक हूँ और मुझको इस वेबसाइट की सभी कहानियाँ बहुत अच्छी लगती है और आज मैंने भी इन्ही कहानियों से प्रेरित होकर मेरे साथ घटी एक घटना को कहानी का रूप दिया है. और मैं आज मेरी उस कहानी को आप सभी के सामने कामलीला के इस मंच के माध्यम से लेकर आया हूँ, दोस्तों मेरी यह कहानी एकदम सच्ची घटना पर आधारित कहानी है जो कि, आज से 1 साल पहले मेरे साथ हुई थी. दोस्तों आज मैं मेरी इस कहानी में आप सभी को बताऊँगा कि, कैसे मैंने अपने कॉलेज के सर की गर्लफ्रेंड को पटाकर चोदा था. सबसे पहले तो मैं आप लोगों को अपने बारे में थोड़ा और खुलकर बताता हूँ, दोस्तों मैं दिल्ली के एक इंस्टीट्यूट से एनीमेशन का कोर्स कर रहा हूँ और जिस लड़की को मैंने चोदा था उसका नाम पारुल है।

दोस्तों अब मैं आपका ज्यादा समय लिए बिना सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तो मैं दिल्ली में नया-नया था और अपने इंस्टीट्यूट में भी नया था. और फिर कुछ दिन के बाद एक लड़की हमारे इंस्टीट्यूट की किसी दूसरी ब्रांच से ट्रान्सफर होकर हमारे यहाँ पर आई थी, और उसको देखकर सबका मुहँ खुला का खुला ही रह गया था. और फिर कुछ ही दिनों में मेरी उससे अच्छी-खासी दोस्ती हो गई थी. दोस्तों वह मुझको किसी बात को लेकर बहुत परेशान दिखती थी, और जब भी मैं उससे पूछता था कि, क्या बात है? तो वह मुझको बताती नहीं थी. और फिर एक दिन मैंने उसको अपनी कसम देकर पूछा तो उसने मुझको उसी इंस्टीट्यूट की दूसरी ब्रांच के एक सर के साथ उसके सम्बन्धों के बारे में बताया और उसने साथ में मुझको यह भी बताया कि, वह उसके साथ बिल्कुल भी खुश नहीं है, और वह तो केवल उसको चोदना ही चाहता है बस, और फिर मैंने उसकी मदद करी और उसका उस सर के साथ सम्बन्ध ही ख़त्म करवा दिया था. और अब तो वह मुझपर बहुत विश्वास करने लग गई थी. और फिर कुछ ही दिनों के बाद मैंने उसको अपने प्यार का इज़हार कर दिया था और उसने भी मुझको हाँ कर दिया था. दोस्तों जिस दिन मैंने उसको अपने प्यार का इज़हार किया था उसके दो दिन के बाद ही मेरा जन्मदिन भी था. और फिर हम दोनों उस दिन साथ में घूमने गये थे और जब हम शाम को घूमकर वापस आए तो मैंने उससे बोला कि, अब मैं तुमको घर पर छोड़ आता हूँ. लेकिन उसने मुझको मना कर दिया था और फिर वह मुझसे बोली कि, वह तो मेरे साथ ही मेरे फ्लेट में रहना चाहती है।

और फिर जब मैंने उससे घर नहीं जाने का कारण पूछा तो उसने मेरी बात को काटते हुए झट से मेरे होठों को अपने होठों में भर लिया था, और फिर वह मेरे मुहँ में अपनी जीभ डालकर मेरी जीभ के साथ खेलने लग गई थी. और साथ ही मैं उसका एक हाथ पकड़कर मेरी पेन्ट के ऊपर से मेरे लंड को सहलवा रहा था. दोस्तों वह सब कुछ इतना जल्दी में हुआ कि, मुझे कुछ समझ ही नहीं आया था. और फिर तो क्या था? मैं भी उसके ऊपर टूट पड़ा था. और फिर मैंने किस को बीच में ही तोड़ते हुए उसको धक्का दे दिया था और वह दीवार से टकरा गई थी. और फिर मैंने उसको दीवार के सहारे चिपकाकर फिर से किस करना शुरू कर दिया था, और साथ ही मैं उसके बब्स को भी उसके टॉप के ऊपर से ही दबाने लग गया था. और फिर कुछ देर तक ऐसे ही चलने के बाद उसने मुझे बेड पर धक्का दे दिया था और वह टावल लेकर बाथरूम में भाग गई थी. और फिर उसने वापस आने में बहुत देर लगा दी थी. लेकिन फिर जब वह वापस आई तो उस नज़ारे को देखकर तो मेरा लंड मेरी पेन्ट को फाड़कर बाहर आने के लिए तड़प उठा था. दोस्तों उसका कमाल का गोरा रंग, और उसका 32-28-34 का कमाल का फिगर वह उसकी उस पारदर्शी नाइटी में एकदम किसी परी की तरह लग रही थी।

