दुश्मन की बीवी के साथ मनाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम कुलजीत है और मैं पंजाब के पास एक छोटे से गाँव का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 26 साल की है और मैं भी आप सभी की तरह ही कामलीला डॉट कॉम वेबसाइट का एक पुराना पाठक हूँ. दोस्तों आज मैं भी इस वेबसाइट पर अपनी आपबीती सच्ची सेक्सी कहानी लेकर आया हूँ. मैं इस वेबसाइट पर पहलीबार अपनी कहानी लेकर आया हूँ, इसलिए इसमें मुझसे कोई ग़लती हो जाए तो मुझको माफ़ कर देना।

दोस्तों यह कहानी आज से 2 साल पहले मेरे साथ घटी एक घटना पर आधारित है. दोस्तों हमारे मौहल्ले में एक परिवार था जिसमें एक पति-पत्नी और उनकी बूढी बुआ रहती थी. लेकिन वह परिवार थोड़ा झगड़ालू मिज़ाज वाला है. हमारे मौहल्ले में सभी के साथ ही वह झगड़ चुके थे. हमारे साथ भी वह बहुत बार झगड़ चुके थे और इसीलिए मैंने भी उस परिवार को अपना दुश्मन मान लिया था. और फिर मैंने मन ही मन उस बात का बदला लूँगा यह सोच लिया था. मेरे बचपन से ही हमारे खूब झगड़े होते आ रहे थे. मुझको तो बस बदला लेने के लिये एक मौके का इन्तजार था. और वह मौका भी मुझको बहुत अच्छा मिला था और शायद ऐसा मौका किसी और को नहीं मिला होगा. मेरे पडौसी सुरेश की शादी हुई थी. वह शादी करके घर ही पहुँचा था कि, उसकी दीदी की तबीयत अचानक से बहुत खराब हो गई थी तो उसे तुरन्त ही अस्पताल ले जाना पड़ा उसके साथ सुरेश भी गया था. और यह बात सुरेश की बीवी सीमा को नहीं पता थी. इस हादसे के बाद आसपास के सभी लोग अपने-अपने घर चले गये थे और वहाँ पर सिर्फ़ कुछ लोग ही रह गये थे. सीमा को यह बात पता नहीं थी कि, उसका पति अभी घर पर नहीं है और रात तक वापस भी नहीं आने वाला है क्योंकि वह अपनी बहन को लेकर शहर के अस्पताल में गया था और वहाँ पर जाने में ही 3 घन्टे लगते है. और फिर घर में बाकी के लोगों ने खाना-पीना पूरा करके नई दुल्हन को सुरेश के बेडरूम में 2 में छोड़ दिया था और वह उससे कह गए थे कि, सुरेश अभी किसी काम से बाहर गया है वह लेट आएगा।

और फिर रात के 11.30 बज चुके थे और अंधेरे की वजह से बाहर कुछ दिख नहीं रहा था और तब मैं अपनी छत से उनकी छत पर जाकर नीचे उतरने के लिए है सीढ़ी से उतरकर नीचे आ गया था. और फिर उसके कमरे में दबे पाँव घुस गया था. और फिर अन्दर घुसते ही कमरे में मैंने देखा कि, 1 नाइट लेम्प जल रहा था और सीमा पीछे की तरफ मुहँ करके लेटी हुई थी कमरे का दरवाजा सिर्फ़ हल्का सा लगा हुआ था. घर के बाकी लोग सभी सो चुके थे. और इधर मैंने कमरे में पहुंचकर लेम्प बन्द किया और फिर मैं सीमा के पीछे जाकर चुप-चाप लेट गया था और फिर मैंने उसको पीछे से अपनी बाहों में भर लिया था. और फिर वह धीरे से मुझसे बोली कि आप आ गए? तो फिर मैंने उसको सिर्फ़ हाँ ही कहा और फिर मैंने उसको सीधा लिटाकर मैं भी उसके ऊपर ही लेट गया था. और फिर मैं उसके होठों को किस करने लगा तो वह मदहोश सी होने लग गई थी. और फिर मैंने महसूस किया कि, यह चीज़ तो बड़ी नमकीन है पर मुझको कुछ दिख नहीं रहा था मैं तो बस अंधेरे का फायदा उठा रहा था. और फिर मैंने धीरे से उसकी शादी का जोड़ा उतार दिया था और फिर मैंने उसकी नाभि में अपनी जीभ घुमाकर उसको चाटने लग गया था और वह सेक्स की खुमारी में आकर आहहह… उह्ह्ह… कर रही थी. और फिर मैंने धीरे से उसके ऊपर के सभी कपड़े हटा दिए थे. और अब वह मेरे सामने अपनी ब्रा और पैन्टी में ही थी. और फिर मैं ऊपर से ही उसके बब्स दबाने लग गया था और वह और भी मदहोश होती जा रही थी. और फिर मैंने उसको पूरा नंगा किया और फिर खुद भी पूरा नंगा हो गया था. उसके होठों पर मैं फिर से किस करने लग गया था. दोस्तों उसके बब्स कसम से क्या कड़क-कड़क थे मुझको तो बहुत मज़ा आ रहा था और मैं तो पागल सा हो रहा था. और फिर मैंने उसके पूरे बदन को किस किया और मैं उसके पूरे बदन को अपनी जीभ से चाटने लग गया था. और फिर वह मुझसे बोली कि, गुदगुदी होती है जान ज़रा धीरे से करो ना. और फिर उसका पूरा बदन चाटने के बाद मैंने उसकी चिकनी चूत पर हाथ फेरा तो मुझको उस पल एक बहुत ही कमाल का अहसास हो रहा था बिना झांटो वाली उसकी चूत बहुत ही प्यारी लग रही थी और फिर मुझको लगा कि, मैं कमरे की बत्ती चालू करके उसकी चूत को देखूँ पर ऐसा करने में तो ख़तरा था. और फिर मैंने तुरन्त ही अपनी जीभ उसकी चूत पर रखी और फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा तो वह मुझसे कहती जा रही थी कि, आहहह… जान बहुत मज़ा आ रहा है आहहह… इतना मज़ा आता है इसमें मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था।

