प्यार जिसने जीना सिखाया

हेलो दोस्तों Antarvasna मैं एक 25 साल का नौजवान हूँ. वैसे तो मैं एक प्लेबाय हूँ मगर कभी कभी कुछ ऐसा घाट जाता है की सेक्स एक बिज़्नेस ना रहकर उससे बहुत ही आगे निकल जाता है. कुछ ऐसा ही इन्सिडेंट मैं आपके सात शेयर करने जा रहा हूँ.

एक दिन मुझे एक फ़ोन कॉल आया. कुछ इन-कॉन्फिडेंट सी मगर बहुत ही मधुर आवाज़ आ रही थी जैसे की कही से कानों पर फूल बरस रहे हो. वो लेडी की आवाज़ है ये समज़ते हुए देर नहीं लगी. उन्होंने पूछा “क्या आप मुझसे मिल सकते है” “जी आप को बोल रही है?”मैंने कन्फ्यूज़ होकर कहा

“जी मेरा नाम आरती है और मेरी फ़्रेंड रश्मि ने मुझे आपके बारे में बताया.”

तब मुझे क्लिक हुआ की ये एक नयी कुस्टुमेर है.

“ठीक है आप मुझे होटल…?” मैं होटल का नाम कहने ई वॉल था की उन्होंने बात काटते हुए कहा”नहीं नहीं किसी होटल में नहीं . क्या आप मेरे घर… क्यों की मैं नहीं चाहती की कोई मुझे ….मेरा मतलब है हमेऔर मिलतेऔर हुए…”

“ठीक है ठीक है मैं समझ गया” अब मुझे थोड़ा शक होने लगा था तो मैंने कन्फर्मेशन के लिए पूछा “आरती जी आपको कॉंटॅक्ट कहा से मिला?”

“मैंने अपनी एक ऑफिस मेट से आपके बारे में सुना है उसका नाम है रश्मि पटेल.” प्यार जिसने जीना सिखाया- katrina kaif hot

तब मैं मेरे जान में जान आ गई. “तो आप बताइए मैं आपको कहा मिलू” ” मेरे घर ” उन्होंने कुछ कतराते हुए कहा. उनके इस बिहेवियर से मैंने अंदाज़ा लगाया की शायद ये इनकी पहली बार है. क्योंकि मेरे ज्यादातर कस्टमर बहुत ही चालू और बेशरम किस्म की औरतें होती है जिन्हें सेक्स के बारे में बोलने में ज़रा भी हिचकिचाहट नहीं होती. मैंने उन्हें अपने रेट के बारे में बताया. फिर उनसे अड्रेस लिया और उन्होंने मुझे मिलने का समय श्याम 10 बजे का दिया. और फोन कट हुआ.

अगले दिन मैं उनके घर गया. अड्रेस ढूंढ़ने में थोड़ी दिक्कत हुई वो जगह एक गुएसी हाउस की तरह थी. मैंने मैं दरवाजा से फोन करके उनके आने की सूचना दी उन्होंने कहा की दरवाजा खोल के अंदर आ जाओ. मैं अंदर गया और मैंने बेल बजाई जैसे ही दरवाजा खुला सामने आरती को देखकर मैं दंग रही गौआ जितनी खूबसूरत उसकी आवाज़ थी वो उनके सुंदरता से मेल खाती थी. गेहुआ रंग, मीडियम लेकिन फर्म बूब्स, भूरी आंखें, काले घुग्रले बाल.कुछ फॅटी कमर.एक सिल्की नाइट गऊन्न जो उसकी कमर से कुछ ज्यादा ही चिपका हुआ था.

उन्होंने मुझे वाले कम किया और अंदर बुलाया. फिर उन्होंने ने पूछा कुछ लोगे. मैंने ना में सर हिलाया क्योंकि अभीतक मैं उनको ही देख रहा था. जब उन्होंने ये नोटिस किया तो वो थोड़ा शर्मा गई.वैसे मेरे प्रोफेशन में मैं किसी के पर्सनल लाइफ में नहीं झकता लेकिन इस क्यूट औरत को देख के मैंने पूछा “घर बड़ा ही सुना सा लग रहा है क्या आप अकेली रहती है” ” नहीं मेरे दो बच्चे है एक लड़का एक लड़की. दोनों अपने नाना के घर गये है चुट्टिया मानने.”उन्होंने ज़मीन की तरफ देखकर जवाब दिया.

