चाची की चूत को बनाया चुदाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम इरफ़ान है, मेरी उम्र इस घटना के समय 23 साल की थी. और मैं कानपुर का रहने वाला हूँ मेरी लम्बाई 5.7 फुट की है और मैं दिखने में भी ठीक-ठाक हूँ. दोस्तों मैं कॉलेज में बी.एस.सी. के आखरी साल का स्टूडेंट हूँ. मेरा लंड 7” लम्बा और 2.5” मोटा है। हाँ तो दोस्तों अब मैं सीधा अपनी कहानी की तरफ आता हूँ, जो कि, आज से 2 साल पहले मेरे साथ घटी थी।

दोस्तों यह घटना मेरी मेरी छोटी चाची के साथ हुई मेरी चुदाई पर आधारित है. दोस्तों मेरी चाची दिखने में एकदम कयामत लगती है, और एकबार जो कोई भी उसको देख ले तो वह बिना मूठ मारे रह ही नहीं सकता है. दोस्तों मेरी चाची की उम्र उस समय 27 साल की थी और उनके फिगर का तो कोई जवाब ही नहीं है. मेरी चाची के 2 बच्चे है. पहला शाहिद जिसकी उम्र उस समय 5 साल की थी और दूसरी लड़की है रिज्मा जिसकी उम्र 2 साल की थी। दोस्तों वैसे तो मैं अपनी खूबसूरत चाची के बब्स और गांड को याद करके बहुत दिन से मूठ मारता आ रहा था, लेकिन मेरी कभी अपनी चाची को चोदने की हिम्मत ही नहीं हुई थी. और फिर आज से करीब 1-2 साल पहले जब मेरे कॉलेज के पेपर ख़त्म होने के बाद जब मैं एक दिन अपनी चाची के घर पर गया हुआ था क्योंकि मेरी चाची गाँव में रहती है और मैं अपनी पढ़ाई गाँव से थोड़ा दूर रहकर करता हूँ और मेरे चाचा सऊदी में रहते है, और वह दो साल में करीब एक बार ही कुछ दिनों के लिए यहाँ पर आते है. दोस्तों मैं करीब दोपहर के 2 से 3 बजे के आस-पास चाची के घर पर पहुँचा तो चाची और शाहिद मुझे अचानक से वहाँ पर देखकर बहुत खुश हुए थे क्योंकि मैं पूरे एक साल के बाद वहाँ पर गया था. और फिर रात को 8 से 9 बजे खाना खाने के बाद चाची के दोनों बच्चे सो गये थे, और मैं और चाची बैठकर फिल्म देखने लग गए थे, लेकिन कुछ देर के बाद चाची भी फिल्म देखते-देखते ही सो गई थी. और फिर रात को करीब 1.00 बजे जब मैं टी.वी. बन्द करके लेटने लगा तो मैंने देखा कि, चाची का एक बब्स उनके कपड़ों से बाहर निकला हुआ था जो शायद उन्होनें अपनी बेटी को दूध पिलाते समय खुद ही बाहर निकाला होगा।

दोस्तों मैं बहुत देर तक उनके बब्स को घूर-घूरकर देखता रहा था, लेकिन मेरी कुछ करने की हिम्मत बिल्कुल भी नहीं हुई थी. और फिर मैं भी लाइट बन्द करके उनके पास ही लेट गया था, लेकिन अब नींद तो मुझसे कोसों दूर थी. मुझको वह सब देखने के बाद नींद कहाँ से आने वाली थी? और फिर मैं बहुत देर तक उनके जिस्म के बारे में सोचता रहा और साथ मैं अपने लंड को सहलाता भी रहा था. और तभी मैंने मन ही मन कुछ सोचा और फिर मैंने सोने का नाटक करते हुए अपना एक हाथ चाची के बब्स पर रख दिया था. और फिर मैं धीरे से उनके बब्स को सहलाने लगा था। और फिर कुछ ही देर में चाची ने मेरा हाथ एकदम से झटककर दूर हटा दिया था. और फिर वह अपने बब्स को अन्दर करके फिर से सो गई थी, लेकिन मैं उस रात पूरी रात भर नहीं सोया था, और चाची के डर की वजह से मेरी गांड भी फट रही थी. और फिर सुबह मैं उठा और चुप-चाप चाची से नज़रें बचाकर अपने दोस्तों से मिलने बाहर चला गया था. और फिर पूरा दिन उनके साथ बिताने के बाद मैं शाम को अपने चाचा के घर पर आ गया था. और रात को हम फिर से खाना खाने के बाद फिल्म देख रहे थे और फिर कुछ देर तक फिल्म देखते-देखते शाहिद और रिज्मा सो गये थे. और फिर उनके सो जाने के बाद मैंने चाची से हिम्मत करके कहा कि, क्या आप मेरे सिर में तेल लगा दोगी? मेरा सिर बहुत ज़ोर से दर्द कर रहा है।

