बुआ ने दी सजा तो मुझको आया

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम नवीन है, मेरी उम्र 24 साल की है और मैं कानपुर का रहने वाला हूँ और जब मैं अपनी बुआ के घर पर रहता था तब मेरे साथ एक बहुत ही सेक्सी और प्यारी सी घटना हुई थी और तब मैं 12 वीं में पढ़ता था. मुझको पहले से ही सेक्स में बहुत रूचि थी और मेरी सेक्स करने की भी बहुत इच्छा होती थी. मेरा फूफा जी दूसरे गाँव में रहते थे और नौकरी करते थे. और उनकी बेटी भी उनके साथ शहर में ही रहती थी क्योंकि उनकी बेटी इंजीनियरिंग की पढ़ाई करती थी. दोस्तों मेरी उन सभी के साथ बहुत ही अच्छी बनती थी और वह लोग बहुत ही खुले स्वभाव के थे।

दोस्तों मैं कभी-कभी उनको बाथरूम में नहाते हुए देखने की बहुत कोशिश करता था पर मैं कभी सफल नहीं हुआ था. दोस्तों बुआ और उनकी बेटी का फिगर बहुत ही अच्छा था. वह एक दिन बुआ के घर पर आई थी और वह अपनी सहेली के साथ कॉन्डोम और सेक्स की बातें कर रही थी, और मैं भी वहाँ पर बैठा था और उनकी बातों को सुन रहा था. मुझे उनकी बातों में बहुत मज़ा आ रहा था. और फिर एक दिन मुझे सेक्स करने की इतनी इच्छा हुई कि, मैं नंगा होकर बाथरूम में टब में सो गया था और बुआ का घर का काम खत्म करके नहाने का समय हो गया था, और मैंने उस समय बाथरूम का दरवाज़ा खुला छोड़ दिया था. और फिर बुआ बाथरूम के अन्दर आ गई थी और ब्रश करके वह अपने कपड़े ऊपर करके लेट्रिन करने के लिये बैठ गई थी. और मैंने उनकी जाँघें देखी तो वह मोटी और बहुत ही खूबसूरत और चिकनी थी. मैं बाथरूम में छुपा हुआ था और बुआ की नज़र मुझपर नहीं पड़ी थी. और फिर वह कपड़े उतारकर नहाने लगी थी।

दोस्तों मैंने जिन्दगी में पहली बार किसी औरत को नंगा देखा था तो उनको देखकर मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा था. दोस्तों उनके क्या मोटे-मोटे बब्स थे और उनकी गांड तो कसम से बहुत ही गजब की और देखने लायक थी. और तभी अचानक से मेरा पैर फिसला और उन्होनें मुझे देख लिया था और फिर वह भी एकदम से चिल्ला गई थी और मैं भी डर गया था. लेकिन फिर मैंने उनको कहा कि, बुआ मैं भी नंगा हूँ तो आप भी शरमाओ मत और मैं किसी को बताऊँगा नहीं और आप भी किसी को बताना मत. और फिर मैं जब टब से उठकर भागने लगा तो मेरा पैर फिसला और मैं उनके ऊपर गिर गया था. और फिर मैंने उनके बब्स को हाथ लगाया था. और फिर बुआ ने मुझे बहुत डांटा और फिर उन्होनें मुझको बाथरूम से बाहर निकाल दिया था. और फिर 5-6 दिन तक वह मुझे पूरे दिन घूरती रही थी. और मैं भी उनसे डरा रहता था कि, कहिं वह मेरे मम्मी-पापा को यह बात ना बता दे. और फिर एक दिन मेरी छुट्टी का दिन था और गर्मी भी बहुत थी और उनका ए.सी. भी खराब हो गया था।

और उस रात बुआ और मैं और उनकी बेटी तीनों ही रात को बाहर से खाना खाकर वापस लौटे तो मैं अपने कपड़े बदलने के लिये बाथरूम में जा ही रहा था और बुआ और उनकी बेटी बेड पर बैठी थी, और फिर उन्होनें मुझे रोका और कहा कि, मैं उनके सामने ही अपने कपड़े बदलूँ. मैं भी उनकी बात को सुनकर एकदम हक्का-बक्का रह गया था. और फिर उन्होनें मुझको उस दिन की बाथरूम वाली बात से डराया. और फिर मुझको उनके सामने नंगा होना ही पड़ा. मैं नंगा खड़ा था और वह दोनों मुझे देख जा रही थी. और फिर उनमें से एक ने आकर मेरी अंडरवियर उतार दी थी और मेरा लौड़ा पकड़ लिया था। दोस्तों उस समय मुझको एक तरफ से तो मज़ा आ रहा था और दूसरी तरफ से कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि, यह सब अचानक से क्या हो रहा था।