फिर तोड़ी देर हम चुप रहे. मैंने बात छेड़ते हुए कहा ” क्या आपकीऔर ये पहली बार है?” उन्होंने कहा “मेरे पति एक सरकारी नौकर थे हमेशा टूर पे जा करते थे नुजसे और बच्चों से इतना प्यार करते थे की हमें उनके ब्गायर रहना नामुमकिन सा लगने लगा था. लेकिन आख़िर वाइ हुआ जिसके बारे मैं मैंने कभी नहीं सोचा था एक बस आक्सिदन्त ने हमारी लाइफ ही…”और वो मुंह पे हाथ रखकर रोने लगी.

मैं उनके पास गया और उन्हें अपने पास बिठाया वैसे तो मैं कई औरतों को कॉड चुका हूँ लेकिन उनका वो सॉफ्ट टच मेरे नसो में दौड़ने लगा.मैंने उनका हाथ हटाकर अपनी हाथों में लिया और पूछा ” इस वकीये को कितने दिन हुए” “करीब दस साल हुए है मगर आज भी लगता है वो मेरे आस पास है. उनके जाने के बाद मुझे उनकी ऑफिस में नौकरी मिल गयी और मैं यहां इस कॉटेज में रहने चली आई.सोचा उस माहौल से दूर रहूंगी तो शायद उन्हें भूल जाऊंगी लेकिन यहां पर तो हमेशा उन्हें मिस करती हूँ” उनके से जैसे लाल लाल गालों के ऊपर से आँसू इस कदर बह रहे थे की उससे उनका सुंदर चेहरा और सुंदर लग रहा था.मैंने उन्हें हल्का सा अपनी बांहों में लिया और उनकी पीठ सहलाने लगा. उनकी कोमल ओमल पीठ पर मेरे तगड़े हाथ रगड़े जा रहे थे. जिससे वो सिहर रही थी. कुछ झीजक कर उन्होंने अपना सर मेरे सीने पर रख दिया और कहा “उनकी याद मुझे जीने नहीं दे रही है. और जब रात होती है तो वो और भी याद आते है ” फिर अपना सर ऊंचा करके उन्होंने मेरी आंखों में देखा और कहा “क्या तुम मुझे उन्हें भूल ने में मदद करोए” उनका इनोसेंट चेहरा देखकर मैंने हां में सर हिलाया और अपनी हाथों से उनका चाँद सा चेहरा ऊपर उठाया

वो अब कुछ कुछ उत्तेजित हो रही थी. मेरी गरम सांसें उनकी रेशमी गालोपर हल्के हल्के छेद रही थी उन्हें अपनी आंखें बंद कर ली थी. मैं उनके उस रूप को देखकर उनकी गालों को सहला रहा था. उनकी सांसें तेज हो रही थी. मैंने जैसे ही उनको कोमल होठों को अपने उंगलियों से सहलाया वो कुछ सिहर गयी. मेरी उंगलियां हल्के हल्के उनके गर्दन को सहला कर उनकी उत्तेजना बढ़ा रही थी. 10 सालों से भूखी उस जवानी को अब कुछ उधान मिल रहा था. मेरी उंगलियां धीरे से उनकी गर्दन से गले पर रेंग रहे थी और रेंगते रेनटे मैंने अपने हाथ उनकी गाउन की लेंस पे रख दिए और उस नाट को खींचने लगा.

उनकी सांसें और तेज हो गयी उन्होंने झट से मेरे हाथ थाम लिए और कहा” प्लीज़ लाइट ऑफ करदो मुझे बड़ी शर्म आ रही है मैं अपने पति के बाद पहली बार किसी पराए मर्द की बांहों में जा रही हूँ” मैंने ना चाहते भी लाइट ऑफ कर दी क्यों की मैं सच में आरती के नंगे बदन को देखना चाहता था. वो अभिभि थोड़ा हिचकिचा राई थी लेकिन औरतों को एक्साईटेड कैसे करना है ये मैं अच्छी तरह जनता था मैंने हल्के से उन्हें बांहों में लिया और अपनी तरफ खिच कर थोड़ा अपने सीने पर दबाया “सस्स्स्स्स्सस्स….” आरती के मुंह से सिसकारी निकली मैंने उसकी कोन में कहा “मैं आपको नंगा देखना चाहता हूँ प्लीज़ लाइट चालू करो” “नहीं प्ल्स वैसा मत करो मैं तुमसे एक पूरी सहयोग से चुदना चाहती हूँ लाइट में ये मुझसे नहीं होगा ”