और फिर चाची उठकर गई और दूसरे कमरे में से तेल लाकर मेरे सिर पर तेल लगाने के लिए मेरे पास बैठ गई थी. और फिर वह मेरे सिर पर तेल लगाने लग गई थी. और फिर कुछ ही देर के बाद मैंने उनसे कहा कि, लाओ मैं भी आपके सिर में तेल लगा देता हूँ. तो फिर उन्होनें मुझसे पूछा कि, उससे क्या होगा? तो फिर मैंने उनसे कहा कि, उससे आपकी दिनभर की पूरी थकान दूर हो जाएगी. और फिर मैं उनके पीछे खड़ा होकर उनके सिर पर तेल लगाने लगा. और तभी मेरी नज़र चाची के सीने पर गई और फिर मैंने देखा कि, मुझे चाची के दोनों बब्स के बीच की घाटी साफ़-साफ़ दिख रही थी. और फिर मैंने हिम्मत करके चाची की पीठ पर उनके सिर में तेल लगाने के बहाने से अपना लंड लगाया, लेकिन चाची ने मुझको कुछ भी नहीं बोला था।

अब मेरी हिम्मत थोड़ी और बढ़ गई थी. और मैं अपने लंड को धीरे-धीरे उनकी पीठ पर रगड़ता रहा, लेकिन तभी अचानक से चाची ने अपना हाथ पीछे करके मेरा लंड पकड़ लिया था और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि, इसको थोड़ा संभालकर रख वरना मैं इसको तोड़ दूँगी. और फिर मैं कुछ देर तक चुप-चाप उनके सिर में तेल लगाकर सो गया था. और फिर सुबह जब 10.00 बजे मैं उठा तो मैंने देखा कि, शाहिद पडौस में खेलने जा चुका था. और चाची ने रिज्मा को भी दूध पिलाकर सुला दिया था. और फिर मैं उठा और सीधा बाथरूम में चला गया. और फिर मैंने देखा की चाची बाथरूम में पहले से ही अन्दर थी. दोस्तों चाची के बाथरूम में दरवाजा नहीं है, वहाँ आढ़ करने के लिए केवल एक कपड़े का पर्दा ही था, और चाची वहाँ पर बिल्कुल नंगी थी. और वह उस समय नहा रही थी, और उन्होंने मुझको नहीं देखा था, क्योंकि उनका मुहँ दूसरी तरफ था. और फिर मैं दबे पाँव बाथरूम से वापस बाहर आ गया था। और फिर 2-3 मिनट के बाद चाची ने मुझको आवाज़ देकर कहा कि, इरफ़ान तुम जरा अन्दर आकर मेरी पीठ पर साबुन लगा दो. तो फिर मैंने चाची को कहा कि, हाँ मैं अभी आता हूँ. और तब मैं फिर से बाथरूम के अन्दर गया तो मैंने वहाँ पर जाकर देखा कि, मेरी सेक्सी चाची उस समय सिर्फ़ अपनी पैंटी में ही थी, और उनका पूरा जिस्म बिल्कुल नंगा मेरी आँखों के सामने था।

दोस्तों मुझको तो वह सब एक सपना सा लग रहा था. और फिर मैं होश में आकर साबुन लेकर उनकी पीठ पर लगाने लगा. और मैं साबुन लगाते समय बीच-बीच में चाची के बब्स को भी छू रहा था, लेकिन चाची मुझसे कुछ भी नहीं बोल रही थी. तो फिर मेरी हिम्मत और बढ़ गई थी, और फिर मैंने मेरा हाथ आगे करके चाची के बब्स पर भी साबुन लगाया तो चाची ने एकबार फिर से मुझे डांट दिया था. लेकिन अब चाची के एकदम नंगे बब्स मेरे ठीक मेरे सामने थे तो मैंने जानबूझ कर अपनी लूँगी को भी खोल दिया था. और फिर जब मैं उठकर खड़ा हुआ तो मेरी लूँगी नीचे गिर गई थी और अब मेरा 7” का हथियार मेरी चाची की आँखों के ठीक सामने था. और फिर चाची ने तुरन्त ही उसको पकड़ लिया था, और मैं एकबार फिर से डर गया था. और फिर चाची ने मुझसे पूछा कि, तुम यह सब कब से कर रहे हो?

