नशे में चुद गई मैं तो

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम आरती है, मैं इन्दौर की रहने वाली हूँ और मेरे परिवार में मैं और मेरे पापा ही है इसलिए मैं मेरे पापा की बहुत लाड़ली हूँ. मेरी उम्र 21 साल की है और मैं दिखने में भी काफी खूबसूरत और सेक्सी हूँ. मेरा फिगर 32-28-34 का है और मेरे शरीर का रंग गोरा है, मेरी लम्बाई 5.6 फुट की है और मेरा बदन एकदम पतला-दुबला है। दोस्तों मेरे जीवन में भी एकबार एक बहुत ही सेक्सी घटना घटी थी जिसको मैं आज कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी के सामने लेकर आई हूँ।

दोस्तों पिछले साल मेरे एक अंकल की बेटी की शादी थी तो मेरा और मेरे पापा का जाना ज़रूरी था, लेकिन पापा की तबीयत अचानक से खराब हो गई थी तो वहाँ पर मुझको ही जाना पड़ा था. शादी का सारा प्रोग्राम हमारे ही शहर के एक मैरिज हॉल में था और प्रोग्राम उनके घर से ज़्यादा दूरी पर भी नहीं था. तो मैं अपनी स्कूटी लेकर वहाँ पर चली गई थी. दोस्तों मैं बहुत ही शरीफ लड़की थी और मैं किसी भी लड़के की तरफ नज़र उठाकर देखती ही नहीं थी और मुझको क्या पता था कि, उस दिन मेरी शराफ़त की माँ बहन होने वाली थी। मैं सही समय पर शादी में पहुँच गई थी और फिर मैंने अंकल को नमस्ते किया और फिर स्टेज पर जाकर दीदी को गिफ्ट दिया और फिर खाना खाया और फिर मैं अपने घर की तरफ चल दी थी. और फिर तभी मुझको याद आया कि, पापा ने कहा था कि, आने से पहले एकबार अंकल को बोलकर ज़रूर आना. तो फिर मैं वापस अन्दर जाकर उनको ढूँढने लगी थी, मुझको बहुत देर हो गई थी लेकिन अंकल कहीं भी नहीं मिले थे. वहाँ पर सब लड़के मुझको ही घूर रहे थे क्योंकि मैं बहुत ही सेक्सी लग रही थी और मैंने उस समय एक स्कर्ट और एकदम टाईट टॉप पहना हुआ था, और वह भी साइज़ में छोटा था जिनमें से मेरी जाँघें और नाभि और मेरे बब्स की लाइन साफ़ दिखाई दे रहे थे।

और फिर मुझे आंटी दिखी तो मैंने उनसे पूछा कि, अंकल कहाँ है? तो उन्होंने बाहर की तरफ इशारा कर दिया. दोस्तों मैं वहाँ पर बिल्कुल भी नहीं जाना चाहती थी, लेकिन पापा ने बोला था इसलिए जाना भी ज़रूरी था. और फिर मैं वहाँ पर गई और मैंने अंकल को जाने का बोला, अंकल उस समय पूरी तरह नशे में थे. और फिर उन्होंने मुझे नशे में अपने गले से लगाया और फिर उन्होंने एक ग्लास मुझको भी दे दिया था. मैंने उनको बहुत मना किया लेकिन वह नहीं माने और उन्होंने जबरदस्ती ही मुझे भी पिला दी थी. जिससे वहीँ पर मेरा सिर घूमने लग गया था. और फिर मैंने अपनी स्कूटी चालू करी और फिर जैसे ही मैंने उसको चालू करके रेस तेज़ करी तो मैं एकदम से गिर गई थी और बेहोश हो गई थी।

