बेटी की स्कूल वाली मेम को

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम राकेश है और मेरी उम्र 32 की साल है और लम्बाई 5.7 फुट की है और मेरा लंड भी काफ़ी बड़ा और मज़बूत है लगभग 7” लम्बा है. दोस्तों यह बात तब की है जब मैंने मेरी बेठी का एड्मिशन स्कूल में करवाया था तो मैंने वहाँ एक बहुत ही खूबसूरत लेडी टीचर को देखा था जिसका नाम अंतिमा था. वह एक शादी-शुदा औरत थी मगर देखने से नहीं लगता था. उसकी उम्र यही कोई 25-26 साल के आस-पास की रही होगी और वह दिखने में भी कमाल की थी, उसका फिगर 34-28-36 का है. और उसकी लम्बाई भी भी 5.6 फुट की थी. वह पूरी की पूरी ही क्या गजब का माल थी, मैंने जब उसे देखा तो बस देखता ही रह गया था. उसका गोरा बदन जैसे दूध की तरह सफेद हो, काले-काले बाल कन्धों तक आते हुए, भूरी आँखे, लाल-लाल रस से भरे होंठ जिसका कोई जवाब नहीं था। हाँ तो चलिये दोस्तों आज आपको मैं कामलीला के सेक्स सागर की तरफ ले चलता हूँ।

दोस्तों जब मेरा उससे परिचय हुआ तो जैसे मैं तो कही खो ही गया था. शुरु-शुरु में जब मैं अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जाता था तो वह मुझको देखकर काफ़ी मुस्कुरा दिया करती थी. और तब मैं समझ गया था कि, यह तो एक नम्बर की चालू औरत भी है और अब तो मेरा काम आसानी से हो जाएगा. दोस्तों एकबार बहुत बारिश हो रही थी और तकरीबन सभी लेडी टीचर अपने घर जा चुकी थी और मैं भी मेरी बेटी को लेने काफ़ी देर से पहुँचा था. मैं स्कूल के अन्दर गया तो देखा की अंतिमा स्टाफ रूम में बैठी रो रही थी. और फिर मेरे पूछने पर उसने मुझको बताया की प्रीत नाम के एक लड़के ने जो कि 12 वीं में है, उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझको आई.लव.यू. कहा है. तो फिर मैंने उसको समझाया कि, कोई बात नहीं, कल से कोई नहीं छेड़ेगा तुम्हें, मैं उसको समझा दूँगा और फिर मैंने अपने वायदे के अनुसार उस लड़के को डांटकर समझा दिया था. और फिर तो क्या था वह मेरे से काफ़ी प्रभावित हो गई थी. उसके बाद धीरे-धीरे हम दोनों में बातें होने लगी और दोस्ती भी अच्छी हो गई, हम दोनों एक दूसरे से काफ़ी घुलमिल गये थे।

दोस्तों एकबार की बात है, मैं अपनी बेटी को लेने जानबूझकर काफ़ी देर से गया और मैंने देखा कि, वह स्टाफ रोम में बैठी है और टेस्ट की कॉपी चेक कर रही थी. और फिर मैं उसकी जाँघो पर हाथ रखते हुए बात करने लगा. उसने पहले तो मुझको ऐसा करने से रोक दिया था और उसने अपनी जाँघों से मेरा हाथ हटा दिया था। मैंने उससे पूछा क्या हुआ? तो वह बोली कि, कुछ नहीं बस गुदगुदी सी लग रही है। स्टाफ रूम में कोई भी नहीं था, और मैंने फिर से उसकी जाँघों पर हाथ रखा और बात करना शुरू किया और तभी उसने मुझसे कहा कि, आपने अपनी बेटी की फीस भी जमा नहीं करवाई? तो मैंने उसको कहा कि, सुबह जब मैं उसे छोड़ने आता हूँ तो ऑफीस बन्द होता है तो अंतिमा ने मुझको कहा कि, आप मुझे दे दीजिए, मैं जमा करवा दूँगी. और फिर मैंने उससे कहा कि, अगर आप अभी स्कूल में ही हो तो मैं अभी लेकर आता हूँ और बेटी को भी घर पर छोड़कर आता हूँ। अंतिमा ने कहा हाँ, अभी मुझे एक डेढ़ घंटे तक यह कॉपी चेक करनी है इसी बीच मेरे हाथ उसकी जाँघों पर ही थे. दोस्तो, क्या जांघे थी उसकी जैसे कोई रजाई का गद्दा हो. इतनी मुलायम की मेरा तो लंड खड़ा होकर लोहा हो गया था. अंतिमा ने फिर से अपनी जाँघों पर से हाथ हटाते हुए मुझको देखा और मुस्कुराने लगी थी. मैं तभी अपनी बेटी को घर छोड़कर उसकी फीस के पैसे लेकर तुरन्त ही लौट आया और अंतिमा के पास जाकर उसके हाथ में पैसे थमाने के बहाने से हाथ पकड़ लिया। अंतिमा मुस्कुराने लगी और फिर मैंने धीरे से उसको बोला कि, तुम बहुत खूबसूरत हो, और उसके गाल पर एक किस कर लिया. उसकी नज़रे शरम से झुक गई थी और उसके गोरे-गोरे गाल लाल हो गये. मैंने फिर से उसकी जाँघों पर हाथ रखते हुए उसके गाल पर किस कर लिया था और फिर मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ?