“ठीक है क्या हम ऐसा कुछ करे जिससे हम दोनों की क्वाहिश पूरी हो?” उन्होंने हां में सर हिलाया.मैंने हल्के से उसकी पीठ सहलाई और उसकी पीठ पर अपने नाकुन गड़ कर डाइम डाइम खरोचने लगा मैं अन पूरी उत्तेजना देना चाहता था.मैं जैसे खरोचते हुए उनकी नितंबों तक पहुंचा मैंने एकदम से उस रसीली गांड को दबोचा.वो ज़ोर से मुझसे लिपट गयी उसकी गरम सांसें मेरी सासो से मिलने लगी मैंने उसका चेहरा उठा कर अपने होंठ उसकी नाज़ुक होठों पर रख दिए

“उम्म्म्मम….” उसकी इस मस्ती भारी आवाज़ के साथ हम एक दूसरे के होंठ चूसने लगे.मैंने फिर उसके नितंबोको गोलाकार खरोचने लगा वो सिसक सिसक कर मुझसे लिप्त ने लगी और ज़ोर ज़ोर से मेरे होथॉपरऔर जीभ से चाटने लगी.मैंने अपने होठों को अलग करके उसकी गर्दन पकड़ ली उसकी ज़ुल्फो की खुसबुसे मैं पागल हो गया. मैंने उसकी ज़ुल्फो में उंगलियां गड़ करऔर उसकी गर्दन पे जीभ लबलबाइ. वो उस स्पर्श को से ना सकी और उसने अपनी पूरी गर्दन मेरे हवाले कर दी मैंने उसकी पहली कमज़ोरी भाप ली और ज़ोर ज़ोर से उसे चूमने लगा.

फिर कुछ देर बाद नीचे सरकार उसकी गाउन का टॉप लेंस खोला. हल्के से उसे सोफे पे लिटाया. उसका पूरा गाउन निकलकर उसकी पूरी भारी जवानी पे हाथ फेरने लगा. अभी भी वो थोड़ा शर्मा रही थी. मैंने उसकी कोन में कहा की अब हम कही और चाहते है जहां मैं तुम्हारी पूरी जवानी लुतूँगा और तुम मेरी मर्दानगी को फील करोगी. उसने कुछ नहीं कहा मैंने उसे अपनी बाओ में उठाया और टररए पे ले गायौूपर चाँद की धीमी रोशनी में उसका गदराया बदन महक रहा था कमाल का कुदरत का करिश्मा थी वो. मैंने चादर लिटा कर उसपर बैठ गया और आरती को अपनी बाओ मेखींचकरऔर स्मूचऔर किया. फिर किस करते करते अपने हाथ उसकी पेट पर सहलाने लगा. हेल से एक उंगली उसकी नाभी में डाल के गोल घूमने लगा, वो बेकाबू होकर मचलने लगी.

उसकी धड़कने इस कदर तरफ गायिकी वो ज़ोर ज़ोर से सिसकने लगी. फिर मैंने उसे पीठ के बाल लिटाया और पैरों की तरफ आ गया मैं उसे और तड़पाना चाहता था क्यों की मैं जनता था की औरतों को जितना तड़पा वो उतना ही खुल जाती है. मैंने उसका राइट पैर उठाया और उसके अंगूठे को लीक करने लगा. आरती को बड़ी तड़प वन लगी वो अपने होठों को काटने लगी, मैंने उसकी पैरों को सहलाते हुए अपने पूरे कपड़े उतरे और अपना ताना हुआ लंड उसकी हटो में दे दिया. वो एकदम सिहर गयी.मैंने फिर से उसका राइट पैर उठा कर उसके अंगूठे को कुसने लगा और निचले हिस्से को हल्के से काटने लगा. आरती अब चाहते हुए भी अपनी सिसकियां दबा ना पाई और सिसक ते हुए लेफ्ट पैर से ज़मीन को रगड़ ने लगी, उसका हाथ मेरए लंड को ज़ोर से जकड़ ने लगा.

