शादी में मिली लड़की की सीलतोड़ चुदाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम रणवीर सिंह है. और मैं हरियाणा के एक गाँव का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 26 साल की है और दोस्तों कामलीला डॉट कॉम वेबसाइट पर यह मेरी पहली कहानी है, इसलिये मैं आप सभी से उम्मीद करता हूँ कि, आपको मेरी यह कहानी जरूर पसन्द आएगी. यह मेरी पहले प्यार की कहानी है।

दोस्तों यह बात आज से करीब एक साल पहले की है, जब मैं अपने एक दोस्त की शादी में गया हुआ था. मेरा दोस्त पंकज राजस्थान के बीकानेर के एक गाँव में रहता है. और मैं करीब 8-9 घन्टे का लम्बा सफ़र करने के बाद अपने दोस्त के पास पहुँचा था. दोस्तों मेरे वहाँ पहुँचने के बाद मुझको चाय देने के लिए एक बहुत ही खूबसूरत और कमाल के फिगर वाली लड़की आई थी. और मेरी नज़र उस पर से हटने का नाम ही नहीं ले रही थी. दोस्तों उसका नाम शिवांगी था, वह 22 साल की एक बहुत ही खूबसूरत हसीना थी. और फिर कुछ देर के बाद मैंने अपने दोस्त से कहा कि, यार मैं बहुत थक गया हूँ इसलिये मुझको आराम करने के लिए कोई कमरा बता दे. और फिर वह मुझको अपने पास वाले घर में ऊपर वाले कमरे में छोड़ आया था. दोस्तों किस्मत से वह घर शिवांगी का ही था. शिवांगी के घर में उसकी माँ और वही रहती थी. उसके पापा फ़ौज़ में थे, इसलिये वह ज़्यादातर घर से बाहर ही रहते थे। और फिर मैंने देखा कि, घर में शिवांगी अकेली ही है, और फिर मैंने उसको देखा तो सोचा कि, इसको कैसे ऊपर बुलाया जाए? और फिर मैंने पानी का बहाना करके शिवांगी से कहा क्या मुझे एक गिलास पानी मिलेगा?

शिवांगी :- एक ही क्यो दो गिलास मिलेगा।

और फिर वह मेरे लिये पानी लेकर आई. और फिर मैंने मन ही मन में सोचा कि, शिवांगी से दोस्ती करने का यही अच्छा मौका है. और फिर मैंने शिवांगी को जब वह मेरे लिये पानी लेकर आई तो वहीं पर बैठा लिया था और फिर मैं उससे बातें करने लग गया था. और फिर मैंने बातों ही बातों में शिवांगी से पूछा कि, तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है क्या?

शिवांगी :- मुझको कोई अच्छा लड़का मिला ही नहीं।

और फिर उसके मुहँ से यह सुनकर मैंने झट से शिवांगी का हाथ पकड़ा और फिर मैंने उसको कहा कि, क्या यह अच्छा लड़का तुम्हारा बॉयफ्रेंड बन सकता है?

शिवांगी :- (शर्माते हुए) पता नहीं.

और फिर तभी मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया और फिर मैंने उसको कहा कि, हाँ मुझको पता है. और उस समय उसके गोल-मटोल बब्स मेरी छाती से टकरा रहे थे और मैं उसके कोमल शरीर को अपनी बाहों में समेटे हुए था. और उस समय दोस्तों मुझको बहुत मज़ा आ रहा था. और फिर तभी शिवांगी मुझसे बोली कि, कोई आ जाएगा, मुझे छोड़ दो. और फिर मैंने उठकर कमरे का दरवाज़ा बन्द कर लिया और फिर मैंने उससे कहा कि, अब यहाँ पर कोई भी नहीं आएगा. और फिर शिवांगी मुझको खामोशी से देखती रही. और फिर मैंने भी बिना कोई समय खराब किए उसके गुलाबी होठों को चूमना शुरू कर दिया था. दोस्तों मेरा एक हाथ उसके कूल्हों को सहला रहा था और दूसरा हाथ शिवांगी के बब्स को सहला रहा था. और फिर कुछ ही पल में शिवांगी सेक्स की मदहोशी में खोए जा रही थी. और फिर जैसे ही मैंने शिवांगी की सलवार का नाडा खोला तो, वह मुझसे बोली कि, मुझको तो बहुत डर लग रहा है कहीं कुछ होगा तो नहीं? और मैंने आज तक कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया है।

मैं :- कुछ नहीं होगा सिर्फ़ मज़ा ही आएगा, तुम और कुछ भी मत सोचो और सिर्फ़ सेक्स के मज़े लो।

और फिर मैंने उसकी सलवार और कुर्ते दोनों को उतार दिया था और अब मेरे सामने एक बहुत ही खूबसूरत सी अप्सरा खड़ी हुई थी, जो सिर्फ़ पैन्टी और ब्रा में ही थी. और फिर मैं उसके छोटे-छोटे संतरे जैसे बब्स को उसकी ब्रा के ऊपर से काटने में लगा रहा था. दोस्तों उसको दर्द तो कम हो रहा था और मज़ा ज़्यादा आ रहा था. और फिर मैंने उसकी ब्रा और पैन्टी में से उसके खूबसूरत शरीर को आज़ाद कर दिया था. दोस्तों अब शिवांगी पूरी नंगी मेरी बाहों में थी, जिसको आज दिल खोलकर प्यार करने का मौका मुझको मिला था, और इसका मैं भी पूरा फायदा उठा रहा था. और फिर मैं भी पूरा नंगा हो गया था, और फिर हम दोनों ही सेक्स के पूरे मज़े ले रहे थे. दोस्तों शिवांगी की चूत पर छोटे-छोटे नरम और मुलायम बाल थे, जो कि, उसकी खूबसूरती को और भी बढ़ा रहे थे. और फिर वह मेरे लंड को देखकर एकदम से सहम सी गयी थी और फिर वह मुझसे बोली कि, यह इतना बड़ा लंड मेरी इतनी छोटी सी चूत में कैसे जाएगा?

