मौसी को पटाया और जमकर बजाया

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम सचिन है और मैं 21 साल का एक अच्छा दिखने वाला नौजवान लड़का हूँ। दोस्तों आज मैं आप सभी कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेने वाले को अपने जीवन की एक सच्ची घटना बताने के लिए आया हूँ। जिसमें मैं आप सभी को बताऊँगा कि कैसे मैंने अपनी ही सेक्सी मौसी के घर जाकर उसको अपनी तरफ आकर्षित करके उसकी चुदाई के पूरे मज़े लिए और उसको खुश भी किया।

दोस्तों मेरे नाना-नानी के 5 बच्चे है जिनमें सबसे बड़ी मेरी मम्मी, उनसे छोटे मेरे 2 मामा, एक मेरी मौसी और एक सबसे छोटी मौसी जिनकी उम्र 28-29 ही होगी. मेरी सबसे छोटी मौसी का नाम मधु है. उनका घर मेरे घर के पास ही है उनकी शादी को अभी कुछ साल ही हुए थे और उनकी पति यानि कि, मेरे मौसाजी कि एक एक्सीडेंट में मौत हो गई थी और फिर उसके बाद मेरी मौसी ने एक कम तनख़्वा वाली नौकरी कर ली थी ताकि उनका घर चल सके. और उन्होंने दूसरी शादी भी नहीं करी थी। दोस्तों अब मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों मुझको पढ़ने के लिए एक कोचिंग की बहुत ज़रूरत थी. और फिर मधु मौसी ने मेरी मम्मी को एक कोचिंग बता दी जो कि उनके घर के ठीक नीचे थी. मैंने वहीं पर ट्यूशन जाना शुरू कर दिया था. दोस्तों मैं बहुत समय से अपनी उस मौसी का दीवाना था. वह बहुत सेक्सी थी यारो. उसका गोरा सा मुखड़ा गजब का था और उनका फिगर भी लाजवाब था. बड़ी और उभरी सी गांड बड़े और मोटे बब्स और सबसे अच्छी बात तो यह थी कि, वह बहुत ही फिट थी. मैं रोज कोचिंग जाता था और रोज ही मौसी से भी मिलता था. और फिर धीरे-धीरे मेरे अन्दर उनको पाने के लिए भूख़ बढ़ती गई थी, और अब मैं ठान चुका था कुछ करने की. और फिर ऐसे ही मुझको 2 महीने बीत गए थे. और फिर एक दिन मेरे ट्यूशन वाले सर ने कहा कि, वह अगले 2 दिन तक पढ़ाने के लिए नहीं आएगें शायद सर को कहीं शादी में जाना था. दोस्तों मुझको तो इसी पल का कब से इंतज़ार था. मैंने ट्यूशन की छुट्टी के बारे में अपने घर पर किसी को भी नहीं बताया था और फिर अगले दिन मैं जान बूझकर कोचिंग गया. और फिर मैंने वहाँ पर जाकर घन्टी बजाई तो कोई भी नहीं आया था। और फिर थोड़ी ही देर में मेरी मौसी आई और फिर वह मुझसे बोली कि, आज तो छुट्टी है तुम्हें पता नहीं था क्या? तो फिर मैं थोड़ी हैरानी के साथ उनसे बोला कि, सच में मुझको नहीं पता था. ठीक है तो चलो अब मैं चलता हूँ वापस अपने घर. और फिर तभी मौसी ने मुझको बोला कि, अब आया है तो अन्दर आकर बैठ जा. और फिर मैं ऊपर गया और सोफे पर बैठ गया. मौसी किचन से आई और उनके हाथ में उस समय शरबत के 2 ग्लास थे. और फिर हमने साथ में बैठकर शरबत पिया और फिर हमने साथ में बातें करनी भी शुरु कर दी थी. और फिर मैंने उनसे पूछा कि, आप आज ऑफीस नहीं गई? तो फिर वह मुझसे बोली कि, गई थी ना, बस अभी थोड़ी देर पहले ही तो वापस आई हूँ. और फिर हम ऐसे ही इधर-उधर की बातें कर रहे थे कि, और इसी बीच मुझको महसूस हुआ कि, उन्हें मुझसे बातें करने में कोई दिलचस्पी नहीं है. और फिर मैंने उससे पूछा कि, मौसी अगर मैं आपसे थोड़ी सी निजी बातें करू तो आप बुरा तो नहीं मनोगी ना? तो फिर वह बोली कि, ज़रूर करो मैं बिल्कुल भी बुरा नहीं मानूँगी. और फिर तो मैं एकदम खुश हो गया था।

