बरसात की रात

नमस्ते दोस्तों Antarvasna मेरा नाम रवीना हे मैं स्वीट 22 की हूँ.. और ये मेरा पहली कहानी हे .. आम टूर पे सब यही मानते हे की सेक्स को लेकर और लड़कों में बहुत कर्ज होता हां..पर एक बात मान लीजिए …गर्ल्स में भी इसका उतना ही क्रेज़ होता हे …बस बोय्ज को हम पता नहीं लगने देते…मेरे सारे फ्रेंड्स और इस साइट के स्टोरी को पढ़कर मजे लेती हे …ईऔर वाना शेयर आ स्टोरी विद यू …इस स्टोरी से बस ये ही साबित होता हे की एक लड़की और एक लड़का के बीच सिर्फ़ एक ही रिश्ता हो सकता हे …और वो तो आप जानते होंगे….लीजिए मैं स्टोरी पे आती हूँ… लास्ट एअर , बरसात के दीनों की बात हे.. कॉलेज की छुट्टी हुई थी की अचानक मौसम खराब हो गये और तेज बारिश होने लगी.. मैं कुछ देर तो कॉलेज के कॉंपाउंड में रुकी रही पर एक घंटे तक बारिश नहीं रुकी ….रात भी होने को थी तो मैं बारिश में भीगते भीगते घर आ गयी…घर पहुंचते पहुंचते मुझे 7 बज गयी थे और काफी अंधेरा हो चुका था …और घर में लाइट भी नहीं आ रही थी.. मैंने दूर बेल बजाया तो मेरा छोटा मूहबोला भाई वरुण ने दरवाजा खोला …वो मुझसे 2 साल छोटा था ..
वरुण-आप तो बिलकुल भीग गयी हे …
में- क्या करती रेनकोट ले जाना भूल गयी …एक कम करेगा…
वृं- हां दीदी …
में – चाय बना दे …मुझे बहुत ठंड लग रही हे ..
वरुण – ओके….य नोट

फिर मैं अपने कमरे में चली गयी.. भर मौसम अब ठीक हो चुका था पर हवा तेज चल रही थी … मैं केंडल जलके अपने रूम तक गयी ….पर रूम तक जाते जाते केंडल बुझ गयी…फिर मैं बाथरूम में कपड़े चेंज करने गयी…. मैं एक एक करके अपने सारी कपड़े उतार दिए और तब याद आया की मैंने टावल तो लिया ही नहीं …मैंने बाथरूम के दूर को हल्का सा खोला …आंड्रीऔर में कुछ भी नहीं दिख रहा था … फिर मैंने धीरे धीरे कपबोर्ड की तरफ और जाने लगी जो की दूर के पास था…. मैं कपबोर्ड पास पहुंच गयी थी तभी अचानक लाइट….. तेज लाइट के कारण मेरी आंखें बाद नो गयी …पर जब मैंने आंखें खोली तो चौंक गयी … मेरा भाई मेरे सामने खड़ा हे …एक हाथ में टी का कप और दूसरे में बुझी हुई केंडल…. मुझे समाज में नहीं आ रहा था क्या करूं …और वो मेरे 34सी बूब्स को तो कभी मेरे नंगी चुत को देख रहा था ..मानो जैसे उसकी लॉटरी लग गये हो…मैंने एक हाथ से चुत और एक हाथ से बूब्स को छुपा लिया और उससे डेट हुए बोला वरुण …. फिर मैं और दौड़ते हुए बाथरूम में चली गयी…
वरुण – सॉरी दीदी…वो …टी लाया था…. सॉरी वो केंडल हवा से भुज गया … ये टी मैं टेबल पे रख देता हूँ …

फिर वो चला गया …मुझे पता नहीं गुस्सा सा आ रहा था …फिर मैंने सोचा की इस में उसका क्या गलती … मैं भी तो जवान हूँ खूबसूरत हूँ और भला 34सी के बूब्स …गोरा रंग ….26 की कमर …34 की हिप को देख कर कोन बच सकता हे….मैंने आपने आप को मिरर में देख ….सच में कयामत लग रही थी भीगे बालों में..चुत पे हल्की बालों पे मैंने हाथ फेरा और तो बहुत मजा आने लगा… मैंने सलवार सूट पहने लिया और फिर किचन में आ गयी….मैं आपने भाई से आंख नहीं मिला पा रही थी…उससे बार बार इग्नोर कर रही थी…वो भी बहुत अनकंफर्टबल फील कर रहा था..

फिर मैंने ही बात शुरू की..

