आहह रे जवानी – 2

अंकित-और Antarvasna बोलो क्या लाओगी.

टिया-ये तो तुम्हें भी पता है की मैं अब क्या लोंगी.

अंकित-अरे मेरा वो मतलब नहीं है,वो तो अब तुम लाओगी ही ,पहले ठंडा या गरम कुछ लाओगी क्या.

टिया-यार तुम फ्रीज़ मैं क्या है वही ले आओ.

अंकित अपने Antarvasna कमरे मैं रखा हुआ फ्रीज़ खोलता हईयोर 2 बियर की कोन निकल लेता है,और खोल कर एक टिया को देता है और एक खुद ले कर वहीं पर औके साथ चिपक कर बैठ जाता है.अब दोनों धीरे-2 बियर सीप करने लगते हैं,अंकित अपना एक हाथ तब टिया की पीठ पर ले जाता है और उसको उसके शरीर पर फिरने लगता है,टिया भी उसके हाथ से मजे ले रही होती है,फिर टिया अपना हाथ अंकित के लंड पर रख देती है.तो अंकित भी अपना हाथ टिया के टॉप मैं घुसने की कोशिश करता है,पर टॉप इतना टाइट था की उसका हाथ टिया के टॉप मैं नहीं घुस पता.

ये देख कर टिया को हँसी आ जाती है,तब अंकित अपना हाथ आगे ला कर उसके मोटे-2 मुममे पर रख देता हईयोर उनको दबाने लगता है.

टिया-यार ऐसे मत करो कपड़े खराब हो जाएँगे,मुझे घर भी तो जाना है.

अंकित- तो फिर तुम ये उतार क्यों नहीं देती.

टिया-मैंने कब रोका है,तुम्हें इसको उतरने से.

अंकित अब टिया के टॉप को ऊपर करकेउसको उतार देता है,टिया ने टॉप के नीचे एक छोटी सी ब्रा पहनी हुई थी,जो उसके मुममे को भी ठीक से नहीं छुपा पा रही थी,वैसे भी वो उन्मन से थी जो अपने शरीर को ढकने से ज्यादा दिखना पसंद करती हैं.

अंकित टिया के ब्रा मैं से कैद मुममे को देख कर और भी उत्तेजित हो गया,फिर उसने टिया की ब्रा को भी उतार फेंका,अब टिया के दोनों गोल-2 और कसे हुए आंटी उसके सामने बिलकुल नंगे टन कर खड़े थे.

अंकित अब उनको मसलने लगा तब टिया के मुंह से भी सिसकियां निकालने लगी,अब टिया ने भी अंकित के लंड को काश कर दबाना शुरू कर दिया था,तब अंकित ने खड़े हो कर अपनी जीन्स और टी-शर्ट उतरा दी,अब वो केवल एक चड्डी पहने था,जिस्मैन से उसका ताना हुआ लूदा उभर कर दिख रहा था.

टिया ने उसके लंड को उसकी फ्रेंसे मैं से आज़ाद कर दिया,और उसको आगे-पीछे करने लगी.अंकित ने तब टिया को उठाया और खड़ा कर दिया फिर उसकी जीन्स भी उसके शरीर से अलग कर दी,अब टिया सिर्फ़ पेंटी मैं थी.

फिर अंकित ने वो भी उतार दी जैसे ही टिया की पैंटी उतरी उसकी नंगी साफा चाट चमकती हुई चुत अंकित के सामने आ गयी,जिनमैन से धीरे-2 पानी टपक रहा था,और जो पेंटी उसने उतरी थी वो भी गीली हो रखी थी.अंकित ने उसको उठाया और चुत वाली जगह पर अपनी जीभ लगा कर उसको चाटने लगा.

टिया-उसको क्यों चाट रहे हो जब जीती जागती पूरी मैं ही तुम्हारे सामने खड़ी हूँ.

ये सुनते ही अंकित ने टिया को उठाया और अपने बिस्तर पर डाल दिया,और फिर उसके पैरों के बिच मैं आ गया,और टिया की टांगों को और छिड़ा कर दिया,अब टिया की गुलाबी चुत की पंखुड़ियाँ बिलकुल खुल गयी,और उसकी भीनी-2 खुशबू अंकित को बुला रही थी की आ कर मुझे का जाऊं.