और फिर मैंने उनसे पूछा कि, आपके और मौसा जी के बीच में बहुत प्यार था क्या? तो फिर वह मुझसे बोली कि, हाँ. तो फिर मैंने उनसे पूछा कि, आपका अकेले पूरे दिन मन कैसे लगता होगा? तो फिर वह मुझसे बोली कि, मैं अब क्या कर सकती हूँ? तो फिर मैंने उनसे कहा कि, फिर तो आप बहुत सी चीजों को याद कर रही होंगी? और फिर मेरी इस बात से वह समझ गई थी कि, मैं उनसे क्या कहना चाह रहा हूँ! और फिर वह मेरे सामने वाले सोफे से उठकर मेरे बगल वाले सोफे पर आकर बैठ गई थी और फिर वह मुझसे बोली कि, तुम यह क्या पूछ रहे हो? तो फिर मैंने उनसे कहा कि, वही जो आप सुन रही हो और समझ भी रही हो और आप बिल्कुल भी चिन्ता मत करो मैं यहीं हूँ. मैं हर बात को राज़ रखूँगा. तो फिर वह मुझसे बोली कि, ठीक है. और फिर मैंने उनसे पूछा कि, आप बहुत कुछ याद कर रही हो ना? तो फिर वह बोली कि, हाँ. तो फिर मैंने उनसे कहा कि, आपको कितना समय हो गया होगा उन सब बातों को याद करते-करते? वह बोली बहुत ज़्यादा. और फिर मैं उनके पास आने लगा और फिर मैंने उनसे कहा कि, आपने इतने सालों में ऐसा करने का थोड़ा सा भी प्रयास नहीं किया? तो फिर उन्होंने कहा कि, नहीं, मैं उनसे बहुत प्यार करती थी. तो मैं बोला कि, मौसी आप अभी जवान हो, आपके आगे अभी पूरी जिन्दगी पड़ी है, एक ना एक दिन यही बात आपको बहुत सताएगी. आपको कुछ तो सोचना होगा. आप बहुत ही खूबसूरत हो. अपनी सुंदरता को ऐसे बर्बाद ना करो. तो फिर वह मेरी बात से मायूस हो गई थी और मैं खुश. और फिर वह मुझसे बोली कि, यह बात तो सही है लेकिन मुझे इस मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं है।

तो फिर मैंने उनसे कहा कि, आप मुझ पर आँख बंद करके भरोसा कर सकती हो. और फिर इसी के साथ मैंने उन्हें हल्का सा किस भी किया. और फिर वह बोली कि, पक्का घर की बात घर में ही रहेगी ना? तो फिर मैं बोला कि, बिल्कुल पक्का. और फिर मेरे ऐसे बोलने के साथ ही वह मुझसे लिपट गई थी और किस करने लगी. मैं भी मस्ती में उनका पूरा साथ देने लगा. किस फिर और हल्के से रोमांस के बाद मैंने उनका सूट और ब्रा उतारकर उन्हें पूरा सेक्स के मूड में कर दिया था। दोस्तों वह बड़ी ही ग़ज़ब की लग रही थी. और फिर वह आगे बढ़ी और मेरी जीन्स और शर्ट को उतारकर साइड में फैक दिया. और फिर मैंने उनको बेड पर धक्का दिया और उनके ऊपर लेट गया और उनके बब्स से खेलने लगा. कभी उनके बब्स को अपने मुहँ में लेकर काटता या फिर उनके बब्स को जोर से दबाता जिससे वह बहुत गरम होने लगी और पूरे मज़े ले रही थी. फिर मैं थोड़ा नीचे को हुआ और उनकी चूत को देखा. उनकी चूत एकदम गुलाबी सी थी और मुझे अब विश्वास हो गया था कि, उन्होंने बहुत लंबे समय से सेक्स नहीं किया है. और फिर मैंने जब अपनी एक ऊँगली अन्दर डाली तो उन्हें दर्द होने लगा. उनकी चूत सच में ही बहुत टाइट थी. मैंने दूसरी ऊँगली भी डाली तो वह उछल पड़ी थी. मैंने उनकी चूत में बहुत देर तक अपनी ऊँगली को आगे-पीछे किया. और फिर वह खुद ही नीचे बैठी और मेरा 7 इंच का लंड अपने हाथ में लेकर के आगे-पीछे करके चूसने लगी। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था. वह इतनी कोमलता से चूस रही थी कि, मैं पागल सा हो रहा था. और फिर 10 मिनट के बाद उन्होंने उसे छोड़ा. और फिर मैं नीचे बैठ गया था और फिर मैंने उन्हें मेरे लौड़े पर बैठने को बोला. उन्होंने अपनी चूत को मेरे लंड पर लाकर के थोड़ा सा सेट किया और उस पर जोर देकर बैठने लगी. उन्हें काफ़ी दर्द हो रहा था. उनकी चूत काफ़ी टाइट हो चुकी थी. और फिर मैंने उन्हें बहुत टाइट किस किया और एकदम से ही एक धक्का मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड अन्दर चला गया और वह रो पड़ी थी. जैसे ही वह चुप हुई मैंने धक्के देने शुरू कर दिए. उन्हें बहुत मज़ा आ रहा था. पूरे कमरे में बस आह… उईइ… आह.. और तेज़. बस यही शब्द सुनाई दे रहे थे. और उन्होंने कहा मुझे इतना मज़ा काफ़ी सालों के बाद आया है. मैं मान गयी तुझे. आई.लव.यू. तो फिर मैंने भी उनको कहा कि, आई.लव.यू.टू. मैं बहुत खुश था. मैंने इतनी सेक्सी औरत को अपनी रंडी बना लिया था और अब मैं जब भी चाहता जीवन के मज़े ले सकता था. वह अपनी ब्यूटी और बॉडी, दोनों के हिसाब से बिल्कुल कमाल की थी। और अब हमको 25-30 मिनट हो चुके थे. अब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उन्हें बताया, तो फिर वह मेरे लंड के ऊपर से उठी और उसे अपने मुहँ में लेकर तेज़-तेज़ हिलाने लगी. और फिर मैं झड़ गया. उन्होंने मेरा पूरा गरम पानी पी लिया और मेरा लौड़ा चाट-चाटकर के साफ़ भी कर दिया था. मुझे तो काफ़ी मज़ा आया. उस दिन के बाद से मैं रोज़ उनको चोदने लगा. कई बार तो वह दुल्हन की तरह सजकर के कमरे में बैठी होती थी और हम सुहागरात मानते।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!