आईलेंड पर मिली मेरे लंड को चूत

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम समीर है मेरी उम्र 28 साल की है और मैं एक शिपिंग कम्पनी में साइट सुपरवाइजर के पद पर काम करता हूँ. दोस्तों मैं भी आप सभी की तरह ही कामलीला डॉट कॉम वेबसाइट पर काफी समय से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ. मेरे जीवन में वैसे तो सेक्स की कई घटनाएँ हुई है लेकिन मेरे जीवन की यह घटना कुछ अलग तरह की है. हमारे यहाँ पर 1 आइलैंड है जो हमारे शहर से कुछ ही दूरी पर है, उस आइलैंड पर जाना मुझको एक अजीब सी ख़ुशी देता है. वहाँ पर जाने के लिए बोट से जाना पड़ता है, जो कि हमारे शहर के जंगलों में है. वहाँ पर जाने के लिये पहले अनुमति लेनी पड़ती है. यह बड़ा झंझट का काम था इसलिए यह काम मेरे बॉस ने मुझको दिया था. क्योंकि कुछ अफसरों के परिवारों को वहाँ पर घुमाने के लिये ले जाना था।

और फिर मैंने मेरे बॉस से कहा कि, ठीक है. और फिर मैं बाकी की तैयारियाँ करने लगा और फिर सब तैयारियाँ होने के बाद मैंने दूसरे दिन सब लोगों को बता दिया कि, आप सभी लोगों को बोट में बैठना है, और बोट के ज़रिए आइलैंड पर पहुँचना है. और मैंने उन सभी लोगों को फोन करके यह भी बता दिया कि, आप सभी लोगों को सुबह के ठीक 8 बजे बोट पर पहुँचना है. और फिर अगले दिन मैंने देखा कि, वह सभी लोग सही समय पर आ गये थे. और फिर मैंने उनको देखा तो वह करीब 3 परिवार थे और उनमें ज़्यादातर औरतें ही थी, जो कि, बड़े अफसरों की बीवीयाँ थी उनमें 3 अफसरों की बीवीयाँ थी और उनके साथ कुछ छोटे बच्चे भी थे जिनकी उम्र 4-5 साल की थी. हमको शाम को 7 बजे तक वापस घर पर भी आना था इसलिए मैंने अपने साथ में कपड़े ज़्यादा नहीं लिए थे। और फिर हम लोग बोट से समन्दर की लहरों को चीरते हुए आगे बढ़ने लगे. दोस्तों मुझको तो वह सब कुछ नया नहीं लग रहा था क्योंकि वहाँ पर आना-जाना मेरा तो लगा ही रहता है. दोस्तों जब हम लोग जा रहे थे तो उनमें से 1 औरत को चक्कर आने लगे, समन्दर की लहरे भी तेज़ थी और हवा भी तेज चल रही थी इसलिए इन लोगों को परेशानी आ रही थी, बोट में हम सिर्फ़ 3 ही आदमी थे जिसमें मैं और बाकी 2 कप्तान थे जिनकी उम्र 45-50 के बीच की थी और वह लोग तो बोट के कैबिन में थे. और मैं अफसरों के परिवारों के साथ ऊपर था. और फिर उनमें से एक ने मुझको आवाज़ दी और कहा कि, प्लीज़ आप मेरा हाथ पकड़ लो वरना मैं कहीं समन्दर में गिर ना जाऊँ।

और फिर तब उनमें से एक दूसरी मेम ने भी कहा कि, हाँ तुम शीला का हाथ पकड़ लो, तो फिर मैंने उनको कहा कि, ठीक है और फिर मैंने मन ही मन में कहा कि, शीला नाम तो बहुत अच्छा था और उनकी उम्र भी करीब 32-33 के आस-पास की थी. दोस्तों जब बोट समन्दर की उठती हुई लहरों से टकरा रही थी तो बहुत मज़ा आ रहा था और मैंने शीला जी का हाथ पकड़े हुए था तो मेरा हाथ कांप भी रहा था और तब शीला जी ने मुझसे कहा कि, ज़रा कसके पकड़ो ना. तो फिर मैंने उनसे कहा कि, ठीक है. और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि, तुम इतने कांप क्यों रहे हो? तो मैंने उनसे कहा कि, नहीं तो, असल में तो मैं सचमुच कांप रहा था पर कोई मेरी शिकायत ना कर दे इसलिये मैंने उनको कुछ भी नहीं बताया क्योंकि हमारे कामकाज उन्हीं के पति के ऑफिसों में होते थे।