अंतिमा उठकर के जल्दी-जल्दी से अपना सामान उठाने लगी और हड़बड़ाकर लॉकर रूम में रखने चली गई थी. और फिर मैं भी उसके पीछे लॉकर रूम में आ गया था. वहाँ पर लॉकर्स 30-35 थे जो लाइन में रखे थे, उसका लॉकर आखरी लाइन में था तभी बिल्कुल पीछे से मैं वहाँ उसके पास गया और उसे सॉरी बोला और कहा तुम बहुत खूबसूरत हो, मुझसे सब्र नहीं हुआ और शायद तुमको बुरा लग गया? इस पर वह शरमाते हुए बोली कि, ऐसा कुछ भी नहीं है पहले कभी ऐसा हुआ नहीं, इसलिए मैं एकदम से हड़बड़ा गई थी. और फिर मैंने उसकी चिकनी-चिकनी कमर में हाथ डाला और फिर उसके गाल पर किस किया, इस पर उसने अपने आपको मेरे से छुड़ाया. और मैंने उससे पूछा कि, क्या हुआ? क्या अच्छा नहीं लगा? तो वह बोली कि, नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, बस वैसै ही. तो फिर मैंने पूछा कि, क्या मैं तुम्हे अच्छा नहीं लगता हूँ? तो वह बोली कि, नहीं,ऐसी कोई बात नहीं, बस मैं शादी-शुदा हूँ, मैं यह सब नहीं कर सकती. मैं उसकी कमर में हाथ डालते हुए बोला कि, अंतिमा तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो और मैंने उसके गोल-गोल कूल्हों पर हाथ रखते हुए उसके प्यारे-प्यारे गालो पर चुंबन करना शुरु कर दिया था. और फिर धीरे-धीरे आहिस्ता-आहिस्ता उसकी साड़ी का पल्लू हटाकर उसके कन्धों को भी चूमने लगा और वह भी अपनी आँखें बन्द करके मज़ा लेने लगी थी. मेरा तो लंड दुबारा से खड़ा हो गया और मेरी पेन्ट में तम्बू बन गया था. तो फिर उसने मेरे लंड की तरफ इशार करते हुए पूछा कि, यह क्या हुआ? इस पर मैं हँस पड़ा और वह भी हँसने लगी थी. और फिर मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया और उसके बब्स मेरे सीने में दबने लगे थे. और मैंने उसके रसीले होठों पर अपने होंठ रख दिए. और फिर मैंने उसकी गर्दन को चूमना शुरु किया और उसके कान को चाटने लगा, और फिर धीरे-धीरे उसकी साँसे तेज़ हो गई थी. मैं उसके बब्स को दबाता रहा और गर्दन को चूमता रहा. और वह अब पूरी तरह से गरम हो चुकी थी. मैंने फिर उसके होठों पर अपने होंठ रखे और इसबार वह भी मेरा पूरा साथ देने लगी और हम लोग एक-दूसरे के होंठ चूसते रहे. और फिर मैंने उसकी साड़ी खोली और ब्लाउज खोला और उसके गुलाबी निप्पल को चूसना शुरु किया. उसके बब्स के निप्पल को मैं बहुत ही प्यार से चूस रहा था और वह भी आहें भर रही थी आहह… उफ़फ्फ़… एयेए… वह आहें भरती रही और मैं उसके बब्स को चूसता रहा. और फिर मैं अपने घुटनों पर बैठ गया और उसकी नाभि को चूमना और चूसना शुरु किया तो उसकी फिर से सिसकारियाँ निकलना शुरु हो गई थी. और वह अपनी आँखें बन्द करके उस पल का मज़ा लेने लगी थी।

