गर्लफ्रेंड की चूत की खुजली मिटाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम नीलेश है मेरी उम्र 25 साल की है. और मैं देहरादून के पास ही के पहाड़ी गाँव का रहने वाला हूँ. दोस्तों मैं काम के सिलसिले में अहमदाबाद आया था और फिर मैं यहाँ पर आकर बिल्कुल सही तरीके से सेट भी हो गया था. दोस्तों यह बात पिछले साल की है. मैं अपने ऑफिस में एक अकेला लड़का हूँ जो पहाड़ी इलाके से हूँ, बाकी सब तो गुजराती, मराठी या मध्यप्रदेश के है तो मैं उन सब में सबसे गोरा और एकदम अलग दिखने वाला लड़का हूँ. और मेरे ऑफिस में एक लड़की भी थी जो मुझसे 2 साल बड़ी यानी 27 साल की थी. दोस्तों वह लड़की भी कश्मीरी थी इसलिए वह दिखने में सबसे ज्यादा गोरी थी।

मेरे ऑफिस के सारे लड़के उसके पीछे लगे रहते थे, लेकिन उसको यहाँ के लड़के बिल्कुल भी पसंद नहीं थे. और मैं तो पहाड़ी इलाक़े से था इसलिए वह मुझसे बहुत खुलकर बात किया करती थी. दोस्तों मैंने कभी भी उसके बारे में कुछ ग़लत नहीं सोचा था और हम दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त बन गये थे, लेकिन मैं उसको मेडम ही कहकर बुलाता था और उसकी इस घटना से कुछ समय पहले ही शादी तय हो गई थी और उसने अपनी शादी पर सबको बुलाया था, लेकिन वहाँ पर कोई भी नहीं जा पाया। दोस्तों मुझको भी अपने घर पर जाना था इसलिए मैंने 15 दिन की छुट्टी पहले से ही ली हुई थी और मैं उसी के साथ उसके घर पर भी चला गया था. सबसे पहले तो हम लोग दिल्ली तक फ्लाइट से गये थे और फ्लाइट में 30 मिनट तक हम दोनों एकदम चुपचाप बैठे रहे थे और फिर आधे घंटे के बाद मैंने उससे पूछा कि, आपको क्या वह लड़का पसन्द भी है या कोई सरकारी नौकरी वाला लड़का देखा और शादी कर रही हो? पहले तो वह मेरी बात पर हँसी, लेकिन फिर उदास हो गई और फिर वह बोली कि, मुझको यह शादी नहीं करनी है।

तो फिर मैंने उससे पूछा कि, ऐसा क्यो? तो फिर वह मुझसे बोली कि, वह लड़का मुझसे 5 साल बड़ा है और शक्ल से बुड्ढा भी लगता है, लेकिन वह मेरे पापा के एक बहुत अच्छे दोस्त का बेटा है इसलिए मैं शादी के लिए मना भी नहीं कर सकती हूँ. और फिर मैंने पूछा कि, तो फिर आप मना क्यों नहीं कर रहे हो? वह आपके पापा के दोस्त का बेटा है तो यह ज़रूरी तो नहीं है कि, आपको उससे ही शादी करनी है? तो फिर वह मुझसे बोली कि, मेरे पापा उनके घर पर ही नौकरी करते थे और उन्ही ने मेरी पढ़ाई का सारा खर्चा भी उठाया था, इसलिए मैं कुछ भी नहीं बोल सकती हूँ. और फिर यह बात कहकर उसने मेरा हाथ कसकर पकड़ लिया था और फिर उसने मुझको अपने सीने से लगा लिया था और वह रोने भी लग गई थी. तो फिर मैंने उससे बोला कि, सब ठीक हो जाएगा और इस बीच मुझे पता ही नहीं चला कि, कब मेरा लंड मेरी पेन्ट में तम्बू बनाकर बैठ गया था. दोस्तों यह सब तो उसके बब्स का मेरे सीने पर