मतलब तो था उनका चुदाने से

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम अनिल है मेरी उम्र 28 साल की है और मैं जबलपुर के पास एक गाँव का रहने वाला हूँ. दोस्तों मैं भी आप सभी कि तरह कामलीला डॉट कॉम का एक नियमित पाठक हूँ. मैंने इस वेबसाइट की अब तक की सभी कहानियों को पढ़ा है और मैं भी इस वेबसाइट पर आज अपना एक सच्चा सेक्स अनुभव आप सभी को बताने जा रहा हूँ. दोस्तों अभी मैं अहमदाबाद में एक कम्पनी में काम करता हूँ और मेरे साथ यह सेक्सी घटना तब घटी थी जब मैं कॉलेज में पढ़ रहा था। दोस्तों मैं अपने कॉलेज के दिनों में बहुत सेक्सी फ़िल्में देखा करता था और सेक्सी कहानियाँ भी पढ़ा करता था. लेकिन मैंने कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया था. अब मैं आप सभी का ज्यादा समय ना लेते हुए सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों मैं गाँव में रहता था और वहाँ पर हमारा पूरा परिवार था पर सभी लोग अलग-अलग रहते है मेरे 3 चाचा है जिसमें से मेरे छोटे चाचा की नई-नई शादी हुई थी. और मेरे तीनों चाचा सूरत में काम करते है. मेरे पापा खेती करते है. दोस्तों मेरी नज़र काफी समय से मेरी छोटी चाची पर थी उनका नाम थी हेमा है और उनका फिगर तो उफ… क्या कमाल का था उनका फिगर 34-28-36 के आस-पास का है. मैं कॉलेज से दोपहर को 2 बजे आ जाता था और खाना ख़ाकर सीधे चाची के पास चला जाता था पढ़ाई करने के बहाने से. दोस्तों मेरी वह चाची वह मुझे बहुत प्यार करती है क्योंकि उनके घर में उनके अलावा और कोई नहीं था वह घर में अकेली ही रहती थी चाचा 6 महीने में एकबार गाँव में आते थे. चाची सेक्स के लिए तड़पती रहती थी। दोस्तों मैं हमेशा से ही अपनी छोटी चाची को चोदने की सोचता रहता था लेकिन मैं उसमें सफल नहीं हो रहा था. हमेशा से ही मेरी नज़र उनके उभरे हुए बब्स पर ही रहती थी, कसम से उनके क्या बब्स थे यार. कभी-कभी तो उनके झाड़ू लगाने के समय पर मैं छुपकर उनके दोनों बब्स के बीच की गहराई को देख लेता था. और उस समय उनकी गोरी-गोरी चूचियों को देखकर मेरा तो मन करता था कि, उनको उसी समय पकड़कर चोद दूँ. मेरी चाची भी यह सब जान चुकी थी और इसीलिए वह जानबूझकर मुझको उनके बब्स दिखाती रहती थी. दोस्तों उन दिनों हमारे गाँव में बहुत चोरियाँ हो रही थी. और फिर एक दिन चाची हमारे घर पर आई और उन्होंने मेरी मम्मी को बोला कि, मुझको अकेले में डर लगता है और आजकल गाँव में चोरियाँ भी बहुत हो रही है. इसलिए आप रात को अनिल को मेरे घर पर भेज देना वह वहीँ पर अपनी पढ़ाई भी कर लेगा और मुझको डर भी नहीं लगेगा. और फिर मेरी मम्मी ने चाची को हाँ बोल दी थी।