और फिर मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट को ऊपर खिसकाया और उसकी पैन्टी उतारकर उसकी जाँघों को चूमने लगा कसम से उस पल तो मुझको बहुत मज़ा आ रहा था और वह भी सिसकारियाँ ले रही थी. और फिर मैंने उसकी टाँगों को अपने कन्धे पर रखा और उसकी चूत जो बिल्कुल चिकनी थी, उसको चूसना शुरु कर दिया था. क्या बोलूँ दोस्तों क्या नशीली चूत थी उसकी लाल-लाल रस से भरी और बहुत मस्त, उसकी साँसे तेज़ हो गई थी और वह तो जैसे पागल ही हो गई हो बस उफ़फ्फ़… कर रही थी. और फिर मैं उससे अलग हुआ और उसे अपने से थोड़ा सा दूर किया. उसने अपने बब्स पर से अपना हाथ हटाकर अपनी चूत पर रख लिया मैं यह सब देखकर थोड़ा मुस्कुराया. और फिर मैंने अपनी बेल्ट का बकल खोला. जैसे-जैसे मैं अपनी पेन्ट को खोल रहा था, वैसे-वैसे उसकी घबराहट बढ़ती जा रही थी।

और फिर मैंने अपनी अंडरवियर को नीचे सरकाया तो मेरा 7” का लंड एकदम से तना हुआ था और वह उसे देखकर शरमा गई थी. और फिर मैं उसके पास गया और मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया था और उसके होठों को चूमने लगा और साथ ही साथ मैं अपना लंड भी उसकी जाँघों में भी रगड़ता रहा. और फिर मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रखा तो वह मुझसे बोली कि, कितना बड़ा है तुम्हारा… और कितना मोटा तगड़ा भी लग रहा है। तो मैंने उससे पूछा कैसा लगा तुम्हें? तो वह बोली कि, बहुत तगड़ा. तो फिर मैंने उससे पूछा कि, तुम्हारे पति का कैसा है? तो वह शरमा गई, मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया और उसके कान को चूसते हुए पूछा कि, बताओ ना अंतिमा, तुम्हारे पति का कैसा है? और मैं उसके कान और गर्दन को चूसता रहा. तो फिर वह बोली कि, तुम्हारे से छोटा है. मैं अपने हाथ उसकी चिकनी पीठ पर और गोल-गोल मोटे सेक्सी कूल्हों पर फेरता रहा. और फिर मैंने उससे पूछा कि, और कैसा लगा मेरा? तो फिर उसने बोला कि, एकदम गोरा-गोरा लाल-लाल टोपे वाला। और वह फिर से शरमा गई थी। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैंने उसे वहीं टेबल पर लिटा दिया और उसकी चूत पर थूँक लगाया और अपने लंड पर भी और उसके ऊपर लेट गया और फिर मैंने उसको बोला कि, अंतिमा, आज तक तुमने अपने पति का लंड लिया, आज मैं तुम्हे अपना लंड दूँगा. और फिर मैंने उसकी चूत पर अपने लंड का टोपा रखा और उसके होंठ चूमते-चूमते अपना लंड उसकी चूत में डालने की कोशिश की मगर थोड़ा सा ही गया और वह चिल्ला पड़ी उईईइ…. मरर्… गईईईईई आहह प्लीज़ जान, निकक्काआलो प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है और फिर मैं कुछ देर तक रुका रहा और फिर उसके मुहँ पर अपना मुहँ रखकर एक ज़ोरदार झटका मारा और उसकी चूत में पूरा लंड डाल दिया और वह उम्म्म उम अम्म्मह करती रही. फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चुदाई चालू की और वह बस आनन्द और दर्द भरी आहें भरती रही आया.. उहह.. आहह… करती रही. फिर मैंने उसे उठाया और टेबल पर झुकाकर पीछे से उसकी चूत में लंड डालकर बजाना शुरु किया और थोड़ी देर की चुदाई के बाद वह झड़ गई थी, उसका बहुत पानी निकला पूरी जाँघ गीली हो गई थी। मैं उसे चोदता रहा और 5-7 मिनट के बाद मेरा वीर्य भी गिरने वाला था तो मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और तुरंत ही उसकी गांड की दरार में रगड़ने लगा और अपना सारा वीर्य उसकी गांड के छेद के ऊपर गिरा दिया उसके बाद हम लोग उठे और अपने कपड़े ठीक किए वह मेरे से नज़रे नहीं मिला पा रही थी. उसके चेहरे की मुस्कान और संतुष्टि देखकर लग रहा था कि उसकी ऐसी जबरदस्त चुदाई पहले कभी नहीं हुई होगी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!