और फिर जब मेरी आँख खुली तो एक लड़का मेरे पास बैठा हुआ था. और फिर मैंने उससे पूछा कि, मैं कहाँ पर हूँ? तो उसने मुझको बताया कि, मैं उसके कमरे में हूँ और उसको मैं पार्टी के बाहर पार्किंग में बेहोश मिली थी. और फिर मैंने उसको थैंक्यू बोला और फिर मैं वहाँ से उठकर जाने लगी, तो उसने मुझे रोका और कहा की रात के 2 बज गए है, अब तुम इस समय कहाँ पर जाओगी, तुम कल सुबह चली जाना. तो फिर मैं भी उसकी बात को मान गई थी. और फिर मैंने पापा को फ़ोन किया और बोल दिया कि, मैं मेरी एक दोस्त के घर पर हूँ कल सुबह तक आ जाऊँगी. तो फिर पापा भी मान गए थे. और फिर वह मुझसे बोला कि, चलो अब सोते है और फिर वह मेरे साथ आकर बेड पर लेट गया था. और फिर मैंने उसको कहा कि, तुम कहीं और सो जाओ प्लीज़. तो फिर उसने मुझको बताया कि, उसके पास एक ही बेड है। तो फिर मैंने उसको कहा कि, ठीक है चलो सो जाओ और फिर हम सो गए. माफ़ करना दोस्तों मैंने आपको उस लड़के के बारे में तो बताया ही नहीं, उसका नाम रवि था और उसकी उम्र 24 साल की थी और उसकी लम्बाई 5.7 फुट की थी और वह बहुत ज़्यादा तो स्मार्ट नहीं था, लेकिन ठीक-ठाक था।

और फिर रात को अचानक से मुझको अपनी जाँघों पर कुछ महसूस हुआ तो मैंने आँख खोली और देखा तो रवि मेरी जाँघों पर अपना हाथ घुमा रहा था. और फिर मैं उसको रोकने लगी तो मैंने देखा कि, मेरे हाथ तो बँधे हुए है और उसने मेरे पैरों को भी बाँध रखा था और उसने मेरे मुहँ पर टेप लगा रखी थी. उस समय मैं बहुत डर गई थी और रोने भी लग गई थी. तो फिर वह मुझसे बोला कि, चिन्ता मत करो आज तुझे बहुत मज़ा आने वाला है. और फिर उसने मेरे ऊपर से चादर हटाकर फैंक दी थी. और अब तो मैं उस नज़ारे को देखकर और भी ज़्यादा डर गई थी. क्योंकि मैं तो पहले से ही नंगी थी और ऊपर से वह भी एकदम नंगा था. उसने यह सब कब किया मुझको तो पता भी नहीं चला था क्योंकि मुझपर तो अंकल की पिलाई शराब का नशा हो रहा था. और फिर मैं उसको मना करती रही, लेकिन वह बिल्कुल भी नहीं रुका था. और वह कभी मेरी नाभि को किस करता तो कभी जाँघों को किस करता, कभी मेरे बब्स को चूसता और कभी मेरे बब्स को दबाता भी रहा. और फिर वह मेरी चूत को चाटने लगा, जिसपर बहुत सारे बाल थे. और फिर वह उठा और उसने ब्लेड से मेरी चूत के सारे बाल साफ़ कर दिए. और मैं उस समय रो रही थी, लेकिन वह मेरी तरफ देख ही नहीं रहा था. और फिर वह मेरी चूत को चूमने और चाटने लगा तो मुझे और भी नशा सा होने लगा था. और फिर तो मैं भी उसका साथ देने लग गई थी और मैं अपनी चूत को उसके मुहँ में धकेलने लग गई थी. और फिर तो वह भी समझ गया था कि, अब तो मैं भी तैयार हूँ. तो फिर उसने मुझे खोल दिया था और फिर वह मुझको किस करने लगा. और फिर मैं भी उससे लिपट गई थी और उसको किस करती रही. और फिर वह मेरे बब्स को मसलने लगा और दबाने भी लगा था. दोस्तों मैं उस समय सातवें आसमान पर थी. और फिर उसने अपना लंड मेरे मुहँ पर रख दिया तो मैंने उसको लंड चूसने से साफ़ मना कर दिया था, लेकिन वह फिर भी नहीं माना. और फिर उसके ज्यादा जोर देने पर मैं तैयार भी हो गई थी और फिर मैं उसके लंड को देखती ही डर गई थी, बाप रे बाप कितना बड़ा था. और फिर उसका लंड मेरे मुहँ में आधा ही गया था. और फिर मैं मस्त होकर धीरे-धीरे उसके लंड को चूसती रही और उसने मेरे मुहँ में ही अपने लंड को झाड़ दिया था. और फिर उसने मुझको उसका पानी पीने को बोला तो मैं उसके लंड का पूरा पानी पी गई थी।

