मैंने मेरी प्यारी भाभी की बहन चोद दी

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम सन्नी है, मेरी उम्र 22 साल की है और मैं महाराष्ट्र के एक गाँव का रहने वाला हूँ. दोस्तों मैं अपनी पढ़ाई के चलते अपने भैया के पास पुणे में रहता हूँ. मेरे भैया यहाँ पर एक बड़ी कम्पनी में काम करते है. और यहाँ पर उनके घर में मेरे अलावा केवल मेरे भैया सन्दीप और भाभी सरिता ही रहते है. दोस्तों अभी 3 साल पहले ही मेरे भैया की शादी हुई थी।

हाँ तो दोस्तों यह तो हो गया मेरा परिचय अब मैं आप सभी को आज कामलीला डॉट कॉम के मंच के माध्यम से अपनी एक बहुत ही प्यारी और सेक्सी कहानी से रू­­­बरू करवाने जा रहा हूँ. और दोस्तों मैं आप सभी से यह उम्मीद भी करता हूँ कि, मेरी इस कहानी को आप सभी बहुत पसन्द भी करेगें।

दोस्तों आज से करीब 6 महीने पहले मेरी भाभी अपने पीहर में गई हुई थी. और फिर जब भाभी अपने पीहर से वापस आई तो भाभी के साथ उनकी छोटी बहन अन्नू (अनीता) भी हमारे घर आई थी. वह बहुत ही खूबसूरत और बहुत ही चंचल थी. उसकी उम्र लगभग 19 साल की थी. दोस्तों वह मुझे भी मजाक में जीजाजी ही कहती थी और वह बहुत मज़ाक भी करती थी. भाभी ने उसको मेरे कमरे के पास वाला कमरा दे दिया था, क्योंकि वह भी यहाँ पर कोई कम्प्यूटर कोर्स करने आई थी। दोस्तों एक दिन रात को मैं उठकर बाथरूम में जा रहा था तो अचानक से मेरी नज़र भैया-भाभी के कमरे के दरवाजे की तरफ गई तो मैंने देखा कि, वहाँ पर अन्नू बहुत ही ध्यान से दरवाजे के बीच की जगह में से भैया के कमरे में देख रही थी. दोस्तों उस समय उस गेलेरी में एकदम अँधेरा था. और फिर मैं भी चुप-चाप उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया था और उसको बिल्कुल भी मालूम ही नहीं पड़ा कि, कोई उसके पीछे आकर खड़ा हो गया है, क्योंकि वह तो अन्दर देखने में ही मगन हो रही थी. और फिर तो मैं समझ गया था कि, यह तो अपनी दीदी को अपने जीजा से चुदवाते हुए देख रही है।

दोस्तों उस समय उसने एक स्कर्ट और टी-शर्ट पहन रखी थी और मैंने भी केवल एक बनियान और लूँगी ही पहन रखी थी. और फिर कमरे के अन्दर से आने वाली भैया-भाभी की चुदाई की मदहोश कर देने वाली आवाजों से मैं भी जोश में आ गया था और मेरा लंड भी खड़ा हो गया था. मैंने अपना खड़ा लंड उसके पीछे से उसके दोनों कूल्हों के बीच में उसकी स्कर्ट के ऊपर से ही लगा दिया था, क्योंकि वह उस समय झुककर घोड़ी की पोजीशन में खड़ी थी. और फिर वह अचानक से चौंककर पीछे घूमी तो वह मुझको वहाँ पर देखकर शरमा गई थी. और फिर मैंने उसी पल उसको अपने सीने से लगा लिया था. और फिर मैंने अपने होठों को उसके होठों पर रख दिया था. दोस्तों वह मुझसे कुछ बोलना चाह रही थी लेकिन मैंने उसके मुहँ को पकड़ लिया और फिर मैं उसको पकड़कर किस करते हुए अपने साथ अपने कमरे में ले गया था. और फिर मैंने उससे पूछा की, वहाँ पर तुम क्या देख रही थी? तो फिर वह फिर से शरमा गई थी. तो फिर मैंने फिर उससे पूछा की, तुमने क्या देखा कमरे में?

