सोनिया को लंड का दंड मिला ससुर का

हैल्लो दोस्तों मै बहुत दिनो से ये सोच रही थी कि मै अपनी antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex सेक्स लाइफ के बारे मैं कुछ लिखूं और आप सभी को कुछ बताऊँ, लेकिन मुझे ऐसा मौका ही नहीं मिल रहा था। तो आज मै आप सभी लोगो को मेरी ये कहानी बताने जा रही हूँ। दोस्तों ये मेरी पहली कहानी है, अगर इस में कोई ग़लती हो तो आप मुझे माफ़ कर दीजियेगा।
दोस्तों मेरा नाम सोनिया है, मुझे प्यार से लोग सोनी भी कहते है। मैं अपनी तारीफ खुद क्या करूं, मेरा फिगर 32-28-34 है। मुझे देखकर सभी लड़के आहे भरते है। मैं एक शादीशुदा औरत हूँ, शादी के बाद मेरी सेक्स लाइफ बहुत अच्छी चल रही थी। मेरे पति रोज जब कभी भी समय मिलता सुबह हो या शाम मेरे साथ सेक्स करते थे। उन्होंने अपना लंड मुझे बहुत दिया और मेरी प्यास बुझाई थी।
तभी एक बार उन्हे ऑफीस के काम से एक महीने के लिये बहर जाना पड़ा था। उस समय घर पर मैं और मेरे ससुर अकले हो गये थे। मेरी सास की कुछ समय पहले डेथ हो चुकी थी और अब मेरे पति के जाने के बाद मेरी सेक्स कि प्यास अधूरी रह गई थी। तभी एक रात मैं अकेली बैठी टीवी पर ब्लू फिल्म देख रही थी और मैने कुछ नहीं पहना हुआ था कि तभी अचानक मेरी नज़र मेरे कमरे की खिड़की पर गई तभी मैने देखा वहाँ पर से कोई मेरे कमरे मैं देखने की कोशिश कर रहा था। मैने अचानक से टीवी बंद कर दी और अब कमरे मैं अंधेरा छा गया था।
उस पूरी रात मैं सो नहीं पाई थी, मुझे बहुत डर लगा और यही सोचती रही कि कहीं मेरे ससुर जी ने मुझे ब्लू फिल्म देखते हुआ देख लिया हो। अब दूसरे दिन सुबह मुझे ससुर जी के सामने भी जाना था और मुझे डर भी लग रहा था। अब मुझे ससुर जी ने आवाज़ दी बहू चाय लाना, मैं डरते हुए उनके सामने गई थी और उन्हे मैने चाय दी तभी अचानक से मेरी साड़ी का पल्लू थोड़ा नीचे सरक गया और ससुर जी कि नज़रे मेरे बूब्स पर चली गई थी। तभी वो मुझसे बोल पड़े बहू ज़रा संभाल कर काम किया करो और मुझे स्माइल दी, अब मेरी नज़र उनके लंड की तरफ गई वो उनका लंड मुझे देखकर खड़ा हो गया था।
अब मैं वहाँ से चली आई और अब में सारा दिन ससुर जी के बारे मे सोचती रही। मैने बहुत दिनो से सेक्स नहीं किया था, तभी मैने अपने ससुर जी के साथ सेक्स करने का प्रोग्राम बनाया था और अब मैं सोचने लगी कि ससुर जी को कैसे तैयार किया जाए सेक्स करने के लिये। अब मेरे दिमाग़ मैं एक आइडिया आया था। अब मैने ससुर जी को किचन मे बुलाया और कहा कि मुझे ऊपर अलमारी से सामान निकालना है, तो आप यहाँ पर आकर ज़रा स्टूल पकड़ ले और वो आ गये थे और मैं अलमारी से सामान निकालने लगी थी। अब मेरी कमर मेरे ससुर जी को साफ साफ दिख रही थी, तभी मैने अचानक से गिरने का नाटक किया और मैं ससुर जी के ऊपर गिर गई थी।
उस समय मेरे बूब्स उनके मुहं में समा गये थे। अब मैंने उठने का नाटक किया और फिर उनके ऊपर गिर गई थी। ससुर जी ने मुझे उठाया, में कमर और पैरो मे चोट लगने का बहाना करने लगी थी, अब मुझे ससुर जी ने सहारा देकर मेरे बेडरूम तक पहुँचाया था, तभी मैने ससुर जी से दवाई लगाने को कहा और वो मान गये थे। अब मैने अपनी साड़ी ऊपर की और वो मेरे पैरो मैं दवाई लगाने लगे थे और मैं गरम होने लगी थी। दवाई लगाते लगाते उनका हाथ मेरी जाँघो तक पहुंच गया था। अब उनके हाथ मेरे बूब्स को छुए थे मेरे बूब्स को टच होने पर मुझे कुछ होने लगा था।