स्पर्श करने के अहसास का कमाल था। और फिर मैंने उसको चुप करवाया और फिर मैं उठकर बाथरूम में चला गया और वहाँ पर मैंने उसका अहसास मन में लेकर मूठ मारी और फिर मैंने मन ही मन सोचा कि, मेरे पास तो एक बहुत ही अच्छा मौका है और मैं उसका मज़ा भी ले सकता हूँ, और वैसे भी ऐसी मस्त जवानी को चोदने में तो मज़ा भी बहुत आएगा. और फिर मैं उसके बदन के बारे में सोचने लगा उसके 34 साइज़ के बब्स 28 की कमर और 36 इंच की गांड. मुझे उसकी लेने में कितना मज़ा आएगा? और फिर मैं कुछ देर के बाद बाथरूम से बाहर आ गया और फिर से उसके पास आकर बैठ गया था. और तभी वह मेरी तरफ मुस्कुराई और फिर वह मुझसे बोला कि, तुम मेरी शादी होने तक मेरे साथ ही मेरे घर पर चलो, और फिर शादी के बाद अपने घर पर चले जाना।

दोस्तों मैंने पहले तो उसको साफ़ मना कर दिया था, लेकिन जब दुबारा से मेरी नज़र उसके बब्स पर गई तो अपने आप ही मेरे मुहँ से हाँ निकल गया था. और फिर वह बहुत खुश हो गई थी. और फिर दो घंटे में हम दिल्ली पहुँच गये थे. और फिर करीब रात के 9 बजे हमको वहाँ से बस से जाना था और आगे का सफर 10 घंटे का सफ़र था और वह भी पूरी रात का. मैं तो यह सोचकर ही अपने लंड पर काबू नहीं कर सका था. और फिर हमने एक ए.सी. बस के टिकट ले लिए थे और फिर हम बस में बैठ गए थे. और फिर 10 बजे हम दिल्ली से निकले. और फिर मैंने फिर से बात शुरू करी और मैंने उससे कहा कि, तो फिर मेडम अब आप तो ऑफिस में कम और घर पर ज़्यादा रहोगी, ऑफिस में तो बैचारे सारे लड़कों का दिल ही टूट जाएगा. और फिर वह हँसी और बोली कि, नहीं-नहीं मेरे पति तो दिल्ली में ही नौकरी करते रहेगें है और मैं अहमदाबाद में रहूँगी जब तक कि, मेरा तबादला नहीं हो जाता मैं ऑफीस में ही रहूँगी. और फिर मैंने थोड़ी हिम्मत करके उससे पूछा कि, लेकिन आप शादी करने के बाद अकेले कैसे रहोगी? तो फिर उसने भी बड़े ही शरारती तरीके से जवाब दिया कि, तुम हो ना मेरे साथ. और फिर मैं भी हँसने लग गया था. और फिर धीरे-धीरे रात गहरी हुई और 1 बज गये थे, और बस में लगभग सब सो गये थे, लेकिन हम दोनों को नींद ही नहीं आ रही थी. वह तो एकदम निश्चिंत होकर बैठी हुई थी और उसकी सुन्दर और गोरी छाती मुझको दिख रही थी, और मैं लगातार उसको ही देख रहा था. और तभी उसने मेरी तरफ देखा और मुझसे पूछा कि, ऐसे क्या देख रहे हो? तो मैंने उससे कहा कि, कुछ भी तो नहीं. और फिर मेरे मुहँ से अपने-आप ही निकल गया कि, आप तो इतनी खूबसूरत हो तो फिर क्यों जा रही हो शादी करने? आपको तो उससे भी बहुत अच्छा लड़का मिल जाएगा. और फिर वह फिर से उदास हो गई और इसबार मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और फिर मैंने उनसे कहा की मेडम आप बिलकुल भी परेशान मत होना, मैं हूँ ना आपके साथ. तो फिर उसने मुझसे पूछा कि, तुम क्या कर लोगे?