तो फिर वह मुझसे बोली की, कुछ भी तो नहीं. और फिर मैंने उसको फिर से अपने सीने से लगा लिया और फिर मैंने उसकी गर्दन पर एक किस कर दिया था. और वह मुझसे अलग होने की बहुत कोशिश करने लगी थी लेकिन मैंने उसे बहुत ज़ोर से पकड़ रखा था. और मैंने फिर से उससे पूछा कि, तुमने क्या देखा कमरे के अन्दर? तो फिर वह बहुत ही शरमाते हुए धीरे से बोली की, वही जो एक मर्द एक औरत के साथ करता है। और फिर मैंने अपने होंठ फिर से उसके होठों पर रख दिए थे, और साथ ही मैं उसकी पीठ पर हाथ फेरने भी लग गया था. तो फिर वह मुझसे बोली की, जीजू, प्लीज़ छोड़ दो मुझे. तो फिर मैंने उसको बोला कि, हाँ मैं तुमको छोड़ दूँगा लेकिन पहले तुमने जो भैया-भाभी के कमरे के अन्दर देखा है, अब मैं भी वही सब तुम्हारे साथ करूँगा. तो फिर वह मुझसे बोली कि, नहीं ऐसा मत करो प्लीज़, अभी तो मेरी शादी भी नहीं हुई है, और अगर किसी को पता चल गया तो? तो फिर मैंने उसको कहा कि, किसी को भी पता नहीं लगेगा. और अगर तुम मना करोगी तो मैं भाभी और भैया से सब कुछ कह दूँगा. और फिर वह मेरी बात को सुनकर एकदम चुप हो गई थी. और फिर मैं थोड़ी देर तक उसकी पीठ और कमर को सहलाता जा रहा था और उसके होठों को चूमता भी जा रहा था।

और फिर दोस्तों इसी बीच मैंने उसकी स्कर्ट का हुक खोल दिया था तो उसकी स्कर्ट एकदम से खुलकर नीचे ज़मीन पर गिर गई थी. और फिर वह मुझसे बोली की, जीजू छोड़ दो मुझको, मैं तुमसे माफी माँगती हूँ. तो फिर मैंने उसको कहा कि, मैं भी जवान हूँ और तुम भी जवान हो तो हम दोनों को भी उसी तरह का मज़ा लेना चाहिए. और फिर वह एकदम चुप रही और मैं उसकी चिकनी जाँघों पर हाथ फेरने लग गया था. उसकी जाँघें एकदम मलाई की तरह चिकनी थी. और फिर मेरे ऐसा करने से थोड़ी ही देर में वह सिसकारियाँ भरने लग गई थी. और फिर मैंने उसकी टी-शर्ट और ब्रा को भी उतार दिया था. और वह अब मेरे सामने केवल अपनी पैन्टी में ही थी. उसकी एकदम गोल-गोल और खूबसूरत चूचियाँ अब मेरी आँखों के सामने थी. और फिर मैंने अपने एक हाथ से उसके बब्स के निप्पल को मसलना शुरू कर दिया था. और साथ ही मैं अपने दूसरे हाथ से उसकी जाँघों को भी सहलाता जा रहा था. दोस्तों उस समय मेरे सारे बदन में एक सनसनी सी होने लगी थी. और फिर थोड़ी देर के बाद उसको भी और ज़्यादा मज़ा आने लगा तो वह मुझसे एकदम चिपक गई थी. और फिर मैंने उसकी पैन्टी को नीचे सरका दिया था और फिर मैं अब उसकी चूत पर अपना हाथ फेरने लग गया था. दोस्तों उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और वह एकदम चिकनी थी. और फिर मेरे ऐसा करते ही उसने अपनी दोनों जाँघों को आपस में एकदम सटा लिया था तो मैंने उसके दोनों पैरों के बीच में अपना एक पैर घुसा दिया था. और फिर मैंने उसकी चूत को सहलाते हुए उसको चूमना शुरू कर दिया था. जिससे वह अब और भी ज़्यादा जोश में आ गई थी. और वह अब मुझसे एकदम से लिपट गई थी।

और फिर तो वह भी मेरी पीठ पर अपना हाथ फेरने लग गई थी. और फिर मैंने अपनी लूँगी खोल दी थी और मैंने उसका एक हाथ अपने लंड पर रख दिया था. तो फिर उसने एकदम से अपना हाथ मेरे लंड के ऊपर से हटा लिया था. और फिर मैंने फिर से उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया था. और फिर थोड़ा शरमाने के बाद उसने मेरे लंड को धीरे-धीरे सहलाना शुरू कर दिया था. दोस्तों मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा था. और फिर उसका हाथ लगने से वह एकदम तन गया था. और मैं उसकी चूत को अभी भी सहला रहा था. और फिर थोड़ी देर तक मेरे लंड को सहलाने के बाद वह मुझसे बोली कि, “जीजू, आपका तो बहुत बड़ा है और इससे तो मुझको बहुत दर्द होगा” तो फिर मैंने उसको कहा कि, “तुम ये कैसे कह रही हो कि, मेरा बहुत बड़ा है” तो फिर वह मुझसे बोली कि, “अभी तो मैंने बड़े जीजू का देखा था ना उससे तो आपका बहुत बड़ा है” तो फिर मैंने उसको कहा कि, “तो क्या हुआ, हर आदमी का एक ही तरह का नहीं होता है” और फिर 5-7 मिनट के बाद अब उसकी चूत एकदम गीली हो गई थी तो मैंने उसको चोदने में देरी करना ठीक नहीं समझा. और फिर मैंने उसको बेड पर लेटा दिया था. और वह भी अब पूरे जोश में आ गई थी और वह मेरा हर कहा मान भी रही थी. और फिर बेड पर लेटने के बाद मैंने उसके कूल्हों के नीचे 2 तकिये रख दिए थे जिससे उसकी प्यारी सी चूत एकदम ऊपर उठ गई थी।

और फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में डाल दी थी. दोस्तों उसकी चूत एकदम टाइट थी और मेरे उसकी चूत में ऊँगली डालने से उसको हल्का सा दर्द हुआ तो वह चहक गई थी. और फिर मैंने जब अपनी ऊँगली को उसकी चूत में अन्दर-बाहर करना शुरू किया तो 5-7 मिनट के बाद ही उसकी चूत से ढेर सारा पानी बाहर आ गया था और वह भी ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ भरने लग गई थी. और फिर मैंने उसकी दोनों टाँगों को पकड़कर फैलाकर दूर-दूर कर दिया था जिससे उसकी चूत का मुहँ मेरे सामने एकदम खुल गया था. दोस्तों उसकी चूत एकदम गुलाबी थी और उस पर बिलकुल भी बाल नहीं थे. उसको देखकर मुझको तो ऐसा लगता था कि, जैसे उसने कुछ दिन पहले ही अपनी चूत के बाल साफ़ किए हो. और फिर मैंने उससे पूछा कि, क्या तुम्हारी चूत पर बाल नहीं है? तो वह मुझसे बोली की, यहाँ पर आने के पहले ही मैंने उनको साफ़ कर लिया था. और फिर मैंने अपने लंड का टोपा उसकी चूत के बीच में रख दिया था. और फिर अब तो वह भी बहुत ही ज़्यादा जोश में आ गई थी, और उसने मेरे सिर को पकड़ लिया था और फिर वह मेरे सिर को सहलाने लग गई थी. और मैंने भी अपने लंड को उसकी चूत के अन्दर दबाना शुरू कर दिया था तो वह दर्द की वजह से अपने होठों को काटने लगी थी. दोस्तों उसकी चूत बहुत ही टाइट थी जिससे मुझको भी अपना लंड उसकी चूत में डालने के लिये बहुत ज़ोर लगाना पड़ रहा था। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैंने थोड़ा सा ज़ोर लगाया तो मेरा लंड उसकी चूत में 3 इंच तक घुस गया था और मेरे लंड के उसकी चूत में घुसते ही वह रोने लग गई थी. और फिर वह रोते हुए मुझसे बोली कि, “बहुत दर्द हो रहा है जीजू, अब रहने भी दो ना प्लीज़, और मुझको छोड़ दो. आपका बाकी का काम कल कर लेना.” तो फिर मैंने उसको कहा कि, क्या कल भी तुम मुझसे चुदवाओगी? तो फिर वह मुझसे बोली कि, “हाँ, कल भी करवाऊँगी, मुझको तो यह सब बहुत अच्छा लग रहा है, आज तो बस इतना ही डालो” तो फिर मैंने उसको कहा कि, “ठीक है” और फिर मैं अपना लंड उसकी चूत में केवल 3″ तक ही डालते हुए धीरे-धीरे अपने लंड को अन्दर-बाहर करने लगा था. और फिर थोड़ी ही देर में जब उसका दर्द कम हो गया था और उसको भी मज़ा आने लगा था तो उसने मुझको ज़ोर से कसकर पकड़ लिया और वह अपनी गांड को भी ऊपर उठाने लग गई थी. और फिर अब मैंने भी अपनी चुदाई की स्पीड को थोड़ा सा और बढ़ा दिया था।

