बरसात में मेरी माँ चुद गई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम मनीष है मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र इस घटना के समय 19 साल की थी और मैं बी.एस.सी. के पहले साल में पढ़ता था, मेरी लम्बाई 5.7 फुट की है, मेरे शरीर का रंग गोरा और मेरे लंड का साइज़ 6.5” का है।

दोस्तों मेरे परिवार में 4 सदस्य है मेरे पापा सतीश जिनकी उम्र इस घटना के समय 40 की थी और मेरी मम्मी का नाम शालिनी है और उनकी उम्र भी इस घटना के समय 38 साल की थी. उनका रंग गोरा और उनका फिगर 34-30-36 का है वह पैशे से एक स्कूल टीचर है और वह दिखने में काफ़ी सेक्सी भी लगती है. मेरी छोटी बहन प्रिया जिसकी उम्र 18 साल की है उसका रंग भी एकदम गोरा और उसका फिगर भी 32-28-34 का है और वह वक़्त से पहले ही जवान हो गई थी।

दोस्तों यह घटना आज से 2 साल पहले जुलाई-अगस्त के महीने की है और तब सुबह से ही बरसात हो रही थी और उस दिन बहुत ज्यादा बरसात हो रही थी मेरी मम्मी स्कूल गई हुई थी और पापा ऑफीस में गये हुए थे. पापा का ऑफीस तो पास में ही था पर मम्मी को काफ़ी दूर जाना पड़ता था, बारिश काफी होने के कारण सब कुछ ठप हो गया था. और फिर शाम को पापा का फोन आया और उन्होनें मुझसे कहा कि, मनीष तुम जाकर अपनी मम्मी को ले आना. और फिर मैं एक ऑटो पकड़कर अपनी मम्मी के स्कूल में शाम के 7:30 बजे पहुँचा, और फिर मैं उनको लेकर वहाँ से बाहर आ गया था. पर बाहर काफ़ी तेज़ बारिश हो रही थी जिसके कारण हमको कोई भी गाड़ी भी नहीं मिल रही थी. और फिर हम दोनों वहीं एक जगह पर खड़े होकर इन्तजार करने लगे और फिर धीरे-धीरे अँधेरा भी हो रहा था और सड़क पर कोई भी गाड़ी भी नज़र नहीं आ रही थी. और फिर काफ़ी तक देर इन्तजार करने के बाद हम कुछ दूर तक पैदल ही चल पड़े थे. दोस्तों बारिश में मम्मी की साड़ी के भीग जाने के कारण उनका फिगर काफ़ी कमाल का लग रहा था. दोस्तों उस समय वह पूरी सड़क एकदम सुनसान पड़ी हुई थी, और हम लोग काफ़ी भीग भी चुके थे और अब हमको उम्मीद भी नहीं थी कि, अब कोई गाड़ी हमको मिलेगी. और फिर तब मैंने मम्मी से कहा कि मम्मी, अब तो लगता है कि, हमको कोई गाड़ी नहीं मिलेगी यहीं पास के मोहल्ले में ही मेरे एक दोस्त का घर है जो उसने मुझे किराए पर देने के लिए दिया हुआ था और मेरे पास उसकी चाभी भी है, अगर आप कहो तो आज की रात हम वहीं पर गुजार लें. तो फिर मम्मी ने भी मुझको कहा कि, ठीक है अब इसके सिवा कोई चारा भी नहीं है हमारे पास. और फिर हमने घर पर पापा को भी फोन करके बता दिया था कि, आज हमको घर पर आने के लिये कोई गाड़ी नहीं मिल रही है और हम मम्मी के स्कूल के पास के ही एक मकान में रुक रहे है।