और फिर तभी बुआ ने एक लम्बी लकड़ी निकाली और फिर उन्होंने मुझको नीचे झुकने को कहा और फिर उन्होंने मेरी गांड पर ज़ोर-ज़ोर से मारना शुरू किया और मैं दर्द के मारे चिल्ला पड़ा था, और उन्होनें मार-मारकर मेरी गांड को लाल कर दिया था. और उस समय मुझको ऐसा लग रहा था कि, जैसे मेरी गांड पर खून लगा हो. और फिर उन्होंने मुझको बोला कि, यह तो तुम्हारी उस दिन की सजा है. और फिर उन्होनें मुझको कहा कि, अब तेरी सज़ा यह है कि, तू पूरे घर में नंगा ही घूमेगा और तुमको जो हम बोलेगें वह करना होगा नहीं तो हम यह बात तुम्हारे घर पर बता देंगे. और फिर वह दोनों बोले कि, तेरा लौड़ा तो बहुत बड़ा है, और कड़क भी है. और फिर उन दोनों ने मेरा लंड चूसा और फिर धीरे-धीरे वह दोनों भी अपने कपड़े उतार रही थी. दोस्तों मुझको तो वह सज़ा बहुत ही अच्छी लग रही थी. और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि, मैं बारी-बारी से उन दोनों की चूत को चुसूं और चाटूं भी. और फिर मैंने खूब तबियत से उन दोनों को बेड पर टाँगें फैलाकर लेटाया और फिर मैंने बारी-बारी से उन दोनों की चूत को चाटा था. और फिर अब बारी थी चुदाई की।

और फिर उन्होंने मुझको दूसरे कमरे में अलमारी में से कंडोम लेकर आने को कहा. और तब तक उन्होनें अपने थूँक से अपनी चूत को गीला किया और फिर मैंने अपनी जीभ से बुआ की चूत को गीला किया. और फिर मैंने अपने लंड पर कंडोम लगाया और फिर धीरे से अपना लौड़ा उनकी चूत में डाला तो वह चिल्ला गई थी. और उनके चिल्लाने से मुझको बहुत मज़ा आ रहा था. और उसी वक्त उन्होनें मुझको उनकी बेटी की चूत को अपने मुहँ में लेने को कहा. और फिर मैं उनकी बेटी की चूत को चूस रहा था और खूब मज़ा भी कर रहा था. उसी वक्त मैंने उनकी बेटी की चूत में उनके कहने पर वाइब्रेटर घुसाया तो वह रोने लग गई थी। और फिर उसकी चूत में से पानी निकलने लग गया था. और फिर वह और बुआ दोनों ही चिल्ला रहे थे और वह पूरा कमरा उनकी मादक आवाजों से गूँज रहा था. और मैं साथ में बीच-बीच में बुआ के बब्स भी चूस रहा था. उन लोगों ने मुझे सज़ा दी थी पर मुझको तो सजा में भी बड़ा मज़ा आ रहा था. और फिर मेरी चुदाई से बुआ तो रोने लग गई थी. और फिर वह मुझसे बोली की आज तो तुम मेरी चूत को फाड़ ही दो, मुझे और चोदो. और फिर उसी समय उनकी बेटी ने मेरे ऊपर अपनी चूत का सारा पानी निकाल दिया था और मैं उसका सारा रस पी गया था, फिर भी मैं उसकी चूत को चाट रहा था और फिर वह मुझसे बोलती गई कि, और चाटो और साथ ही बुआ भी रो रही थी क्योंकि मैं अब उसको और भी ज़ोर-ज़ोर से चोद रहा था. कसम से दोस्तों उस पल तो मुझको बहुत ही मज़ा आ रहा था. और फिर बुआ की चूत ने अपना पानी छोड़ दिया था और वह झड़ गई थी।

और फिर मैंने उनकी बेटी को चोदना शुरू किया तो वह भी मुझको बोलने लगी कि, हाँ और जोर से चोदो मुझको और तभी बुआ उनकी बेटी के होठों को चूमने लग गई थी और मैं तो मन ही मन सोच रहा था कि, मैं तो आज किसी जन्नत में आ गया हूँ. और फिर मैंने पूरे 1 घंटे तक उनको चोदा और फिर हम सब नंगे ही बेड पर आराम करने लग गए थे. और अब मुझको थकान महसूस हो रही थी. और फिर हम तीनों आपस में चिपककर सो गए थे. और सुबह हो गई थी. और फिर तो हम सब रोज ही घर में नंगे ही घूमते थे और साथ में नहा भी लिया करते थे और कभी चूत पर आइसक्रीम लगाकर चाटते तो कभी मैं भी अपने लौड़े पर आइसक्रीम लगाकर उनको चटवाता था. और हम ऐसे और भी बहुत सारे कारनामे करते थे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!