तो फिर मैंने उससे कहा कि, मेडम आप जो बोलोगी वह मैं करूँगा. तो फिर उसने मुझसे कहा कि, लेकिन तुम मुझे खुश तो नहीं रख सकते हो ना? तो फिर मैंने उसको कहा कि, आप जो बोलोगी मैं वह सब आपके लिए कर दूँगा. और फिर तभी उसने मुझसे कहा कि, शादी के बाद लड़की का पति ही उसे पूरी तरह से खुश रखता है. और फिर उसका हाथ अब धीरे-धीरे खिसकते हुए मेरे लंड के पास पहुँच चुका था, और मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था. और फिर मैंने उससे कहा कि, मेडम आप मुझे एक मौका तो देकर देखो. और फिर इतना कहकर मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया था, और फिर उसके हाथ पर जैसे ही मेरा लंड महसूस हुआ तो उसने अचानक से अपना हाथ पीछे हटा लिया था. और फिर उसने मुझसे कहा कि, तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है, और फिर उसने मेरे गाल पर एक किस कर दिया था। और फिर तो मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था, और फिर मैंने भी उसके होठों पर एक किस कर दिया था जिसकी वजह से उसे अचानक से एक झटका लग गया था. लेकिन वह मुझसे कुछ भी नहीं बोली थी और वह बिल्कुल चुप-चाप होकर बैठ गई थी. और मैंने फिर से मौका देखकर उसके गले पर एक किस कर दिया था. तो फिर उसने मुझसे कहा कि, यह तुम क्या कर रहे हो? तो फिर मैंने उससे कहा कि, मेडम आपने मुझे किस किया तो मैंने भी आपको एक किस किया और जब मैंने किस किया तो आपने क्यो नहीं किया? और तभी इतने में उसने भी मेरे होठों पर एक किस कर दिया था। और फिर मैंने उससे कहा कि, वाह! मेडम मज़ा आ गया. और फिर मैंने उसको पकड़ा और ज़ोर से उसके होठों को चूमने लगा, लेकिन उसने अब भी मुझसे कुछ भी नहीं कहा था क्योंकि अब तो उसे भी बहुत मजा आ रहा था. और फिर मैंने उसके नीचे वाले होंठ को अपने मुहँ में दबा लिया और फिर मैं उसको चूसने लग गया था, जिससे वह बहुत ही मस्त हो रही थी. और फिर मैंने मौके का फायदा उठाया और उसके टॉप के ऊपर से ही उसके दोनों बब्स को मसलने लगा और उसने अपनी दोनों आँखें बन्द कर ली थी. और वह लम्बी और गहरी-गहरी साँसे ले रही थी. और फिर मैंने उसके टॉप के अन्दर हाथ डाला और पीछे से उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया था. और वह मेरे होठों को चूस रही थी. और फिर उसकी ब्रा बिल्कुल ढीली हो गई थी. और फिर मैंने उसके कपड़ों के अन्दर से ही उसकी ब्रा के अन्दर हाथ डालकर उसके बब्स को दबाना शुरू कर दिया था. और मैं उसके बब्स को इतनी तेजी से मसल रहा था कि, उसे बहुत तेज दर्द भी हो रहा था। और फिर अचानक से उसने मुझे धीरे से धक्का देकर पीछे कर दिया था, तो फिर मैंने उससे पूछा कि, क्या हुआ? तो फिर वह मुझसे बोली कि नहीं, यह सब काम बहुत ग़लत है और मुझे अब इसके आगे कुछ भी नहीं करना है. तो फिर मैंने उससे कहा कि, मेडम यही सही है बाद में आप इसी पल को याद करके मुस्कुराओगी, और फिर से मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया और साथ ही उसके होठों को भी चूसना शुरू कर दिया था. लेकिन अब उसे बहुत अच्छा लग रहा था. और फिर उसने झट से मेरी जीन्स के अन्दर हाथ डाल दिया था और फिर जैसे ही मेरा लंड उसके हाथ में आया तो वह एकदम से डर गई थी, और फिर वह मुझसे बोली कि, यह तो बहुत बड़ा है? और तभी मैंने उसे पकड़ा और लगातार उसके होठों को चूसता रहा. और फिर उसने भी अब मेरे लंड को मसलना शुरू कर दिया था. और मैं अब पूरे जोश में था।

