आंटी के भोसड़े ने लंड निगल लिया

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम राज है और एक बार फिर से आप सभी कामलीला डॉट कॉम के चाहने वालों को अपनी आज एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ और वैसे इससे पहले भी मैं बहुत सारी कहानियाँ लिखकर आप सभी तक पहुंचा चुका हूँ, लेकिन इस बार कुछ ऐसा अलग हुआ जो मैं आप लोगों को बताए बिना नहीं रह सका। दोस्तों मैं पंजाब का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 23 साल है मेरी लम्बाई 5 फुट 6 इंच है और बॉडी भी एकदम मस्त है और मेरे लंड का साइज़ 6.5 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है तो अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ।

बात एक साल पहले की है मेरे पड़ोस में एक परिवार रहता है जिसमें अंकल आंटी उनका एक बेटा 13 साल का और एक बेटी 19 साल की थी आंटी की उम्र 37 साल थी उनका नाम लीला है अंकल की उम्र 40 साल होगी अंकल सरकारी नौकरी करते थे वह सुबह काम पर जाते थे और शाम को आते थे और आंटी ग्रहणी थी आंटी की बेटी का नाम मोना था उसका फिगर 34-32-36 था और रंग थोडा साँवला था बेटी एकदम सेक्सी लगती थी और आंटी का फिगर 36-34-38 था और उनका रंग भी सांवला ही था। मुझे ब्लू फ़िल्में देखने का बहुत शौक था जिसके कारण मैं हमेशा आंटी को अपने सपनों में चोदता था हमारी पड़ोसी होने के कारण वह हमेशा हमारे घर पर आती-जाती रहती थी मैं ज़्यादा समय घर में ही रहता था क्योंकि मैं कॉलेज ज़्यादा नहीं जाता था। जब भी आंटी हमारे घर पर आती तो मैं उनको भूखी नज़रों से देखता था और वह मुझे देखती और प्यार से मुझे हाय करके चली जाती थी और मैं बाथरूम में जाकर उनके नाम की मूठ मारता था एक दिन मैं बाजार से पैदल ही आ रहा था तो आंटी स्कूटी से अपने घर पर जा रही थी तो उन्होनें मुझे देखा और कहा कि चलो मैं तुमको तुम्हारे घर पर छोड़ देती हूँ फिर मैं उनकी स्कूटी पर बैठ गया वहां से घर का रास्ता बस 10 मिनट का ही था आंटी जानबूजकर के कच्चे रास्ते से जा रही थी मुझे कुछ समझ नहीं आया तो आंटी से मैंने पूछा तो उन्होनें कहा की रोड पर ट्राफिक बहुत है इसलिए आंटी की कुछ और ही सोच थी रास्ता कच्चा होने के कारण उबड-खाबड़ जगह बहुत थी जब भी स्कूटी में हिचकोले लगते तो मैं फिसलकर के आंटी के ऊपर चला जाता था ऐसा 3 बार हुआ जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया और जब भी हिचकोला आता तो मैं आंटी के ऊपर चला जाता था और मेरा लंड उनकी गांड में घुस जाता था जिससे आंटी कुछ कह भी नहीं पा रही थी।

उनको भी मज़ा आ रहा था और मैं आंटी से एकदम चिपककर बैठा था और मेरा लंड उनकी गांड को बार-बार छू रहा था तभी एक बड़ा सा खड्डा आया और आंटी ने जोर से ब्रेक लगाये और मैं और आंटी दोनों गिर गये आंटी नीचे और मैं उनके ऊपर इस बार मेरा लंड उनकी गांड के छेद पर लग गया था काश उस समय आंटी नंगी होती तो मेरा पूरा लंड उनकी गांड में घुस जाता फिर आंटी ने स्कूटी ठीक की और हम घर आ गये मेरा लंड अभी भी खड़ा था आंटी ने कहा यह सामान घर ले चलो और फिर घर चले जाना मैं उनका सामान लेकर अंदर चला गया उस समय मुझे बहुत दर्द हो रहा था तो मैं अपना लंड सेट कर रहा था तभी आंटी आ गई उन्होनें मुझे देख लिया और पूछा क्या हुआ मैंने कुछ नहीं कहा तो उन्होनें कहा कि मुझे पता है की रास्ते की वजह से तुमको दर्द हो रहा होगा आंटी मेरे पास आई और कहा कि कहाँ पर दर्द हो रहा है मैंने कहा कि मैं ठीक हूँ आंटी, तो उन्होनें कहा तुमको बताना ही होगा मैंने नीचे इशारा किया तो उन्होनें नीचे देखा और मेरा लंड उस वक़्त खड़ा था. उस समय घर में आंटी और मैं ही था आंटी ने मेरे लंड को ऊपर से हाथ लगाया और कहा यहाँ दर्द हो रहा है मैंने हाँ कहा तो उन्होनें कहा की नहीं वह क्या था जो मेरी गांड में चुभ रहा था. मैं उनके मुहँ से यह बात सुनकर चौंक गया तो उन्होनें कहा अभी इस खड़े को मैं सही कर देती हूँ. दोस्तों मैंने लाइन क्लियर देखी और आंटी को लॉलिपोप किस करने लगा. आंटी मेरे लंड को ऊपर से सहलाने लगी और मैं उनकी गांड को दबाने लगा।