तो फिर पापा ने भी कहा कि, ठीक है कोई बात नहीं बस तुम लोग आराम से तो हो ना? कल सुबह जब बारिश कम होगी तो आ जाना. और फिर हम आगे बड़े तो मम्मी ने मुझसे कहा कि, मुझको तो बहुत तेज भूख भी लगी है. तो फिर मैंने उनसे कहा कि, मम्मी पास ही के एक ढाबे में अच्छा खाना मिलता है और फिर हमने वहाँ से खाना पैक करवाया. और फिर ढाबे के सामने एक शराब की दुकान भी थी तो मैंने मम्मी से कहा कि, मुझको काफ़ी ठण्ड लग रही तो क्या मैं एक बीयर ले लूँ? तो फिर मम्मी ने भी मौके की नज़ाकत को देखते हुए हाँ कर दी थी, और उन्होंने मुझको मना भी नहीं किया था क्योंकि मेरे मम्मी-पापा दोनों ही नए ख्यालों के थे. और फिर मैंने वहाँ से दो बीयर ले ली थी और फिर हम वहाँ से चल पड़े थे। और फिर मैं अपने दोस्त के घर पर पहुँच गया था और फिर मैंने ताला खोला. और हमारे पास दूसरे कोई सूखे कपड़े भी नहीं थे और हमारे सारे कपड़े भीग गये थे. तो फिर मम्मी मुझसे ने कहा कि, अब क्या करें? तो फिर मैंने उनसे कहा कि, मम्मी यहाँ पर हम दोनों के सिवा कोई भी तो नहीं है और अगर आप चाहो तो अपने कपड़े निकालकर भी रह सकती हो. और फिर क्या करते हमारी मज़बूरी भी थी अगर हम कपड़े नहीं निकालते तो ठंड लग जाती. और फिर मैंने और मम्मी ने अपने आधे-आधे कपड़े निकाल दिए थे और फिर हमने बैठकर खाना खाया और फिर मैंने एक बीयर पी. और फिर मैंने मम्मी से भी कहा कि, मम्मी आप भी एक दो घूँट ले लो इससे आपको ठण्ड से थोडा आराम मिलेगा। पहले तो मम्मी ने मुझको ना कर दी थी पर बाद में उन्होंने भी बीयर ले ली थी पहले तो मम्मी को वह थोड़ी कड़वी सी लगी थी पर बाद में मम्मी ने आधी से ज्यादा बोतल गटक ली थी. और फिर मम्मी को धीरे-धीरे नशा सा चढ़ने लगा और वह भीगे हुए बालों में और भीगी हुई साड़ी में काफ़ी सेक्सी लग रही थी. और फिर मैंने मम्मी से हिम्मत करके कहा कि, अगर आप आपके बाकी के कपड़े भी उतार दे तो आपको ठण्ड नहीं लगेगी और आपको यहाँ पर कोई देख भी तो नहीं रहा है. और फिर मम्मी ने अपनी साड़ी और ब्लाऊज को भी निकाल दिया था. और अब मम्मी मेरे सामने अपनी गुलाबी रंग की ब्रा और पैन्टी में थी और उनके गोरे और मोटे बब्स उनकी ब्रा से बाहर आ रहे थे और जिनको देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था। और मेरे मन में एक अजीब सी बैचेनी भी हो रही थी. मेरा मन तो कर रहा था कि, मैं अभी अपनी मम्मी को पकड़कर चोद दूँ।

और फिर मम्मी ने मुझसे भी मेरी टी-शर्ट और पेन्ट को खोलने को कहा. और फिर मैंने भी उनको निकाल दिया था, और फिर मैंने मम्मी से कहा कि, मम्मी आपकी तो ब्रा-पैन्टी भी भीग गई है, तो आप इनको भी उतार दो वरना आपके शरीर पर निशान पड़ जाएँगे. तो फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि, हाँ मनीष तू सही कह रहा है और अब तुझसे क्या शरमाना। और फिर मम्मी ने अपनी ब्रा और पैन्टी भी उतार दी थी अब उनके मोटे-मोटे बब्स मेरी आँखों के सामने झूल रहे थे जिनको देखकर मेरा लंड एकदम तन के लोहा हो गया था, और वह मेरी अंडरवियर के ऊपर से साफ़ दिखाई दे रहा था. और फिर मम्मी ने भी मुझसे कहा कि, बेटा तेरा भी अंडरवियर भीग गया है तो तू इसको भी उतार दे. तो फिर मैंने अपना अंडरवियर भी उतार दिया था. और फिर तो क्या था मेरा 6.5” का लंड एकदम से मम्मी के सामने था, और मेरी मम्मी की नज़र भी मेरे लंड पर ही थी. और फिर मेरे लंड को देखकर मम्मी ने मुझसे कहा कि, बेटा तू तो अब काफ़ी जवान हो गया है और तेरी तो अब शादी करनी पड़ेगी. तो फिर मैंने मम्मी से कहा कि, मम्मी अगर आपको बुरा ना लगे तो मैं आपसे एक बात कहूँ तो फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि, क्या? तो फिर मैंने उनसे कहा कि, मम्मी आप भी तो बहुत सेक्सी हो. तो फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि, क्या तेरा यह हाल मेरे ही कारण है? तो फिर मैंने उनसे कहा कि, मम्मी आप इतनी सेक्सी हो कि, आपको देखकर तो बूढों का भी लंड खड़ा हो जाए. तो फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि, बेटा तेरा लंड भी तो इतना बड़ा है कि, किसी भी औरत का मन तुझसे चुदवाने को करेगा. तो फिर मैंने उनसे कहा कि, मम्मी क्या आपका भी मन कर रहा है क्या?