और फिर उसने मुझे बेड पर लेटा दिया था और फिर वह मेरी चूत को चूमने और चाटने लगा और मैं भी जोर-जोर से सिसकियाँ लेने लग गई थी आइईइ उम्म्म्मम और तेज़्ज़ उम्म्म्मम और फिर 10 मिनट के बाद मैं भी झड़ गई थी. और वह मेरी चूत का सारा पानी पी गया था. और फिर हम दोनों एक-दूसरे को किस करते रहे और उसका लंड फिर से खड़ा हो गया था. और फिर वह मेरी गर्म और गीली चूत पर अपने लंड को रगड़ने लगा था. दोस्तों अब तो मैं भी बिल्कुल भी रुक नहीं पा रही थी और फिर मैंने उसको बोला कि, जो करना है जल्दी से कर लो ना प्लीज़. तो फिर उसने भी अपने लंड को मेरी चूत में एक ज़ोरदार झटके के साथ घुसा दिया था और उसका पूरा लंड मेरी चूत में अन्दर तक चला गया था. दोस्तों मेरी चूत पहले से ही गीली थी तो उसका लंड झट से उसके अन्दर चला गया था और साथ ही मेरी चूत के अन्दर से से कुछ टूटने की आवाज़ आई और खून भी निकलने लगा था। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मेरे मुहँ से आवाज़ निकलने लगी आईई माँ मरर गइ पापा बचाओ आईई इतने में उसने अपने होठों से मेरे मुहँ को बन्द कर दिया था. और फिर वह थोड़ी देर तक वैसे ही रहा और वह मुझको किस करता रहा. और फिर जब मेरा दर्द कुछ कम हो गया तो वह फिर से आहिस्ता-आहिस्ता शुरू हो गया था, लेकिन उसने मेरे होठों को नहीं छोड़ा था. और फिर थोड़ी देर के बाद वह मेरी चूत में ही झड़ गया था और उसके साथ मैं भी झड़ गई थी. और फिर मैंने उसको कहा कि, अभी के लिए बहुत है तो फिर हम बेड पर एकदूसरे से चिपककर नंगे ही सो गए थे. और फिर जब मेरी आँख खुली तो सुबह के 9 बज रहे थे और हम अब भी बेड पर नंगे ही पड़े थे. और फिर मैंने रवि को उठाया तो उसने मुझे किस किया और फिर हम दोनों ने कपड़े पहने और फिर वह मेरे लिए कॉफ़ी ले आया। और फिर हमने साथ में कॉफ़ी पी और फिर उसने मुझको कहा कि, चलो तुमको मैं तुम्हारे घर पर छोड़ दूँ. और फिर मैंने सोचा कि, क्यों ना आज भी मज़ा लिया जाए? और फिर मैंने उससे कहा कि, यार पापा तो ऑफीस गए होंगे. क्यों ना हम आज शाम तक साथ में रहें? तो फिर अब वह भी समझ गया था कि, मुझे क्या चाहिए. और फिर उसने मुझको कहा कि, ठीक है तो चलो पहले हम नहा लेते है. और फिर हम नहाने चले गए. फिर उसने मुझे बाथरूम में भी दो बार चोदा था. और फिर हमने बाहर जाकर फिल्म देखी और साथ में बाहर खाना भी खाया और फिर उसने मुझको पापा के ऑफिस से आने से पहले मेरे घर पर छोड़ दिया था।