बुआ ने वकील का लौड़ा लिया थोड़ा

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम सुमित है, मेरी उम्र 25 साल की है और मैं कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर बहुत समय से उनके मज़े लेता आ रहा हूँ और एक बार इतनी सारी कहानियाँ पढ़ने के बाद मैंने भी अपनी एक सच्ची कहानी को आप सभी तक पहुँचाने का विचार बनाया और मैं उम्मीद भी करता हूँ कि, मेरी कहानी आप सभी को बहुत पसन्द आएगी। हाँ तो दोस्तों अब मैं आपका कीमती समय ज़्यादा ना लेते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों मेरी एक बुआ है और उनका घर मेरे घर से सिर्फ़ कुछ ही दूरी पर है और मेरा हमेशा ही वहाँ पर आना-जाना लगा ही रहता था और जब से मैंने उनको चोदा है तब से तो मुझे वहाँ पर जाने का एक ख़ास मकसद भी मिल गया है. हम लोग यानी कि, मैं और मेरी बुआ जब भी मौका मिलता है तो हम मिलकर सेक्स किया करते हैं. दोस्तों मेरी बुआ 36 साल की है उनका फिगर 34-30-36 का है।

दोस्तों मैं एक दिन मेरी बुआ के घर पर यह सोचकर गया था कि, मैं आज तो अपनी बुआ को खूब जमकर चोदूंगा और उन्होंने उनके घर की एक दूसरी चाबी मुझको भी दे रखी थी. और फिर मैंने उस दूसरी चाबी से उनके घर का गेट खोला और फिर मैं सीधा ही उनके घर के अन्दर चला गया था. और मैंने सोचा था कि, आज मैं चुपके से जाकर उनको पीछे से पकड़ लूँगा और मैं उनको चौंका दूँगा. लेकिन उनके घर में घुसते ही उल्टा चकित तो मैं खुद ही हो गया था, क्योंकि मुझे बुआ के बेडरूम से कुछ अजीब सी आवाज़ें आ रही थी और वह आवाज़ें थी जो कि, चुदाई के वक़्त आती है. और फिर मैं जल्दी से उनके बेडरूम की तरफ गया और देखा तो उनके बेडरूम का गेट अन्दर से बन्द था और मुझे अन्दर से ऐसी आवाज़ें सुनाई दे रही थी कि, जैसे कोई अन्दर किस कर रहा हो. और फिर मैंने इधर-उधर देखा, लेकिन मुझे कुछ भी नहीं सूझा कि, मैं बेडरूम के अन्दर कहाँ से देखूँ कि, अन्दर क्या हो रहा है? और फिर मुझे याद आया कि, राहुल (बुआ का लड़का) और बुआ का कमरा आपस में जुड़ा हुआ है और उसके कमरे और बुआ के कमरे में दोनों के कमरों की एक ही खिड़की है. और वह खिड़की इसलिए बनाई गई थी ताकि राहुल जो कि, अभी 10 साल का ही है वह अगर रात के वक़्त नींद में उठ जाए या डरकर रोने लगे तो बुआ और फूफाजी तक उसकी आवाज़ आ जाए. पहले तो उनका यह तरीका मुझे अजीब सा लगता था, लेकिन आज मुझे यह बहुत अच्छा लग रहा था। और फिर मैं बहुत ही धीरे-धीरे और बिना आवाज़ किये उस दूसरे कमरे में गया और बड़ी ही सावधानी से मैंने एक कुर्सी उस खिड़की के नीचे रखी और फिर मैं उसपर चढ़ गया. और फिर तो बेडरूम के अन्दर का जो नज़ारा मुझको दिखा वह तो मेरे लिए एक बहुत बड़ा झटका था. मेरी बुआ अन्दर किसी गैर आदमी को बहुत ही गरम होकर किस कर रही थी, और वह दोनों बेड पर एकदम नंगे पड़े हुए थे, और उस आदमी की पीठ मेरी तरफ थी तो मुझे पता नहीं चल पा रहा था कि, आखिर वह कौन है? और फिर मुझे इस बात का बहुत दुख भी था कि, शायद मेरा अब यहाँ पर चुदाई का काम ख़त्म हो गया है. लेकिन उनके किस को देखकर और आवाजों को सुनकर अब मेरा लंड तो खड़ा हो ही गया था, और मैं अपनी पेन्ट के ऊपर से ही अपने लंड को मसलने लग गया था।