अंकित वहाँ पर बात गया और फिर झुक कर अपनी जीभ निकली और टिया की नरम और नज़ूक चुत पर रख कर उसको ऊपर से ही चाटना शुरू कर दिया,उसकी चुत पर जो पानी लगा हुआ था वो सारा नमकीन पानी अंकित अपनी जीभ से चाटने लगा.जैसे ही अंकित की जीभ टिया की चुत को टच हुई टिया की चुत ने और बहुत सारा पानी छोड़ दिया था और उसके मुंह से काफी गहरी-2 सिसकियां निकल रही थी,जैसे-2 अंकित उसकी चुत को चाट रहा था,वैसे-2 उसकी सिसकियाँ बढ़ती जा रही थी और कमरा सेक्स की महक से भर रहा था,अब टिया अपनी चुत को अपने दोनों हातून से खोल रही थी और अपनी कमर को ऊपर की तरफ उछाल रही थी.

तब अंकित ने टिया की खुली हुई चुत मैं अपनी जीभ घुसा दी
जैसे ही अंकित की जीभ टिया की चुत के अंदर गयी,टिया तो बिलकुल मदहोश ही हो गयी,और मस्त मैं बोलने लगी.

टिया-कहा जा आज मेरी चुत को,इसका सारा रस पी ले,आज इसको काट डाल अपने दंटून से,चबा ले,आ मजा आ रहा है,तू इसको ऐसे ही हमेशा प्यार करता रहा कर,मुझे बहुत मजा आ रहा है.

टिया के बोलने पर अंकित की सेक्स की आग भी तरफ रही थी और वो नमकीन पानी भी उसको नशा चढ़ा रहा था,तो वो भी उसकी चुत को बहुत ही बुरी तरह से चाट रहा था,और कभी-2 अपने दाँत भू गाड़ा रहा था,जब भी अंकीय अपने दाँत टिया की चुत पर गादता तो टिया अपनी चुत को और ऊपर उछालती थी.

कमरा सेक्स के आवाज़ून से भरा हुआ था,और वहाँ का मौसम बहुत ही रंगीन हो रखा था,अंकित लग रहा था की आज टिया की चुत को कहा ही जाएगा,तभी टिया के अपनी कमर उछलते हुए कहा-ले कहा जा आप इसको अब मेरा पानी निकालने वाला है ,इसको भी पी जा.

और ये कहते-2 ही टिया ने अपनी चुत से ढेर सारा पानी छोड़ दिया,अंकित को ऐसा लगा की वहाँ कोई पानी का सैलाब आ हया है,पर उसने एक बॉन्ड भी पानी को बहने नहीं दिया और वो सारे का सारा पानी अपनी जीभ से चाट कर पी गया,वो टिया की चुत को कुत्ते की तरह से चाहते जा रहा था,पर अब क्योंकि टिया का पानी चोट गया था तो वो थोड़ा शिथिल हो गयी थी.

तब अंकित उसकी चुत से हटा और अपना मुंह जो की उसकी चुत के पानी से बुरी तरह से गीला हो रखा था और जिस्मैन से चुत की महक भी आ रही थी,ले जा कर टिया जो की आँखें बन किए पड़ी थी उसके हूँठों पर रख दिया.

अंकित के होठों ने जैसे ही टिया के होठों को छुआ,उसने अपनी आँखें खोल दी और अपना मुंह साइड मैं कर लिया.

अंकित-क्या हुआ डार्लिंग.

टिया-तुम्हें पता है ना मुझे ये सब नहीं पसंद.

असल मैं क्या था की टिया को अपनी चुत चुसवाना तो अच्छा लगता था पर जब भी अंकित उसकी ही चुत का रस उसको ही कखता था तो उसको बहुत बुरा लगता था,और वो ये पसंद नहीं करती थी,उसने अंकित को कह भी रखा था की तुम कहो तो मेरी चुत चूस सकते हो पर वो जूस मुझे मत पिलाया करो.

अंकित-अरे डार्लिंग तुम क्यों हमेशा ऐसे रएअकटे करती हो,तुम काखो तो सही ये तो अमृत है.

टिया-यार मुझे ये सब गंदा लगता है,और मैं ये सब नहीं कर सकती.

अंकित-डार्लिंग सेक्स मैं तो मजा ही गंदे पान का है,ये जितनी गंदी तरह से किया जाएगा,मजा उतना ही ज्यादा आता है.

टिया-पर मुझे ये अच्छा नहीं लगता तो नहीं लगता.

तब अंकित ने कहा तो इसका मतलब है की अब तुम मेरा लंड भी नहीं चुसोगी.