और फिर वह और भी मदहोश होती जा रही थी और मैं उसकी चूत को चाटे ही जा रहा था और बीच-बीच में काटता भी जा रहा था. और फिर कुछ ही देर के बाद वह झड़ गई थी और फिर मैंने उसकी चूत को चाट-चाटकर एकदम साफ किया. और फिर मैंने मेरा लंड उसके हाथ में देकर उसको उसे अपने मुहँ में लेने का इशारा किया तो वह मुझको मना कर रही थी. और फिर वह केवल मेरे लंड के टोपे को चाटने लग गई थी. और फिर मैं उसको उसके मुहँ के अन्दर करने लगा तो वह पीछे हट गई थी और फिर वह मुझसे बोली कि, यह तो कितना बड़ा और मोटा है यह तो मेरे मुहँ में नहीं जाएगा. मेरे 7” लम्बे लंड से उसे डर लगने लगा था तो फिर मैंने उसको उसके मुहँ पर से हटा लिया था. और फिर मैं उसकी चूत पर आ गया था तो फिर वह मुझसे बोली कि, जान ज़रा धीरे से करना क्योंकि तुम्हारा यह तो बहुत बड़ा है. और फिर मैंने उसकी गांड के नीचे एक तकिया रखा और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के ऊपर सेट किया। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैंने आहिस्ता से दबाया पर मेरा लंड उसकी चूत के अन्दर नहीं गया और फिसल गया था तो मैंने उसको फिर से सेट किया और इसबार मैं उसके होठों पर अपने होठों को रखकर चूमने भी लग गया था और फिर मैंने 1 जोरदार धक्का लगाया तो मेरे लंड का टोपा उसकी चूत के अन्दर जा चुका था और वह छटपटाने लग गई थी और वह जोर से चिल्लाना भी चाह रही थी पर नहीं चिल्ला पाई और फिर मैं उसके होठों को चूमने लगा और साथ ही उसके बब्स को भी खूब दबाने लगा. और फिर जब वह थोड़ी ठीक हुई तो मैंने 1 और झटका मारा तो मेरा लंड 5” तक उसकी चूत में अंदर हो गया था और साथ ही वह रोने भी लग गई थी और वह मुझसे खुद को छुड़ाने की कोशिश करने लग गई थी पर नहीं छुड़ा पाई थी और वह बस रो रही थी और मैं उसके बब्स को दबा रहा था और उसके होठों को चूम भी रहा था उसकी चूत से खून भी निकल रहा था. और फिर वह धीरे-धीरे चुप हो गई थी. और फिर मैंने 1 ऐसा करारा झटका मारा कि, इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अन्दर हो गया था और इसबार वह बहुत छटपटाई थी पर कुछ नहीं कर पाई थी. और फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता उसको धक्के मारना चालू रखा और फिर धीरे-धीरे वह भी मजा लेने लग गई थी और साथ ही वह कहती भी जा रही थी कि, डार्लिंग ओर ज़ोर से करो आहहह… ब्ब्ब्बाअहहूऊत मअजा आरररहाअ है. और फिर 10 मिनट के बाद वह मुझसे बोली कि, आहहह. अब मैं झड़ रही हूँ. और फिर वह झड़ गई थी. पर मैंने धक्के लगाना चालू रखा और फिर 15 मिनट के बाद वह फिर से झड़ गई थी पर मैं अभी भी नहीं झड़ा था. और फिर मैंने पूरे 40 मिनट तक उसकी जमकर चुदाई करी तब कहीं जाकर मैं भी झड़ा था इस बीच वह 4 बार झड़ चुकी थी। और फिर मैं उसके ऊपर ही निढाल हो गया था और फिर थोड़ी देर तक आराम करने के बाद हम बाथरूम में गये और वहाँ पर भी हमने बिना रौशनी के अँधेरे में ही अपनी सफाई करी थी और फिर वह जबरदस्त चुदाई के बाद चल नहीं पा रही थी. उसकी चूत सूज गई थी और फिर मैंने उसको बिस्तर पर लेकर फिर से गरम किया और फिर मैंने उसकी फिर से जमकर चुदाई करी थी इसबार भी उसको बहुत दर्द हुआ था पर मैं उसको कुछ भी जवाब नहीं दे रहा था।

और फिर मैंने उसको पूरी रात में 4 बार तबियत से चोदा था और तब तक सुबह के 5 बज चुके थे. उसकी चूत फूल गई थी और वह चल भी नहीं पा रही थी. और फिर मैं उसको वैसे ही हाल में छोड़कर उसको सुलाकर छत के रास्ते से अपने घर में आ गया था. और फिर सुबह 9 बजे जब मैं उठा और मैंने देखा तो वह बाहर छत पर अपने कपड़े सुखा रही थी. दोस्तों उस समय मुझको पता लगा कि, वह तो बहुत खूबसूरत थी मैं तो उसको चोदकर धन्य हो गया था. और फिर दोपहर को उसका पति आया तो उसको पता चला कि, उसका पति तो कल रात से ही घर में नहीं था. और तब वह हैरान रह गई थी और फिर वह सोच रही थी कि, तो फिर मुझको रात को चोदकर कौन गया? और फिर उसने यह बात उसके पति को भी पता नहीं चलने दी और फिर ऐसे ही 1 साल बीत गया था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!