मैंने आंटी से कहा कि मैं कब से आप को चोदना चाहता था आज जी भर के आपको चोदूंगा। आंटी ने कहा कि तो फिर चोदना मैं भी तो देखूँ कि कितना दम है तेरे में. मैं अब आंटी को उनके बैडरूम में ले गया और उनको पूरा नंगा कर दिया. आंटी एकदम परी सी लग रही थी वह उस समय मोटी गांड बड़े बब्स एक दम प्यारी, मैंने उनकी चूत पर हाथ रखा तो उनकी चूत एक दम गीली थी। मैंने कहा कि आंटी मुझे मलाई खानी है. तो उन्होनें कहा फ्रिज में है. मैंने कहा नहीं आपकी चूत की मलाई. तो उन्होनें कहा कि वो कैसे? तो मैं किचन में गया और मलाई लेकर आया और आंटी को बेड पर लेटाया और फिर मलाई उनकी चूत पर लगाई. मैंने उनकी पूरी चूत मलाई से भर दी और अपनी ज़ीभ से चूत को चाटने लगा. आंटी एकदम मदहोश हो गई और जोर-जोर से एयाया… उउउ… की आवाज निकालने लगी. मैंने भी अपनी पूरी जीभ उनकी चूत में घुसा दी थी और वह आआ… उउउ… एयाया… ईई.. ऊहह.. राज ऊऊओ…. राज कहने लगी। दोस्तों आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

5 मिनट तक चाटने के बाद उनकी चूत में से बहुत सारा पानी निकला और मैं वह सारा पी गया. फिर आंटी उठी और मुझे नंगा किया. मेरा 6.5 इंच का लंड देखकर उन्होनें कहा कि क्या लंड है तेरा तो, तेरे अंकल का तो छोटा सा है. फिर उन्होनें मेरे लंड पर मुहँ लगाया और लंड अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी. मैं उनकी गांड को छेड़ने लगा. 5 मिनट के बाद मैंने आंटी को बेड पर सुला दिया वह कह रही थी अब नहीं रहा जाता चोद दो. मैंने थोड़ी सी ओर मलाई उनकी चूत में लगाई और अपने लंड पर भी लगाई और अपना लंड उनकी चूत पर सेट किया और हल्का सा धक्का मारा 2 इच ही लंड अंदर गया होगा कि आंटी आहह… करने लगी. मैं आंटी को और तड़पाना चाहता था तो मैंने लंड बाहर निकाल लिया। और फिर से 2 इंच ही लंड अंदर डाला तो आंटी कह रही थी पूरा डाल ना साले ऐसे क्यों तडपा रहा है पर वह सब मुझे अच्छा लग रहा था. आंटी को अब गुस्सा आ गया था. तो वह थोड़ी ऊपर को उठी और मेरी कमर पकडी और मुझे अपनी और खींचा जिससे मेरा पूरा लंड उनकी चूत में चला गया. और वह जोर से चिलाईइ… आआआ.. माआ.. . ऊहह… राज आआह.. मुझे गुस्सा आ गया. मैंने गुस्से में आकर ज़ोर-ज़ोर के 10-15 धक्के मारे. आंटी को बहुत दर्द होने लगा. वह कह रही थी, चीर दे मुझे और मैं ज़ोश में धक्के मार रहा था. वह धीरे-धीरे करने को कह रही थी. मैंने उनकी एक ना सुनी बस चोदता ही रहा उनके मुहँ से बस एयाया उउउ.. ओउुउउ… ईईई… की ही आवाज़ निकल रही थी. उनकी आँखों में से आँसू आ गये थे. मलाई की वज़ह से छपक पच-पच की आवाज़ आ रही थी।