में- अंकल ऑफिस गयी हे क्या
वरुण – हां ..उनका नाइट शिफ्ट हे …और वो सुबह आएँगे.. सॉरी दीदी वो मैं आप के कमरे में…
में – कोई बात नहीं …हो जाता हे कभी कभी …तुम्हारी गलती नहीं थी ….पर आगे से ध्यान देना …ओके ….भूख लगी हे तो चलो किचन में खाना बना लेते हे ….
वरुण –ओके

मेरे परिवार में हम 3 लोग ही थे …. इसलिए घर का कम हम लोग मिल बात कर करते थे. फिर हम इधर उधर की बताने करते करते खाना बनाना लगे … आक्सिडेंट्ली मेरे आस वरुण से टकरा गयी … मुझे कुछ चुबा…मैंने पीछे मूंड़ कर देखा तो उसके पाजामे में तंबू बना हुआ हे..पर इस बात से वो अंजान होने की कोशिश कर रहा हे …तो मैंने भी इग्नोर कर दिया..इस से उसे और हिम्मत मिली …कुछ देर के बाद उसने फिर से मेरे आस में अपना लंड सताया … मैं कुछ दूर जा के खड़ी हो गयी … फिर उसने भी मेरे करीब आ गया…मैंने नोटिस किया की वो मेरे बूब्स को तिरछी निगाहों से देख रहा था …क्यों की मैंने दुपट्टा हटा रखा था ….तो मेरे बूब्स का पूरा आकर नज़र आ रहा था..कुछ देर में खाना बन के तैयार हो गया … फिर हम करीब 9 बजे खाने बैठे…हम टीवी देख कर कहा रहे थे …अचानक उसने मुझे पूछा…

वरुण – आपसे एक बात पुन्छु
में – हां बोलो
वरुण – आप बहुत ब्यूटिफुल हो…
में- मतलब (उसकी आवाज़ कुछ अलग सी लग रही थी)
वरुण – वो आज आपको बिना कपड़ों की देख ना….तो पता चला की आप कितनी…
में – बंद कर बकवास नहीं तो एक थप्पड़ लगाऊंगी ..चुप चाप खाना कहा…

फिर वो कुछ नहीं बोला ..और हम खाना कहा के टीवी देखने लगे ….करीब आधा घंटे बाद मैंने चैनल चेंज करने को कहा ..पर मुझे सीरियल देखना था पर उसनेऔर मान कर दिया और मूवी देखने लगा ..रिमोट उसके बगल में था …मैंने झटके से रिमोट उठा ली ओर चॅनेल चेंज कर दिया ….रिमोट सोफे पे रख कर उसपर बैठ गयी..

वरुण – रिमोट मुझे देती हे या नहीं …

में– नहीं दूँगी..
वरुण – प्लीज़ दोनों मुझे मूवी देखना हे..
में- मैं नहीं दे रही जो कर ना हे कर लो…
कुछ देर वो चुप बैठा ..फिर अचानक उसने अपने दोनों हाथ मेरी गांड पे रख दिया और मुझे अपनी तरफ खिच लिया…मैं हैरान थी … एक झटके में मैं उसकी गोद में आ गयी… उसने फिर रिमोट ले ली..पर मुझे नहीं चोदा ..मैं अब भी उसके गोद में थी …मैं छूटने की कोशिश कर रही थी उसने मजबूती से पकड़ रखा था…
में – ये क्या कर रहे हो वरुण !!!

वरुण- आपने ही कहा तन आ जो करना हे करो लो….
में – बेशरम …आने दो अंकल को ….मैं तुम्हारी ……..

मैंने उसके नाक में मारा तो उसने मुझे चोद दिया …मैं जैसे तैसे सोफे से उठी और दुपट्टा लेकर वहाँ से जाने लगी …की उसने मुझे पीछे से कमर को पकड़ के सोफे पे पटक दिया…मेरी तो चीख निकल गई.. उसने बिना समय गवांए मेरे मुंह में रूमाल बाँध दी …फिर मेरे दुपट्टा से मेरे हाथ बाँध दिए ….मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा था क्या करूं…. वो पागल हो गया था ….मैं छूटने की पूरी कोशिश कर रही थी …मैं आपने पैर से उससे दूर रख रही थी ….एक लात उसके लंड पे जा के लागी … वो दर्द के मारे वही बैठ गया ….मुझे मौका मिला …मैं सोफे से उठी पर उसने मुझे पकड़ लिया और फिर सोफे पे पटक दिया
वरुण- साली बहुत लात चलती हे ….रुक जा ..