मैंने यही मौका देखकर उसकी ब्रा में हाथ डालकर उसे खींचा. द तीन बार उसकी उभारो को उठा उठा कर ब्रा फॅट गया. उसकी छाती के फूले हुए दो चढ़ एकदम से उछलकर बाहर आ गये. “आहह…..” वो चिल्लाई . और अपनी हटो से अपने मोममे ढकने लगी इस बात का फायदा उठाकर मैंने झतसे उसकी चुत को पैंटी के ऊपर से ई दबोच दिया.”उूुुुुउउइईईईईईई” वो फिर चिल्लाए और अपनी गांड उठाकर मेरा सात देने लगी. मैंने दिरेसे उसकी पैंटी खींची और अलग कर दी. अब हम दोनों पूरे नंगे हो गये. मैंने तेजी सेऔर अपने हाथ उसके पैरों सरकते हुए उसकी गांड के नाइस डाल दिए और ज़ोर से कुल्हो को मसलने लगा. उसने अपने हाथ खोल दिए. मैंने अपने आप को उसकी बांहों में झोक दिया और उसके चेहरे पा बिखरे बालों को सावरकर उसका चेहरा निहारने लगा चाँद की रोशनी में चमकता उसका नंगा बदन और प्यार बरसाती उसकी आंखें मुझे बड़ी मासूम लगी मैंने उसके माथे को चूमा. उसकी आंखें कुछ नाम हो गयी थी बारो पुरानी प्यास आज ज़ोर पकड़ रही थी.मैंने आरती के चेहरे को उठाया और होठों को चूमते हुए जबान मुंह में डाल दी. फिर अपना दया हाथ उसके पैरों से ऊपर सरकते हुए नाभी को और उन दो उरजो पर फेरने लगा. मैं जनता था की मेरे इस हरकत के लिए वो कब से इंतजार कर रही थी. फिर धीरे धीरे चूमते हुए मैं गर्दन से उतारकर उसके भारी स्तानो को उठाया और तेजी से चूमने लगा. प्यार जिसने जीना सिखाया- katrina kaif hot

वो “सस्स्स्सस्स…. आह…” जैसे सिसक कर मुझे अपने मुममे पर दबाने लगी.मैंने धीरे से अपना हाथ नीचे सरककर चुत पे रख दिया वो एकदम से उछल पड़ी मेरे तड़पने के कारण चुत कमाल की भीग गयी थी.मैं धीरे से उसके चुत के मोटी को दबाने लगा.उसकी आवाज़ भारी हो गयी थी पूरा बदन सिकुड़ने लगा था. मैंने ज़ोर से मुम्मो को चूसते हुए उसकी चुत को मसला वो एकदम से उछाल कर मुझसे लिपट गयी मैंने उसे जांबूज़कर अलग किया और उसकी चुत के मोटी को छेद ते हुए हाथ हटा दिया

“ऊऊहह सस्स्स्सस्स उूुुुुुुुउउइईईईईईईय्ाआआआअम्म्म्ममम” उसकी चुत से पानी के फव्वारे पर फव्वारे निकल रहे थे सारा कमसिन बदन तर-तारा रहा था. आरती ने अपना कंट्रोल खो दिया था.वो कंप्लीट्ली आउट ऑफ वर्ल्ड थी. उसने बरसों की तपस्या आज तोड़ दी थी. उसे इसी स्टेप तक लाने के लिए मैं तड़पा रहा था. उसका शरीर अभिभि उछाल रहा था. उसकी हालत देखकर मेरे झाँसे पत्थर दिल इंसान की आंखें भी कुछ नाम हो गयी. मैंने उसका सारा बदन प्यार से अपनी बांहों में समेट लिया.