हमारे परिवार में सब मुझको छोटा समझते थे. और फिर जब मैंने रात का खाना खा लिया था तो मम्मी ने मुझको बोला कि, तू आज से तेरी चाची के घर पर जा और तू अपनी पढ़ाई वहीँ पर करना और फिर वहीँ पर सो भी जाना. और फिर मम्मी के मुहँ से यह सुनकर तो मैं इतना खुश हो गया कि, जैसे मेरी कोई लॉटरी लग गई हो. और फिर मैं अपनी किताबें उठाकर चल पड़ा था चाची के पास. चाची उस समय खाना खा रही थी. और फिर वह मुझको देखकर मुस्कुराते हुए बोली कि, आज से तू ख़ाना भी मेरे साथ ही खाएगा. तो फिर मैंने भी उनको बोला कि, ठीक है चाची और फिर मैं जाकर अपनी पढ़ाई करने लग गया था. और फिर चाची खाना ख़ाकर मेरे पास आई और फिर वह मुझसे बोली कि, पढ़ाई-वढ़ाई तो कल कर लेना अभी तो आओ हम टीवी देखेंगे. दोस्तों उस समय पढ़ तो मैं भी नहीं रहा था, मैं तो बस चाची को देख रहा था. क्या मस्त दिख रही थी वह उस समय एक लाल साड़ी में. और फिर हम दोनों बैठकर टीवी देखने लग गए थे. दोस्तों वह दिसम्बर का महीना था तो ठंड भी लग रही थी. मैंने उस समय कुछ भी ओढ़-पहन नहीं रखा था तो मुझको कांपते हुए देखकर चाची ने मुझसे पूछा कि, ठंड लग रही है क्या अनिल? तो फिर मैंने भी उनको हाँ बोला तो फिर चाची मुझसे बोली कि, मेरे पास आ जा. और फिर मैं उनके पास गया तो उन्होंने अपने कंबल में मुझको भी लपेट लिया था. और फिर एक ही कंबल में हम दोनों थे. उनकी गरम साँसें मैं महसूस कर रहा था जिससे मेरा सामान तो खड़ा हो गया था।

दोस्तों मैं आपको बता दूँ कि, मेरा लंड 6.5” का है जो कि, मूठ मार-मारकर ही इतना लम्बा हो गया था. दोस्तों टीवी में भी एक होलीवुड फिल्म आ रही थी. और फिर उस फिल्म में एक सेक्सी सीन आ गया था और तभी चाची उस सीन को देखकर मुझसे चिपकने लग गई थी. और उनके मुझसे चिपकने से मेरा तो हाल ही बुरा हो गया था. और फिर थोड़ी देर के बाद मैं पेशाब करने के बहाने से बाथरूम में गया और फिर वहाँ जाकर मैं चाची के नाम की मूठ मारकर वापस आ गया था. दोस्तों मुझको चाची के साथ कुछ करने में डर लग रहा था और मैं सोच रहा था कि, अगर वह मेरी मम्मी को बोल देगी तो मेरी खूब पिटाई होगी. और फिर चाची मुझसे बोली कि, इतनी देर क्यों लगा दी, क्या कर रहे थे? लेकिन मैंने उनकी बात का कोई जवाब नहीं दिया था और मैं चुप-चाप बैठकर फिल्म देखने लग गया था. दोस्तों मेरी चाची मुझसे बहुत खुलकर बात करती थी क्योंकि मैं ही एक अकेला था जो उनके साथ ज्यादातर रहता था. और फिर हम फिर से फिल्म देखने लग गए थे. और फिल्म देखने के साथ-साथ चाची मेरे कन्धे पर और मेरी जाँघ पर अपना हाथ फेर रही थी और उससे मेरा लंड खड़ा हो रहा था. और फिर फिल्म खत्म होने के बाद हम लोग सोने चले गये थे। मैं उनके कमरे में अपने लिये नीचे बिस्तर लगा रहा था कि, चाची मुझसे बोली कि, तुम मेरे साथ ही सोना इसीलिए तो मैंने तुम्हारी मम्मी को बोलकर तुमको बुलाया है. और फिर उनके मुहँ से यह बात सुनकर तो मैं और भी खुश हो गया था और फिर मैं मन ही मन सोच रहा था कि, आज तो मैं अपने सपनों की रानी के साथ सोऊँगा. और फिर मैं झट से उनके बेड पर आ गया था।

और फिर चाची ने मुझको कम्बल ओढ़ाया और फिर कम्बल ओढ़ाने के बहाने से चाची ने मेरे पहले से ही खड़े हुए लंड को छू लिया था, और साथ ही वह अनजान बनते हुए मुझसे बोली कि, यह क्या है? दोस्तों उस समय मैं तो बहुत उत्तेजित हो रहा था तो मैंने उनको बोला कि, आप ही देख लो ना कि, यह क्या है. और फिर मेरे मुहँ से यह सुनकर चाची ने मेरी पेन्ट के अन्दर अपना हाथ डाल दिया था. और फिर उन्होंने मेरे लंड को मेरी पेन्ट से बाहर निकाल दिया था. और फिर वह मुझसे बोली कि, कितना बड़ा है तुम्हारा यह तो, और फिर वह मुझसे यह कहकर मेरे लंड को सहलाने लग गई थी. दोस्तों उस समय मुझको तो चाची के कोमल हाथों का स्पर्श पाकर किसी जन्नत का अहसास हो रहा था. और फिर उन्होंने मेरे लंड को सहलाते हुए मेरे एक हाथ को पकड़कर अपने बब्स पर रख दिया था. दोस्तों उनके बब्स भी बहुत ही नरम और मुलायम थे, उनको छूकर तो मैं तो पागल सा हो गया था. और फिर मैंने चाची की साड़ी उतार दी थी. और फिर मैं उनके ब्लाउज के ऊपर से ही उनके बब्स को दबाने लग गया था और तब तक चाची भी पूरा गरम हो चुकी थी. और फिर उन्होंने खुद ने ही अपना ब्लाउज उतार दिया था. दोस्तों उस दिन चाची ने ब्रा और पैन्टी दोनों ही नहीं पहनी थी इससे मुझको यह अहसास हो गया था कि, चाची तो खुद ही मुझसे पहले से ही चुदना चाहती है।