जो मुझे और भी अच्छी लग रही थी. फिर आंटी को भी अच्छा लगने लगा तो वह भी खूब मजे लेने लगी. नीचे से गांड उठाकर साथ दे रही थी. ऊपर से मुझसे कह रही थी देखती हूँ साले तू मेरी कितनी आवाज़ निकालता है. आज मुझे भी उनकी बात से गुस्सा आ गया और मैंने एक आइडिया सोचा की आंटी की गांड मारता हूँ. 20 मिनट के बाद मैंने चुदाई रोक दी और आंटी को घोड़ी बनाया तो वह डर गई और कहने लगी कि साले मैं गांड नहीं मरवाउंगी. मैंने उनको पटाने के लिये झूँठ कहा कि अरे मेरी रंडी मैं तेरी गांड नहीं मारूँगा. बस पीछे से तेरी चूत मारूँगा. तो वह घोड़ी बन गई. उनकी मोटी गांड को देखकर तो मन कर रहा था कि अभी पेल दूँ पर मैं उनकी गांड पर हाथ फेरने लगा और मलाई को उनकी गांड के छेद और चूत पर लगाकर चाटने लगा, वह आहह.. उईई.. इस्सस… करने लग गई थी. अब मलाई भी खत्म हो गई थी. तो मैंने पास में रखा सरसों का तेल लिया और उनकी गांड और चूत पर मालिश करने लगा वह घोड़ी तो बनी हुई ही थी. मैंने एक ऊँगली उनकी गांड में डाली तो वह चिल्लाने लगी। तो मैंने अपनी ऊँगली वापस बाहर निकाल ली और खुश हो गया कि इसने कभी गांड नहीं मरवाई है मैंने कहा चल रंडी अब ज़ोर-ज़ोर से आवाज निकालने को तैयार हो जा वह कहने लगी कि क्या मतलब है तेरा… मैंने कहा तू ही साली रंडी कह रही थी नां कि तू मेरी जोर-जोर से आवाज़ निकलवा तब मैं तुझे मर्द मानूँगी तो वह हँसने लगी और कहने लगी तो निकालना साले मैंने अपना लंड उनकी चूत पर सेट किया पर मेरा निशाना आंटी की गांड का छेद था मैंने देखा आंटी उतेज़ित है।

मैंने अपने आपको थोड़ा पीछे किया और एकदम ऊपर होकर लंड आंटी की गांड के छेद पर सेट करके दे मारा आंटी कुछ समझती इससे पहले मैंने 4 इच लंड एक झटके में ही उनकी गांड में डाल दिया तो वह एकदम से चिल्ला उठी आआआ.. मादर… चोद… क्या किया तूने बहनचोद… मैंने उनका मुहँ तकिये में दबा दिया. ताकि आवाज बाहर ना जाए और एक और झटका मारा तो पूरा लंड उनकी गांड में डाल दिया और वह ज़ोर से चिल्लाकर आगे को भागने लगी तो मैंने उनको कमर से पकड़कर पीछे खींच लिया उनकी आँखों में से आँसू आ गये थे और गांड में से खून आ रहा था. मैं उनके ऊपर ही लेटा रहा. और वह रोने लगी थी तो मैंने कहा क्यों साली रंडी निकल गई ना अब तेरी हेकड़ी… उन्होनें गुस्से में कहा कि मैंने तुझे गांड ना मारने को कहा था ना साले गांडू… मुझे भी गुस्सा आया और मैंने उनको घोड़ी बनाया और 4 इंच लंड बाहर निकालकर एक और झटका मारा तो वह जोर से चिल्लाई आउउउच…. साले गंडऊऊ तेरि माआ की… और मैंने लंड निकालकर उनकी चूत में डालकर आगे पीछे करने लगा आंटी की गांड में से खून निकलकर चूत में आ गया। वो दर्द से कराह रही थी मैं चूत मार रहा था तभी मैंने देखा कि आंटी का दर्द कुछ कम हो गया और वह मेरे धक्कों का जवाब दे रही थी और मैंने अब अपना लंड चूत में से निकालकर फिर से गांड में दे मारा पूरा का पूरा और वह जोर से चिल्लाई आआआ… उउउ… इस बार उनको कम दर्द हुआ और अब वह मज़े से गांड मरवाने लगी थी आआ उउउ…. आंटी की गांड से खून निकल रहा था. मैंने उनको बताया तो कहने लगी तेरी ही गांड है अब इसे जैसे मर्जी हो चोद ले। 45 मिनट की चुदाई के बाद मैंने कहा मेरा निकलने वाला है तो वह कहने लगी कि गांड में ही डाल दे. मैंने गांड में डालने की ज़गह लंड चूत में डाल दिया और 4-5 धक्कों के बाद पूरा पानी उनकी चूत में छोड़ दिया और वह गुस्से से कहने लगी कि मादरचोद तुझे गांड में कहा था ना तो मैंने कहा कि गांड में तो गांडू डालते है मर्द तो चूत में पानी छोड़ते है. और हम एक दूसरे के चिपक कर लेटे रहे. इस चुदाई में आंटी ने कम से कम 5 बार पानी छोडा होगा. फिर आंटी ने कहा कि तू अब जा मोना के आने का समय हो गया है।

मैंने कपड़े पहने और बाहर आया तो देखा की मोना दरवाजे पर खड़ी थी और मुस्कुरा रही थी. ऐसा लग रहा था जैसे कि उसने सब देखा है मैं घर वापस आ गया. अगले दिन आंटी बहुत मुश्किल से चल रही थी तो मोना मेरे पास आई पूछने लगी कि मम्मी एैसे क्यूँ चल रही है तो मैंने कहा कि कल बाजार में उनके पैर में मोच आ गई थी मुझे देखकर सुनने लगी और शरारती स्टाइल में कहने लगी कि पैर में मोच आई तभी या कुछ और आया था मैंने कहा क्या मतलब तो वह कहने लगी कि अच्छा कुछ नहीं मैं भी यही कह रही थी उसकी बात से तो लग रहा था कि उसने सब देखा था कल।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!