उसकी सांसें अभी कुछ धीमी हो रही थी.मैं धीरे धीरे उसके उभर सहला रहा था.हम कुछ देर ऐसे ही लिपटे रहे. फिर आरती ने चुपके से मेरे गालों को चूमा. और कहा “आज लगता है जैसे मैं सुख की चरम सीमा पर हूँ तुमने मेरा दिल जीत लिया है मेरे राजा. अब जल्दी से मेरी कुएं को पानी से भर दो. मुझे अपनी बना लो.” मैंने उठकर उसकी टांगों को फैलाया और उसकी फुद्दी को चूमा हेक चाटने लगा वो गर्दन घूमकर अपने बूब्स मसलने लगी. फिर मैंने अपने लंड को आरती की चुत पर रखा और उसकी टांगों को अपनी कंधे पर रखा. फिर लंड को चुत पर रगड़ने लगा. वो आंखें बंद करके मेरी हरकत महसूस करने लगी जैसे ही उसने आंखें बंद की मैंने अपने हारतियार से उसकी चुत में जोरदार झटका मारा. मेरे इस अचानक किए वॉर से उसकी आंखें चौड़ी हो गयी वो तड़प कर चिल्ला उठी “आऐईयईईईईिधिईीईईइईरीएसएमएरीईरज्ाअप्लस्सस्स्स्स्सस्स ”

उसकी चुटकी काली एकदम से खिल गये मैं उस दाने को मसल मसल कर धक्के लगाने लगा. वो गांड उठा उठा कर मुझे गहराई देने लगी. उसकी फुद्दी बहुत टाइट थी लंड धीरे धीरे अपनी जगा बना रहा था. जैसे ही मेरा लंड उसके सर्विक्स के एंट्रेन्स को छूने लगी वो उनकोट्रोल हो कर चिल्लाने लगी. पूरी रात उसकी सिसकारियों से गूँज उठी थी. उसका महलता हुआ खूबसूरत बदन और मेरे धक्को पर तेजी से हिलते हुए मोममे देखकर मुझसे रहा नहीं गया मैं उसके पूरे बदन को फील करना चाहता था ईसीए मैंने उसकी टांगों को साइड में किया और उसके हाथों को खिचकर अपनी गोद में उठा लिया.आरती पूरे जोश में थी वो बेतहाशा मुझे चूमने लगी. मैंने उसे गोद में उठाया और खड़े होकर उसे कमर पर चड़ाया उसने कसके मेरी गर्दन पकड़ रखी थी. मैंने एक हाथ उसकी नरम नरम गांड के नीचे डाल कर उसकी अनस को रगड़ने लगा और धक्को की बढ़ता बढ़ा दी हम दोनों एक दूसरे के प्यास बुझाने में लग गये. अब उसका पूरा बदन मेरे बदँसे घिस ने लगा. उसके मुम्मो की घुंडिया कड़क हो चुकी थी और मेरे छाती से रगड़ रही थी

वो बड़बड़ा रही थी “और ज़ोर से चोदा मुझे बिना परवाह किए चोदा मेरे राजा आज मेरी बरसों की प्यास बुझा दे उजहे पूरी तरह अपना बना ले. आआअहह हाआआआआआईयईईईईईईईईईई”

और फिर हम दोनों के बदन सिकुड़ने लगे मैंने इतनी औरतों को चोदा है पर इस बार मैं कुछ अलग दुनिया में पहुंच गया था जन्नात्से भी आगे उसने मुझे कसके पकड़ लिया. और उसकी चुत ने मेरे लंड को दबोचकर अपना गढ़ा पानी छोड़ लगी. मैंने भी अपना पानी उसमें मिला के झड़ने लगा. पूरी चुत पानी से भरकर बहने लगी. फिर हम शांत हो गये. कब नींद आई पता ही नहीं चला.कुछ आधा घंटे बाद मेरी आंख खुली. आरती सिकुड़कर मुझसे लिपटी हुई सो रही थी. बड़ी मासूम लग रही थी. मैंने कई बार उसकी होठों को गालों को चूमा. उसकी भी आँख खुली वो मंद मंद मुस्का रही थी. वो मुझे प्यार भारी नज़र से देख रही थी. उसने कहा “आज तुमने मुझे पूरी तरह से खोल दिया और वो सुख दिया ओ शायद मेरे लिए अनमोल है मैं तुम्हें इसकी क्या कीमत दम? ” ” बस मैं आपको एक बार फिर से खोलना चाहता हूँ” वो मुस्कुराकर उठी और मेरे टन रहे लंड को चूमकर मेरे होठों को चूमने लगी. मैंने प्यासे उसे अपनी गोद में उठाया और उसकी बेडरूम में चला गया……
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