मैं अब उसके बब्स को और भी ज़ोर-ज़ोर से मसलने लग गया था. और मैं उस समय इतना जोश में आ गया था कि, मुझे इस बात का भी होश नहीं था कि, उसे दर्द भी हो रहा होगा. और फिर मैंने अपने हाथ से उसके एक बब्स को उसके टॉप के ऊपर से बाहर निकाल दिया था और फिर मैंने अपने दाँत उसके निप्पल पर गाड़ दिए थे और उसे दर्द हो रहा था, लेकिन उसको मजा भी बहुत आ रहा था. और यह बात मुझको उसके बब्स की तनी हुई निप्पल से पता लग रहा था. और फिर मैंने उसकी निप्पल को अपनी जीभ से बहुत चाटा और अपनी जीभ को उसकी निप्पल के चारों तरफ घुमा भी रहा था और मैं उसके दूसरे बब्स को अपने हाथ से अच्छी तरह से दबाता भी जा रहा था. और वह भी मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से हिला रही थी. और तभी अचानक से उसके हाथ पर कुछ गरम-गरम और गीला पानी फ़ैल गया था. और फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी जीन्स के ऊपर रख दिया था। और फिर मैंने उसकी जीन्स का बटन खोला और जीन्स में मैंने अपना एक हाथ डाल दिया था. और फिर मैंने महसूस किया कि, उसकी पैंटी बहुत गीली हो गई थी, और वह भी बहुत गरम हो चुकी थी. और फिर उसको कुछ चाहिए था जिसको वह अपनी चूत के अन्दर डाल सके. और फिर उसने मेरा हाथ पकड़कर बहुत ज़ोर से अपनी चूत पर दबाया, जिसकी वजह से मैं उसकी प्यास को समझ गया था. और फिर मैंने अपनी दो ऊँगलियाँ उसकी चूत के अन्दर घुसाने की कोशिश करी, वह एकदम कुँवारी थी जिसकी वजह से उसको बहुत दर्द भी हो रहा था. और फिर मैंने उसके होंठ फिर से चूसने शुरू कर दिए थे और साथ मैं उसके एक बब्स को भी दबाने लग गया था और मैं अपनी ऊँगली को बहुत ही धीरे-धीरे उसकी चूत के अन्दर डालने लग गया था. और फिर मेरी एक ऊँगली उसकी चूत के अन्दर जा चुकी थी, तभी उसने मुझे वहीं पर रोक दिया था और फिर वह मुझसे बोली कि, घर पर भी जाना है और यह कोई ट्रेन नहीं है इसलिए मैं यहाँ पर अपने कपड़े भी नहीं बदल सकती हूँ इसलिए मैंने ऊपर से ही उसकी चूत को मसलना शुरू कर दिया था. और फिर थोड़ी ही देर में वह झड़ गई थी. और फिर उसने अपने रुमाल से अपनी चूत को साफ़ किया और फिर उसने उसे बस से बाहर फैंक दिया था।

और फिर सुबह के तीन बज चुके थे. हमारे पीछे वाली सीट पर दो लड़कियाँ बैठी हुई थी और उनकी आँख खुल गई थी और उन्होनें कंडक्टर को भी उठा दिया और बस की लाइट भी जल चुकी थी. हमारा सब कुछ खुला हुआ था इसलिए हमने अपने ऊपर एक कम्बल डाल लिया था. और फिर बस करीब 5 मिनट के लिए वहाँ पर रुकी रही. और फिर 5 मिनट के बाद बस फिर से चलने लगी तो कंडक्टर फिर से अपनी सीट पर जाकर सो गया था और वह लड़कियाँ भी फिर से चुपचाप लेट गई थी. और तभी मेडम ने कम्बल को थोड़ा नीचे किया तो मैंने देखा कि, उनके बब्स एकदम लाल हो गये थे और उनके बब्स की निप्पल अभी भी बहुत टाइट थी. और फिर ड्राइवर ने बस की लाइट फिर से बन्द कर दी थी. और हमने फिर से हमारी कामलीला शुरू कर दी थी. मैंने उसके बब्स को बहुत देर तक चूसा था. और फिर सुबह के 5 बजते ही दो तीन लोग उठ गये थे तो मैंने उसके कान में कहा कि, अब हम कुछ नहीं कर सकते. और फिर मैंने कम्बल के अन्दर ही अन्दर उसकी ब्रा को ठीक किया और उसके सारे कपड़े भी सही किए. और फिर हमको जब भी मौका मिलता तो हम बस एकदूसरे को किस कर लेते थे. और फिर इस तरह से हम सुबह 8 बजे जम्मू पहुँच गये थे. वहाँ पर उसके दो भाई उसको लेने आए थे. और फिर उसने अपने भाइयों से मेरा