में तो मनमौजी हूँ जी

दोस्तों अगर मुझसे इसमें कुछ ग़लती Antarvasna Kamukta Indian Sex Hindi Sex Stories Chudai हो गई हो तो प्लीज मुझे माफ कर देना. दोस्तों मेरी उम्र 20 साल है और में दिखने में एकदम सेक्सी लड़की हूँ. मेरे बूब्स और गांड मुझे देखने वालों के लंड को खड़ा कर देते है. मेरी पतली कमर, बड़ी सी गांड, गोल गोल आकार के बूब्स मेरे टाईट कपड़ो से हमेशा बाहर की तरफ दिखते है. मेरे फिगर का साईज 34-26-36 है और देखा जाए तो दोस्तों वैसे मेरे बूब्स कुछ ज़्यादा ही बड़े है और सुंदर भी है जिसे कोई भी मर्द देखते ही दबा देगा और मेरा बॉयफ्रेंड भी उन्हे बहुत दबाता है, लेकिन फिर भी मेरी भूख मिटती ही नहीं है. तो बस में आते जाते कोई भी दबा देता है और में मज़े ले लेती हूँ, लेकिन इस बार बात कुछ अलग थी.

एक बार में अपने मामा के घर से बस में बैठकर अपने घर पर वापस आ रही थी और मेरा पूरा सफर रात का था तो मामा जी मुझे बस स्टॉप पर छोड़ने आए थे और बस में चड़ते ही मुझे एक खिड़की वाली सीट मिल गई और में वहां पर बैठ गई. वहां एक कम उम्र का आदमी मेरी पास वाली सीट पर बैठा हुआ था, वो दिखने में एकदम सीधा-साधा लग रहा था और फिर बस रात के करीब 8 बजे वहां से रवाना हुई. मैंने उस समय एक काली कलर की शर्ट और गुलाबी कलर की स्कर्ट पहनी हुई थी जिसमे से मेरी काली कलर की ब्रा साफ नज़र आ रही थी और मैंने पेंटी हरे कलर की पहनी हुई थी.

दोस्तों वैसे तो में अभी तक वर्जिन ही थी, लेकिन में बहुत फिंगरिंग करती थी और कभी कभी मेरा बॉयफ्रेंड भी करता था. तो बस में बैठते ही मुझे वो दिन याद आ गया जब मेरा एक गणित का टीचर मुझे अलग से क्लास देने के बहाने मेरे बूब्स को दबाता था और अब उस बात को सोचकर मेरा थोड़ा उंगली करने का मन कर रहा था, लेकिन में अभी बस में हूँ यह बात सोचकर मैंने अपनी भूख को दबा लिया, लेकिन मुझे मेरी गीली पेंटी मुझे वो अहसास दे रही थी. तो में कुछ देर के बाद मामी के दिए हुए पराठे, सब्जी खाकर सोने चली. इतने में मेरे पास वाले अंकल ने मुझसे कहा कि बेटा प्लीज थोड़ा खिड़की को बंद करना. मैंने कहा कि हाँ जी अंकल और मेरे बहुत कोशिश करने के बाद भी जब खिड़की बंद नहीं हो रही थी. तो मैंने उन अंकल से फिर से कहा कि अंकल आप ही कोशिश करो ना, यह मुझसे बंद नहीं हो रही है.

तो यह बात सुनकर वो मेरी तरफ झुककर खिड़की को बंद करने लगे और अब उनकी कोहनी ठीक मेरे बूब्स के ऊपर थी और वो जैसे जैसे कोशिश करते मेरे बूब्स दबते जाते, मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे वो ऐसा अपनी मर्जी से नहीं कर रहे थे और मैंने उनसे कुछ नहीं कहा. फिर हम सो गये और कुछ देर के बाद अचानक से मुझे मेरी छाती पर कुछ भारी सा वजन महसूस हुआ जिसकी वजह से में बहुत डर गई और मेरी नींद खुल गई.