और फिर जब मैंने उसका हाथ कसके पकड़ा तब मुझको मालूम हुआ कि, वह तो नाटक कर रही थी. और फिर मेरे सामने उसने अपने बब्स को दिखाने का बहाना किया और फिर वह मुझसे बोली कि, यार तुम तो बहुत शर्माते हो. तो फिर मैंने उनको कहा कि, नहीं तो सब ठीक ही तो है. और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, ज़रा यहाँ मेरे पास और करीब आओ. दोस्तों मैं तो उस समय बहुत शरमा रहा था और यह सब वह दोनों दूसरे अफसरों की बीवीयाँ भी देख रही थी और फिर उन्होंने भी मुझसे कहा कि, हाँ-हाँ करीब जाओ ना. और फिर मैं शीला जी के करीब जाकर बैठ गया था और बोट चलती रही. और फिर अब हम लोग अब आइलैंड पर पहुँचने वाले थे और फिर 10 बजे हम लोग वहाँ पर पहुँचे. जब हम वहाँ पहुँचे तो वहाँ पर पानी ज़्यादा भरा था इसलिए उनके बच्चों को पहले मैंने किनारे पर उतारा और फिर बाद में मैंने शीला जी को भी अपनी गोद में उठाकर किनारे पर ले गया था और फिर उसके बाद बाकी उन दोनों को भी मैंने अपनी गोद में उठाकर नीचे उतारा था। उनमें से दूसरी वाली मीना जी को उठाते-उठाते उसने मेरे लंड को छुआ तो मुझको कुछ होने लगा और फिर उसने अपना बब्स मेरे सिर से टकराया तो मैंने सोचा कि, शायद ग़लती से हो गया है. और फिर मैं उनको भी किनारे पर छोड़ आया. और अब बारी थी कल्पना जी की उसको तो उठाने में मुझको बहुत परेशानी हुई क्योंकि उनका वजन कुछ ज़्यादा ही था और फिर जैसे तैसे मैंने उनको उठाया और चल दिया था और बीच में उसने भी ऐसी ही हरकत करते हुए कहा कि, ज़रा ज़ोर से पकड़ों ना. तो फिर मैंने उनसे कहा कि, क्या? तो फिर वह बोली कि, अरे बुद्धू मैं और कुछ पकड़ने की बात कर रही हूँ. और फिर मैं तो इस तरह की बात को सुनकर एकदम हक्का-बक्का रह गया था और फिर मैं उसको किनारे की तरफ लेकर चल दिया था और तब उन्होनें मुझसे कहा कि, तुम्हारा नाम समीर है ना?

तो फिर मैंने उनको कहा कि, आप को किसने बताया. तो फिर उसने मुझसे कहा कि, हमको तो सब पता है. और फिर मैं उनकी बात को सुनकर एकदम हैरान हो गया था और फिर मैंने उनको कहा कि, मैंने तो कभी आपको देखा ही नहीं है. तो फिर उसने मुझसे कहा कि, तुम याद करो तुम सुधीर गुप्ता जी को जानते हो? तो मैंने उनको कहा कि, उनके यहाँ पर तो मैं कई बार जा चुका हूँ पर ऑफीस के काम से. तो फिर उसने कहा कि, ठीक बिल्कुल ठीक और चाय भी पी होगी? तो मैंने उनसे कहा कि, कई बार. और तब उसने मुझको बताया कि, बस, अब सुनो हमारी बात मैंने ही यह सब प्लान बनाया है तुम्हारे साथ आने के लिए तुम अपनी या तुम्हारे बॉस की मर्ज़ी से नहीं बल्कि हमारी मर्जी की वजह से यहाँ पर आए हो. और फिर उनकी बात को सुनकर मैं तो एकदम हडबडा गया था और फिर मुझको कुछ भी समझ में नहीं आया और फिर मैं किनारे पर पहुँच गया था. और तब शीला हँसती हुई बोली कि, क्या जनाब को पता चला या नहीं, कल्पना तुमने बताया नहीं?

कल्पना :- ठीक है अब मैं अपनी बात बताती हूँ, सुनो तुम जब शीला के घर आए थे तो तुम्हारे कपड़ों के ऊपर चाय गिर गई थी ना।

मैं :- हाँ.

कल्पना :- तो फिर तुम बाथरूम में गये थे।

मैं :- हाँ हाँ याद आया।

कल्पना :- बस वहीं पर तुमने अपना लंड भी साफ़ किया था ना उस समय हमने तुम्हारी वीडियो बना ली थी. और फिर उन्होंने वह वीडियो मुझको दिखाते हुए कहा कि, क्या लौड़ा है देखोगे?