और फिर तो उसने अपनी गांड को मेरे हर धक्के के साथ और भी ऊपर उठाना शुरू कर दिया था. और अब तो दोस्तों मैं भी समझ गया था कि, वह एकदम मस्त हो गई है और अब वह झड़ने वाली है. और फिर मैंने अपनी चुदाई की स्पीड को और तेज़ कर दिया था. और फिर 5 मिनट में ही वह झड़ गई थी. झड़ने के बाद उसकी चूत एकदम गीली हो गई थी और मेरा सारा लंड उसकी चूत के पानी से भीग गया था लेकिन मैं फिर भी रुका नहीं था और मैं तो बस उसको चोदता ही जा रहा था और बीच-बीच में मैं थोड़ा सा तेज़ धक्का भी मार देता था. दोस्तों अब तो वह भी बहुत ही ज़्यादा जोश में थी और वह अपनी गांड को उठा-उठाकर मुझसे चुदवा रही थी।

दोस्तों बीच-बीच में जब मैं थोड़ा तेज़ धक्का मार देता था तो वह दर्द की वजह से थोड़ा सा चीख पड़ती थी. और साथ ही वह मेरे सिर को पकड़कर मेरे बालों को सहलाती भी जा रही थी और मैं उसको इसी तरह चोदता रहा. और फिर अगले 10 मिनट की चुदाई में मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया था. और फिर मैंने उसको कहा कि, “अन्नू, अब कल क्या होगा? तुमने तो मेरा पूरा लंड आज ही अपनी चूत में ले लिया है” तो फिर वह मुझसे बोली कि, “कल तो केवल जमकर चुदाई होगी” और फिर दोस्तों अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुसने के बाद मैंने अपनी स्पीड थोड़ी और बढ़ा दी थी और अब मैं उसे बहुत ही तेज़ी के साथ चोद रहा था. और वह भी अपनी गांड को उठा-उठाकर मेरे हर धक्के का जवाब दे रही थी. और फिर लगभग 15-20 मिनट तक उसको और चोदने के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया था। दोस्तों वह भी पूरी चुदाई के दौरान 4 बार झड़ चुकी थी और फिर उसकी चूत में झड़ने के बाद मैं उसके ऊपर से हट गया था और मैंने अब अपना लंड उसके मुहँ में दे दिया था. और वह उसको आइसक्रीम की तरह चूसने लग गई थी. और फिर कुछ देर तक मेरा लंड चूसने के बाद वह मुझसे बोली कि, “जीजू, प्लीज़ एकबार और करो ना” तो फिर मैंने उसको कहा कि, “ठीक है तुम पहले इसको चूस-चूसकर फिर से तैयार तो करो और फिर मैं तुमको अभी फिर से चोद देता हूँ।

दोस्तों मेरा भी मन अभी भरा नहीं था” और फिर 10 मिनट के बाद ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था. और फिर मैंने उसको चोदना चाहा तो वह मुझसे बोली कि, “जैसे बड़े जीजू कर रहे थे उस तरह से करो ना” तो फिर मैंने उससे पूछा कि, “वह किस तरह कर रहे थे? तो फिर वह मुझसे बोली कि, “बड़े जीजू दीदी को घोड़ी की तरह बनाकर पीछे से कर रहे थे” तो फिर मैंने उसको कहा कि, “ठीक है तो तुम भी घोड़ी बन जाओ” और फिर वह झट से घोड़ी की तरह बन गई थी और फिर मैंने उसके पीछे आकर उसकी जमकर चुदाई शुरू कर दी थी और इसबार तो उसको दर्द भी बहुत कम हुआ था. और फिर उसने खूब मज़े से मुझसे अपनी चुदाई करवाई और वह मेरे हर धक्के पर मेरा पूरा साथ दे रही थी. और फिर मैंने उसको लगभग 15-20 मिनट तक और चोदा था और फिर मैं एकबार फिर से उसकी चूत में ही झड़ गया था. और फिर मेरे लंड का पूरा पानी उसकी चूत में ही निकालने के बाद मैं उसके ऊपर से हट गया था. और मेरे हटने के बाद उसने मेरे लंड को चाट-चाटकर बहुत ही अच्छी तरह से साफ़ कर दिया था. और फिर उसने एक कपड़ा लेकर अपनी चूत को भी साफ़ कर लिया था. दोस्तों उस कपड़े पर खून के कुछ धब्बे भी आ गये थे और उसने वह धब्बे मुझे दिखाए और फिर उसने मेरे होठों पर एक चुंबन जड़ दिया था. और फिर उसके बाद वह अपने कमरे में चली गई थी. और फिर मैंने पूरे 2 महीने तक उसकी अलग-अलग तरीके से खूब चुदाई करी थी और आज तक मैं उसको भूल नहीं पाया हूँ और ना ही वह मुझे भूल पाई है. उसका कोर्स पूरा होते ही वह अब हमारे यहाँ से चली गई थी। दोस्तों मैं अभी भी उसको बहुत प्यार करता हूँ।