परिचय करवाया और मैंने जल्दी ही उसके भाइयों से दोस्ती भी कर ली थी. और फिर उनके घर में भी जैसे ही हमको मौका मिलता तो मैं उसके बब्स को दबा लेता और मैं कभी-कभी उसको किस भी कर लेता था. दोस्तों हमारे 5 दिन तो ऐसे ही काम करते हुए निकल गये थे. और फिर अब शादी में सिर्फ़ 2 दिन ही बचे थे. मैं भी उनका अब बहुत ही करीबी मेहमान बन गया था, इसलिए मेरा कमरा कुछ ख़ास ही था. मैं उस कमरे में बिल्कुल अकेला ही रहता था और मेरा कमरा उनके परिवार के साथ ही था. दोस्तों उनके यहाँ पर शादी से ठीक 1 दिन पहले एक रस्म होती है जिसमे दुल्हन लहंगा पहनती है. और वह भी उसे पहनकर बहुत ही खूबसूरत लग रही थी और मैं फिर उसके नाम की मूठ मारकर सोने लगा. और फिर रात को 2 बजे मेरे पास फोन आया तो मैंने देखा तो वह मेडम का फोन था, और फिर मैंने फोन उठाया तो उसने मुझसे कहा कि, दरवाजा खोलो. और फिर मैंने दरवाजा खोला और सामने देखा तो मैं एकदम पागल सा हो गया था. मेरे सामने वह अभी भी उसी लहँगे में थी, लेकिन उसने दुपट्टा नहीं डाला हुआ था. उसने एकदम टाइट गुलाबी रंग का ब्लाउज पहना हुआ था जिसमें से उसकी छाती बहुत ही सेक्सी दिख रही थी. और उसके ब्लाउज के नीचे उसकी शरारती नाभि भी बहुत ही मस्त लग रही थी. उसका वह लहंगा एकदम चिकना था जो उसने पहना हुआ था और वह उसके कूल्हों के पास से एकदम टाइट था। और फिर मैंने उसे अन्दर बुलाया और पूछा कि, क्या हुआ? तो उसने मुझसे कहा कि, मुझे बहुत डर लग रहा है मुझे अब ऐसा लग रहा है कि, जैसे मेरी जिन्दगी ही बर्बाद हो रही है. और फिर मैंने उसको कसकर अपनी बाहों में भर लिया था. और फिर वह मेरे सीने पर अपना सिर रखकर रो रही थी. और फिर मैंने उससे कहा कि, आप डरो मत, मैं हूँ ना, अहमदाबाद में तो हम साथ ही रहेंगे. और तब हम इस बारे में सोचेंगे प्लीज़ आप अभी कुछ भी मत सोचो, कल शादी है वरना बहुत दिक्कत हो जाएगी. और फिर वह थोड़ा शान्त हुई और फिर वह मेरे होठों पर किस करने लग गई थी।

और फिर मैंने भी उस मौके का भरपूर फायदा उठाया और मैंने भी उसको कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया था. और फिर मैंने उसकी सारी लिपस्टिक को चूस-चूसकर एकदम साफ़ कर दिया था. और फिर मैंने उसको अपने बेड पर लेटा दिया था. और फिर मैंने सीधे ही उसकी छाती पर किस किया. दोस्तों वह भी उस समय बहुत मज़े ले रही थी. और फिर मैं भी उसके पास बेड पर लेट गया था और फिर मैंने उससे कहा कि, मेरे पेट पर आकर बैठ जाओ. और फिर उसने वैसा ही किया और फिर वह मेरे दोनों तरफ अपने पैर करके मेरे ऊपर आकर बैठ गई थी. और फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बब्स दबाने शुरू कर दिए थे. और वह भी मेरी शर्ट के बटन खोलने लग गई थी, और फिर वह मेरे निप्पल से खेलने लग गई थी. और फिर तभी उसने मुझसे कहा कि, मुझे भी आज कुछ करना है तो मैंने उससे कहा कि, ठीक है, और फिर मैंने उसकी सिर्फ़ पैंटी ही उतारी और अपनी भी जीन्स और अंडरवियर उतार दिया था. और फिर मैंने उससे कहा कि, चलो मैं आज आपको कुछ ज़्यादा ही मज़े देता हूँ. और फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया था और फिर मैंने 69 पोजीशन में आकर अपना लंड उसके मुहँ पर रख दिया था. और फिर वह मेरे लंड के टोपे को चाटने लग गई थी और मुझे उसकी गरम जीभ मेरे लंड पर महसूस हो रही थी. मैं अब उस अहसास से बिल्कुल पागल सा हो रहा था. और फिर मैंने भी उसके लहँगे को ऊपर किया और उसकी चूत को अपने हाथ से थोड़ा सा रगड़ दिया तो उसने धीरे से आहहह… उहहह… की आवाज़ निकाली. तो फिर मैंने उससे कहा कि, आप मेरे लंड को चूसती रहना वरना आवाज़ निकली तो बाहर सभी लोगों को पता लग जाएगा और फिर उसने वैसा ही किया और फिर मैं भी उसकी चूत को चाटने लगा और फिर उसके पैरों की हलचल से मुझको साफ़ पता चल रहा था कि, उसे बहुत मज़ा आ रहा था।