जब मैंने अपनी आंख खोलकर देखा तो वो अंकल का एक हाथ था जो मेरी छाती के ऊपर रखा हुआ था और कुछ देर के बाद वो हाथ मेरे बूब्स को कपड़ो के ऊपर से धीरे धीरे सहलाने और दबाने लगा, लेकिन मैंने ऐसा नाटक किया कि जैसे में बहुत गहरी नींद में हूँ. मैंने उनका किसी भी तरह का विरोध नहीं किया बस में तो चुपचाप मज़े लेने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मुझे बहुत अच्छा लगने लगा, क्योंकि वो मेरे बूब्स को बहुत अच्छी तरह धीरे धीरे दबा रहे थे और मेरे बूब्स की मसाज कर रहे थे.

फिर कुछ देर के बाद मैंने महसूस किया कि उनका दबाव अब धीरे धीरे मेरे बूब्स पर बढ़ने लगा था, वो अपनी स्पीड को बढ़ाने लगे और में तो उस रात के लिए उसी की हो गयी थी और क्यों ना होऊँ, पिछले 15 दिन से में अपने बॉयफ्रेंड से दूर जो थी और इतने में मैंने मोन करना शुरू कर दिया था और वो जितना ज़ोर से दबाए में उतना ही ज़ोर से मोन करने लगी और वो और ज़ोर से दबाने लगा. फिर इतने में तो वो समझ गया था कि में जागी हुई थी तो उसने धीमी आवाज़ में मुझसे कहा कि आवाज़ मत कर कुतिया वरना तेरे यह बूब्स काटकर रख दूँगा और लोग जाग जाएँगे तो सभी लोग तुझे एक रंडी मानेंगे.

उसके मुहं से यह बात सुनकर मुझे बहुत डर लगने लगा और में बहुत धीमी आवाज़ में मोन करने लगी. दोस्तों मज़ा तो मुझे भी बहुत आ रहा था और फिर कुछ देर के बाद उसने आगे की तरफ बड़ते हुए मेरी शर्ट का पहला बटन खोला और काली कलर की ब्रा में ज़बरदस्ती घुसाए हुए मेरे बूब्स को देखते ही वो एकदम पागल जैसे हो गया और वो ज़ोर से दबाने लगा और बूब्स को चूसने लगा और बूब्स को ऊपर नीचे हिलाने लगा और अब मुझे दर्द होने लगा था. आज तक किसी ने भी इतना ज़ोर से मेरे बोबे को नहीं दबाया था और दर्द के कारण मेरी आंख से आंसू आने लगे, लेकिन में कुछ भी करने लायक हिम्मत में नहीं थी.

तो इतने मे उसने मेरी शर्ट के सारे बटन खोल दिए थे और अब पीठ के पीछे से हाथ डालकर ब्रा के भी हुक खोल दिए और अब मेरे शरीर का उपरी हिस्सा पूरा नंगा हो चुका था और में एक अजीब तरह का महसूस कर रही थी और उस समय बस में सारे लोग सो रहे थे, सिवाए हम दोनों और ड्राइवर के. दोस्तों आज तक में सिर्फ़ अपने बॉयफ्रेंड के सामने ही नंगी हुई हूँ और सिर्फ़ उसी ने ही मेरे बूब्स को देखा है और मेरे निप्पल को चूसा है और आज मुझे एक अंजाने आदमी के सामने आधा नंगा होकर शरम आ रही थी.

में पहले अपने आपको छुपाने की नाकाम कोशिश करती रही, लेकिन मेरी हर एक कोशिश बेकार रही. तो वो मेरे बूब्स के साथ फिर से खेलने लगा और इस बार उसने एक हाथ से मेरे बूब्स को दबाया तो दूसरे हाथ से मेरी पेंटी को सरकाकर कमर से नीचे घुटनों तक ला दिया और मेरी चूत के मुहं पर हाथ घुमाने लगा और मेरी चूत को खोलने की कोशिश करने लगा.