और फिर वह मेरे पास आई और फिर वह मुझसे बोली कि, अब वह मुझको मेरे जन्मदिन का तोहफा देगी. और फिर उसने मेरी दोनों आँखें एक कपड़े से बन्द कर दी थी और फिर उसने मेरे हाथ भी एक कपड़े से बाँध दिए थे. और फिर उसके बाद उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए थे और खुद के भी पूरे कपड़े उतार दिए थे. और फिर वह तुरन्त ही मेरे ऊपर चढ़कर अपनी चूत को मेरे लंड पर रगड़ने लग गई थी. और फिर उसने मेरे पूरे जिस्म को चूमा और चाटा, लेकिन उसने मेरे लंड को इतनी बुरी तरह से तड़पाने के बाद भी उसको छुआ तक नहीं था, और फिर उसी वक़्त अचानक से मेरा एक हाथ खुल गया था. और फिर तो क्या था? और फिर मैंने अपना दूसरा हाथ भी खोला और फिर अपनी आँखों पर से मैंने पट्टी भी हटाई. और फिर तो मैं उसको बस देखता ही रह गया था. दोस्तों कसम से वह उस समय क्या लग रही थी, वह 22 साल की एक जवान कली और उसके बड़े-बड़े बब्स, उभरी हुई बिना चुदी हुई चूत. जिनको देखकर तो मेरे मुहँ में पानी ही आ गया था. लेकिन उसको यह पता नहीं था कि, मेरे हाथ खुल चुके थे और मैं भी उसको देख रहा हूँ, क्योंकि वह मेरी तरफ अपनी पीठ करके मेरे ऊपर बैठी हुई थी।

और फिर तो मैंने एक झटके में उसको बेड पर पटकते हुए उसको किस करना शुरू कर दिया था, लेकिन मैंने भी उससे बदला लेते हुए उसके बब्स और उसकी चूत को छुआ तक नहीं था. और फिर वह मुझसे बोली कि, मेरी जान अपनी रानी को इतना मत तड़पाओ ना, आओ मेरे बब्स को चूसो और दबाओ ना, और आज तुम मेरी चूत को भी जवानी का अहसास करवा दो मेरे राजा. मुझको चोद-चोदकर अपनी रानी बना लो। दोस्तों और फिर तो क्या था, मैं उसके मुहँ से यह सब सुनकर एकदम पागल सा हो गया था. और फिर मैंने एक हाथ से उसके एक बब्स को मसलना और दूसरे बब्स को दबा-दबाकर चूसना शुरू कर दिया था. और अब तो वह भी मेरे लंड को और जोर-जोर से अपनी चूत पर रगड़ रही थी. और फिर कुछ ही देर में वह मुझसे गिडगिडाते हुए कहने लगी कि, प्लीज़, अब अपना लंड मेरी चूत में डाल दो. लेकिन मैंने उसकी एक भी नहीं सुनी थी और फिर मैंने उसको बोला कि, मेरी जान आज मैं तुमको जरूर चोदूंगा लेकिन जब तुम मेरे लंड को चूस चुसकर खुश कर दोगी तब। और फिर उसने मेरे लंड को अपने मुहँ में लिया और फिर वह आइसक्रीम की तरह मेरे लंड को चूसने लग गई थी. और फिर 15-20 मिनट तक मेरे लंड को चूसने के बाद हम 69 की पोजीशन में आ गये थे, और फिर हमको पता ही नहीं चला कि, कब आधा घंटा बीत गया था. और इस दौरान मैं एकबार और वह 3 बार झड़ चुकी थी. और अब तो पूरे कमरे में बस, आह्ह्ह… उफ्फ्फ… इस्सस… आहहह… मेरे राजा चूसो और ज़ोर से चूसो, यही आवाजें गूँज रही थी।