तभी ससुर जी ने पूछा तुम्हे कैसा लग रहा है बहू, मैने भी कह दिया अब मुझे ठीक लग रहा है, तो उन्होने कहा क्यो मज़ा नहीं आ रहा है क्या और वो मुस्कराने लगे थे। अब मैने भी उन्हे स्माईल दी फिर ससुर जी एक हाथ से मेरे बूब्स पर फेरने लगे थे। मैने कहा आप ये क्या कर रहे हो, अब ससुर जी कहने लगे कि जो तुम्हे पसंद है बहू और फिर मेरे होंठो पर हाथ फेरने लगे थे और मुझे ज़ोर से किस करने लगे थे। अब मै भी पूरी तरह गरम हो चुकी थी और अब मैं भी उन्हे किस का रेस्पॉन्स देने लगी थी। अब हम दस मिनट तक किस करते रहे, फिर ससुर जी ने मेरे ब्लाउज के ऊपर से ही मेरे बूब्स को चूसने लगे थे, फिर ससुर जी ने मेरी साड़ी और ब्लाउज उतार दिया मैं सिर्फ़ उनके सामने ब्रा और पेंटी मैं थी। अब वो मेरे ऊपर आ कर मेरे बूब्स को चूसने लगे थे। उन्होने मेरी ब्रा एक झटके मैं उतार फेकी थी और मेरे बूब्स को कुत्तो कि तरह चाटने लगे थे और मैंने कहा ससुर जी थोड़ा आराम से कीजिये लेकिन वो नहीं माने और मेरे बूब्स को काटने और चाटने लगे थे। जब वो मेरे बूब्स को चूस रहे थे तभी उन्होने एक हाथ मेरी पेंटी के अंदर डाल दिया और मेरी चूत को रब करने लगे थे 15 मिनट तक वो यही करते रहे। अब मैं बहुत गरम हो गई थी और तभी उन्होने अपना लंड मेरे मुहं मैं डाल दिया था। लेकिन उनका लंड बहुत छोटा था 10 मिनट लंड को चूसने के बाद उन्होने कहा बहू मज़ा तो आ रहा है ना, अब मैने उन्हे प्यारी सी एक स्माइल दी और वो भी हंसने लगे थे।
अब ससुर जी ने मेरी चूत मैं अपना लंड रखा और एक ही झटके मैं चूत के अंदर डाल दिया था और मैं चीख पड़ी थी। अब उन्होंने एक और ज़ोर का झटका मारा और उनका पूरा लंड चूत के अंदर चला गया था। अब मैं बहुत जोर से चीख पड़ी थी। दो मिनट बाद जब मैं शांत हुई तब ससुर जी ने अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था और अब मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा था। अब मैं भी उनका साथ देने लगी थी। बीस मिनट तक वो मुझे चोदते रहे बीस मिनट के बाद उनका लंड झड़ गया था और ससुर जी ने अपना पूरा वीर्य मेरी चूत मैं ही छोड़ दिया था और मेरे ऊपर ही गिर गये थे। करीब 15 मिनट बाद ससुर जी ने एक बार मुझे फिर चोद दिया था।
अब मैं उठ कर बाथरूम मे गई और वहाँ पर मै अपने को साफ करने लगी और बाहर आकर अपने कपड़े पहनने लगी थी। तभी ससुर जी ने मेरी ब्रा और पेंटी मुझसे छीन ली, तो मैने कहा कि ससुर जी मुझे मेरे कपड़े दे दीजिये अब मुझे खाना बनाना है तो वो कहने लगे कि तुम आज खाना बिना कपड़ो के भी बना सकती हो बहू और हंसने लगे थे। उस दिन मैं पूरे दिन उनके सामने नंगी रही और वो सारा दिन मेरे साथ खेलते रहे। उन्होंने मुझे पूरे दिन मे कई बार चोदा था और मै भी पूरे मजे से चुदवा रही थी। उन्होने रात के समय मे चोद कर मेरी हालत बहुत खराब की और कभी वो लंड को चूत मे डालते कभी गांड में और कभी मेरे मुहं में लेकिन इस चुदाई से आज उन्होंने मेरी पूरी प्यास बुझाई थी और मुझे पूरा मजा दिया था। अब जब कभी मेरे पति बाहर या ऑफीस जाते है तो मैं अपने ससुर जी की सेवा करती हूँ और वो मुझे अपना लंड देते है ।