उसके ऐसा करने से मेरे पूरे शरीर में जोश से भरे झटके लगने लगे और में धीरे धीरे पूरी तरह से गरम होने लगी और फिर उसने अपनी एक उंगली को धीरे से चूत के अंदर किया और मुझे चोदने लगा. फिर मुझे फिर से पूरा मज़ा आ रहा था और वो अब मुझे धीरे धीरे अपनी तीन उँगलियों से चोदने लगा और में तो मज़े से बिल्कुल पागल होने वाली थी कि इतने में उसने मेरा एक बूब्स अपने मुहं में ले लिया.

दोस्तों वाह क्या सक किया उसने? मेरा बॉयफ्रेंड तो कभी भी कर ही नहीं पाएगा. वो मुझे ऐसे सक कर रहा था जैसे मानो दूध पीता हुआ बच्चा कर रहा हो और नीचे तीन उंगलीयों से मेरी चूत को फाड़ रहा था. दोस्तों में तो खुशी के मारे पागल होने लगी और ऐसे करते करते करीब दो घंटे हो गए थे और में बहुत थक गयी थी, लेकिन उसके हाथ तो बिल्कुल भी नहीं थके थे, लेकिन तभी मैंने देखा कि वो मुझे छोड़कर एक मिनट के लिए अपनी ज़िप को लेकर व्यस्त हो गया. तो मेरे समझ में आया कि वो अब अपने लंड को बाहर निकालने जा रहा था और फिर उसके लंड को देखते ही में तो एकदम से डर गई, क्योंकि मेरे बॉयफ्रेंड का लंड तो इसका आधा भी नहीं था.

उसने मेरा मुहं अपने लंड के पास लाकर मुझसे कहा कि डर मत, चोदूंगा नहीं सिर्फ़ तू ऐसे ही मेरे लंड को चूस दे. में उसके कहने के हिसाब से चूसने लगी और कुछ देर बाद उसने मेरे मुहं में ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर अपना पूरा वीर्य निकाल दिया. मुझे बहुत घिन हो रही थी. मैंने वहीं पर थूक दिया और अब उसका बड़ा सा लंड थोड़ा मुरझा गया था और इस बार वो थोड़ा थक भी गया था. कुछ देर आराम लेने के बाद उसने अपना लंड मेरे दोनों बूब्स के बीच में रखकर मेरे बूब्स को चोदने लगा.

दोस्तों यह मेरी सबसे अच्छी पोज़िशन है क्योंकि में अक्सर यह वाली पोज़िशन अपने बॉयफ्रेंड के साथ करती हूँ तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा और ऐसे ही मेरे बूब्स की चुदाई करते हुए उसने कहा कि तू अभी बच्ची है इसलिए तेरी चूत को लंड से नहीं चोदा, वर्ना आज तेरी चूत का स्वाद मेरा लंड लेकर ही रहता, तेरे जैसा माल मुझे आज तक कभी भी नहीं मिला, तू मेरे साथ रहती तो में तेरे बूब्स को दबा दबाकर एक महीने में दुगना बड़ा कर देता, लेकिन इसके बाद तू अपने रास्ते में अपने रास्ते. तो उसकी बातों से में थोड़ी सी शरमाई और हंसकर बोली कि तूने मुझे आज एक लड़की से औरत बना दिया, में यह अहसान कभी नहीं भूल सकती, यह बोलते ही वो मुझे वैसे ही हालात में छोड़कर अपना लंड पेट के अंदर डालकर बस से उतर गया.

फिर में कुछ देर तक बिल्कुल चुपचाप बैठी रही. मेरे बूब्स पर बहुत दर्द हो रहा था और उस दर्द के मारे मुझे रोना भी आ रहा था और फिर धीरे धीरे मैंने अपनी ब्रा पहनी शर्ट पहनी और अपनी पेंटी को चेंज कर लिया क्योंकि वो वाली पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और सुबह होने से पहले में एकदम ठीक भोली भाली सी लड़की बन गई थी, लेकिन उस दिन की तरह चुदाई की खुशी मुझे आज तक कोई भी नहीं दे सका और में उस सफर को आज भी बहुत याद करती हूँ. में उसे अब तक नहीं भुला सकी हूँ.

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