और फिर थोड़ी देर के बाद उनका किस टूटा, और फिर उस आदमी ने बुआ से कहा कि, मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और यह बात कहकर उसने उनके कान पर हल्का सा काटा. और तभी मुझे ऐसा लगा कि, जैसे यह आवाज़ मैंने पहले भी कभी सुनी थी, लेकिन फिर मैंने उसपर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया. और फिर उसने बुआ को बेड पर लेटाया और फिर वह भी उनके ऊपर आकर उनके एक बब्स को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगा और दूसरे बब्स को अपने हाथ से दबाने लगा।

उस समय बुआ के मुहँ से भी आवाजें निकलने लग गई थी आहहह… उम्मम्म इस्सस… और फिर वह भी अपनी दोनों आँखे बन्द करके मज़ा ले रही थी. और तभी मुझको उस आदमी का चेहरा दिखा, और फिर मैं उस आदमी को देखकर बहुत चकित रह गया था, क्योंकि वह तो राजीव अंकल थे और वह हमारे कानूनी सलाहकार है जो कि, पापा के ऑफिस में ही काम करते है, और उनकी उम्र 38 साल की है, और वह एक शादीशुदा आदमी है, और उनकी एक 6 साल की बेटी भी है. और फिर यह सब देखकर तो मैं एकदम पागल ही हो गया था. और अब तो मेरा लंड भी मेरे काबू से बाहर हो चला था. और अब तो मैं चुपचाप से उनकी चुदाई के नज़ारे को बड़े ही मज़े से देखने लग गया था, और मैं खुद ही अपने लंड को शान्त भी कर रहा था। वह बुआ के बब्स को चूस रहा था और कभी-कभी बुआ के बब्स को अपने दाँतों से काट भी रहा था. और बुआ भी तब एकदम से चीख पड़ती थी. और फिर 10-15 मिनट उनके ऐसे ही बुआ के बब्स को चूसने और काटने के बाद उन्होनें फिर से बुआ के होठों पर एक ज़ोरदार किस किया और फिर उसने बुआ को अपना लंड चूसने को कहा. लेकिन बुआ ने ऐसा करने से उनको साफ़ मना कर दिया था।

वकील अंकल :- चलो अब आप मेरा लंड भले ही ना चूसो, लेकिन मैं तो आपकी चूत को चाट सकता हूँ या उसमें भी आपको कोई दिक्कत है?

और फिर बुआ ने उसको कुछ भी नहीं कहा और वह तो बस उसकी तरफ शरारत भरी नज़रों से देखते हुए मुस्कुरा दी थी. और फिर वह उसके सिर को पकड़कर नीचे अपनी चूत की तरफ करने लग गई थी. और फिर वकील अंकल ने बुआ के दोनों पैरों को फैलाया और फिर वह उनकी चूत को ऐसे चाटने लगे जैसे कोई कुत्ता किसी हड्डी को चाटता है. और फिर तो बुआ भी अब ज़ोर-ज़ोर से आहें भर रही थी आहहह… उफ्फ्फ… आहहह… और फिर वह ज़ोर-ज़ोर से अपनी गांड को ऊपर-नीचे करके अपनी चूत को चटवा रही थी. और फिर अंकल ने बुआ की चूत तब तक चाटी जब तक वह एकबार झड़ नहीं गई थी. और फिर उन्होनें बुआ की चूत का सारा पानी पी लिया था. और उनको देखकर इधर मैं भी बहुत गरम हो रहा था. और फिर वह बुआ के ऊपर आ गये थे, और वह फिर से उनको किस करने लग गए थे।

वकील अंकल :- क्या तुम तैयार हो अपनी चुदाई के लिए?

बुआ :- हाँ मैं तो कब से तैयार हूँ, लेकिन तुम पहले कंडोम तो पहन लो।

वकील अंकल :- क्यों आप अभी भी हमारी इस चुदाई से गर्भवती हो सकती हो क्या?