मैं तो एकदम हैरान रह गया था जब कल्पना ने अपने मोबाइल में मेरी वीडियो दिखाई थी और तब मैंने उनसे कहा कि, और किस-किसने देखी है यह वीडियो? तो फिर उन्होंने मुझसे कहा कि, अभी तो हम तीनों ने ही देखी है लेकिन अब अगर तुमने हमारी बात नहीं मानी तो इसको इंटरनेट पर सबको दिखा देगें और तुम्हारे बॉस को भी. तो फिर मैंने उनसे कहा कि, ठीक है यह तुम किसी को भी मत बताना बदले में तुम जो भी कहोगी मैं वह करूँगा. तो फिर उन्होंने मुझको कहा कि, ठीक है तो चलो अब हमारे साथ हमने यहाँ पर एक कमरा बुक करवा लिया है. और फिर मैं उनके साथ चला गया। और फिर मैं कमरे में जाते ही बाथरूम में गया क्योंकि मुझको तो डर से पैशाब ही आ गया था. और फिर जब मैं बाथरूम में जाकर वापस आया तो उनमें से कल्पना ने मुझको कहा कि, आओ बैठो खाना खाओ. और फिर हम लोगों ने साथ में खाना खाया और फिर खाना खाकर हम घूमने के लिये चल दिए थे. उस टापू पर हमारे अलावा और कोई भी नहीं था लाइट हाऊस के दो लोग थे और वह भी अपने कमरे में थे. और तब शीला ने कहा कि, मैं तो बच्चों के पास रहती हूँ तुम लोग जाओ. और फिर हम लोग चल दिए और चलते-चलते मैंने उनसे कहा कि, चलो समन्दर में नहा लो और फिर हम लोग घूमेगें. और फिर हम लोग नहाने लगे और इसी बीच अचानक से मीना ने मेरे लंड को पकड़ लिया और वह उसको दबाने लगी।

मैं तो उस समय एकदम से चौंककर पानी से बाहर चला आया तो कल्पना ने मुझसे कहा कि, मैं तुम्हारी यह वीडियो सबको बता दूँगी. तो फिर मैंने उससे कहा कि, ठीक है तुमको जो करना है कर लो. और फिर उसने मेरे अंडरवियर को नीचे किया और फिर वह मेरे लंड को सहलाने लगी और फिर कल्पना ने मेरे अंडरवियर को पूरा उतार दिया था. और फिर उन दोनों ने मेरे लंड को बारी-बारी से अपने मुहँ में लिया और फिर उन्होंने मुझको कहा कि, अब तुम हमारी मीना को चूसो. दोस्तों मुझको मीना को चाटना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था पर उनकी ज़िद की वज़ह से मैंने उसकी मीना को अपनी से छुआ तो उसकी आहहह… निकालने लगी थी और फिर वह मुझसे बोली कि, चोदो अपनी जीभ से मेरी मीना को और फिर मैंने उसकी मीना को चाटना शुरू किया.। और फिर मुझको भी मज़ा आने लगा तो मैंने बारी-बारी से उन दोनों की चूत को चाटना शुरू किया और फिर वह भी बारी-बारी से मेरा लंड चूस रही थी।

और तब मीना ने मुझसे कहा कि, अब तुम मेरी चूत में तुम्हारा मोटा लंड डालो प्लीज़ और फिर कल्पना ने भी मुझसे कहा कि, मेरी चूत में डालो. मेरा पानी तो वैसे ही छूटने वाला था तो मैंने उनको बताया कि, मेरा पानी निकलने वाला है तब मीना ने 1 स्प्रे निकाला और उसको मेरे लंड पर छिड़का तो मेरा लंड और भी टाइट हो गया था. और फिर मैंने अपना लंड मीना की चूत में डाल दिया था, क्या चूत थी. और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, चोदो और ज़ोर से चोदो मैं बहुत प्यासी हूँ मेरी चूत को फाड़ दो और वह मेरे लंड के ऊपर पागलों की तरह उछल रही थी. और फिर मैंने उससे कहा कि, मेरा पानी निकल रहा है तो मैं इसको मुहँ में छोडूँ या तुम्हारी चूत में? तो उसने मुझसे कहा कि, चूत में ही छोड़ो तो कल्पना ने कहा कि, नहीं मेरे मुहँ में डालो जान प्लीज्ज़. और फिर मैंने अपना लंड मीना की चूत में से निकालकर कल्पना के मुहँ में डाल दिया था. और फिर मैंने अपने लंड का सारा पानी उसके मुहँ में ही निकाल दिया था और यह सब शीला भी देख रही थी. और वह भी अपनी चूत में ऊँगली करके मज़ा ले रही थी. और फिर थोड़ी देर के बाद उन तीनों ने मेरे लंड को चूस-चूसकर फिर से खड़ा कर दिया था। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों अब बारी थी शीला की तो उसने मेरे लंड को अपने मुहँ में लिया और मैं उन दोनों की चूत को चाटने लगा बारी-बारी से और फिर पता नहीं उन लोगों ने मेरे टाइट लंड पर फिर से कुछ छिड़का जिससे वह और भी टाइट हो गया था. दोस्तों उस समय तो मुझको कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं पहले किसको चोदूं क्योंकि वह उस समय मुझको एक से बढकर एक लग रही थी. और फिर मैंने सब्र करते हुए उन तीनों को बारी-बारी से चोदा था. और फिर शाम के 7 बजे से पहले हम सब वहाँ से वापस आ गये थे. दोस्तों अब तो उनको जब भी मेरी याद आती है तो वह मुझको मेरे वीडियो की धमकी देकर बुलवा लेती है और फिर वह तीनों मुझसे खूब जमकर चुदती भी है।