दोस्तों उनके बब्स के निप्पल एकदम भूरे रंग के थे जैसा कि, मैं सेक्सी फिल्मों में देखा करता था. और फिर मैं पागलों की तरह उनके बब्स को चूसने लग गया था, और बीच-बीच में मैं उनको काटता भी जा रहा था. और साथ ही मैं अपने एक हाथ से उनकी चूत को भी सहलाता जा रहा था. और उस अहसास से उत्तेजना में आकर चाची उफ्फ्फ… उई माआ मरगईईई कर रही थी. और तभी उनकी चूत गीली हो गई थी और फिर मैंने उनकी चूत के उस रस को अपनी ऊँगली में लेकर चखा जैसा कि, मैंने सेक्सी फिल्मों में भी देखा था. दोस्तों वह क्या नमकीन स्वाद था. उसको चखने के बाद तो मैं और भी उत्तेजित हो गया था. और फिर मैं उठकर चाची की टाँगों के पास चला गया था. और फिर मैंने उनकी चूत के मुहँ पर एक किस किया तो चाची के मुहँ से भी इस्सस… उई… माआआआअ… की आवाज निकल गई थी. और साथ ही वह अपने हाथों से मेरे बालों को भी सहला रही थी. और वह मेरे सिर को ज़ोर से उनकी चूत में दबा रही थी, और मैं भी पागलों की तरह उनकी चूत को चाट रहा था. और फिर मेरी चाची मुझसे बोली कि, अनिल मुझको अब और मत तड़पा और डाल दे अब अपना लंड मेरी इस प्यासी चूत में. और फिर चाची ने ही मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़कर उनकी चूत का रास्ता दिखा दिया था। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों उस समय मुझको तो ऐसा महसूस हो रहा था कि, मैं अपना लंड किसी गरम सी चीज़ के अन्दर डाल रहा हूँ. दोस्तों वह मेरे जीवन का पहला सेक्स था तो उस समय मुझको वह सब थोड़ा सा अजीब लग रहा था लेकिन मुझको मज़ा भी बहुत आ रहा था. और फिर मेरे लंड के उनकी चूत में घुसते ही चाची के मुहँ से एक आवाज निकली मारर… डाला उफफ प्लीज़ अनिल थोड़ा धीरे करो मुझको बहुत दर्द हो रहा है तुम्हारा तो लंड भी बहुत बड़ा है. लेकिन दोस्तों मैं तो बहुत उत्तेजित था तो मैंने तो चाची की कुछ भी ना सुनते हुए एक और जोर से धक्का दे दिया था, और उससे चाची की आँखों में आँसूं आ गए थे. और फिर मैंने अपने होठों को चाची के होठों से जोड़ दिया था. और फिर 5 मिनट तक वैसे ही रहने के बाद चाची भी अब मेरा साथ देने लग गई थी. और वह नीचे से अपनी कमर को उठा-उठाकर के मेरा पूरा साथ दे रही थी. और फिर पूरे 20-25 मिनट तक चाची को चोदने के बाद मैंने अपना सारा पानी चाची की प्यासी चूत को ही पिला दिया था. और उस पूरी चुदाई के दौरान चाची भी 2 बार झड़ गई थी।

और फिर हम दोनों वैसे ही नंगे ही एकदूसरे से चिपककर सो गए थे. और फिर उस दिन के बाद तो मैं अपनी सेक्सी चाची के साथ रोज ही चुदाई करने लग गया था. और यह सिलसिला पूरे 2 साल तक चला था और उसके बाद मैं अपने काम के सिलसिले में वहाँ से चला आया था।