बुआ :- नहीं, लेकिन मैं बिना कंडोम के तुमको अपनी चुदाई करने के लिए कभी हाँ नहीं कहूँगी, जाओ और पहले मेरी अलमारी से कंडोम निकाल लो।

और फिर वकील अंकल उठे और अलमारी से कंडोम निकालने लगे, और मैं तो बुआ को देखे जा रहा था और तभी इतने में पता नहीं कैसे बुआ की नज़र मुझपर पड़ गई और फिर वह एकदम से चौंक गई थी. लेकिन उन्होनें मुझको कुछ भी नहीं बोला और उन्होनें तो मेरी तरफ एक शरारती मुस्कान ही दी थी. और फिर अंकल ने अलमारी में से कंडोम निकाला और फिर उसे उन्होनें अपने खड़े 7” के लंड पर चढ़ा लिया था. और फिर वह बुआ के पास आए और उनके ऊपर आकर वह फिर से उनको किस करने लग गए थे. और फिर उन्होनें किस करते हुए अपने हाथों से अपने लंड को बुआ की चूत पर सेट किया और एक ज़ोरदार धक्का लगाया जिससे बुआ की जोर से चीख निकल गई थी आहहह… उफ़फ्फ़ मैं मरी रेएए… प्लीज़ थोड़ा आराम से करो ना मैं तुमको छोड़कर कहीं भाग नहीं रही हूँ, आह… और फिर वह बड़ी लम्बी-लम्बी सिसकियाँ लेने लगी थी। और फिर कुछ देर तक रुकने के बाद उन्होनें एक और जोर का धक्का मारा और उनका पूरा लंड बुआ की चूत में चला गया था. और अब उन्होनें धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए और अब उनके हर एक धक्के के साथ-साथ बुआ भी आवाजें निकाल रही थी आहहह… ईस्स्स्स… और फिर धीरे-धीरे उन्होनें अपनी स्पीड बढ़ा दी थी. और फिर वह पूरा कमरा ही बुआ की चीखों से और उनके जिस्म के टकराने की आवाजों से भर गया था. और बीच-बीच में अंकल बुआ को किस भी कर रहे थे और उनके बब्स को भी दबाते जा रहे थे. और बुआ के बब्स तो वह इतने बुरी तरह मसल रहे थे कि, बुआ बुरी तरह चीख रही थी. बुआ अब अपनी गांड को हिला-हिलाकर उनका साथ दे रही थी और उनकी पीठ और बालों में हाथ घुमा रही थी और अपनी चुदाई के मज़े ले रही थी. और फिर उन्होनें करीब 10-15 मिनट तक बुआ को ऐसे ही लगातार धक्के देकर चोदा था और फिर वह झड़ भी गये थे. और फिर वह थककर बुआ के ऊपर ही गिर गये थे, और उनका लंड अभी तक भी बुआ की चूत में ही था. लेकिन उनकी चुदाई को देखकर में बहुत गरम हो गया था और मुझे राजीव अंकल से इससे भी बेहतर चुदाई की उम्मीद थी. लेकिन उनका तो एक ही पोजीशन में सारा सेक्स ख़त्म हो गया था, और उनकी चुदाई तो 10-15 मिनट तक ही चल सकी थी. खैर मुझको उससे क्या वैसे भी यह उनकी पहली चुदाई थी. और फिर वह कुछ देर तक ऐसे ही पड़े रहे और फिर बुआ ने अपने आप को एक चादर से ढक लिया था। और तभी अंकल उठकर बैठ गये थे और फिर वह बोले…

वकील अंकल :- क्यों देखा आप तो बेकार ही डर रही थी और सेक्स के लिए मना कर रही थी और अब कितना मज़ा ले रही हो।

तो फिर बुआ ने उनकी बात को सुनकर उनकी तरफ मुस्कुरा दी थी।

वकील अंकल :- कुछ सीखो अपने भाई से “यहाँ पर अंकल मेरे पापा की बात कर रहे थे”

