आहह रे जवानी – 1

ये कहानी दिल्ली के एक परिवार की है,जो की ऊपर क्लास है,परिवार मैं 4 लोग हैं.
बाप-राहुल
मां-श्वेता
बेटा-अंकित
बेटी-स्वाती

बाप का बड़ा Antarvasna ही अच्छा और लंबा छुड़ा काम है,परिवार मैं पैसे की कोई कमी नहीं है,और फिर पैसे वाला परिवार है तो अल्ट्रा मॉर्डन तो होगा ही.

Antarvasna पति-पत्नी दोनों की सेक्स लाइफ बहुत बढ़िया चल रही है,पति काम मैं लगा रहता है,और घर पर कम टाइम दे पता है,पर जब भी टाइम मिलता है सब मजे करते हैं,बचे अभी पढ़ रहे हैं और पैसे वाली सारी अमीरी की बीमारियाँ बचून मैं हैं.

श्वेता को भी शुरू से अमीरी मैं रहने की आदत है,तो वो भी अपनी किटी पार्टी और दोस्तों मैं मशगुउल रहती है.सब के पास अपने-2 कमरे अलग-2 हैं,घर मैं काम करने के लिए नौकर भी हैं पर वो घर के बाहर ही सर्वेंट क़ुअटेर्स मैं ही रहते हैं.

अब बहुत इंट्रो हो गया,अब कहानी पर आते हैं. अंकित अपने साथ पढ़ने वाली टिया से प्यार करता है,टिया भी अमीर खानदान से तालूक़ रखती है,और वो दोनों ही आपस मैं एक दूसरे से मजे करते रहते हैं.एक दिन अंकित टिया को ले कर अपने घर आता है,और उसको अपने रूम मैं ले जाता है,कुछ ही देर मैं श्वेता घर आती है तो वो नौकर राजू से अंकित की गाड़ी खड़ी देख कर पूछती है की घर पर कोई है क्या,तो राजू बता देता है की हाँ अंकित भैया हैं और उनके साथ उनकी कोई दोस्त भी है,श्वेता समझ जाती है की अंकित अपनी किसी दोस्त के साथ है और मस्ती कर रहा है,उनके घर मैं इन सब बंटू पर कोई बंदिश नहीं थी.

वो समझती थी की जब बचे समझदार हो चुके हैं और आज जब जमाना इतना आगे तरफ चुका है तो फिर ये सब तो चलता ही रहता है,वैसे भी उनकी सोसाइटी मैं ये सब आम बात थी,बल्कि ये तो बचे हैं यहाँ तो औरतायं और आदमी भी एक दूसरे से मजे लेते हैं और ये सब चलता रहता है,तो जब बचे जवान हो गये हैं तो उनकी प्राइवेट लाइफ मैं दखल नहीं देना उसको ये पता था.

उधर कमरे मैं आज अंकित बहुत गरम हो रहा था,सुबह से उसका लंड टिया को देख कर उसकी चुत मैं जाने के लिए तड़प रहा था,वैसे तो वो कई बार टिया को अपने घर ला कर उसकी चुत मर चुका था,पर आज टिया ने कपड़े ही ऐसे पहने थे की उसको कालेज मैं देखते ही अंकित का लंड टन गया और उसने सोच लिया की आज फिर इसको अपने घर ले जा कर इसकी चुत का बजा बजाना है.

टिया आज लो वेस्ट टाइट जीन्स और बहुत छोटा और टाइट डीप नेक वाला टॉप पहन कर कालेज आइये हुई थी,उस पर अंकित की नज़र पड़ी तो उसने टिया को एक फ्लाइयिंग किस दिया ,टिया ने भी उसके किस का जवाब किस से ही दिया.

अंकित तब टिया के पास आ गया.
अंकित-यार आज तो बिजलियाँ गिरा रही हो.
टिया-क्यों तुम्हारे ऊपर गिरी क्या?
अंकित-यार यहाँ तो हाल खराब हो रहा है.
टिया-क्यों क्या हुआ.
अंकित-डार्लिंग तुमको देख कर कंट्रोल नहीं हो रहा ,चलो आज कहीं चलते हैं.
वैसे तो टिया सब समझ रही थी,और उसकी भी चुत मैं खुजली हो रही थी और वो खुद ही अंकित से चुदवाना कहती थी,पर ये लड़कियों की आइडिया है की वो दूसरूं का लंड खड़ा करके उनको रगड़ती हैं तब जाकर अपनी चुत देती हैं.ये टिया के लिए कोई नयी बात तो थी ही नहीं.
टिया-मैं सब समझ रही हूँ,पर आज पढ़ाई तो कर ले ना.
अंकित-चालू ना पढ़ाई कहीं और जाकर करते हैं,यहाँ नहीं हो पाएगी.
टिया-नहीं मुझे नहीं जाना तुम्हारी पढ़ाई करने.
अंकित-यार अब चलो भी ना.
टिया समझ गयी की अब ज्यादा भाव खाने से ये बिगड़ भी सकता है और फिर उसको अपनी चुत की प्यास बुझाने के लिए किसी और को फिट करना पड़ेगा तो अब मान जाने मैं ही भलाई है.
टिया-चलो यार तुम मान-ने वाले तो हो नहीं,चलते हैं. वो दोनों कालेज से निकल पड़ते हैं.
अंकित-तो फिर कहाँ चलें डार्लिंग,बुड्ढा गर्दन चलते हैं.
टिया-नहीं वहाँ पर कभी भी कोई भी आ जाता है और तंग करता है.
अंकित-फिर कहाँ चलें,मेरा घर कैस रहेगा.
टिया-हाँ वो चल सकता है.

तब अंकित अपनी गाड़ी अपने घर की तरफ मोड देता है.घर पर आ कर वो दोनों सीधा ही अंकित के रूम मैं आ जाते हैं.