लेकिन मम्मी ने मुझसे कुछ भी नहीं कहा और बस हल्की सी मुस्कान दे दी थी. और फिर मैं समझ गया था कि, मम्मी की भी हाँ है. और फिर मैंने झट से मम्मी के बब्स को थाम लिया था. और फिर मैं उनको दबाने लग गया था. तो फिर मम्मी ने भी अपना हाथ बढ़ाकर मेरे लंड को अपने हाथ में थाम लिया था. और फिर वह मेरे लंड को धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लग गई थी. और फिर तो क्या था मैंने उनके दोनों बब्स को बारी-बारी से दबाना शुरू कर दिया था. और फिर मैं उनको मुहँ में लेकर चूसने भी लग गया था और उससे मम्मी के मुहँ से आवाज़ निकल रही थी आहहह… उफ्फ्फ… और फिर काफ़ी देर के बाद मम्मी नीचे की तरफ झुकी और उन्होंने मेरा लंड अपने मुहँ में ले लिया था। और फिर वह मेरे लंड को चूसने लग गई थी. दोस्तों उस समय मुझको तो जैसे स्वर्ग का अहसास हो रहा था. एक तो बारिश का सुहाना मौसम और ऊपर से मम्मी के जैसी सेक्सी औरत मेरा लंड चूस रही थी. और फिर काफ़ी देर के बाद मैंने मम्मी को खड़ा किया और फिर मैंने उनकी चूत पर हाथ फेरा और फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उनकी चूत में डाली और कहा कि, मम्मी आपकी चूत तो अभी भी बहुत टाइट है, क्या पापा आपको चोदते नहीं है क्या? तो फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि, नहीं बेटा वह तो महीने दो महीने में एक बार चोदते है और वह भी कुछ देर के लिए।

तो फिर मैंने उनसे कहा कि, मम्मी आप चिन्ता मत करो अब मैं हूँ ना मुझको आप अपना दूसरा पति ही समझो और जब भी जी करे आ जाना मेरा लंड तुम्हारे लिए हमेशा ही खड़ा है. तो फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि, सच बेटा अब देर मत कर और जल्दी से अपनी माँ को अपना बना ले और फिर मैंने मम्मी को घोड़ी बनाया और मैंने अपने लंड पर थोड़ा सा थूँक लगाकर मम्मी की चूत पर लगाया और फिर मैंने एक जोरदार धक्का मारा और मैंने मेरा आधा लंड मम्मी की चूत में उतार दिया था. और फिर मेरे लंड के अन्दर जाते ही मेरी मम्मी जो चिल्लाई तो उनकी आँखों में आँसूं आ गये थे। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

तो फिर मैंने उनसे कहा कि, मम्मी आपको ज्यादा दर्द हो रहा हो तो मैं अपना लंड बाहर निकाल लूँ? तो फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि, नहीं बेटा यह तो ख़ुशी के आँसूं है, और इस दर्द के लिए तो मैं ना जाने कब से तरस रही थी. अब बस तू मुझे चोद और ज़ोर-जोर से चोद और फाड़ दे अपनी माँ की चूत को. और फिर तो क्या था मैंने पीछे से उनकी चूत में धक्के लगाने शुरू किए तो पहले तो मम्मी को काफ़ी दर्द हो रहा था पर बाद में उनका दर्द जाता रहा. और फिर तो वह भी अपनी कमर को उठा-उठाकर मेरा पूरा-पूरा साथ देने लग गई थी. और फिर उस पूरे कमरे में हमारी चुदाई की आवाजें गूँज रही थी, और फिर करीब 35 मिनट के बाद मुझे लगा कि, अब मैं झड़ने वाला हूँ तो इस बीच मम्मी भी दो बार झड़ चुकी थी और फिर मैंने स्पीड को थोड़ा और तेज़ कर दिया था. और फिर मैंने अपना सारा माल मम्मी की चूत में ही निकाल दिया था. और फिर मम्मी ने मेरे लंड को अपनी चूत से बाहर निकालकर उसे चूसा और कहा कि, बेटा आज तो मज़ा आ गया. तो फिर मैंने भी उनसे कहा कि, मम्मी असली मज़ा तो अब आएगा जब मैं आपकी गांड मारूँगा. तो फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि, बेटा मेरी गांड तो कब से प्यासी है, आखरी बार तेरे मामा ने ही मारी थी पिछले साल जब वह आर्मी से वापस आए थे तो फिर मैं मम्मी के मुहँ से यह सुनकर चौंक गया कि, मम्मी अपने सगे भाई से भी चुदती है. और फिर मैंने मम्मी की गांड भी मारी और उस रात मैंने मम्मी को पूरे 5 बार चोदा था जिनमें से 3 बार तो उनकी चूत मारी और 2 बार उनकी गांड भी मारी थी. और फिर सुबह बारिश रुकने के बाद हम लोग अपने घर पर और फिर उस दिन के बाद तो मैं लगभग रोज़ ही मम्मी को चोदता हूँ।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!