और फिर बुआ एकदम से चौंक गई थी, और फिर वह बहुत आश्चर्य से अपनी आँखे फाड़कर अंकल की तरफ देख रही थी।

अंकल :- एक तरफ आपका भाई है जो कितनी ही औरतों को चोदता है और आपसे बड़ा है और उनका एक 25 साल का बेटा भी है लेकिन आज भी जितनी औरतों को वह चोदते है शायद ही और कोई चोदता होगा।

बुआ बहुत चकित हो गई थी और वह कुछ भी नहीं बोली थी।

अंकल :- हँसे, और बोले कि, और नहीं तो क्या सर (यानी की मेरे पापा) ने उनकी सेक्रेटरी, मेरी सेक्रेटरी, मेरे चाचा की लड़की, और हमारे 2-3 ग्राहक, किस-किस को नहीं चोदा और अभी उनका नया माल है और वह है सुनीता, और शायद आप भी उसे बहुत अच्छी तरह से जानती हो, आपके घर की कितनी ही पार्टीयों में भी वह कई बार आ चुकी है।

बुआ :- हाँ, हाँ मैं जानती हूँ उस समाज सेवी को।

और फिर यह कहकर वह मुस्कुराने लगी थी।

और फिर बुआ ने अंकल से हँसते हुए बोला…

बुआ :- खैर वह तो जब जवान हुआ था जब से ही ऐसा है और उस पर कॉलेज के समय पर भी कितनी ही लडकियाँ मरती थी. लेकिन अब तो उसे थोड़ा बहुत सुधर जाना चाहिए।

अंकल :- आप सर को सुधरने को कह रही हो और आप खुद यह क्या कर रही हो?

बुआ :- मेरी और उसकी बात अलग है, मेरा पति तो एक बहुत बड़ा शराबी है और वह मुझसे कभी भी ढंग से बात तक नहीं करता है और भाभी (यानी की मेरी माँ) कितनी अच्छी है हमारे घर में वह सबसे खूबसूरत है इसलिए मैं यह सब कह रही हूँ कि, अब तो उसे यह सब छोड़ देना चाहिए. इतनी अच्छी और खूबसूरत बीवी के होते हुए भी वह दूसरों के साथ चुदाई करता फिरता है।

अंकल :- ऐसा नहीं है आप बेवजह ही गुस्सा हो रहीं है प्यार तो सच में वह मेडम (मतलब मेरी माँ) से ही करते है, लेकिन जीवन में सेक्स भी तो बहुत ज़रूरी है. खैर यह सब छोड़िए आपको सर के बारे में और उनकी गर्लफ्रेंड के बारे में कैसे पता कहीं आप भी तो?

बुआ :- गुस्से से अंकल को देखते हुए बोली कि, ज़रा अपनी ज़बान संभालकर बात करो और तुम अपनी औकात मत भूलो की जिस कम्पनी में तुम काम करते हो वहाँ पर मेरा भाई उसका मालिक है और अगर दोबारा तुमने ऐसी कोई बात कही तो अच्छा नहीं होगा।

अंकल :- सॉरी मेरा वह मतलब नहीं था।

और फिर उन्होनें अपना सिर नीचे झुका लिया था. और फिर बुआ उनके पास गई और उनके गालों को अपने दोनों हाथों से पकड़कर बोली कि, तुम भी बिल्कुल पागल हो इतने अच्छे से सेक्स करने के बाद ऐसी बातें भी कोई करता है. और फिर बुआ ने उनके होठों पर एक ज़बरदस्त किस किया. और फिर वह अंकल बुआ को बाय बोलकर उनके घर से चले गये थे. और इधर अब तक मैं उनकी चुदाई को देखकर दो बार दूसरे कमरे की दीवार को मूठ मारकर गन्दी कर चुका था और फिर मैं उन अंकल के जाते ही बुआ के पास गया और फिर मैं उनको चोदने के लिए बोलने लगा, लेकिन बुआ मुझसे बोली कि, अभी तुमने देखा ना कि, कैसे वह वकील अभी मुझको चोदकर गया है और अब हम बाद में चुदाई करेंगे।