और फिर मैंने उठकर उसकी गांड के नीचे एक तकिया लगाया. और फिर मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाकर उसकी चूत पर अपना लंड रखा. और फिर मैं अपने लंड को उसकी चूत के अन्दर डालने की कोशिश करने लगा, लेकिन वह फिसल गया था. तो फिर मैंने दूसरी कोशिश करी और इसबार एक ज़ोर के झटके के साथ मेरा लंड 3” तक उसकी चूत में उतर गया था. और अब उसकी आँखों से आँसूं भी निकल आए थे, और अब वह मुझको धक्का देकर अपने ऊपर से हटाने की कोशिश करने लग गई थी और वह जोर-जोर से चिल्लाने भी लग गई थी. और साथ ही वह मुझको गुस्से में गालियाँ भी देने लग गई थी. और वह मुझसे कहने लग गई थी कि, छोड़ हरामी, तुमने तो मेरी चूत की माँ चोद दी कुत्ते, मुझे छोड़ दे, नहीं तो मैं मर जाऊँगी. लेकिन मैंने उसकी एक भी नहीं सुनी थी, और फिर मैंने एक और जोरदार झटके के साथ अपना पूरा 6” का लंड उसकी चूत में उतार दिया था. और वह उस समय पसीने में पूरी भीगी हुई चिल्ला रही थी, और वह यह भी कहती जा रही थी कि, आहहह… छोड़ दो मुझे नहीं तो आज मैं मर जाऊँगी. और फिर मैं उसके बब्स को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगा. और फिर मैंने ऐसे ही रुककर उसके चुप होने का इन्तजार किया. क्योंकि उसकी चूत की सील टूटने की वजह से उसकी चूत से खून भी निकल रहा था और उसको बहुत ज्यादा दर्द भी हो रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर जब उसको कुछ आराम मिला तो मैंने अपना लंड उसकी चूत में फिर से अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया था. और फिर तो वह भी अपनी गांड को उछाल-उछालकर मेरा साथ देने लग गई थी. और अब तो वह भी मुझको बार-बार बोल रही थी की आहहह… मेरे राजा सच में कसम से बहुत मज़ा आ रहा है, उफ्फ्फ… इस्सस… और फिर 20-25 मिनट की उस जबरदस्त चुदाई के बाद वह भी 4 बार झड़ गई थी. और फिर उसने मुझको बोला कि, वह हमेशा से घोड़ी बनकर चुदना चाहती थी। और फिर मैंने उसको घोड़ी बनने को बोला, और फिर जब वह घोड़ी बन गई थी तब मैंने भी उसके पीछे से आकर अपना पूरा लंड एक ही झटके में उसकी चूत में उतार दिया था. और फिर 15 मिनट के बाद जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उससे पूछा कि, अब मैं अपना माल कहाँ निकालूँ मेरी जान? तो फिर उसने मेरा सारा माल अपने मुहँ में ही निकाल लिया था. दोस्तों उस रात को मैंने उसको 3 बार और भी चोदा था. और तब से लेकर मैंने उसको 6 महीने तक खूब चोदा था।

और अब हमारा एनीमेशन का कोर्स भी पूरा हो गया है, और वह अपने घर वापस चली गई थी और मैं भी एक कम्पनी में काम करने लग गया हूँ. अब तो हमारी अक्सर फ़ोन पर ही बातें होती रहती है और उसने मुझको बताया कि, उसकी सगाई हो चुकी है, और जब वह यह बात मुझको बता रही थी तो वह बहुत रो रही थी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!