मैं :- तुम्हारी यह छोटी सी चूत इस लंड से मिलने के लिए तड़प रही है, और तुम मेरे इस लंड को तुम्हारी इस चूत का दीदार करने दे।

और फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गये थे, वह मेरे लंड को थोड़ा डरते हुए धीरे-धीरे चूस रही थी और मैं भी उसकी चूत को जी भरके चूस और चाट रहा था. दोस्तों वह पल एकदम मदहोश कर देने वाला था. और फिर कुछ ही देर के बाद मैं उसकी चूत पर अपने लंड को रखकर सहलाने लगा था, और शिवांगी के मुहँ से एक मादक सी आवाज़ आई आहहह… मेरे राजा अब और देर मत करो. और फिर मैं भी बिना देर किए हुए अपने लंड का टोपा उसकी चूत में डालने लगा, तो मेरा लंड उसकी चूत के अन्दर जा ही नहीं रहा था. और फिर तो मैं समझ गया था कि, अब तक इसकी चूत की सील नहीं टूटी है, और इस चुदाई से इसको बहुत दर्द होने वाला है. दोस्तों उसकी चूत बहुत ज़्यादा गर्म थी, और फिर जैसे ही मैंने उसकी चूत के मुहँ पर अपने लंड को रखकर के पहला झटका मारा तो उसके मुहँ से आवाज़ आई, आहहह… मर गई… इस्सस… उफ्फ्फ… मुझको बहुत दर्द हो रहा है. तो फिर मैंने उसको बोला की, थोड़ा सा दर्द सहन कर लो मेरी जान, इसके बाद में तो तुमको बहुत मज़ा आने वाला है. और फिर इसी के साथ में मैंने बिना देर किए हुए दूसरा झटका लगाया तो मेरा आधा लंड अब उसकी चूत में घुस गया था। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर शिवांगी के मुहँ से एक और दर्द भरी आवाज़ आई, ओहहह… आहहह… यह तो लंड नहीं है यह तो कोई तलवार है जिसने मेरी चूत को फाड़ डाला रे… मर गई रे… और फिर वह मुझको धकेलने लगी. और फिर मैंने उसको कहा कि, चुप हो जाओ मेरी जान, ज्यादा हिलोगी तो ज़्यादा दर्द होगा. और फिर वह मेरे कहने पर एकदम चुप हो गई थी. और फिर देर तक मैं उसको ऐसे ही किस करता रहा और उसके बब्स को मसलता भी रहा. और फिर जैसे ही उसका दर्द कुछ कम हुआ, तो फिर मैंने धीरे से उसकी चूत में अपने लंड से झटके मारना शुरू कर दिया था. और फिर तो शिवांगी भी अब एकदम मस्त होने लगी थी. दोस्तों जैसे मैं उसकी चूत में झटके मार रहा था तो उसके मुहँ से आईईई… की आवाज़ आ रही थी. और साथ ही वह भी झटके मार-मारकर मेरा पूरा साथ दे रही थी।

हम दोनों अब चुदाई के पूरे मज़े ले रहे थे, और फिर लगभग 20-25 मिनट के बाद जब मेरा जोश ठण्डा हो गया और मैं एकदम शान्त हो गया था. और फिर उसके बाद हम दोनों लगभग 15-20 मिनट तक वैसे ही नंगे ही एक-दूसरे की बाहों में लेटे रहे थे। फिर मैंने देखा कि, बेड की पूरी चादर खून से खराब हो गई थी, तो शिवांगी ने मुझको कहा कि, बेड से चादर निकालकर बदल दो. और फिर मैंने झट से बेड की चादर को बदल दिया था. और फिर शिवांगी जैसे ही चलने के लिए उठकर खड़ी हुई तो, उससे बिलकुल भी चला नहीं जा रहा था. तो फिर मैं तुरन्त ही बाहर दवाई की दुकान से दवाई लेकर आया और उसको लाकर दी. और फिर मैंने उसको कहा कि, इसको खा लो, इससे तुम कुछ ही देर में ठीक हो जाओगी. और फिर लगभग 30 मिनट तक आराम करने के बाद वह उठकर अपने कपड़े पहनकर नीचे चली गई थी, और जाते समय वह शरमा भी रही थी।

दोस्तों वहाँ पर मैं पूरे 7 दिन तक रुका था और इस बीच में मैंने शिवांगी की 3 बार और भी बड़े ही जबरदस्त तरीके से चुदाई करी थी. और फिर उसके बाद उन प्यारी सी यादों के साथ मैं उसको रोता हुआ छोड़कर वापस अपने घर आ गया था. और अब तो मेरी केवल उससे फ़ोन पर ही बात होती रहती है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!