मैं वरुण के मुंह से ये सब सुन के हैरान थी ….मुझे आपने कानों पे यकीन नहीं आ रहा था …उसने मेरे दोनों पैरों को पकड़ कर फैला दिया और मेरे ऊपर लेट गया…. एक हाथ से उसने मेरी सलवार का नाडा खोल दिया और उससे नीचे करने लगा और दूरी हाथ से उसने मेरे बूब्स को मसलने लगा….उसने मेरी सलवार नीचे की और अपना पेंट न आंडरवेयर को नीचे करके अपना लंड निकाला लंड. उसने मेरी पैंटी में हाथ डालकर मेरी चुत को सहलाने लगा . मैं उससे छूटने की कोशिश कर रही थी . मेरा हेड सोफे से नीचे लटक रहा था . मैं पूरी ताक़त लगान एक बाद भी हिल भी नहीं पा रही थी. फिर उसने मेरी पैंटी को साइड से हाथ कर लंड की टॉपिक होंठ के मुंह में रख दी . मैं लाचारी से उसके तरफ देख रही थी . एक ज़ोर का झटका और उसका आधा लंड मेरी चुत में. मेरी तो जान ही निकल गयी. फिर दूसरा झटका और पूरा लंड अंदर. दर्द से में मारी जा रही थी. आंखों से आंसू निकल रहे थे. और वो लंड को अंदर भर कर रहा था. अब मैंने विरोध बंद कर दिया.

अब वो भी मुझे चोदने का मजा लेने लगा. मैंने आंखें बंद कर ली पर आंसू नहीं रुके . (बरसात की रात www.hindisexstory) इतना दर्द मुझे कभी नहीं हुआ. उसने मेरा कुर्ता खोलना चाहा पर हाथ बँधे होने के कारण सिर्फ़ कंधे तक ही खोल पाया . वो मेरी नेकेड शोल्डर्स को तो कभी नेक को किस करता. फिर मेरे गालों को . मैं लग भाग बेहोश हो चुकी थी . वो घबरा गया और मेरे मुंह खोल दिया. पर मैंने कोई रेस्पॉन्स नहीं दिया. वो पानी लाके मेरे मुंह पे मारा तो मुझे होश आया. मैंने उससे कहा – प्लीज़ मुझे खोल दो , तुम्हें जो करना हे कर लो पर धीरे धीरे.. वो खुश हो गया और मुझे किस करने लगा. उसने अपने पूरे कपड़े उतार दिए. उसका लंड 6 ” का होगा बिकल ताना हुआ. उसमें मेरी चुत का खून लगा हुआ था . उसने रूमाल से खून को पोछा और लंड मेरा होंठ पे रख दिया. मैंने मुंह हटा लिया. उसने दोनों हाथ से मेरे मुंह को पकड़ लिया और कहा “प्लीज़ ले लो ना, नहीं तो फिर ज़बरदस्ती करनी पड़ेगी.” मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं था मैंने होंठ को हल्के से खोला और उसकी लंड की टोपी को मुंह में लिया. 2-3 बार ऐसा करने के बाद उसने मेरे मुंह में पूरा लंड गुस्सा दिया और अंदर बाहर करने लगा . उससे तो मानो जन्नत मिल गयी हो. 3 मिनट बाद उसने मुझे सोफे से उठाया और मेरे हाथ खोल दिए. और मेरे कपड़े खोलने लगा. देखते ही देखते मैं बिलकुल नंगी हो गई. उसने मेरी चुत के खून को साफ किया. वो सोफे पे बैठ गया और मुझे अपनी गोद में बैठने को बोला. पर मैं वही खड़ी रही. उसने मेरा हाथ कुछ कर अपने गोद में बैठा लिया.

उसने मुझे किस करना चाहा पर मैंने मुंह मोर लिया. फिर वो मेरी बूब्स को चूसने लगा, कभी सहलाने लगा. मेरे मुंह से आहें निकलने लगी. वो कभी बूब्स को किस करता तो कभी कमर को सहलाता तो कभी गांड को सहलाता. “Pळz VVVव्वाअर्र्रुउउन्न्न्न आ ल्लेआवई मईए आअहहाऔर …. आ हहाऔर आऔर प्लज़्ज़्ज़्ज़ नाहहिि आ…”फिर उसने अपना लंड मेरी चुत में डाल दिया और झटके मरने लगा पर इस बार दर्द कब हुआ. कुछ देर बाद वो तक गया. उसका पानी निकल चुका था. उसने आंखें बंद करके बस मेरी कमर को सहला रहा था. मेरी सांसें तेज चल रही थी, मैं उसके तरफ देखा…फिर मैंने उसके होठों पे अपने होंठ रख दिए और खुद झटके मरने लगी. वो तो सर्प्राइज़्ड रही गया . उसने मुझे बांहों में भर लिया और किस करने लगे. पूरी रात हमने सेक्स किया पर आपसे बाद में शेयर करूँगी