और फिर मैंने उसकी जाँघों को फैलाकर उसकी चूत में अपनी जीभ को डाल दिया था और फिर उसने एकदम से अपनी जाँघों के बीच में मुझको दबा लिया था. और फिर मैंने उसकी जाँघों को ज़ोर से दबाया तो उसने अपनी पकड़ को थोड़ा ढीला छोड़ दिया था. और फिर मैं अपनी जीभ को उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लग गया था और वह भी मजे से मेरा लंड चूसती रही. और फिर थोड़ी ही देर में वह झड़ गई थी, और फिर उसने भी मेरा लंड चूस-चूसकर मेरा पानी बाहर निकाल दिया था और फिर मैंने उससे बोला कि, अब अगर आप तैयार हो तो मैं भी आपको एक रात के लिए अपनी बीवी बना लेता हूँ? तो फिर उसने मुझसे कहा कि, हाँ ठीक है, लेकिन अब तुम थोड़ा जल्दी करो मुझसे अब बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा है। फिर मैंने उसे बेड पर सीधा लेटा दिया था और फिर उसके ब्लाउज और लहँगे को उतार दिया था. और फिर मैंने उसकी चूत के मुहँ पर अपना लंड टिका दिया था और फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बब्स को पकड़ा और उसके ऊपर लेट गया था और फिर मैं उसके होठों को चूसने लगा और फिर धीरे-धीरे मैं अपना लंड उसकी चूत के अन्दर डालने लगा। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

तो उसको थोड़ा-थोड़ा दर्द हो रहा था जिसकी वजह से उसने बेडशीट को बहुत ही कसकर पकड़ रखा था. अब मैंने धीरे-धीरे से अपना पूरा उसकी चूत के अन्दर लंड डाल दिया था और उसकी आँखों से आँसूं निकलने लग गए थे और अब हम दोनों ही पसीने से पूरी तरह नहा गये थे. और फिर मैं भी अपना पूरा लंड उसकी चूत के अन्दर डालने के बाद थोड़ी देर तक उसके ऊपर वैसे ही लेट गया था और फिर मैं धीरे-धीरे अपने लंड को उसकी चूत में आगे-पीछे करने लग गया था. और फिर थोड़ी देर तक दर्द सहने के बाद अब उसे भी मज़ा आने लगा था और वह आहें भरने लग गई थी, लेकिन वह अपने मुहँ से बिल्कुल भी आवाज़ नहीं कर सके इसलिए मुझे उसके होठों को फिर से चूसना पड़ा और फिर इस तरह 20-25 मिनट तक उसको जमकर चोदने के बाद मैं झड़ गया था और फिर मैंने अपना सारा माल उसकी चूत के अन्दर ही डाल दिया था और फिर उसने मुझे कसकर पकड़ लिया था और तब तक सुबह के 3 बज चुके थे. और फिर मैंने उससे कहा कि, चलो अब आप जल्दी से अपनी साफ़-सफाई करके अपने कमरे में चली जाओ वरना कोई भी दिक्कत हो सकती है. और फिर मैंने उसकी चूत को पानी से साफ़ किया और उसको कपड़े पहनाए और फिर से एकबार उसके होठों को चूमा और थोड़े से उसके बब्स भी दबाए और फिर मैंने उसको कहा कि, अब हमको जो भी करना है वह हम सब अब अहमदाबाद में करेंगे. और फिर उसने भी गर्दन हिलाकर हाँ कहा और फिर वह वहाँ से चली गई थी. और फिर उसके अगले दिन उसकी शादी हो गई थी और मैं भी अपने घर पर आ गया था।

और अब तो दोस्तों अहमदाबाद में हम दोनों ही कभी वह मेरे फ्लेट पर तो कभी मैं उसके फ्लेट पर मिलकर जमकर सेक्स करते थे, और फिर अभी हाल ही में 2 महीने पहले उसका तबादला दिल्ली में हो गया था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!