तो फिर मैंने चाची को कहा कि, पिछले 1 साल से. और फिर चाची मेरे लंड को धीरे-धीरे से सहलाने लगी तो मेरी जान में जान आ गई थी. और फिर चाची ने मेरा लंड अपने मुहँ में भी ले लिया था. और फिर वह उसको किसी लॉलिपोप की तरह चूसने लग गई थी. तो फिर मुझको ऐसा लगा कि, जैसे मैं किसी जन्नत मैं हूँ, और फिर मैं 5-7 मिनट में ही चाची के मुहँ में ही झड़ गया था. और फिर चाची मेरा पूरा माल चाट गई थी. और इधर मैं भी चाची के बब्स को दबाता रहा।

और फिर मैं चाची के बब्स का दूध भी पीने लगा. दोस्तों उनके बब्स का दूध बहुत मीठा था. और मैं बहुत देर तक उनके एक-एक बब्स के दूध को पीता रहा. तो फिर चाची ने मुझसे कहा कि, कुछ दूध बच्ची के लिए भी छोड़ दो. और फिर मैं चाची की पैंटी को उतारकर बाथरूम में ही उनको लेटाकर उनकी चूत को चाटने लगा. क्या बताऊँ दोस्तों इतना स्वादिष्ट पानी मैंने अपनी जिन्दगी में उस दिन से पहले कभी भी नहीं चखा था, और फिर हम 69 की पोजीशन में आ गये थे. और फिर मैं बहुत देर तक चाची की चूत को चूसता रहा था. और इस बीच चाची भी एकबार झड़ गई थी. और फिर मैं सीधा हुआ और अपने लंड को चाची की चूत पर रगड़ने लगा. और फिर चाची ने मुझको कहा कि, अब और कितना तडपाएगा, प्लीज़ अपनी चाची को जल्दी से चोद दे वरना मैं मर जाऊँगी। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैंने मौका देखते हुए अपना लंड चाची की चूत के मुहँ पर रखकर एक ही ज़ोर के धक्के के साथ अपना लंड उनकी चूत के अन्दर डाल दिया था. मेरा अभी उनकी चूत में आधा लंड ही गया था कि, चाची के मुहँ से बहुत ज़ोर से चीख निकल गई थी, और फिर मैं थोड़ी देर के लिए अपने लंड को उनकी चूत में फँसाकर वैसे ही रुका रहा. और फिर मैं चाची के बब्स को सहलाता रहा, और फिर जब मुझे लगा कि, अब उनका दर्द थोड़ा कम हो गया है तो फिर मैंने एक और जोरदार धक्का लगाया और अबकी बार मेरा 7” का लंड पूरा का पूरा ही चाची की चूत की गहराइयों में उतर गया था और चाची भी दर्द से रोने लग गई थी. और फिर मैं फिर से थोड़ी देर रुका और फिर जब चाची चुप होकर नीचे से अपनी गांड को हिलाने लगी तो मैंने भी धक्के लगाना शुरू कर दिया था. दोस्तों चाची बीच-बीच में बहुत ही सेक्सी आवाजें निकाल रही थी. और मैं लगातार धक्के लगाए जा रहा था. और इस चुदाई के बीच मैंने महसूस किया कि, चाची दो बार झड़ चुकी थी, लेकिन मैं अभी भी चुदाई के मैदान में टिका हुआ था।

और फिर करीब 10 मिनट के बाद मैंने चाची से कहा कि, मेरा काम होने वाला है तो चाची ने कहा कि, तो फिर अब तुम अपनी चुदाई की गति को और बढ़ा दो. और फिर मैंने अपनी चोदने की गति को और बढ़ा दिया था. और फिर हम दोनों ही एकसाथ झड़ गये थे. और फिर थोड़ी देर तक हम बाथरूम में ही एक-दूसरे से चिपककर लेटे रहे थे. और फिर हम दोनों एक साथ नहाए थे. और नहाते समय मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था तो चाची ने मेरे लंड से कहा कि बेटा, अब तुम्हारी गर्लफ्रेंड से तुम्हारी मुलाकात रात में होगी. और फिर हम अपने-अपने कपड़े पहनकर बाथरूम से बाहर आ गये थे. और फिर मैंने बाहर आकर घड़ी में समय देखा तो 12.30 बज रहे थे. और फिर हमने साथ में बैठकर नाश्ता किया, और फिर इस तरह से मैंने अपनी चाची को एक सप्ताह तक लगातार सुबह-शाम खूब तबियत से चोदा था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!